ताज़ा खबर

एटीएम से पैसे कैसे निकालें | How To Withdraw Money From ATM in hindi

How To Withdraw Money From ATM in hindi आज के समय में रुपये को साथ रखना बंद होता जा रहा हैं यह वक्त हैं प्लास्टिक मनी का, जिसके जरिये रुपये को किसी भी शहर में किसी भी एटीएम मशीन द्वारा प्राप्त किया जा सकता हैं. यह पैसा उगलती एटीएम मशीन आज लोगो की खास जरुरत हैं. बस अपना पिन नम्बर याद रखे और ध्यान रखें आपका पिन नंबर गोपनीय होना चाहिए. साथ ही एटीएम कार्ड को सावधानी से रखे. आमतौर पर यह सभी एटीएम कार्ड, डेबिट कार्ड और मास्टर कार्ड होते है, आप इन डेबिट कार्ड से शॉपिंग भी कर सकते हैं. इससे बिना पिन कोड के भी शॉपिंग की जा सकती हैं. इसलिए अपने एटीएम/ डेबिट कार्ड को ध्यान से रखे और अगर यह आपसे खो जाये तो तुरंत बैंक में सूचना दें, और अपने एटीएम/ डेबिट कार्ड को ब्लाक करवाए. आइये जानते है एटीएम मशीन से पैसे कैसे निकले, लेकिन उससे पहले देखते है कि एटीएम क्या होता है.

ATM Card money withdrawal in hindi

एटीएम क्या है? (What Is ATM)

एटीएम एक मशीन है, जिसका पूरा नाम ‘ऑटोमेटेड टेलर मशीन’ है. इसका अविष्कार सन 1960 में ‘जॉन शेफर्ड – बर्रोन द्वारा किया गया था. यह एक ओटोमेटिक बैंकिंग मशीन है, जो ग्राहक को बैंक प्रतिनिधियों की मदद के बिना मूल लेनदेन को पूरा करने की अनुमति देती है. यह दो तरह की मशीन होती है, पहली वह जो ग्राहक को केवल पैसे निकालने और अपने अकाउंट बैलेंस की जानकारी के लिए होती है, और दूसरी बहुत ही जटिल होती है जो जमा को स्वीकार करती है, क्रेडिट कार्ड भुगतान सुविधा प्रदान करती है और खाता जानकारी की रिपोर्ट देती है. यह एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जिसका उपयोग केवल बैंक ग्राहकों द्वारा खाता लेनदेन को प्रोसेस करने के लिए किया जाता है. उपयोगकर्ता अपने खाते को एक विशेष प्रकार के प्लास्टिक कार्ड के माध्यम से एक्सेस करते है, जो चुम्बकीय पट्टी पर उपयोगकर्ता की जानकारी के साथ एनकोड किया जाता है. पट्टी में एक पहचान कोड होता है, जो मॉडेम द्वारा बैंक के केन्द्रीय कंप्यूटर में प्रेषित होता है. उपयोगकर्ता खाते में प्रवेश करने और खाते के लेनदेन की प्रक्रिया करने के लिए एटीएम मशीन में कार्ड को इन्सर्ट करते हैं.

एटीएम कार्ड क्या है?  (What Is ATM Card )

एटीएम कार्ड वित्तीय संस्था द्वारा जारी किया गया एक तरह का पेमेंट कार्ड है, जो एक ग्राहक को लेनदेन जैसे जमा, नकद निकासी, खाता जानकारी प्राप्त करना आदि करने के लिए एटीएम मशीन का उपयोग करने में सक्षम बनाता है. एटीएम कार्ड्स के कई नाम है जैसे बैंक कार्ड, मनी एक्सेस कार्ड, क्लाइंट कार्ड, की कार्ड और कैश कार्ड आदि. अधिकांश भुगतान कार्ड जैसे डेबिट कार्ड और क्रेडिट कार्ड, एटीएम कार्ड के रूप में कार्य कर सकते है.

एटीएम मशीन के भाग (Part of ATM Machine)

एटीएम मशीन में मुख्य रूप से 2 इनपुट डिवाइस और 4 आउटपुट डिवाइस होती हैं.

