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Balika Vadhu 27th November 2013 Episode Update

Balika-Vadhu

प्रथम भाग में,

उदयपुर में, मीनू और आलोक बात करते रहते है, तभी अचानक आनंदी वहां आ जाती है, पर आलोक और मीनू बात बदल देते है| मीनू, आनंदी से पूछती है कि शिव की परेशानी का कुछ हल निकला,पर आनंदी कहती है, अभी तक नहीं| परिवार के सभी लोग साथ में भोजन कर रहे हैं,तभी ईरा शिव से कहती हैं, कि उसने शिव की पसंदीदा सब्जी बनाई है, जिसे देख कर शिव हमेशा बहुत खुश होता था, पर आज उसने कुछ नहीं कहा| दद्दु शिव को बोलते हैं, कि अगर वो ऑफिस की किसी बात से परेशान है तो ठीक हैं, वरना अगर वो घर के किसी सदस्य से नाराज है तो बोल सकता है| घर के सभी सदस्य शिव के लिए काफी परेशान हैं| इतने में साँची वापस आती है और अपने कमरे में जा रही है, तभी ईरा उसे भोजन करने को बोलती है, साँची कहती है, वो खां चुकी है ,अब कमरे में जाना चाहती है| माही उसकी तरफ गुस्से से देखता है क्योंकि वह जनता है कि साँची अपने दोस्तों के साथ शराब पी रही थी|

जयत्सर की बड़ी हवेली में, गंगा किचन में काम कर रही है| तभी उसे बादम का पेकेट दिखिता है, और वो सोचती है ,बादाम सेहत के लिए बहुत अच्छा होती है,उसके बच्चे की सेहत के लिए उसे बादाम खाना चाहिए|

उदयपु में, रात के 12 बजे अचानक ही कुछ आवाज सुनाई देने लगती है, तभी आलोक और ईरा कमरे से बहार आते हैं, और देखते है, पूरा परिवार उनका स्वागत कर रहा है और वो सभी उनकी शादी की सालगिरह मानते है| सभी उन्हें बधाईयाँ और उपहार देते है| सभी बहुत खुश है ,पर शिव अभी भी बहुत परेशान है, इसलिए सभी थोडा दुखी हो जाते है| सब अपने अपने कमरे में चले जाते है|

दुसरे भाग में,

जयत्सर में,दादिसा उत्सुकता से चाय का इंतज़ार कर रही है| दादिसा कहती हैं,आज गंगा को इतनी देर क्यों हो गई? गहना कहती है, आज गंगा अकेले सारा काम कर रही है| तभी गंगा चाय लेकर आती है और साथी ही सबको बादाम देती है,और कहती है, ठण्ड में बादाम सेहत के लिए अच्छी होती है, और आज से सबको रोज़ बादाम खानी होगी| दादिसा उससे पूछती है यह सब क्या उसे जगदीश ने बताया तभी गंगा कहती है नहीं उसने इस बारे मई इंटरनेट पर पढ़ा|
उदयपुर में, ईरा अपनी शादी की सालगिरह के लिए तैयार हो रही है, तभी आनंदी और साँची वहां आजाते है और ईरा को दद्दु की दी हुई साड़ी पहने को बोलते है| ईरा एक दुल्हन की तरह तैयार होती है, जिसे देख आलोक भाव विभोर हो जाता है और बहुत ही सुन्दर अन्दाज में गुलाब का फूल देता है|

तीसरे भाग में,

जत्सर में,जगदीश,गंगा,और नंदू पानी पूरी खाने बाहर जाते है,तभी वहां एक आदमी, जिसे कोई नहीं जानता आ जाता है और गंगा के हाथो से पानीपूरी छीन कर खाने लगता है, तभी नंदू कहता है वो जनता है यह आदमी बहुत भूखा है, आज school के बहार उसने उसे देखा था|

Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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