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वेतन भोगी कर्मचारियों को स्टैंडर्ड डिडक्शन में 40000 की विशेष छूट | Salaried Employee Standard Deduction Rs 40000 in Hindi

वेतन भोगी कर्मचारियों को स्टैंडर्ड डिडक्शन में 40000 की विशेष छूट | Salaried Employee Standard Deduction Rs 40000 budget 2018 in Hindi

1 फरवरी 2018 यानि गुरुवार को पेश किये गए में वेतन पाने वाले कर्मचारियों को आयकर में राहत देने के लिये 40000 रुपय की विशेष कटौती का प्रयोजन पेश किया गया है. हालांकि इनकम टैक्स स्लैब्स में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है. सूत्रों के अनुसार भाजपा सरकार के इस बजट में वेतन पाने वाले मध्यम वर्ग के लोगों के लिए कुछ खास लाभ नहीं दिया जा रहा है, इस बजट में किसानों, स्वास्थ्य से सम्बंधित मुद्दों पर काफी ध्यान दिया गया है. मेडिकल रैम्बुरसेमेन्ट या चिकित्सा सम्बन्धी खर्च पर मिलने वाली छूट यानि 15000 रुपय की आयकर मुक्त राशि को फिर से कर के अंतर्गत ले लिया है, इतना ही नहीं 19200 रुपय जो यात्रा अलाउंस के लिए कर मुक्त था इसको भी इनकम टैक्स के दायरे में ले लिया गया है. मतलब सिर्फ 5800 रुपय को ही घटाया जायेगा. इसके साथ ही अतरिक्त कर (सेस) को 3 प्रतिशत से बढ़ाकर 4 प्रतिशत कर दिया है

कैसे होगी कटौती (salaried employee standard deduction calculator)

आयकर में कटौती करने के लिए इस नियम में आपकी पूरी सैलरी से 40 हजार कम करने के बाद लगाया जायेगा. उदाहरण की तौर पर अगर आपका वेतन 5 लाख की सीमा के अंदर आता है यानि आपकी राशि पर 5 प्रतिशत टैक्स लगता है तो यह 5 प्रतिशत टैक्स आपके वेतन में से 40000 रुपय घटाने के बाद देना होगा. मतलब आपको 5 लाख से 40000 रुपय कम करके यानि 4 लाख 60 पर टैक्स लगता, लेकिन सरकार के यात्रा भत्ता एवं मेडिकल प्रतिपूर्ती (रैम्बुरसेमेन्ट) में मिलने वाली छूट को टैक्स के दायरे में लेने की वजह से 34200 रुपय और जोड़ने के बाद आयकर लगेगा. सीधे तौर पर 494200 रुपय पर आपको 5 प्रतिशत आयकर देना होगा. मतलब आपको 12210 रुपय आयकर प्रति वर्ष देना होगा जो कि पिछले वित्तीय वर्ष के नियम के हिसाब से 12500 प्रति वर्ष रुपय देना होता था. जबकि इसमें सरचार्ज एवं शिक्षा अतिरिक्त कर नहीं जोड़ा गया है. अगर सब जोड़कर देखा जाय तो 12698 रुपय प्रति वर्ष देना होगा जबकि पहले के नियम के हिसाब से 12875 रुपय प्रति वर्ष आयकर भरना होता था.

कर्मचारियों को कितना होगा फायदा या नुकसान (salaried employee standard deduction good or bad)

  • कुल फायदा देखा जाय तो कुल आय का 5 प्रतिशत यानि 5 लाख तक का वेतन प्राप्त करने वाले को अधिकतम 177 रुपय का लाभ प्राप्त होगा, जो कि न के बराबर ही है, क्योंकि यह राशि प्रति वर्ष में है. महीने के हिसाब से 15 रुपय ही छूट के रूप में मिलेगा. वहीं अगर 10 लाख रुपय से ऊपर कमाने वालों के आयकर की बात की जाए तो इस नए नियम के आने से ऐसे वेतन भोगियों पर आयकर का बोझ बढ़ जायेगा. जिसका मुख्य कारण सेस का बढ़ना है.
  • इसमें 70 लाख से ऊपर कमाने वाले के ऊपर लगभग 20000 रुपय का अतिरिक्त आयकर भरना पड़ेगा वहीं 1 करोड़ की इनकम पाने वाले एम्प्लोयी को 35000 के आस-पास अतिरिक्त आयकर चुकाना पड़ेगा.

निष्कर्ष (conclusion of salaried employee standard deduction budget 2018)

भारत सरकार ने इस नियम के जरिये अमीरों का पैसा गरीब किसानों को बांटने का सीधा लक्ष्य रखा है. मतलब अगर आप की आय 5 लाख रुपय से ऊपर है तो इस बजट के आने से आपका इनकम टैक्स बढ़ने वाला है. वहीं यह पैसा गरीब किसानों पर खर्च किया जाना है, जो कि देश के लिए काफी मददगार साबित होगा. वहीं अमीर तबके का आदमी इस फैसले नाखुश हो सकता है, लेकिन इस निर्णय से सरकार अमीरों का गरीब और गरीबों को अमीर बनाने की कोशिश करती हुई दिख रही है.

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