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एलोवेरा के पत्ते और जूस के फ़ायदे एवं नुकसान | Aloe Vera juice leave benefits and side effects in hindi

Aloe Vera juice, leave benefits and side-effects in hindi एलोवेरा का पौधा जीनस प्रजाति के अंतर्गत आता है यह उष्णकटिबंधीय जलवायु में पाया  जाता है. इसकी औषधीय गुण की वजह से इसकी खेती भी की जाती है. लोग इसको अपने घरो में सजावट के लिए भी उपयोग करते है, यह गमलों में आसानी से सफलतापूर्वक बढ़ता है. इसके औषधि गुण की वजह से कई प्रकार के कोस्मेटिक और खाद्यान्न में भी इस्तेमाल किया जाता है. इसका उपयोग प्रभावशाली है, ये वैज्ञानिकों ने भी प्रमाणित कर दिया है लेकिन कुछ ने इसकी पुष्टि नहीं की है. इसके बारे में विस्तार से यहाँ बताया गया है.

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एलोवेरा के पत्ते और जूस के फ़ायदे एवं नुकसान

Aloe Vera juice leave benefits and side-effects in hindi

एलोवेरा की विशेषताएँ और उसके उपयोग (Aloe Vera features and uses)

  • एलोवेरा एक तना रहित पोधा है, यह किसी भी तरह की मिट्टी पर उपजाया जा सकता है अगर कम उपजाऊ मिटटी भी हो, तो भी ये वहा आसानी से लगाया जा सकता है.
  • इसकी लम्बाई 60 से 100 सेंटी मीटर तक होती है. यह चारों तरफ से फैला हुआ रहता है. इसकी पत्तियां हरी और लम्बी होती है, जिसके अंदर जेल मौजूद होते है.
  • पत्तियों के किनारे छोटे छोटे दांत जैसे कांटे होते है. गर्मी के समय इनमे पत्तियों के ऊपर फूल लगते है. जिनका रंग पीला होता है. दांत दर्द के घरेलू उपचार यहाँ पढ़ें.
  • एलोवेरा की पत्तियों में जो जाल रहता है, वो स्वाद में बहुत कड़वा होता है, लेकिन अपनी चिकत्सीय गुण की वजह से दुनिया भर में जाना जाता है.
  • इसके जाल के अंदर 96% तक पानी होता है, जाल जो की पारदर्शी होता है उसमे कुछ कार्बनिक, और अकार्बनिक यौगिक के साथ ही प्रोटीन, अमीनो एसिड, विटामिन ए, बी, सी और इ की भी मात्रा होती है.
  • एलोवेरा जाल में पाए जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण तत्व कार्बोहाइड्रेट है, जिसे एसेमंनन कहा जाता है. यह सभी पोषक तत्वों को कोशिकाओं तक पहुचाता है, उन्हें पोषण देता है और इसके साथ ही उन्हें जहरीले पदार्थो से बचाता है.
  • आयुर्वेद, ब्रिटिश हर्बल मेडिसिन और चाइनीज हर्बल मेडिसिन ने इसके फायदे की वकालत की है, लेकिन यह सिर्फ मौखिक है.           

एलोवेरा का इतिहास (Aloe Vera history)  

कार्ल लिन्नायूस ने इसको 1753 में पहली बार एलोवेरा के रूप में वर्णित किया था. उसके बाद निकोलस लौरेंस बर्मन ने 6 अप्रैल 1768 वनस्पति इंडिका में इसका वर्णन किया. फिर तकनीको का उपयोग कर एलोवेरा को यमन के स्थानिक प्रजाति एलो पेर्रयी के निकटतम पाया गया. इसकी अगर अच्छे से खेती हो, तो इससे आपको मिलियन डॉलर तक की कमाई हो सकती है. एलोवेरा जीनस एलोवेरा के 400 प्रजातियों में से एक है. इसका बोटेनिकल नाम एलो बर्बदेंसिस मिलर है. यह सालों भर उगाया जाने वाला पौधा है. एलोवेरा मूल रूप से सूडान में पाया जाता था, लेकिन अब यह भूमध्यसागरीय क्षेत्रों के साथ ही अफ्रीका, एशिया, भारत, यूरोप और अमेरिका सहित दुनिया के और भी गरम क्षेत्रों में भी पाया जाता है. इजिप्टीयों के द्वारा एलोवेरा को अमरता का पौधा नाम से संबोधित किया गया था. एलोवेरा को हिंदी में घृतकुमारी, तेलगु में कलाबंद, तमिल में कत्रलाई, मलयालम में कुमारी, कन्नड़ में लोलिसरा, मराठी में कोराफादा के साथ बंगाल में भी इसे घृतकुमारी के ही नाम से जाना जाता है.             