  • कार्ड रीडर इनपुट डिवाइस – कार्ड रीडर एक इनपुट डिवाइस है, जोकि कार्ड के डेटा को रीड करती है. कार्ड रीडर आपके विशेष खाता नम्बर की पहचान का हिस्सा है, और कार्ड रीडर के साथ कनेक्शन के लिए एटीएम कार्ड के पीछे की ओर चुम्बकीय पट्टी का उपयोग किया जाता है. कार्ड रीडर पर कार्ड को स्वाइप किया जाता है या दबाया जाता है, जो होस्ट प्रोसेस्सर (सर्वर) द्वारा आपके खाते की जानकारी यानि कार्ड के डेटा को कैप्चर करता है. होस्ट प्रोसेस्सर इस प्रकार कार्ड धारक से जानकारी प्राप्त करने के लिए इस डेटा का उपयोग करता है.
  • कीपैड इनपुट डिवाइस – मशीन सारी जानकारी प्राप्त करने के बाद आपके कार्ड को आपकी व्यक्तिगत पहचान संख्या, नकद निकासी या बैलेंस की जाँच के लिए मान्यता देती है. प्रत्येक कार्ड के पास अपना एक पिन कोड होता है, तो यह बहुत कम होता है कि कोई आपके अकाउंट से पैसे निकाल सके. होस्ट प्रोसेसर को होस्ट करते समय पिन कोड की सुरक्षा के लिए अलग कानून है. पिन नंबर ज्यादातर एन्क्रिप्ट किया होता है. कीबोर्ड में 48 कीस होती है और यह प्रोसेसर के लिए इंटरफेस है.
  • स्पीकर आउटपुट डिवाइस – विशिष्ट की दबाये जाने पर स्पीकर ऑडियोफीडबैक प्रदान करता है.
  • डिस्प्ले स्क्रीन आउटपुट डिवाइस डिस्प्ले स्क्रीन में लेनदेन की प्रक्रिया डिस्प्ले होती है. सारे चरण इसमें डिस्प्ले होते है जो भी उसमें परफॉर्म किये जाते है. एटीएम में अधिकांश CRT स्क्रीन या LCD स्क्रीन उपयोग की जाती है.
  • रसीद प्रिंटर आउटपुट डिवाइस – रसीद प्रिंटर आपकी नकद निकासी के समय, तिथि और सारी डिटेल को रिकॉर्ड करके प्रिंट करता है, और साथ ही नकद राशि, और आपके खाते की शेष राशि को भी प्रिंट करता है.
  • कैश निकालने की मशीन आउटपुट डिवाइस – यह एटीएम का दिल होता है. यह एटीएम मशीन की एक केन्द्रीय प्रणाली है जहाँ से आवश्यक धन प्राप्त किया जाता है. यहाँ से उपयोगकर्ता अपना धन प्राप्त करता है. इसका काम सारे बिल को काउंट करना और फिर प्रदान करना होता है. अगर किसी मामले में पैसे फोल्ड हो जाते है तो यह दूसरे अनुभाव में स्थानातंरित किया जायेगा, और अस्वीकार बिट हो जाता है.

एटीएम मशीन के प्रकार (Type of ATM Machine)

ये दो तरह की होती हैं-

  • लीज्ड लाइन एटीएम मशीन लीज्ड लाइन मशीन होस्ट प्रोसेसर को सीधे 4 point वायर के माध्यम से कनेक्ट करती है, जो समर्पित टेलीफोन लाइन को इंगित करती है. इस प्रकार की मशीनों को जगह में ही पसंद किया जाता है. इन मशीनों की परिचालन लागत बहुत अधिक होती है.
  • डायलअप एटीएम मशीन – डायलअप एटीएम मशीन एक मॉडेम का इस्तेमाल करते हुए एक सामान्य फ़ोन लाइन के माध्यम से होस्ट प्रोसेसर से जुड़ती है. इसे सामान्य कनेक्शन की आवश्यकता होती है और इसकी लागत लीज्ड लाइन एटीएम मशीन की तुलना में कम होती है.

एटीएम के काम करने का तरीका (How to Work ATM)

जब कोई कार्ड धारक एक एटीएम से लेनदेन करता है. तो उपयोगकर्ता कार्ड रीडर और कीपैड के माध्यम से आवश्यक जानकारी प्रदान करता है. एटीएम यह जानकारी होस्ट प्रोसेसर को देता है. होस्ट प्रोसेसर लेनदेन के अनुरोध पर कार्डधारक के बैंक में प्रवेश करता है. यदि कार्डधारक कैश के लिए अनुरोध करता है, तो होस्ट प्रोसेसर कार्डधारक के खाते से कैश लेता है. एक बार कैश ग्राहक के खाते से होस्ट प्रोसेसर के बैंक खाते में स्थानंतरित कर दिया जाता है, तो प्रोसेसर एटीएम को स्वीकृति कोड भेजता है और मशीन कैश देने के लिए अधिकृत होती है. इस प्रकार एटीएम मशीन से पैसे निकलने हैं. एटीएम का नेटवर्क पूरी तरह से केंद्रीकृत डेटाबेस वातावरण पर आधारित होता है. यह जीवन को आसान बना देगा और नकद सुरक्षित रखेगा.

