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A Poetry “Man is Nothing Without Heart”

Aaj ki bhag daud main dil ko sunane ya dil se kuchh sochne ka waqt hi nahin raha gya. Par dil koi mamuli chiz nahin | jab kho jata hain, tb zindgi ka ahasas khatm ho jata hain, aur rah jata ek nirjiv prani jise khushi ka koi ahasas nahi hota.

loveheart

दिल परेशां

एक पल मैंने आज दिल को सुना,
तो वह धीरे-धीरे गुनगुना रहा था |

मैनें टटोला उसे बार-बार,
तो वो शरमा कर यहाँ वहाँ भाग रहा था |

बरसों बाद ख्याल किया था मैंने उसका,
वो आज इसीलिए इठला रहा था |

क्यूँ अंतर हो गया हम दोनों में,
आज वही शिकायत दौहरा रहा था |

जिन्दगी की छोटी छोटी जंग में,
मैंने दिमाग का ही सहारा लिया |

वक्त की इस भाग दौड़ में,
दिल को कितना पराया कर दिया |

पर जो सुकून मिला आज उसे सुन कर
मैंने एक सजीव जिन्दगी को पा लिया ||

कर्णिका पाठक

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Karnika

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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One comment

  1. kavi piyush mishra

    bahut khoobsurat khayal hai

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