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किरण बेदी एवम अरविन्द केजरीवाल दिल्ली के चुनाव में आमने सामने

आज घर-घर का टॉपिक हैं दिल्ली के चुनाव | पिछले एक साल से दिल्ली में राष्ट्रपति शासन हैं दिल्ली के आखरी चुनाव में आम आदमी पार्टी (Aap) ने अपनी सरकार बनाई थी जिससे अरविन्द केजरीवाल ने इस्तीफा दे दिया और आज फिर से आम आदमी पार्टी पुरे जोर शौर से चुनाव लड़ने के लिए मैदान में उतरी हैं | और इनके सामने खड़े हैं जीत का आत्म विश्वास लिए भाजपा पार्टी |

भाजपा (BJP) के सारे चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर लड़ें जा रहे हैं जिसके कारण भाजपा को सफलता भी मिली |लेकिन दिल्ली के चुनाव के लिए भाजपा ने अपने पुराने उम्मीदवारों को छोड़ कर किरण बेदी पर यकिन किया हैं |

दिल्ली में आप की ओर से अरविन्द केजरीवाल और भाजपा की ओर से किरण बेदी चुनावी मैदान में आमने सामने खड़े हैं | लेकिन इस चुनावी माहौल में कांग्रेस के हौसले पस्त हैं | दिल्ली की जनता के अनुसार आप और भाजपा के नेता अपने पक्ष को जनता के सामने रखने के लिए चुनावी रैली एवम जन सम्पर्क पर नज़र आ रहे हैं लेकिन कांग्रेस में इस जोश की कमी हैं |

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यह चुनाव पुरे देश के लिए खास हैं जिसके लिए जनता के मन को टटोलने के लिए पोल किये गये जिसके तहत भाजपा की 34 सीट्स, आप के पास 28 सीट्स आंकी जा रही हैं लेकिन इस पोल के नतीजे में कांग्रेस के पास मुश्किल से 8 सीट्स हैं |

भाजपा ने दिल्ली चुनाव के लिए भी मोदी लहर का फायदा उठाने की कोशिश की लेकिन कहीं न कही सूत्रों का मानना हैं की BJP को दिल्ली चुनाव में हार का डर हैं और अगर ऐसा होता हैं तो इसका नुकसान मोदी लहर को होगा और BJP ऐसा जोखिम नहीं उठा सकती और ना ही चुनाव को नज़र अंदाज कर सकती हैं इसलिए BJP ने किरण बेदी को पार्टी में लिया और  सीधे दिल्ली के मुख्यमंत्री पद का दावेदार बना दिया |

आखरी मौके पर BJP द्वारा खेला गया यह दांव आप पर भारी हैं कहीं न कहीं आम आदमी पार्टी को किरण बेदी के BJP में आने का झटका लगा हैं |

किरण बेदी के आने से पहले दिल्ली की आम जनता का झुकाव आप की तरफ ज्यादा था लेकिन जब से कमान किरण बेदी के हाथों में सौंपी गयी हैं जनता के दिमाग मे उथल पुथल मच गयी हैं |

Kiran Bedi Vs Arvind Kejriwal किरण बेदी एवम अरिवन्द केजरीवाल में समानतायें

  • सिविल सर्विसेस में रहें हैं |
  • दोनों भ्रष्ट्राचार से दूर हैं |
  • दोनों सामाजिक उत्थान हेतु सामाजिक कार्यकर्ता हैं |
  • दोनों IIT से अध्ययनरत हैं |
  • दोनों अन्ना के भ्रष्ट्राचार विरोधी आन्दोलन से एक अलग छवि के रूप में जनता के सामने आये हैं |
  • शुरुवाती दौर में दोनों राजनीति से दूर रहना चाहते थे |
  • 2015 के दिल्ली चुनाव में दोनों मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं |

Kiran Bedi Vs Arvind Kejriwal किरण बेदी एवम अरिवन्द केजरीवाल में भिन्नताएँ :

  • अरविन्द केजरीवाल ने अपनी खुद की राजनैतिक पार्टी “आप” को बनाया हैं जबकि किरण बेदी ने एक पावरफुल पार्टी को चुना हैं |
  • अरविन्द केजरीवाल को पहले भी जनता ने मौका दिया हैं जिसमे उन्होंने काम किये पर पार्टी को गठित कर पाँच वर्ष नहीं चला पायें जबकि किरण बेदी को ऐसा कोई मौका नहीं मिला हैं साथ ही BJP बहुत पुरानी पार्टी हैं |
  • अरविन्द केजरीवाल के पास मुख्यमंत्री पद का अनुभव हैं जबकि किरण बेदी के पास ऐसा अनुभव नहीं हैं |

ऐसे कई और पॉइंट्स हैं जो इन दोनों दावेदारों को सामान एवम भिन्न बनाते हैं आप सभी अपने दृष्टिकोण को हमसे कमेंट के जरिये शेयर कर सकते हैं |

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Karnika

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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