एटीएम के इस्तेमाल करते वक्त ध्यान रखें (What security precautions are necessary for ATM Use)

  • एटीएम से एक महीने में 5 बार से ज्यादा पैसा निकालने पर इस प्रक्रिया के लिए आपको अतिरिक्त शुल्क देना होगा, जो आपके अकाउंट से काट लिया जायेगा.
  • एटीएम जिस बैंक का हैं अगर उसी बैंक के एटीएम को उपयोग करें तो बहुत अच्छा हैं. लेकिन अगर आस-पास आपके बैंक का एटीएम नहीं हैं, तो किसी भी एटीएम का उपयोग कर सकते हैं. पर ध्यान रखे आप किसी भी अन्य बैंक के एटीएम से पैसा 2 बार से ज्यादा ना निकाले. अगर आप ऐसा करते हैं तो इस प्रक्रिया के लिए आपको शुल्क देना होगा यह शुल्क 20 रुपये का होगा.

एटीएम से पैसा  कैसे प्राप्त करें (How To Withdraw Money From ATM in hindi)

  1. एटीएम से पैसा निकालने के लिए सबसे पहले अपने एटीएम कार्ड को मशीन में इन्सर्ट करें.
  2. अपनी सुविधा के अनुसार हिंदी या अंग्रेजी में से भाषा का चयन करें.
  3. उसके बाद आये विकल्प में से पैसा निकालने के लिए Withdrawal (निकासी) पर टच करे अथवा उसके बगल के बटन को दबाएँ.
  4. अपने एटीएम कार्ड के पिन नंबर को डायल करें.
  5. अब जितने पैसे आप निकलना चाहते हैं वह डाले.
  6. अब बचत और चालू खाता, जिसका भी आपका एटीएम हैं उस पर क्लिक करें.
  7. अगर आप एटीएम रशीद चाहते हैं, तब हाँ पर अथवा न पर क्लिक करें.
  8. अब अपनी राशि प्राप्त करें.
  9. अगर आपने एटीएम रशीद के लिए हाँ किया हैं तो उसे प्राप्त करें.
  10. सबसे आखरी में क्लियर पर क्लिक करें.

एटीएम की विशेषताएं

  • लिंक किये गये बैंक खातों के बिच धन हस्तान्त्र्ण
  • खाता का बैलेंस प्राप्त कर सकते है.
  • हालिया लेनदेन सूची प्रिंट करता है.
  • आप अपना पिन नंबर बदल सकते हैं.
  • अपनी नकद जमा कर सकते हैं.
  • प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज कर सकते हैं.
  • बिल का भुगतान कर सकते हैं.
  • नकद निकाल सकते हैं.
  • अपनी विदेशी भाषा में सुविधा की एक श्रंखला प्रदर्शित कर सकते है.

एटीएम से लाभ (Benefits of ATM)

  • एटीएम 24 घंटे उपलब्ध रहता है.
  • एटीएम बैंकिंग संचार में गोपनीयता प्रदान करता है.
  • एटीएम बैंकों के कर्मचारियों के भर को कम करता है.
  • एटीएम ग्राहक को नये मुद्रा के नोट दे सकता है.
  • एटीएम बैंकों के ग्राहकों के लिए सुविधाजनक है.
  • यात्रियों के लिए एटीएम बहुत फायदेमंद है.एटीएम किसी भी त्रुटी के बिना सेवाएं प्रदान करते है.

यह था एटीएम से पैसा निकालने का आसान तरीका. आज का युवा तो आसानी से यह काम कर सकता हैं, लेकिन बुजुर्गो के लिये यह थोड़ा मुश्किल हैं आपकी मुश्किल को आसान बनाने के लिए हमने यह आर्टिकल लिखा है.

अन्य पढ़े :

Karnika

Karnika

कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
Karnika

यह भी देखे

Partner Stakeholder Shareholder

पार्टनर शेयरहोल्डर व स्टेक होल्डर में क्या फर्क होता है | Difference between Partner Stakeholder Shareholder in hindi

Difference between Partner, Stakeholder, Shareholder in hindi बिजनेस की दुनिया में रूचि रखने वाले लोगों …

2 comments

  1. Saving or current account ka matlab

  2. ज्ञानवर्द्धक आलेख पोस्ट किया है आपने.
    उम्मीद है कि आगे भी इसी तरह जीवनोपयोगी आलेख और सूचनाएं मिलती रहेंगी.

    आने वाले नए वर्ष 2015 की अग्रिम शुभकामनाओं सहित,

    अनिल साहू

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *