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Balika Vadhu 10th December 2013 Episode 1456 Update

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पहला भाग
गंगा दादिसा के पैर दबा रही है गंगा को देख कर दादिसा को आनंदी की याद आ जाती है आनंदी घर की रोनक थी उसने घर को स्वर्ग बना दिया था पर दादिसा उसे इतना प्यार नहीं दे पाई जितना देना चाहिए था| दादिसा को देख कर ही आनंदी सहम जाती थी | गंगा कहती है दादिसा को इतना गुस्सा आता था ? दादिसा उसे अपने बारे में बताती है तभी गंगा की तबियत थोड़ी बिगडती है और वो मनु को खाना देना है ऐसा कह कर चली जाती है |दादिसा उसे कहती है अब उसके पैर ठीक है वापस मत आना | दादिसा खुद से कहती है गंगा उसके साथ और जगदीश अकेला यह तो सही नहीं है और हंसने लगती है |

साँची ईरा को बोलती है अब बस करे कब तक यूँही रहेगी | आनंदी आती है ईरा को खाने का बोलने पर साँची उसे जवाब देती है|
जयत्सर में, बसंत अपनी बेटी को खिला रहा है गहना कहती है बसंत अपनी बेटी भैरवी को बहुत प्यार करता है बसंत कहता है जगदीश भी बच्चो को बहुत प्यार करता है उसने किस तरह किसी और के बच्चे को अपना लिया | गहना कहती है गंगा माँ नहीं बन सकती,यह बात सुमित्रा के लिए भी स्वीकार कर पाना आसान नहीं, वो अब तक स्वीकार नहीं कर पाई | बसत कहता है जगदीश ने उन दोनों की भैरवी के वक्त बहुत मदद की उसी के कारण भैरवी उनके जीवन में आई | जगदीश और गंगा को कुछ सोचना चाहिए वैसे जगदीश खुद डाक्टर है गंगा कहती है कभी कभी खुद डाक्टर खुद के लिए नहीं सोंच पाता | इसलिए दोनों जगदीश से बात करने का फैसला करते है |
दद्दु खाने के लिए सबका इन्तजार कर रहा है आनंदी अकेली ही आती है | साँची आती है पानी लेने और आनंदी से कहती है कि वो ईरा को परेशान ना करे वो केवल अपने पति,और अपनी सही के सास का ध्यान रखे | तभी दद्दु उसे डाटते है वो होती कौन ऐसा कहने वाली यह घर दद्दु का है और इस घर में कभी कोई किसी से अलग नहीं हुआ, अगर साँची कुछ अच्छा नहीं कर सकती तो बुरा भी न करे | साँची कहती वो सब ईरा को वापस पहले जैसा करने के लिए ही कर रही पर अपने तरीके से |

दूसरा भाग
शिव office नहीं जा रहा है तभी आनंदी उसे समझाती है इस तरह एक ही बात सोचने ने कुछ नहीं होगा | और वो एक कलेक्टर है जिसकी जिम्मेदारी बहुत बड़ी है | शिव को यह बात सही लगती है वो office जाने को ready हो जाता है और रात के अपने rude behavior के लिए आनंदी को sorry बोलता है | आनंदी कहती है आज वो office में खाना लेकर आएगी |

जयत्सर हॉस्पिटल में जगदीश अपने patient (बादशाह) को कहता है अब वो ठीक है और जल्दी वापस घर जा सकता है | बादशाह कहता है क्या उसे आजी ही जाना होगा | जगदीश कहता है कुछ report आजाये उसके बाद वो जा सकता है | तभी बादशाह सोचता है कि वो यही safe है अगर बाहर गया तो उसे सरहद पार से आये लोग मार देंगे और वो कुछ करने का सोचता है जिससे वो हॉस्पिटल में ही रहे |
शिव बहुत परेशान है वो office में सभी staff member को डांट रहा है और उसे हर वक्त वही बीती बाते याद आ रही है |
जयत्सर में बसंत भैरव से बात करता है उसे वो सब बताता है जो बाते उसके और गहना के बीच हुई | बसंत और भैरव जगदीश से बात करना तय करते है |

तीसरा भाग
आनंदी साँची को juice देती है साँची उसे फिर भला बुरा कहती है और juice फैंक देती और नया juice बिना medicine का लाने बोलती है | साँची बताती है कि वो सब जानती है उसे medicine दी जाती है उसने सब सुन लिया था | वो एक शहरी smart लड़की है गाँव की देहातन औरत नहीं | यह सब शिव सुन लेता है और सांची को कहता है उसकी हिम्मत कैसे हुई आनंदी से ऐसे बात करने की|और तभी साँची उसे कह देती उसने बाहर वालो को उसकी जिन्दगी में दखल देने की इज़ाज़त नहीं दी|

Karnika

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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