एलोवेरा के लाभ (Aloe Vera benefits)

एलोवेरा में एंटीवायरल और जीवाणुरोधी गुण होते है, जिस वजह से ये हमे अनेक बिमारियों से बचाने में उपयोगी है. त्वचा को हमेशा अच्छे पोषण की जरुरत होती है जोकि इसके अच्छे तरह से देख भाल करने से ही प्राप्त होती है. एलोवरा में बहुत सारे पोषक तत्व मौजूद होते है. इसके जेल को त्वचा पर लगाते ही आपको महसूस होने लगेगा, कि यह आपकी त्वचा को नरम और ठंडा रखता है. यह एक बहुत ही चमत्कारिक जड़ी बूटी है. घाव पर, कटने पर, सुखी हुई त्वचा पर और जलने पर इसको लगाने से लाभ प्राप्त होता है. इसके कुछ लाभ को इस प्रकार दर्शाया गया है- 

  • एलोवेरा का स्वास्थ्य के लिए लाभ (Aloe Vera benefits for health)

एलोवेरा सिर्फ सौन्दर्य के लाभों के लिए ही उपयोग नहीं किया जाता बल्कि इसके स्वास्थ्य लाभ को भी नाकारा नहीं जा सकता है. द एवरीथिंग गाइड टू एलोवेरा फॉर हेल्थ के लेखक ब्रिट ब्रैंडन के अनुसार एलोवरा के सेवन से आहार की प्रभावशीलता में सुधार होता है, जिससे आप अपने वजन को बढ़ने से रोक सकते है, क्योकि इसमें पर्याप्त मात्रा में विटामिन और खनिज, एंजाइम और स्तेरोल्स होते है जोकि आपके वजन को घटाने में आपकी सहायता करते है. इसके साथ ही यह शरीर के अवशोषण और समग्र स्वास्थ्य में सुधार करता है. प्रोटीन की मात्रा होने से यह मांसपेशियों के विकास में भी सहायक है.       

  • एलोवेरा का त्वचा के लिए लाभ (Aloe Vera Skin benefits)

संयुक्त राष्ट्र की सरकार ने अनुसंधान के लिए एलोवेरा के ऊपर बड़े तौर पर आयोजन किया. इसके बाद यह सिद्ध होने पर कि यह विकिरण की क्षति से त्वचा की रक्षा करने में सहायक है उसके बाद 1958 में अमेरिकी खाद्य एवं औषधी मंत्रालय ने इसके दवा के रूप में उपयोग की मंजूरी दे दी. जब भी एलोवेरा के जेल का प्रयोग त्वचा पर किया जाता है, यह अल्ट्रा वायलेट के ख़तरनाक किरणों से हमारी रक्षा करता है. दिल्ली की डॉ. दीपाली भारद्वाज का कहना है कि एलोवेरा में विटामिन सी, ई और बिटा कैरोटिन जैसी पौष्टिक और एंटी एजिंग गुण होते है जो की त्वचा को मोशराईज करता है. उनके अनुसार अगर इसके रस को खाली पेट पिया जाये तो यह पाचन में सुधार लाता है और पेट की सारी परेशानियों से निजात दिलाता है, जिससे अगर पेट साफ़ हो तो उसका असर हमारे त्वचा पर चमक के रूप में दिखता है. एलोवेरा में सोडियम और ग्लायेस्रिन आदि तत्व पाए जाते है. एलोवेरा का उपयोग सभी प्रकार के त्वचा पर होता है. त्वचा विशेषज्ञ का मानना है कि यह त्वचा पर पड़ने वाली रेखाओं, धूप से जली हुई त्वचा के निशान को हटाने में यह सहायक होता है. एलोवेरा को आप सीधे तौर पर या घरेलु रूप से कुछ मिलाकर पैक के रूप में इसका इस्तेमाल कर सकते है. पेट में कीड़े होने के कारण लक्षण और उपचार यहाँ पढ़ें. इसके पैक को बनाने की विधि निम्नलिखित है-

