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अवनि चतुर्वेदी का जीवन परिचय (Avani Chaturvedi Biography in Hindi)

अवनि चतुर्वेदी का जीवन परिचय (Avani Chaturvedi Biography in Hindi, She became first women pilot to fly fighter plane MIG 21) #AvaniChaturvedi , #MIG21

19 फरवरी को भारत में एक बार फिर से एक महिला द्वारा इतिहास रच दिया गया, और इस बार यह  इतिहास रचने का गौरव प्राप्त हुआ है, मध्य प्रदेश की रहने वाली अवनि चतुर्वेदी को. अवनि ने 19 फरवरी को भारतीय वायुसेना में लड़ाकू विमान पायलट के रूप में मिग-21 फाइटर जेट से खुले आसमान में अकेले ही उडान भरकर पहली स्वतंत्र फाइटर पायलट होने का गौरव प्राप्त किया. हालांकि फाइटर पायलट बनने की दिशा में यह उनका पहला चरण है, इसके बाद उन्हें अभी 2 वर्ष और प्रशिक्षण लेना होगा, तभी वे यह उपलब्धि पूर्ण रूप से हासिल कर पाएंगी. इसके पहले भी बिहार की भावना कांत और राजेस्थान की मोहना सिंह ने फाइटर पायलट बनने का गौरव प्राप्त किया है.

अवनि चतुर्वेदी

अवनि चतुर्वेदी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी :

नाम अवनि चतुर्वेदी
जन्म तारीख 27 अक्टूबर 1993
नागरिकता भारतीय
व्यवसाय लड़ाकू विमान पायलट
पिता का नाम दिनकर चतुर्वेदी
माता का नाम NA
पिता का व्यवसाय इंजीनियर
उपलब्धि प्रथम महिला फाइटर पायलट
शिक्षा स्नातक
रहवासी रीवा

पारिवारिक जानकारी Family Information:

अवनि का जन्म रीवा के रहवासी श्री दिनकर चतुर्वेदी जी के यहाँ 27/10/1993 के दिन हुआ. अवनि के पिता मध्य प्रदेश के जल संसाधन विभाग में इंजीनियर है जबकि उनकी माता एक गृहणी है. अवनि के बड़े भाई भी भारतीय सेना में कार्यरत है. अपने बड़े भाई से ही प्रेरित होकर अवनि ने भारतीय सेना में आने का निर्णय किया और इसी के साथ उनके भाई भी चाहते थे, उनकी बहन सेना में कार्य करे. अवनि को अपने कॉलेज के फ्लाइंग क्लब में कुछ घंटो की उडान का अनुभव पहले से ही था, जिसके चलते उन्होंने भारतीय वायुसेना को अपने कार्यपथ के रूप में चुना, और आज इतिहास रचकर अपने परिवार को गौरवान्वित किया. इन सब के अलावा इन्हें शतरंज, टेबल टेनिस, स्केचिंग और पेंटिंग का भी शौक है.

शिक्षा Education:

अवनि की प्रारंभिक शिक्षा मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के एक छोटे हिस्से देओलेंड से हुई. इसके बाद उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई राजेस्थान से की और बनस्थली यूनिवर्सिटी से स्नातक की उपाधि साल 2014 में ली. इसके बाद उन्होंने भारतीय वायु सेना की परीक्षा उत्तीर्ण की और हैदराबाद वायुसेना अकादमी से अपना प्रशिक्षण पुरा किया.

उपलब्धिया और भविष्य Achivement and Future:

  • हैदराबाद के वायुसेना प्रशिक्षण केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर साल 2016 में ही अवनि एक लड़ाकू विमान पायलट की उपाधि ले चुकी थी.
  • अवनि को अपनी पहली उपलब्धि मात्र 24 वर्ष की उम्र में 19 फरवरी को वायु सेना के लड़ाकू विमान को अकेले ही उडाकर मिली है. उन्होंने इस बार वायुसेना के विमान मिग-21 से उडान भरी थी. वे ऐसा कारनामा कर दिखाने वाली पहली महिला पायलट है.
  • अब अगले आने वाले वर्षो में उनकी आगामी ट्रेनिंग कर्नाटक में होगी. जिसमे में चरण-3 का प्रशिक्षण लेंगी. इसके बाद वे लड़ाकू विमान सुखोई और तेजस जैसे विमानों में उडान भर सकेंगी.

भारतीय वायुसेना में अन्य महिलाएं Women In IAF :

अवनि चतुर्वेदी के अतिरिक्त भावना कांत और मोहना सिंह दो और अन्य महिलाएं है, जिन्हें वायु सेना में पायलट होने का गौरव प्राप्त है. वैसे तो वायुसेना में अलग अलग पदों पर लगभग 1 हजार 5 सौ महिलाएं काम कर रही है. परंतु इन तीनो ने एक अलग ही दिशा में कदम रख एक अलग इतिहास रचा है. वैसे तो 2 दशक पूर्व साल 1991 में ही महिलओं ने हेलिकॉप्टर और ट्रांसपोर्ट के लिए उपयोग किये जाने वाले विमान उड़ाना शुरू कर दिया था, परंतु लड़ाकू विमान उड़ने का मौका उन्हें अब दिया गया है.

आशा करते है की आने वाले समय में भी महिलाएं इसी तरह के अवसर प्राप्त करके गौरवान्वित करती रहेंगी और अपने प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगी.

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Sneha

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स्नेहा दीपावली वेबसाइट की लेखिका है| जिनकी रूचि हिंदी भाषा मे है| यह दीपावली के लिए कई विषयों मे लिखती है|
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