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अनियमित जमा योजना प्रतिबंध विधेयक 2018 | Banning of Unregulated Deposit Schemes Bill, 2018, in Hindi

जानिए क्या है अनियमित जमा योजना प्रतिबंध विधेयक 2018 | Banning of Unregulated Deposit Schemes Bill, 2018, Details in Hindi (Ponzi Schemes)

गैर-कानूनी तरीके से योजना चलाकर लोगों से पैसे ठगने वाली कंपनी पर अब सरकार द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी. हाल ही में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने एक ऐसे बिल को संसद में सामने लाने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है.  जो कि इस समस्या से निपटने के लिए सरकार द्वारा तैयार किया गया है. इस विधेयक को अनियमित जमा योजना प्रतिबंध विधेयक, 2018 के नाम से जाना जाएगा. इस विधेयक के जरिए अब जो भी कंपनी निवेशकों के साथ धोखा करेगी उसे कड़ी सजा दी जाएगी. इतना ही नहीं उस कंपनी की संपत्ति को भी सरकार द्वारा कब्जे में ले लिया जाएगा. सरकार के इस कदम से अब लोगों को चूना लगाने वाली कंपनी पर शिकंजा कसा जा सकेगा.

Banning of Unregulated Deposit Schemes

क्या है ये विधेयक (What is Banning of Unregulated Deposit Schemes Bill 2018)

अक्सर लोगों को ठगने के लिए कई कंपनियां गैर-कानूनी तरीके से ऐसी योजनाएं चलाती हैं, जिनके चलते लोगों को दोगुने पैसे दिए जाने का वादा किया जाता है. वहीं लोग भी इस तरह की योजनाओं में फंसकर अपनी जमा राशि इन यजोनाओं पर लगा देते हैं. वहीं जब लोगों को उनके पैसे वापस करने की बारी आती हैं, तो ये कंपनियां रफू चक्कर हो जाती हैं. वहीं सरकार ने लोगों को इस तरह की धोखाधड़ी से बचाने के लिए अनियमित जमा योजना प्रतिबंध विधेयक, 2018 को तैयार किया है. इस विधेयक के जरिए ऐसी योजना चलाने वाली कंपनियों के प्रबंधन पर शिकंजा कसा जा सकेगा. ऐसी कंपनियों के मालिकों पर सख्त कार्यवाही करने के अलावा उन पर भारी जुर्माना भी लगाया जाएगा. 

अनियमित जमा योजना प्रतिबंध विधेयक को बनाने के उद्देश्य (objectives of the Banning of Unregulated Deposit Schemes Bill)

इस विधेयक को बनाने की घोषणा सरकार ने इसी साल की थी और अभी हाल ही में सरकार ने इस विधेयक से जुड़े सारे कामों को पूरा कर लिया है. वहीं सरकार द्वारा इस विधेयक को बनाने के उद्देश्यों का विवरण नीचे किया गया है.

अनियमित जमा राशि के धंधे पर रोक लगाना

इस विधेयक की मदद से सरकार एक ऐसा कानून लाना चाहती हैं जिसकी मदद से देश में बढ़ रहे अनियमित जमा राशि के धंधे को पूरी तरह से खत्म किया जा सके. हाल ही के सालों में कई तरह की पोंजी स्कीमों द्वारा निवेशकों को लाखों का चूना लगाया जा चुका हैं और इस समस्या से निपटने के लिए इस विधेयक को लाया गया है.

पोंजी योजना लाने वालों को सजा देना

पोंजी योजना के जरिए लोगों को लुभाया जाता है और उनको सपने दिखाए जाते हैं कि उनकी राशि को दोगुना कर दिया जाएगा. वहीं हमारे देश में अभी तक अनियमित जमा राशि से जुड़ा कोई भी सख्त कानून नहीं था और इस चीज का फायदा उठाकर हर साल कई निकली कंपनियों द्वारा अनियमित जमा राशि से जुड़ी कई योजना शुरू की जाती हैं. वहीं इस विधेयक के दोनों सदनों से पास हो जाने के बाद ऐसी योजना को बढ़ावा देने वालों और इन योजनाओं का संचालन करने वालों को कड़ी सजा देने का कानून बन जाएगा.

अदालतों का गठन

इस विधेयक को जमाकर्ताओं के पैसों को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा बनाया गया है. सरकार ने इस अधिनियम के तहत जमाकर्ताओं के रूपए की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ, इस तरह के अपराधों पर कार्रवाई करने के लिए अदालतों का गठन करने का भी प्रावधान रखा है. इसके अलावा जमाकर्ताओं को उनके पैसे ना मिलने की सूरत पर, जमा राशि की अदायगी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी और इनके द्वारा एक सक्षम प्राधिकार नियुक्त किया जाएगा.

संपत्ति जब्त करने का आधिकार

लोगों को उनकी राशि का भुगतान नहीं करने की सूरत पर उस कंपनी की संपत्ति जब्त करने का कानून भी इस विधेयक में जोड़ा गया है. अगर कोई कंपनी अपने निवेशकों को पैसों देने से मना कर देती हैं, तो ऐसी स्थिति में सरकार के पास उस कंपनी की संपत्ति जब्त करने का अधिकार होगा.

विधेयक के अंतर्गत मिलने वाली सजा  (Banning of Unregulated Deposit Schemes Bill punishment rule)

इस विधेयक को बनाते समय इसमें तीन तरह के अपराधों के बारे में जिक्र किया गया है. जो कि इस प्रकार हैं, अगर कोई व्यक्ति अनियमित जमा योजनाओं को शुरू करता हैं, तो वो अपराधी होगा और उसे सजा दी जाएगी. वहीं अगर जो व्यक्ति नियमित जमा योजनाओं में धांधली करता हुआ पाया जाता है, तो वो भी अपराधी माना जाएगा. इसके अलावा इस तरह की योजनाओं को बढ़ावा देना भी अपराध की श्रेणी के अंदर आएगा.

किन-किन पर कसेगा शिकंजा

कई तरह के व्यापारी लोगों को उनके पैसों पर ज्यादा ब्याज देने का लालच देता हैं और उनके पैसों को अपने व्यापार पर लगा देते हैं. वहीं लोग भी ज्यादा ब्याज के लालच में आकर अपने पैसे इन व्यापारी को दे देते हैं. जौहरी और रियल एस्टेट के व्यापारी ज्यादातर ऐसे ही अपना व्यापार करते हैं. लेकिन सरकार के इस विधेयक के कानून बनते ही इन व्यापारी पर भी लगाम लगाई जा सकेगी.

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Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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