  1. शुष्क त्वचा के लिए – जिनकी त्वचा शुष्क है उनके लिए एलोवेरा का जेल, एक चुटकी हल्दी, एक चम्मच शहद, एक चम्मच दूध और गुलाब जल को अच्छे से मिला कर इसका पेस्ट तैयार करके चेहरे पर 20 मिनट के लिए लगा कर रखे, फिर सूखने के बाद अच्छे से सादे पानी से धो ले. आपकी त्वचा नरम और मुलायम, कांतिमय दिखने लगेगी.
  2. मृत त्वचा के लिए – त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने के लिए स्क्रब की आवश्यकता होती है. इसके लिए आधा कप एलोवेरा का जेल, एक कप शक्कर और नींबू के रस दो बड़े चम्मच इन सभी को मिलाकर इन्हें आप चेहरे के साथ ही पुरे शरीर पर भी कर सकते है.
  3. कील मुंहासों के लिए – चेहरे पर पड़ने वाले कील मुहासों को कम करने के लिए घरेलू उपाय के रूप में एलोवेरा जेल, पीसी हुई अखरोट और शहद को मिलाकर इसे चेहरे पर लगाये. शहद में एंटी ओक्सिडेंट और एलोवेरा में घाव को भरने के तत्व होते है जो आपकी त्वचा को लाभ पहुचाएंगे. एलोवेरा को कई लोगों के द्वारा न्यूरिज़र नाम से भी बुलाया जाता है.
  4. त्वचा को डी हाइड्रेट करने के लिए : एलोवेरा के जेल को निकालकर इसको कंटेनर में जमा कर आप रोज सीधे तौर पर इसे लगा सकता है. यह आपकी त्वचा को डी हाईडरेड करता है और त्वचा की नमी को बनाये रखता है.  
  5. संवेदनशील त्वचा के लिए : जो त्वचा संवेदनशील होती है उनके लिए एलोवेरा जेल थोड़ी सी मात्रा में, ककड़ी का रस, दही और गुलाब का तेल, इन सब को अच्छे से मिलाकर 20 मिनट तक चेहरे पर लगाये. आराम मिलेगा
  6. झुर्रियों के लिए : समय से पहले पड़ने वाले झुरियों और त्वचा की रेखाओं की संकेतों को कम करने के लिए एलोवेरा का जेल, जैतुन का तेल और दलिया को मिलाकर पेस्ट बना ले और इसे त्वचा पर लगाये, फिर इसे 30 मिनट के लिए सूखने दे उसके बाद ठन्डे पानी से इसे धो ले. इस पैक को लगाने से आपकी त्वचा की झुरियां ठीक हो जाती है और यह त्वचा की लोच को बेहतर बना कर उसे मुलायम रखता है.

एलोवेरा जैल के त्वचा के लिए फेसपैक (Aloe Vera gel for skin face pack)

एलोवेरा के जूस और जेल का इस्तेमाल फेस पैक के रूप में निम्न प्रकार से किया जा सकता है-

