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Balika Vadhu 28th November 2013 Episode Update

balika vadhu
पहले भाग में,
जत्सर में,कल आपने देखा था कि वो आदमी भूखा था और गंगा के हाथो पानीपूरी छीन कर भाग जाता है| आज,तभी गाँव के लोग उसे मारने लगते है,पर जगदीश उन्हें रोक देता है,और उस आदमी के पास जा कर पूछता है, क्या वह भूखा है| तभी उस आदमी को एक अजनबी दिखाई देता है, जिसे देखकर वो डरकर वहाँ से भाग जाता है |

उदय पुर में, पूरा परिवार मंदिर में हवन कर रहा है| शिव अभी भी बहुत चिंता में दिख रहा है,जिस पर पुरे परिवार का ध्यान है, सब मन ही मन बहुत चिंतित भी है, ईरा भगवान से घर की खुशहाली के लिए कामना करती है,और कहती है, उसे हर जन्म में यही परिवार और शिव, साँची जैसे बच्चे मिले| हवन के बाद सभी मंदिर के बहार आते है| तभी ईरा उन्हें कहती है, कि वो अनाथालय जाना चाहती है, पर आलोक उसके साथ नहीं जाता,वो अकेले ही चली जाती है| शिव और आनंदी भी वहाँ से निकल जाते है| रास्ते में शिव अचानक ही अपनी गाड़ी रोक देता है,और कहता है,जब तक वह पूरा सच नहीं जान लेता,उसकी बेचेनी खत्म नहीं होगी| आनंदी अहती है, कि वो शिव की हालत समझती है,पर शिव को शांति से काम लेना होगा| शिव कहता है कि उसे दुर्गादेवी अस्पताल में ही सच मिलेगा|

दूसरी तरफ,ईरा अनाथालय के बच्चो के लिए पेन्सिल और किताबे ले रही है| तभी दूर से उसे सरला देख लेती है,और सोचती है कि कही ईरा उसीका घर तो नहीं ढूँढ रही,यही सोचते हुए वो वहाँ से भागने लगती है, और ट्रक से टकरा जाती है| ईरा उसे पहचान लेती है, और सरला को अस्पताल लेकर जाती है|

दुसरे भाग में ,

आनंदी और शिव दुर्गादेवी अस्पताल में सच जानने जाते है, और कर्मचारियों से बात करते है, पर वह कर्मचारी कहता है, कि आनंदी के दस्तावेज़ देखने के बाद वहाँ कोई नहीं आया| शिव फिर से रजिस्टर देखता है, और पूछता है इस कमरे में कौन-कौन आ सकता है| तभी कर्मचारी उसे बताता है, कि इस कमरे में जो भी बाहर का व्यक्ति आता है, उसका लिखित ब्यौरा होता है| शिव पूछता है, क्या अस्पताल के कर्मचारी का भी ब्यौरा लिखा जाता है,कर्मचारी कहता है कि नहीं लिखा जाता पर अस्पताल में सी.सी.टी.वी लगे हुए है, कोई कर्मचारी ऐसा नहीं कर सकता| शिव सी.सी.टी.वी. देखने का बोलता है| वहाँ पर खड़ा कर्मचारी सब सुनकर डर रहा है|
दूसरी तरफ , ईरा, सरला को लेकर दुर्गादेवी अस्पताल आती है, उसे डाक्टर देखता है और इलाज शुरु करता है पर सरला, ईरा से कुछ कहना चाहती है |

तीसरे भाग में ,

जत्सर में, वह अजनबी आदमी एक पेड़ के नीचे सो रहा है, तभी वहाँ बहुत से आदमी जीप में बैठकर उसकी तरफ आते है, जिन्हें देखकर वो आदमी दूसरी तरफ भागने लगता है, तभी उसे जीप से कुचल दिया जाता है| वो लोग उस अजनबी आदमी को बादशाह कहकर सम्बोधित करते है, और फोन के जरिये किसी को बताते है कि उन लोगो ने बादशाह को कुचल दिया है| तभी वहाँ से जगदीश गुजरता है और वो उस जख्मी आदमी को अपने साथ ले जाता है| तभी दूर से वो आदमियों का समूह ये देख लेते है कि बाद्शाह जिन्दा है|
अस्पताल में, जगदीश और गंगा बादशाह की मलहम पट्टी करते है, तभी उसे होश आ जाता है और वो दोनों उससे, उसका नाम, पता पूछते है और उससे जानने की कोशिश करते है कि उसे क्यूँ और किन लोगो ने मारा, पर वो जवाब नहीं देता |

शिक्षा:- “रहस्य के आवरण को चीर कर किसी की वास्तविकता को जानना कठिन है पर जानने की उत्सुकता बनी रहती है | ”

Karnika

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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