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नीरव मोदी कौन है और कैसे किया इन्होने 11 हज़ार करोड़ का PNB घोटाला। Who in Nirav Modi and his 11 thousand crore PNB fraud in Hindi

नीरव मोदी कौन है और कैसे किया इन्होने 11 हज़ार करोड़ का PNB घोटाला। Who in Nirav Modi and his 11 thousand crore PNB Scam (Fraud) in Hindi | नीरव मोदी  का जीवन परिचय  | Nirav Modi Biography in Hindi

पंजाब नेशनल बैंक से जुड़ा लगभग 11300 करोड़ रुपए का एक घोटाला सामने आया है. कहा जा रहा है कि इस घटना को अंजाम देने में नीरव मोदी और उनके साथी व्यापारियों का हाथ है. वहीं घोटाले के सामने आने से पीएनबी के शेयर में लगभग 8.5 प्रतिशत की गिरावट भी दर्ज हुई है. बताया जा रहा है कि कुछ अमीर लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए ये फर्जी लेन देन किया गया है. जिसे अंजाम देने में पंजाब नेशनल बैंक के कर्मचारी भी शामिल हैं. इतना ही नहीं इस फर्जीवाड़े का असर दो सरकारी बैंकों और एक निजी बैंक पर भी पड़ा है. अभी तक मिली जानकारी के अनुसार इस घोटाले के चलते यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक और ऐक्सिस बैंक को भी काफी बड़ा नुकसान हुआ है..

Nirav Modi

कैसे दिया गया अंजाम

हांगकांग से जेवरातों की खरीद करने के लिए भारत के बिजनेसमैन नीरव मोदी और उनके साथियों को लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) दिया गया था. पीएनबी द्वारा जरिए गए एलओयू के आधार पर ऊपर बताए गए बैंकों ने इन लोगों को क्रेडिट पर पैसे दिए थे. जिसके बाद इन लोगों ने इन पैसों से खरीददारी की थी.

क्या है एलओयू (लैटर ऑफ अंडरटेकिंग) (what is LoU)

एलओयू को एक तरह की गारंटी माना जाता है, इस पत्र को एक बैंक द्वारा दूसरे बैंक को जारी किया था जाता है. जिसके आधार पर दूसरा बैंक बताए गए व्यक्ति को पैसा क्रेडिट के रूप में देते हैं. इस लेटर के अंतर्गत विदेशों में सामान खरीदने के लिए आवश्यक पैसे भरने की जिम्मेदारी बैंक की होती है. विदेशों से सामान मंगाने के लिए अक्सर व्यापारी ऐसा लैटर बैंक से मांगते हैं. जिससे उन्हें मुद्रा को बदलवाने की मुश्किल का सामना न करना पड़े. बैंक द्वारा एलओयू लैटर या पत्र देने का मतलब होता है कि बैंक उस ग्राहक के द्वारा लिए जाने वाले पैसे की जिम्मेदारी ले रहा है. ये लैटर सिर्फ उनको दिया जाता है जिनका व्यापार अच्छा खासा हो और बैंक उनसे ऋण की वसूली आसानी से कर सके.

वहीं सामने आया ये घोटाला पीएनबी के मुंबई की एक क्षेत्रीय बैंक से किया गया है. बताया जा रहा है कि इस बैंक के कर्मचारियों ने फर्जी एलओयू जारी किया, जिसके बाद स्विफ्ट (SWIFT) नेटवर्क के जरिए इलाहाबाद बैंक और एक्सिस बैंक को सूचना भेजी की पंजाब नेशनल बैंक को कुछ पैसों की जरुरत है. जिसके बाद पीएनबी के लेनदेन करने वाले पासवर्ड को सत्यापित किया गया, पूरी जानकारी सत्यापित होने के बाद डायमंड आर यूएस एवं अन्य दो कम्पनयों को विदेशों में पैसे दिए गए.

10 कर्मचारियों को किया बर्खास्त

इस मामले के सामने आते ही पंजाब नेशनल बैंक ने अपने 10 कर्मचारियों को नौकरी से तुरंत बर्खास्त कर दिया है. वहीं बताया जा रहा है कि पहले इन पैसों को सीबीएस (कोर बैंकिंग) प्रणाली द्वारा भेजा जाना था. लेकिन बाद में स्विफ्ट प्रणाली की मदद से रकम में वृद्धि करके ये घोटाला किया गया.

सीबीआई ने किया केस दर्ज

सीबीआई ने कुछ दिन पहले ही पीएनबी के अधिकारीयों गोकुल नाथ शेट्टी एवं हनुमंत के साथ-साथ गीतांजलि ज्वैलरी कंपनी के एमडी, नीरव मोदी, एवं उनकी पत्नी पर 280 करोड़ की हेरा फेरी का केस दर्ज किया था. वहीं पीएनबी ने वित्त मंत्रालय के आदेश पर एक एफआईआर दर्ज करा दी है. इसके साथ ही इस तरह के घोटालों की छानबीन करने के लिए सभी बैंकों को एक पत्र जारी किया है.

