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अय्यप्पा मंडला पूजा कथा महत्व एवम सबरीमाला मंदिर इतिहास

Ayyappa Mandala Pooja Katha Vidhi Date Sabarimala Temple history Hindi अय्यप्पा मंडला पूजा एवम सबरीमाला मंदिर का इतिहास जरुर पढ़े | कई अद्दभुत कथायें हमारे पुराणों में समाहित हैं जो कि रीतीरिवाजो एवम त्यौहार के माध्यम से हमारे सामने आती हैं उन्ही में से एक हैं अय्यप्पा मंडला पूजा |

भारत में सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थानों  में से एक हैं सबरीमाला टेम्पल | सबरीमाला मंदिर पथानामथिट्टा जिले में पूर्व की ओर सबरी हिल्स में स्थित है। सबरी माला मंदिर वर्ष भर खुला नहीं रहता | इस मंदिर में कई तरह के नियमों का पालन किया जाता हैं एवम साफ़ सफाई का बहुत ध्यान रखा जाता हैं | सबरीमाला मंदिर में तीर्थ यात्रियों द्वारा मंडला पूजा की जाती हैं | केरला में इसका में बहुत ज्यादा महत्व हैं |

मंडला पूजा में अय्यप्पा भगवान की पूजा की जाती हैं यह दक्षिण भारत का विशेष फेस्टिवल हैं जिसमे पुरे 41 दिनों तक विधि विधान से पूजा होती हैं | दक्षिण भारत के आलावा पुरे देश और विदेश में जहाँ भी दक्षिणी भारतीय मूल के निवासी रहते हैं वहां इस पूजा का आयोजन पुरे उत्साह से किया जाता हैं |

Ayyappa Mandala Pooja Katha Vidhi Date Sabarimala Temple history Hindi

Sabarimala Temple History

सबरीमाला मंदिर का इतिहास

यह मंदिर अठारह पहाड़ी पर स्थित भगवान अय्यप्पा का मंदिर हैं | सभी मंदिरों की तरह यह पुरे वर्ष खुला नहीं रहता | यह मंदिर मलयालम पंचाग के अनुसार प्रति माह के पहले पांच दिनों तक ही खुला रहता हैं | इसके अलावा यह मंदिर केवल मंडला पूजा के लिए खुलता हैं |और खास पूजा एवम फेस्टिवल पर भी सबरीमाला मंदिर खुला रहता हैं |मंडला पूजा के दौरान सबरीमाला में कई हजार भक्तजन एकत्र होते हैं |भगवान अय्यप्पा ब्रह्मचारी थे इसलिए यहाँ छोटी बच्चियाँ एवम वृद्ध महिलायें ही जा सकती हैं | इसके आलावा किसी भी जाति धर्म के लोग इस मंदिर में जा सकते हैं |

मान्यताओं के हिसाब से भगवान अय्यपा शिव एवं विष्णु की सन्तान हैं | साथ ही मकर संक्रांति के दिन कतामाला पर्वत पर एक दिव्य प्रकाश ज्योति प्रज्जवलित हुई थी तब ही से यह स्थान पवित्र सबरीमाला मंदिर के रूप में प्रकट हुआ |

Mandala Puja Date 2015

मंडला पूजा कब हैं

सबरीमाला मंदिर में मंडला पूजा बहुत उत्साह से की जाती हैं यह पूरा व्रत विधान पुरे 41 दिन चलता हैं और इन्ही 41 दिनों में सबरीमाला टेम्पल के पट अर्थात दरवाजे खुले होते हैं | वर्ष 2015 में यह पर्व 27 दिसम्बर हैं | इस प्रकार मंडला पूजा 1 नवंबर से शुरू हो जायेगी |

Ayyappa Mandala Pooja Katha Mahatva

मंडला अय्यप्पा पूजा कथा एवं महत्व

मंडला पूजा में भगवान अय्यप्पा की पूजा का महत्व हैं | भगवान अय्यप्पा को हरिहर के नाम से भी जाना जाता हैं जिसका अर्थ हैं भगवान शिव एवं विष्णु का अंश | यहाँ हरी महत्व विष्णु एवम हर मतलब भगवान शिव से हैं | मान्यता यह हैं कि भगवान हरिहर मोहिनी जो कि विष्णु भगवान का नारी रूप थी की संतान हैं |

कथा इस प्रकार हैं राजा ने भगवान हरिहर को गोद लिया लेकिन हरिहर इस बात से नाखुश होकर महल त्याग देते हैं इसलिए पूजा के दौरान भगवान हरिहर की रथ यात्रा आज भी निकाली जाती हैं हैं और मकर संक्रांति के दिन सबरीमाला तक लाई जाती हैं |

Ayyappa Mandala Pooja Vidhi

मंडला पूजा विधि

मंडला पूजा में भगवान अय्यप्पा की पूजा की जाती हैं यह पूजा पुरे 41 दिनों तक चलती हैं जिसमे सबसे पहले भगवान गणेश का आव्हान किया जाता हैं | इन दिनों में भजन कीर्तन किये जाते हैं एवम दक्षिणी सभ्यता के अनुसार सांस्कृतिक उत्सव भी होते हैं |

  • इस पूजा के दौरान भक्त तुलसी माला अथवा रुद्राक्ष माला धारण करते हैं जो कि भगवान अय्यप्पा को अतिप्रिय हैं |
  • माला धारण करने के बाद मनुष्य को इस दिन अपने मन एवं कर्मो को नियंत्रित कर पूरा ध्यान पूजा में लगाना होता हैं |
  • मन की शुद्धता के साथ तन की शुद्धता का भी ध्यान रखा जाता हैं | पूजा के दौरान अलग तरह के वस्त्र धारण किये जाते हैं | और पूरी सफाई के साथ पूजा की जाती हैं |
  • मंडला पूजा के दौरान भक्तो को सुबह जल्दी उठकर स्नान करके शुद्ध पूजा के वस्त्र धारण करना होता हैं | नियमित कार्यो के बाद भगवान अय्यप्पा की पूजा की जाती हैं | भक्त जन अपने मस्तक पर चंदन और भभूती का लेप लगाते हैं |
  • यह पूरा पूजा विधान शाम के वक्त भी किया जाता हैं |
  • मंडला पूजा 41 से 56 दिनों की होती हैं | इसका पालन सभी अपनी मान्यतानुसार करते हैं |पूजा के दिनों में भक्त जन सबरी माला मंदिर में दर्शन के लिए जाते हैं |
  • कई भक्त मंडला पूजा मकर संक्रांति के दिन तक करते हैं |

मंडला पूजा में सबरी माला मंदिर के दर्शन का महत्व होता हैं | बड़े विधि विधान से इस पूजा का आयोजन किया जाता हैं | इसके नियम बहुत कठिन हैं जिनका सावधानी से ध्यानपूर्वक पालन किया जाता हैं |

Ayyappa Mandala Pooja के बारे में जानने के बाद मुझे यह बात स्पष्ट हुई हैं कि भारत के हर एक प्रान्त में भगवान के अलग-अलग रूपों को पूजा जाता हैं | कई लोगो को इस बात में संदेह हैं कि भगवान का कोई अस्तित्व नहीं लेकिन इतनी बड़ी संख्या में दुनियाँ के हर एक देश में भगवान का कोई न कोई रूप मौजूद हैं केवल भारत ही नहीं हर जगह त्यौहार मनाये जाते हैं ऐसे में इस दिव्य शक्ति को झुठला पाना असंभव सा लगता हैं |

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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