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doordarshan purani yaadein

doordarshan purani yaadein पुरानी यादों में झांककर देखे तो दूरदर्शन का जमाना याद आता हैं | आज के ज़माने में भले ही हजारों मनोरंजन के चेनल हैं  पर फिर भी  चेहरे पर मुस्कान दूरदर्शन के दौर को याद करके ही आती हैं |

वो भी क्या दौर था..!!! Part – 1

वो भी क्या दौर था…जब टीवी का मतलब सिर्फ दूरदर्शन हुआ करता था| उस समय 24/7 टीवी नहीं आता था| पूरा दिन हम टकटकी लगाकर अपने पसंदीदा serials का इंतज़ार करते थे और बच्चो हो या बड़े सभी  को Sunday का कुछ ज्यादा ही बेसबरी से इंतजार होता था , Sunday  का मतलब  सुबह-सुबह बिना किसी के उठाये उठ जाना और फटाफट नहा कर टीवी के सामने बैठ जाना, ताकि कोई न आपको Disturb करे और ना ही डाट पड़े |

“रंगोली” में शुरू में पुराने फिर नए गानों का लुफ्त उठाना ,
“जंगल-बुक” देखते समय उसके title song को जोर जोर से गाना,
“चंद्रकांता” को कास्टिंग से लेकर अंत तक देखना,
और फिर उसके  सस्पेंस में अगले हफ्ते तक खो-जाना ,
शक्तिमान के कारनामो के पुल ऐसे थे बांधते,
जैसे कि, हमारे पापा ही वो करतब थे  दिखाते
शनिवार और रविवार की शाम को होता था  फिल्मों का इंतजार,
कोई  नेता के मर जाये और  serial ना आये तो आजाता था घर में भूचाल
अगर पिक्चर ना हो क्लियर तो खुद ही एंटीना घुमाते
और फिर भी ना आये टीवी तो पडौसी के घर घुस जाते
सचिन के आउट होते ही गुस्से में,  टीवी से रिश्ते-नाते  ही टूट जाते ,
खुद ही अपना बल्ला उठाकर दोस्तों के बीच दिल अपना बहलाते
मूक बघिर के समाचार  की नक़ल करना था बच्चो का खेल
चलो आज करवाते है हम आपकों फिर से इन किरदारों से मेल

doordarshan purani yaadein 1

दूरदर्शन पुरानी यादें 

कुछ पुराने किरदारों को आपके सामने रखने की एक कोशिश है , जो आपके बचपन की यादों में कही न कही जरुर बसे होंगे –