कैसे आया ये घोटला सामने

बताया जा रहा है कि 8 फर्जी लेटर ऑफ क्रेडिट नीरव मोदी, मेहुल चोस्की एवं अन्य साथियों को दिए गए थे. जिसमें 3 पत्र एक्सिस एवं 5 पत्र इलाहाबाद बैंक को दिए गए. इन पत्रों के आधार पर इलाहाबाद बैंक एवं एक्सिस ने नीरव एवं साथियों को विदेश से सामान खरीदने में आर्थिक मदद की. बाद में जब इन बैंकों ने पैसों का भुगतान पीएनबी से मांगा गया तो पता चला की किसी इस मामले से जुडी कोई भी जानकारी बैंक के सिस्टम में मौजूद ही नहीं थी. जिसके बाद ये घोटाला सबके सामने आ गया.

घोटाले की रकम

फिलहाल इस घोटाले की रकम करीबन 11500 करोड़ बताई जा रही है और हो सकता है कि ये रकम ओर बढ़ जाए. गौरतलब है कि पहले भी इस तरह के घोटाले भारत में हो चुके हैं. इससे पहले माल्या ने भारत के कई बैंकों को   करोड़ों का चुना लगाया था. वहीं अब ये एक ओर बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसकी जांच अभी की जा रही है.

कौन है नीरव मोदी (Who is Nirav Modi)

नीरव मोदी भारत के सबसे बड़े हीरे के व्यापारी हैं, इनकी मुख्य रूप से तीन कंपनियां हैं. जिनके नाम डायमंड आर यूएस, सोलर एक्सपोर्ट एवं सतिलै डायमंड हैं और इन तीनों कंपनियों के नाम इस बड़े घोटाले में शामिल हैं. मोदी के साथ-साथ इनके भाई, पत्नी एवं व्यापारिक साथी मेहुल चोकसी भी पीएनबी को धोखा देने में शामिल हैं. वहीं इस समय नीरव मोदी भारत छोड़कर जा चुके हैं, इनकी सम्पत्ती लगभग 11.2 हजार करोड़ रुपए है. इतना ही नहीं भारत की खूबसूरत अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा इनकी ब्रांड एम्बेस्डर रह चुकी हैं. वहीं प्रियंका ने अभी हाल में ही बताया है कि उनको इस कंपनी द्वारा ब्रांड एम्बेस्डर तो बना लिया गया है. मगर उनको इस कार्य के लिए मिलने वाले पैसे अभी तक नहीं दिए गए हैं.

पूरा नाम   नीरव मोदी
पत्नी का नाम एमी मोदी
भाई का नाम निशाल मोदी
नागरिकता सम्बंधित स्थान गुजरात, भारत
नीरव की आयु 48 वर्ष
कुल बच्चे 3
कुल आय 1.7 बिलयन डॉलर
वैवाहिक स्थिति शादी शुदा
घर मुंबई में
पेशा गहनों के व्यापारी (हीरा का व्यापार)
व्यापार पूरे विश्व में (बॉलीवुड और हॉलीवुड दोनों के कलाकर खरीदते है गहने)
व्यापारिक साथी मेहुल चीनुभाई चौकसी
कंपनी फॉरेस्टर इंटरनेशनल

हालांकि अभी हाल ही की रिपोर्ट के मुताबिक नीरव मोदी ने दावा किया है कि वो पीएनबी से लिए गए लोन के पैसे को भरने के लिए तैयार हैं. कहा जा रहा है कि इस समय मोदी ने 5000 करोड़ रुपए लौटाने के लिए पीएनबी को एक पत्र लिखा है. इतना ही नहीं फ़ोर्ब्स पत्रिका ने 2017 में इनको भारत के 85 अमीर लोगों की सूची में शामिल किया था. इनकी आयु 48 साल की है, वहीं इनकी पत्नी का नाम ऐनी है. इनके 3 बच्चे और एक भाई है.

कैसे किया गलत इस्तेमाल

पीएनबी से एलओयू /एलसी बनवाकर विदेश में स्थित एक्सिस, यूनियन, एवं इलाहाबाद बैंक से भारी मात्रा में ऋण लिया गया. वहीं अलग-अलग बैंको से ऋण लेने की वजह से सही रकम का अंदाजा नहीं लगने दिया गया और नीरव मोदी ने अपनी क्षमता से कई गुना ऋण ले लिया.

किस पर पड़ेगा इस घोटाले का प्रभाव

सीधे तौर पर इस घोटाले का असर बैंक एवं सरकार पर पड़ने वाला है. क्योंकि इस समय वैसे भी हमारे देश की अधिकतर बैंकों में ऋण की वापसी ना होने की वजह से संकट छाया हुआ है. अगर सरकार किसी बैंक की आर्थिक मदद करती है, तो वो जनता के द्वारा दिए जाने वाले टैक्स के पैसों से ही होगी. जिससे भारत की जीडीपी पर भी फर्क पड़ सकता है. लेकिन अगर आपके पैसे पीएनबी में जमा है तो इसकी चिंता करने की कोई जरुरत नहीं हैं. बैंक आपके पैसे का पूर्ण भुगतान करेगी.

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