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विक्रम कोठारी का जीवन परिचय | Vikram Kothari Biography and Fraud in Hindi

विक्रम कोठारी का जीवन परिचय  (पान पराग , रोटोमैक ) | Vikram Kothari Biography and Fraud , Rs 800 Cr in Hindi (Pan Parag and Rotomac)

नीरव मोदी द्वारा किए गए घोटाले के बाद अब एक और नया घोटाला देश के सामने आया है. ये घोटाला करीब 800 करोड़ रुपए का बताया जा रहा है. वहीं इस घोटाले को अंजाम देने के पीछे विक्रम कोठारी नामक एक शख्स है. जिसने भारत के 5 मुख्य बैंकों से करोड़ रुपए का ऋण ले रखा है. जिन बैंकों से कोठारी ने शरण लिया था, उनमें से एक बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा है. वहीं इस बैंक ने इसी महीने यानी फरवरी 2018 में सीबीआई को एक एफआईआर सौंपी थी. जिसके चलते सीबीआई ने कानपुर में मौजूद विक्रम के व्यापार केंद्रों पर छापेमारी की है. वहीं लगातार ऐसे खतरनाक घोटालों के सामने आने से सरकार और बैंकों के लिए काफी बड़ी मुश्किलें पैदा हो सकती हैं.

विक्रम कोठारी की जानकारी ( Vikram kothari information in Hindi)

पूरा नाम विक्रम कोठारी
पिता का नाम मनसुख भाई कोठारी
पत्नी का नाम साधना कोठारी
पुत्र का नाम राहुल कोठारी
भाई का नाम दीपक कोठारी
जन्म स्थान कानपुर (सूत्रों के अनुसार)
पेशा स्टेशनरी , पैन, गुटखे के व्यापारी
कंपनी का नाम रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड (Rotomac, Pan Parag)
कुल कमाई 218.50 करोड़
घोटाले की राशि (NPA) 800 करोड़
किन बैंको से लिया कर्जा बैंक ऑफ बड़ौदा  यूनियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक एंव इंडियन ओवरसीज बैंक

विक्रम कोठारी का जीवन परिचय

सीबीआई ने शुरू की पूछताछ

वहीं सीबीआई ने इस घोटाले को गंभीरता लेते हुए आज सुबह से ही इनके के बेटे एवं इनकी पत्नी से पूछताछ शुरू कर दी है. इनके परिवार वालों से पूछताछ करके सीबीआई कंपनी के सही हालातों के बारे पता करना चाहती है. वहीं विक्रम ने एक वीडियो जारी किया है और कहा है, मैं देश से नहीं भागा हूं. उन्होंने इस वीडियो में आगे कहा कि ‘मैं यहीं कानपुर में ही हूँ’ और जितना भी मैंने लोन लिया है. मैं पूरा वापस करूंगा. मेरा केस नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में चल रहा है, इसलिए इसे धोखाधड़ी का नाम नहीं दिया जाना चाहिए और ना ही ये कोई स्कैम है. विक्रम ने कहा उनकी कंपनी नॉन परफोर्मिंग एसेट (NPA) घोषित हुई थी न की डिफाल्टर.

दरअसल एक साल पहले रोटोमैक कंपनी को विलफुल डिफॉल्टर यानी की बेकार कंपनी करार दे दिया था. जिसके चलते बैंक ने इस कंपनी को और ऋण देने पर प्रतिबन्ध लगाते हुए इस कंपनी के मालिक यानी विक्रम को जल्दी ऋण चुकाने को कहा था. विक्रम ने मुंबई की यूनियन बैंक से 485 करोड़ एवं इलाहाबाद बैंक की कलकत्ता शाखा से 352 करोड़ का ऋण ले रखा है. वहीं इलाहाबाद बैंक के मैनेजर ने भी इस मामले पर एक बयान दिया है और कहा है कि अगर कंपनी पैसा वापिस नहीं करेगी तो वो उसको कब्जे में लेकर अपना ऋण ब्याज समेत वसूलेगी. इसलिए हो सके तो विक्रम जल्द से जल्द लिया हुआ ऋण वापस कर दें तो अच्छा रहेगा. 