  1. एलोवेरा का क्ले पैक : इसके लिए एलोवेरा के पल्प को निकाल कर उसमे से आधा चम्मच ले, फिर उसमे मुल्तानी मिट्टी और गुलाब जल, शहद को डाल कर इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाकर 15 मिनट के लिए सूखने दें, फिर हल्के गुनगुने पानी से चेहरे को धो ले.
  2. फलों से घर पर एलोवेरा जेल का पैक बनाने की विधि : इसके लिए पपीता, केला, सेव, नारंगी सभी फलों का मिश्रण तैयार कर उसमे एक चम्मच एलोवेरा जेल को मिलाकर त्वचा पर लगायें. इसे 20 मिनट तक सूखने दे फिर इसको ठंडे पानी से धो ले. अगर आप चाहे तो इसमें बादाम का तेल और गेहूं के बीज को मिलाकर भी इसका पैक के रूप में इस्तेमाल कर सकते है. यह सुखी और संवेदनशील त्वचा के लिये बहुत लाभदायक है.
  3. मृत कोशिकाओं के लिए पैक : मृत कोशिकाओं को हटाने के लिए एलोवेरा जेल, गुलाब जल और बादाम के तेल तथा ककड़ी के पेस्ट को मिलाकर इसे अपने चेहरे पर लगा ले. इस पैक को लगाने से त्वचा हाइड्रेट होती है और चेहरा चिकना होता है.
  4. हरी चाय से एलोवेरा पैक बनाने की विधि : हरे चाय की मास्क बना कर अगर त्वचा पर लगाया जाए तो यह बुढ़ापे के असर को दिखने नहीं देता है. इसका पैक तैयार करने के लिए अवोकेडो और खीरा के साथ ही एक चम्मच एलोवेरा जेल, ग्रीन टी पानी इन सभी को मिलाकर पेस्ट बना ले, फिर इसे चेहरे पर 20 मिनट तक लगा कर सुखा ले और हल्के गुनगुने पानी से धो ले. चाय में एंटी ओक्सिडेंट भरपूर मात्रा में मिलते है जो बुढ़ापे के असर को दिखने से रोकते है.
  5. त्वचा को मोइशराईज करने के लिए एलोवेरा पैक : त्वचा को मोइशराईज करने के लिए एलोवेरा से बनने वाले पैक को इस प्रकार बनाया जा सकता है- इसके लिए जैतून का तेल, शेया बटर, एलोवेरा का जेल मिलाकर इसको 20 मिनट तक चेहरे पर रखे और फिर ठंडे पानी से धो ले. इसका इस्तेमाल आप होठों को भी मुलायम बनाने के लिए कर सकते है.        
  • एलोवेरा का बालों के लिए लाभ (Aloe Vera benefits for hair)

एलोवेरा चेहरे के साथ साथ बालों के लिए भी बहुत लाभदायक है. एलोवेरा में कुछ ऐसे प्रोटोलयटिक एंजाइम होते है, जो सिर की मृत त्वचा को हटाकर कोशिकाओं को स्वास्थ्य और साफ़ रखते है. बालों के लिए यह एक कंडिशनर के रूप में काम करता है, जिससे बाल मुलायम और चमकदार बनते है साथ ही यह बालों के विकास में भी सहायक है. सिर की खुजली को रोक कर रुसी को कम करता है. एलोवेरा के ऑथर दियने गॉज का कहना है कि इसमें प्रोटीन, ऑक्सीजन, कार्बन, अमीनो एसिड, हाइड्रोजन, नाइट्रोजन और सल्फ़र की थोड़ी सी मात्रा पाई जाती है. एलोवेरा में केराटिन जैसी रासायनिक समानता होती है जो बालों को लचीला बनाती है साथ ही यह बालों को टूटने से भी बचाता है. एलोवेरा के जेल को हर हफ्ते लगाने से बाल मजबूत और सिल्की बनते है. रूसी हटाने के घरेलू उपाय और नुस्खे यहाँ पढ़ें.

एलोवरा का जूस सभी प्रकार के बालों के लिए उपयोगी होता है, हमारे बाल धुल सूर्य की तेज किरणों और प्रदुषण से क्षतिग्रस्त हो जाते है. इस सबसे बचाने के लिए अगर एलोवेरा का इस्तेमाल बालों के लिए किया जाए तो बचा जा सकता है. एलोवेरा के जूस को बालों में लगाने का फ़ायदा यह है कि यह बालों के विकास में सहायता करता है और गंजेपन से बचाने में मदद करता है.

  1. एलोवरा हमारे शरीर के पी एच बैलेंस को बनाये रखता है जिस वजह से ये हमारे बालों को स्वास्थ्य रखने में मदद करता है. एलोवेरा में क्षारीय गुण होते है.
  2. एलोवेरा में एंटीफंगल गुण होने के कारण यह एन्ज्य्माटिक विघटन को बढाता है जो कि रुसी को कम करता है.
  3. एलोवेरा का उपयोग बालों में कंडीशनर के लिए भी होता है क्योंकि इससे बाल हाईडरेड होकर नरम होते है.

