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Balika Vadhu 11th December 2013 Episode 1457 Update

balika vadhu 1

पहला भाग
आनंदी साँची को warning देती है कि कभी शिव को upset करने वाली बात वो न करे |शिव और आनंदी उनके room में बाते कर रहे है तभी वहाँ छोटी माँ आ जाती है आनंदी को कुछ काम है वो वहां से चली जाती है | मीनू,शिव से कहती है वो उसकी गुनेहगार है उसने शिव के साथ अन्याय किया है और माफ़ी मांगती है | शिव कहता है उसके साथ कोई अन्याय नहीं हुआ पर सच स्वीकारने में थोडा वक्त लग रहा है, मीनू ने जो बलिदान दिया वो बहुत बड़ा था कोई नहीं कर सकता और वो हमेशा ही शिव के पास थी उसने उसे वही प्यार और अपनापन दिया जो एक माँ देती है |मीनू कहती है ईरा उससे नाराज है उसे मीनू ने बहुत तकलीफ दी है | शिव को भी ईरा की बहुत फ़िक्र है | मीनू कहती है कुछ भी बिगड़ा नहीं है बस ईरा सबको माफ़ करदे और शिव भी सबके साथ हस्ता खेलता रहे तो सब ठीक हो जायेगा |

दूसरा भाग
जयत्सर के हॉस्पिटल में , वो अजनबी आदमी टीवी में चल रही परेड को देख कर खुद भी परेड और मार्च करने लगता है |तभी जगदीश वहाँ आजाता है और पूछता है वो जिस तरत से परेड कर रहा है, क्या वो फौज में था| वो आदमी चुप है |जगदीश बताता है कि उसकी report अच्छी आई है वो आज ही जा सकता है | वो अजनबी आदमी परेशान हो जाता है | जगदीश बोलता है वो उसकी family को ढूंढने के लिए police में complaint कर सकते है पर वो आदमी मना कर देता है | जगदीश उसे कुछ दिन हॉस्पिटल में रहने का कह देता है | वो आदमी बहुत खुश होकर जगदीश को आशीर्वाद देता है | जगदीश के जाने के बाद वो आदमी सोचता है अगर वो यहाँ बाहर गया तो सरहद पार के लोग उसे मार देंगे उसे कुछ करना पड़ेगा जिससे वो यही रह सके |

जगदीश,गंगा से अजनबी आदमी के बारे में बात करता है उसे वो पढ़े लिखे परिवार का लगता है और उसे लगता है कि उस आदमी का उदयपुर से कोई न कोई connection है वो बार बार वहाँ की बात करता है | गंगा कहती है कि क्या उस आदमी को कुछ रुपये दे सकते है जो उसे उसके परिवार को ढूंढने में काम आये | जगदीश कहता है वो भी यही करना चाहता था | नर्स आती है गंगा को डाक्टर लाल सिंघ ने बुलाया है |

दूसरी तरफ वो अजनबी आदमी जानबूझकर सीढियों से गिर जाता है |
मीनू शिव के फोटो देखकर रो रही है इतने time तक शिव के लिए उसके प्यार को उसने दिल में दबा कर रखा पर अब उससे रहा नहीं जा रहा और वो शिव को गले से लगाना चाहती है | ईरा उसे देखती है और वहाँ से चली जाती है |

तीसरा भाग
ईरा room में है और मीनू के बारे में सोच रही है तभी साँची आ जाती है और पूछती है कि ईरा क्या सोच रही है ? ईरा कहती है वो मीनू के त्याग और बलिदान के बारे में सोच रही है अपनी पहली संतान को किसी को देदेना बहुत मुश्किल है और वह सब उसने ईरा के लिए किया | साँची उसे कहती है यह त्याग नहीं है , यह केवल अपने guilt को खत्म करने की कोशिश है|ईरा कहती है हर सिक्के के दो पहलु होते और वो अब इस घटना को मीनू की नज़र से देख रही है वो आज रो रही थी जो ईरा से देखा नहीं गया | साँची कहती है ईरा कितनी भौली है , मीनू के कारण ही ईरा ने अपनी बेटी को और साँची ने अपनी बड़ी बहन को खोया है इसलिए मीनू ने अपना बच्चा ईरा को दिया,अगर वो जिद्द नहीं करती तो ईरा को हॉस्पिटल आना ही नही पड़ता और ऐसा कुछ नहीं होता |

Karnika

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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