विक्रम कोठारी कौन है (who is Vikram kothari)

भारत के व्यापार जगत में विक्रम कोठरी का नाम जाने माने व्यापारियों में लिया जाता है. इन्होंने पेन बनाने के क्षेत्र में व्यापार फैलाने के लिए एक कंपनी की शुरुआत की थी. जिसको ‘रोटोमैक ग्लोबल प्राइवेट लिमिटेड’ के नाम से दुनियाभर में जाना जाता है. इतना ही नहीं ‘पान पराग’ नाम का गुटखा भी इन्हीं के दूसरी कंपनी द्वारा बनाया जाता है, जो कि कानपुर और उत्तर प्रदेश का माना हुआ गुटखे का ब्रांड है. इसलिए इनको गुटखा किंग भी कहा जाता है.

विक्रम कोठारी का परिवार  (Vikram kothari Family)

इस समय इनका परिवार कानपुर में ही रहता है, इतना ही नहीं इनको जन्म से कानपुर का निवासी बताया जा रहा है. मनसुख भाई कोठारी इनके पिता बनिया (सेठ) जाति से सम्बन्ध रखते हैं. विक्रम की शादी साधना से हुई थी और इन दोनों का एक बच्चा भी है. जिसका नाम राहुल कोठारी बताया जा रहा है. इनके अधिकतर व्यापारों में इनका साथ दीपक कोठारी देते रहे हैं, जो कि इनके भाई हैं. 

विक्रम कोठारी का व्यापारिक करियर  (Vikram kothari business information)

  • इनके पिता ने पान पराग नाम से एक कंपनी खोली थी, जो साल 1983 से लेकर साल 1987 तक टीवी पर प्रचार करने वाला सर्वाधिक चर्चित ब्रांड था. जो कि उस समय के मैगी, वाशिंग पाउडर निरमा जैसी कंपनियों को टक्कर दे रहा था.
  • इनके पिता की मृत्यु के बाद विक्रम और दीपक कोठारी बंधुओं ने अपना बिज़नेस संभाला और अपने व्यापार को नया आयाम देने के लिए रोटोमैक नाम की कंपनी का निर्माण किया.
  • रोटोमैक पेन की बराबरी करने के लिए रेनॉल्ड्स 045 भी बाजार में था. रोटोमैक का व्यापार करने के साथ-साथ दोनों भाई ग्रीटिंग कार्ड्स एवं अन्य पढ़ाई लिखाई से सम्बंधित सामान बनाते थे. वहीं इनके इस व्यापार की सफलता का कारण उस समय कंप्यूटर का हमारे देश में नहीं होना था. जिसके चलते लोग कॉपी पैन पर अधिक निर्भर रहते थे. इस ब्रांड का इतना दबदबा था कि सलमान खान और रवीना टंडन जैसे कलाकारों ने इसका प्रचार किया है. सलमान कुछ समय तक इसके ब्रांडअंबेस्डर भी रहे थे.
  • उसके बाद रोटोमैक ने लोगों को लुभाने वाला गाना लॉन्च किया था, जिसका नाम था ‘लिखते लिखते हो जाएगा प्यार’ और इस गाने में मुख्य रूप से रवीना ने नृत्य एवं अभिनय किया था.
  • उस समय इनका व्यापार इतना अधिक था कि हमारे देश के प्रधानमंत्री ने इनको बेस्ट एक्सपोर्टर अवार्ड से सम्मानित किया था. इसके साथ ही ये रोटोमैक एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड कोठारी फूड्स एंड फ्रेग्रन्सेस, मोहन स्टील लिमिटेड के प्रमुख भी रह चुके हैं. विक्रम ने अपना व्यापार हर क्षेत्र में फैलाने के लिए क्राउन अल्बा राइटिंग इंस्ट्रूमेंट और रेव एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के साथ-साथ रियल स्टेट वेंचर में शामिल रहे.
  • इनका व्यापार पूरे देश के साथ-साथ विदेशों में भी फैला था. हमारे देश में लखनऊ, कानपुर, अहमदाबाद, देहरादून एवं अन्य शहरों में इन्होंने अपना व्यापार फैला रखा है.

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Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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