एलोवेरा जैल के बालों के लिए फेसपैक (Aloe Vera gel for hair pack)

बालों के एलोवेरा का पैक हम आसानी से घर पर भी बना सकते है जो निम्नांकित है-

  1. बालों की सफाई के लिए : बालों को साफ़ करने के लिए एलोवरा के जेल में दो चम्मच बेसन और दही को मिलाकर इस पेस्ट को बालों पर 30 मिनट तक लगा कर सुखा ले, फिर इसे किसी माइल्ड शैम्पू से धो ले. इससे आपके बाल अच्छी तरह से साफ़ हो जायेंगे.
  2. बालों को नर्म बनाये रखने के लिए : एलोवरा का जेल तीन चम्मच, नींबू का रस और नारियल का तेल सभी को मिलाकर सिर पर अच्छे से मालिश करे, फिर 20 मिनट बाद धो दे. इस पैक को लगाने से बाल नरम होते है.
  3. बालों की मजबूती के लिए : बालों के स्वास्थ्य के लिए एलोवेरा और हिबिस्कुस अर्थात गुडहल फुल के 5 से 6 पत्तों को धो कर उन्हें जेल के साथ पीस ले, फिर इसे बालों पर 30 मिनट तक लगा कर छोड़ दे फिर इसे शैम्पू से धो ले. यह पैक आपके बालों को जड़ों से मजबूत करती है.
  • एलोवेरा का दांतों के लिए लाभ (Aloe Vera benefits for teeth)

एलोवेरा दांतों के लिए भी बहुत लाभकारी है यह दांतों में होने वाले बैक्टीरियल समस्याओं को रोकता है. इसका अध्ययन 300 लोगों के ऊपर किया गया जिसमे 100% तक शुद्ध एलोवेरा के रस को माउथवाश के रूप में 4 दिनों तक उपयोग करने को कहा गया. अधययन में पाया गया कि यह बहुत ही प्रभावी तरीके से मुहँ में मौजूद सारे वैक्टीरिया को खत्म कर मुंह से आने वाली बदबू ने निजात दिलाकर दांतों को साफ़ रखने में उपयोगी है.  

एलोवेरा में पाए जाने वाले तत्व (Aloe Vera nutrition facts)

एलोवेरा में मौजूद कई विटामिन और खनिज शरीर के विकास में महत्वपूर्ण कार्य करते है. विटामिन बी 12, फोलिक एसिड, कोलिन, विटामिन ए, सी, इ ये सभी एंटी ओक्सिडेंट मिलते है. इसके अलावा इनमे आठ एंजाइम प्राप्त होते है जिनके नाम है अलीअसे, एल्कलाइन, फोस्फेत, एमिलेज, ब्रैडीकिनसे, कार्बोक्स्यपेप्तिदासे, कैटालासे, सेल्युल्स, लाईपेस और पेरोक्सीदसे ये सभी शामिल है. एलोवेरा में मिलने वाले मिनरल्स के नाम है- कैल्सियम, कॉपर, सेलेनियम, क्रोमियम, मैंगनीज, मैग्नीशियम, पोटैशियम, सोडियम और जिंक आदि है. इसके अलावा इसमें 12 एन्थराकुइनोंएस पाए जाते है जो की एंटीवायरल और एंटीबक्टेरीयल के रूप में काम करते है. एलोवरा में फैटी एसिड भी पाए जाते है जिनमे शामिल है कोलेस्ट्रोल, काम्पेस्तेरोल, बेटासीसओस्तेरोल, लुपोल ये सभी एसिड मौजूद रहते है. इसके अलावा इसमें औक्सिंस और गिब्बेरेल्लिंस नामक दो हार्मोन भी मौजूद रहते है जो घाव को भरने में मददगार होते है. एलोवेरा में शर्करा की मात्रा भी मौजूद होती है जो कि है ग्लूकोज और फ्रुक्टोस.          

