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आधार वर्चुअल आईडी क्या है, इसे कैसे बनाए | What is Aadhaar Virtual ID, How to make it in hindi

आधार वर्चुअल आईडी क्या है, इसे  कैसे बनाए | What is Aadhaar Virtual ID, How to make it in hindi

भारत में आधार-कार्ड सत्यापित करवाना एक अनिवार्य प्रक्रिया बन चुकी हैं. मोबाइल सर्विस संचालक से लगातार मोबाइल सेवाओं के उपभोग के लिए बैंक, एलपीजी गैस, इनकम टैक्स या पैन कार्ड इत्यादि के उपयोग के लिए हर भारतीय नागरिक को इन सेवाओं को अपने आधार कार्ड से लिंक करवाना जरुरी हैं. इन सबके कारण आधार कार्ड से आम नागरिकों में उनकी निजी जानकारी के लीक होने का डर बन गया हैं

यूआईडीआईए  (UIDIA) ने नयी वर्चुअल आईडी सुविधा शुरू की है, जो कि आधार कार्ड से डिटेल लीक होने से रोक सकती हैं. यह अस्थायी आईडी हैं जो की अनुबद्ध समय के बाद कैंसल कर दी जाएगी. यह केवाईसी (KYC) का सत्यापन करते समय आसानी से आधार नंबर की जगह उपयोग में ली जा सकती हैं. यह किसी भी व्यक्ति के वर्चुअल आईडी का उपयोग करते हुए आधार की जानकारी को सुरक्षित करने में मदद  करेगी.

आधार वर्चुअल आईडी

आधार वर्चुअल आईडी  (Aadhaar Virtual ID)

आधार वर्चुअल आईडी वो अस्थाई नंबर हैं जो कि युआईडीआई सिस्टम से बने हैं. इसमें 16 डिजिट के न्यूमेरिकल कोड हैं, जो कि किसी व्यक्ति के आधार कार्ड के पीछे अंत में रिकार्डेड हैं. यह किसी भी समय आधार कार्ड होल्डर के द्वारा केवाईसी को सत्यापित करने के लिए बनाया जा सकता हैं.

आधार की वर्चुअल आईडी से कार्ड होल्डर की बेसिक डिटेल को जाना  जा सकता है. नाम,पता,फ़ोन नंबर और बायोमेट्रिक डिटेल भी आधार की वर्चुअल आईडीपर उपलब्ध होगी. अन्य डिटेल या 12 डिजिट के आधार आधार नंबर किसी के भी सामने नहीं दिखाए जायेंगे.

डिपार्टमेंट के अनुसार, वर्चुअल आईडी को बनाने के लिए वेरहोफ्फ़ अल्गोरिथम का उपयोग किया गया हैं. 16 डिजिट की इस आईडी की लास्ट डिजिट में जांच योग वेरहोफ्फ़  अल्गोरिथम का उपयोग होगा, जो कि एक आधार नंबर के लिए एक से ज्यादा वर्चुअल आईडी बनाने से रोकेगा. इस वर्चुअल आईडी से कोई जालसाजी की सम्भावना नहीं होगी.

आधार वर्चुअल आईडी कैसे बनाए? (How to make Aadhaar Virtual ID in hindi ):

  • आधार उभोक्ता द्वारा ऑनलाइन प्रक्रिया से वर्चुअल आइडी किसी भी समय बनाई जा सकती हैं. यूजर को आधार की ऑफिशियल वेबसाइट https://uidai.gov.in विजिट करने की जरुरत हैं. होम पेज खुल जाएगा.
  • होम पेज पर यूजर को आधार सर्विस आप्शन लिस्ट में वर्चुअल आईडी (VID) जनरेटर का ऑप्शन खोजना होगा. इस ऑप्शन पर क्लिक करने पर यूजर को वीआईडी जनरेटर पेज की तरफ रीडाइरेक्ट किया जाएगा.
  • अगले पेज पर https://resident.uidai.gov.in/web/resident/vidgeneration, यूजर को 2 खाली बॉक्स दिए जाएंगे. पहला आधार नंबर के लिए होगा और दूसरा सिक्योरिटी वेरिफिकेशन कोड होगा. यूज़र को पहले बॉक्स में अपना आधार नंबर देना होगा और दुसरे बॉक्स में सिक्योरिटी कोड देना होगा.
  • अनिवार्य फ़ील्ड भरने के बाद सिस्टम यूजर के दिये हुए मोबाइल नंबर पर वन टाइम पासवर्ड भेजेगा. उसके बाद दिए हुए निर्देशानुसार यह कोड  भरा जाएगा.
  • वीआईडी जनरेशन पेज के सेकंड पार्ट में प्राप्त हुए ओटीपी भी दिए गए बॉक्स में भरना होगा. इसके साथ भी आईडी जनरेट करना या रिट्रीव करने का ऑप्शन सिलेक्ट करना होगा.अंत में यूजर को विआईडी जनरेट करने के लिए सबमिट बटन पर क्लिक करना होगा.
  • फॉर्म सबमिट करवाने के बाद वर्चुअल आईडी भी जेनेरेट होगी. यह स्क्रीन पर दिखाई देगी. ये बनी हुयी आईडी यूजर के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मेसेज की जाएगी.