  • जंगल बुक(मोगली) – सभी बच्चों का पसंदीदा cartoon| sunday के दिन की शुरुवात ही मोगली के साथ होती थी| मोगली को देखते हुए ही हम अपना सुबह का नाश्ता करते थे| उस समय का सबसे ज्यादा देखने वाला cartoon था ये| मोगली का song आज भी कही सुनाई पड़ता है तो बचपन की याद ताजा हो जाती है| कैसे एक इन्सान का बच्चा जंगल में खूखार जानवरों के बीच रहता है ये देखना काफी रोमांचित होता था| भालू, बघीरा, अकडू-पकडू, चमेली, लीला ऐसे किरदार है जिन्हें हम कभी भी नहीं भुला सकते है|
  • अरुण गोविल as राम (रामायण) – आज भी जब हम अपनी आँखे बंद करते है और भगवान राम की प्राथना करते है तो जो चेहरा हमारे सामने आता है वो है अरुण गोविल का| अरुण जी इस किरदार में ऐसे रचे बसे की लोग इन्हें भगवन ही समझने लगे, इसे कहते है किरदार की लोकप्रियता| उस समय की रामायण सीरीज ने जो ज्ञान हमे दिया वो आज की 100 रामायण सीरीज भी नहीं दे सकती|
  • शक्तिमान – शक्तिमान का किरदार मुकेश खन्ना ने निभाया था| 90’s के दौर में ही हमे भारत का पहला superhero मिला| शक्तिमान ने TRP के सारे records तोड़ दिए थे| हर घर में सारे बच्चे दिन में 12 से 1 बीच अपनी कुर्सी से चिपक के बैठे रहते| ये सीरियल बहुत popular और लम्बे समय तक टीवी में प्रसारित होने वाला सीरियल रहा| सीरियल के end में “छोटी छोटी मगर मोटी बातें” शक्तिमान के द्वारा बताइ जाती थी| जिसे सारे बच्चे बड़े ध्यान से देखते और मानते भी थे|
  • चंद्रकांता – देवकी नंदन खत्री द्वारा लिखित उपन्यास चंद्रकांता दूरदर्र्शन में पहली बार 1994 में आया था| इसके किरदार dialogue आज भी उतने ही famous है जितना उस time हुआ करते थे| Sunday की सुबह suspense से भरे इस सीरियल को देखने का एक अलग ही अनुभव हुआ करता था| क्रूर सिंह aka याकू का किरदार नेगेटिव था फिर भी लोग उसके dialogue पहनावे को बहुत पसंद करते थे|
  • सुरभि – सुरभि एक बहुत ही लोकप्रिय show रहा है जिसे रेणुका शहाने और सिद्धार्थ काक मिल कर host करते थे| दूरदर्शन में 1993 में पहली बार ये प्रसारित हुआ था| इस सीरियल के द्वारा हमे अपने भारत से जुड़े कुछ अनछुए तथ्य पता चलते थे| भारतीय संस्कृति को इस तरह से दिखाया गया की आज भी भूलना नामुमकिन है| इस show में साप्ताहिक क्विज होता था जिसमे 1 प्रश्न पुछा जाता था जिसका जबाब देने के लिए लोग 15 पैसे के पोस्टकार्ड को लाखो की तादाद में भेजते थे| लिम्का बुक ऑफ़ रिकार्ड्स के अनुसार भारतीय इतिहास में इस show को सबसे ज्यादा प्रतिक्रिया प्राप्त करने वाला show घोषित किया था|
  • मालगुडी days – 1986 में 39 episode का ये show दूरदर्शन में आता था बाद में इसे फिर से दूरदर्शन में ही प्रसारित किया गया था| 2006 में इसकी नयी कड़ी बनी थी जिसे दूरदर्शन में ही प्रसारित किया गया था| इसमें सभी कहानिया 1 episode की ही होती थी| स्वामि नाम के बालक के इर्द गिर्द घूमती कहानी कही न कही हमे अपना प्रतिबिम्ब दिखाती थी|
  • श्री कृष्णा एवं महाभारत – श्री कृष्णा series रामानंद सागर द्वारा लिखी गई एवं निर्मित हुई थी| जिसे 1993 में प्रसारित किया गया था|भगवान कृष्णा के बाल जीवन की कथाएं देख कर मन प्रफुल्लित हो उठता था| महाभारत हमारे देश की धरोहर B.R. चोपड़ा द्वारा निर्मित 1988 में दूरदर्शन में प्रसारित हुई थी| बहुत ही सहजता से चोपड़ा जी ने इतनी कठिन कहानी को प्रदिर्शित किया था|
  • Fauji – फौजी एक ऐसा show था जिसमे हम Indian army के जवान की daily life के बारे में जन पते थे| इस show में Bollywood के बादशाह कहे जाने वाले Shahrukh Khan lead role में थे, character का नाम था Abhimanyu Rai| ये show दूरदर्शन में 1988 में आया था| इसी show से Shahrukh Khan ने अपने career की शुरुवात की थी| इस show दे दौरान हम Indian army को करीब से जन पाए थे|
  • Super Mario – video games की दुनिया में super Mario ऐसा game था जिसे आज भी कोई बच्चा नहीं भूल पाया| गर्मी की छुट्टियों में पापा video game ले कर आते थे जिससे बच्चे धुप में ना जाये घर पे ही खेले| 90’s में पहली बार Mario game आया जिसे घर पर टीवी क सामने बैठ कर खेल सकते थे| इस समय और भी games आए किन्तु इसकी टक्कर का कोई न था| Mario खेलते-2 उसमे इतना खो जाते थे की खाने पिने की भी याद न रहे और Mario के मर जाने पे तो सारा घर सर पे उठा लेते थे|

doordarshan purani yaadein क्या आपको भी याद आई बचपन से जुडी टीवी की यादें | आपको कैसा लगा यह पढ़कर जरुर लिखे |

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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One comment

  1. yaar wo tarram to hai kisi ke pass aur wo phir wahi talaash hai kisi ke paas

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