एक कप एलोवेरा के जूस में मिलने वाले पोषक तत्व का विवरण नीचे टेबल में दर्शित किया गया है :

पोषक तत्व मात्रा            प्रतिशत
कैलोरी 131 कार्ब्स 95%, फैट 2% 
कार्बोहाइड्रेट 31.92 ग्राम  11%
प्रोटीन 0.89 ग्राम  3%
कैल्सियम 40 मिली ग्राम 3%
विटामिन सी 18 मिली ग्राम 31%
पोटैशियम 724.2 मिली ग्राम 21%
सोडियम 10 ग्राम 1%

एलोवेरा से नुकसान (Aloe Vera side effects)

एलोवेरा का पौधा कैक्टस की प्रजाति में आता है. यह एक पीले रंग का चिकना पदार्थ होता है, वैसे तो इसका उपयोग सुरक्षित है लेकिन इसके कुछ नुकसान भी है जो निम्न है-

  • एलोवेरा के रस में अन्थ्रक़ुइनोने नामक पदार्थ पाया जाता है इसलिए अगर हम इसकी अत्यधिक मात्रा में सेवन करें तो इससे डायरिया होने की सम्भावना बन सकती है साथ ही दस्त, एंठन और डीहाईड्रेसन भी हो सकता है.
  • अगर आप किसी दवा का सेवन कर रहे है तो एलोवेरा का जूस लेने से पहले आप डॉ. से सम्पर्क कर उन्हें इसके सेवन की जानकारी दें. डॉ. के परामर्श से ही आप इसका सेवन करे. क्योंकि अगर आप दवा खा रहे है तो यह दवा के असर को प्रभावित कर सकता है. यह शरीर में रक्त के स्तर और पोटेशियम के स्तर को कम कर सकता है.
  • एलोवेरा से किसी किसी को एलर्जी भी हो सकती है जिसमें त्वचा पर लाल चकते निकाल सकते है, उनमे खुजली हो सकती है, साँस लेने में कठिनाई के साथ ही सीने में दर्द और गले में एलर्जी जैसी प्रतिक्रिया हो सकती है.
  • एलोवेरा के जूस में लेटेक्स होता है जिससे कई तरह की स्वास्थ्य परेशानी सम्बन्धी बढ़ सकती है जैसे कि कोलाइटिस, एपेंडीसाईटिस, डाइवरटीकलोसिस, आंतो में रूकावट, पेट के दर्द और अल्सर की समस्या हो सकती है. जिन्हें पीलिया की बीमारी है उनको इसके जूस का सेवन नहीं करना चाहिए.
  • जो भी स्त्री गर्भवती है या जो बच्चे को दूध का सेवन कराती है उन स्त्रियों को इसका सेवन करने से बचना चाहिए. यह गर्भवती महिलायों के गर्भ को संकुचित कर सकता है जिस वजह से उनके गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है. इसके साथ ही इसमें अन्थ्राकुइनोने होते है, इससे बच्चे को सेवन इसका कराने से बचना चाहिए क्योंकि अगर वो इसका सेवन करेंगे तो उनको दस्त की समस्या हो सकती है.
  • जिन लोगों को गैस और आंत सिंड्रोम की समस्या है उन लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि एलोवेरा में जुलाब होता है जो समस्या को बढ़ा सकता है.
  • एलोवेरा के जूस के साथ शराब का सेवन नहीं करना चाहिए. एलोवेरा शरीर में निर्जलीकरण और इलेक्ट्रोलाईट असंतुलन पैदा कर सकता है. यह पेशाब के रंग को लाल और गुलाबी रंगों में बदल देता है.
  • एलोवेरा का रस शरीर में इन्सुलिन प्रतिरोधी क्षमता को कम कर देता है, जिस वजह से रक्त में शुगर की मात्रा कम हो जाती है. इस प्रकार जो भी व्यक्ति मधुमेह से पीड़ित है उनको अपने डॉ. से परामर्श ले कर ही इसके जूस का सेवन करना चाहिए.
  • बहुत लम्बे समय तक एलोवेरा के जूस के सेवन से स्यूडोम्मेलानोसिस कोली का कारण बनता है, जिस वजह से अगर इसका सेवन ज्यादा किया जाए तो यह कैंसर जैसी बीमारी के होने की सम्भावना को बढ़ा सकता है.
  • एलोवेरा जूस की ज्यादा मात्रा शरीर में एड्रेनालाइन पैदा करती है जो भी व्यक्ति दिल की बीमारी से जूझ रहे है, इसका उपयोग उनके लिए हानिकारक हो सकता है. यह शरीर में पोटैशियम की मात्रा को कम कर देता है जिससे व्यक्ति में दिल की धड़कन बढ़ने और मांसपेशियों के नरम होने का खतरा बढ़ जाता है. बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी इसकी सीमित मात्रा में सेवन की सलाह दी जाती है.      