मोबाईल एप से वर्चुअल आईडी जनरेट करना (Virtual ID Generation by Mobile App 🙂

  • मोबाइल एप से भी आधार वर्चुअल आईडी को जनरेट किया जा सकता हैं. यूआईडीएआई ने एम आधार एप भी बनाया है, जो कि आधार सेवाओं के लिए एंड्राइड प्लेटफार्म पर उपलब्ध हैं. यूजर को इसका उपयोग करने के लिए एप को डाउनलोड करना होगा.
  • आपके डिवाइस में एप को इंस्टाल करने के बाद एप शुरू करने के लिए 12 डिजिट का आधार कार्ड का नंबर प्रोवाइड करवाना होगा.नंबर प्रोवाइड करवाने के बाद आपके दिये गए मोबाइल नंबर पर वन टाइम पासवर्ड भेजा जाएगा. ओटीपी को एंटर करके आगे की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.
  • एक बार ओटीपी प्रोवाइड करवाने के बाद आप एप में एंटर कर जाएंगे, तब आपसे एक पासवर्ड बनाने को कहा जाएगा. यह पासवर्ड एक सिक्योर कोड होगा, जिसकी जरूरत हर बार एप को ओपन करते समय लॉग इन करने में होगी.
  • पासवर्ड बनाने के बाद एप में लॉग इन करे, ऑप्शनस में वीआईडी जनरेट करने का ऑप्शन खोजे और उस पर क्लिक करे. यह आपको प्रोसीड करने के लिए पासवर्ड एंटर करने को कहेगा.
  • पासवर्ड एंटर करने के बाद आपको वर्चुअल आईडी सेक्शन में जाना होगा. वहां पर सेक्शन में ,दिए गये बॉक्स में कोई भी रैंडम 16 न्यूमेरिकल डिजिट टाइप करनी होगी. यह करने के बाद एक वर्चुअल आईडी जनरेट होगी और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजी जाएगी.

आधार वर्चुअल आईडी के लाभ (Advantage)

  • वर्चुअल आईडी आधार नंबर का रिप्लेसमेंट हैं. इसका मतलब हैं कि सभी एजेंसीयां जो कि केवाईसी (KYC) सत्यापन के लिए कह रही हैं, के पास भी यूनिक आधार आईडी की जगह ये आईडी होगी.
  • यह अस्थायी हैं. एक पॉइंट के बाद आईडी डीएक्टिवेट हो जाएगी. जिससे कोई भी इसका मिसयूज नहीं कर सकेगा, और ना ही कोई भी व्यक्ति किसी अन्य की निजी और विश्वसनीय इनफार्मेशन के साथ छेड-छाड़ कर सकेगा. एक बार में एक आधार नंबर पर एक ही वर्चुअल आईडी बनाई जा सकेगी.
  • यह व्यक्ति की ज्यादा जानकारी नही ले सकेगी इस कारण ये सिक्योर हैं. यह केवाईसी के सत्यापन के लिए केवल बेसिक जानकारी और फिंगर प्रिंट डिटेल्स का ही उपयोग करेगी.
  • शुरूआती समय में सभी एजेंसियों को प्रत्येक व्यक्ति के आधार डिटेल को भविष्य के लिए अपने सिस्टम में सेव करना पड़ता था, कंपनी के लिए इतने ज्यादा डाटा को सम्भालना एक मुश्किल काम था. लेकिन अब उन्हें ये नहीं करना होगा. वो अपने केवाइसी के लिए कभी भी वर्चुअल आईडी का उपयोग कर सकते हैं.

मुख्य विशेषताए (Key Features) :

प्रत्येक वर्चुअल आईडी को रद्द करने का एक अनुबंधित समय होगा. एजेंसी और सर्विस के आधार पर वर्चुअल आईडी की एक्सपाईरी डेट यूडीएआई के द्वारा सेट की जायेगी. वो अस्थाई होगी और लम्बे समय के लिए एक्टिवेट भी नहीं किये जा सकते.

  • 1 मार्च 2018 से वर्चुअल आईडी का उपयोग होना शुरू हो जाएगा. सरकार के अनुसार 1 जून 2018 से भारत में केवाईसी की सत्यता प्रमाणित करने के लिए किसी भी एजेंसी या सेवा के लिए वर्चुअल आईडी के इस्तेमाल का उपयोग जरुरी हो जाएगा.
  • यह वर्चुअल आईडी केवल आधार कार्ड होल्डर द्वारा ही बनाई जा सकेगी. एजेंसी जो कि केवाईसी को प्रमाणित करते हैं, किसी भी यूजर की वर्चुअल आईडी नहीं बना सकेगी.
  • यूआईडीआई ने सीमित मात्रा में ही केवाईसी सिस्टम शुरू किया हैं. इस सिस्टम के अंदर यूजर केवल वो ही जानकारी दे सकता हैं जो कि केवाईसी की प्रमाणिकता के लिए आवश्यक हैं. एजेंसी केवाईसी के लिए केवल आवश्यक जानकारी ही रिकॉर्ड करेगी,जो कि यूजर द्वारा केवाईसी सिस्टम को प्रोवाइड कराई जायेगी.

भारत में अभी आधार सम्बन्धित डाटा के लीक होने पर कई अनुमान लगाए जा रहे हैं. नागरिकों में इस तरह के कन्फ्यूजन को हटाने या कम करने के लिए यूडीएआई ने वर्चुअल आईडी का कंसेप्ट लांच किया है. प्राधिकरण द्वारा यह कहा गया हैं की अब से आपकी कोई महत्वपूर्ण और विश्वसनीय जानकारी बिना बताए उसे आधार से लिंक करना आसान होगा.

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Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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