एलोवेरा के जूस बनाने की विधि और उसके फ़ायदे (Aloe Vera juice recipe and benefits)

एलोवेरा का जूस पीने से खून की कमी दूर होती है. एलोवेरा का जूस पीने से चेहरे पर ऊम्र का असर कम दिखता है. एलोवेरा के जूस को बनाने के लिए हम कई तरह की विधि का उपयोग कर सकते है.

  • एलोवेरा का पल्प थोड़ी मात्रा में फिर उसमे फल जैसे कि खीरा, सेव, नारंगी और नींबू के थोड़े से जूस के साथ इसको अच्छे से ब्लेंड कर ले, फिर इसे छान कर आप इसका सेवन कर सकते है. यह जूस स्वाद में भी बहुत अच्छा होता है, और फलों के मिल जाने से इसमें भरपूर न्यूट्रीशन सम्माहित हो जाता है जो की विटामिन सी और एंटी ओक्सिडेंट से भरपूर रहता है.
  • एलोवेरा के पोषण के लाभ का आनंद लेने के लिए और इसका जूस बनाने के लिए कुछ सेंटीमीटर तक एलोवेरा के पतों को कट कर उनमे थोडा सा नमक मिला कर उबाल ले. उबलने के बाद उन्हें 1 घंटे तक के लिए ठंडा कर ले. फिर पत्तियों से गुदे को निकाल कर उसमे कुछ बुँदे नींबू का रस मिलाकर और इसको पतला करने के लिए थोडा सा पानी मिलाकर इसका नियमित रूप से सेवन कर सकते है. इस जूस को पीने से कोलेस्ट्रोल नियंत्रित रहता है और आपका वजन भी नियंत्रित रखने में मदद करता है.
  • इसके जूस को एक और भी तरह से स्वादिष्ट बनाया जा सकता है, इसके लिए ताजा पीस में कटे हुए अन्नानस के टुकड़े, आधा कप गाजर, एक हरे सेव, नारियल का दूध एक चम्मच और एलोवरा के पल्प को मिला कर सभी सामग्रियों को एक साथ पीस ले और इनको छान कर इसका सेवन करे. इसके सेवन से बालों और त्वचा में चमक आ जाती है यह जूस एक जीवाणुरोधी और एंटीवायरल पेय पदार्थ है.
  • एलोवेरा का जूस बनाने के लिए उसके पत्तों को अच्छी तरह से धो ले फिर चाकू से उसमे के पल्प को निकाल कर नारियल पानी, अपने मन के अनुसार फल, थोडा सा पानी और कुछ बुँदे नींबू का रस सबको मिलाकर अच्छे से ब्लेंड करके इसका सेवन करे. यह जूस आपके स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होगी.   

एलोवेरा का सेवन कैसे करें (How to eat Aloe Vera)

एलोवेरा को सीधे तौर पर खाने में थोड़ी दिक्कत हो सकती है क्योकि इसका स्वाद प्राकृतिक रूप से थोडा सा कडवा होता है, जिससे आप इसको सही मात्रा में नहीं खा पाएंगे. इसके लिए आप इसके जेल का कुछ सब्जियों या फलों के साथ मिश्रण तैयार करके इसेग्रहण कर सकते है. अगर आप चाहे तो इसमें शहद और नींबू की भी कुछ बूंदे मिला कर सेवन कर सकते है.

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One comment

  1. Mohit Deo Singh

    बहुत ही अच्छी जानकारी है, इस पोस्ट को शेयर करने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।

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