बजट पर निबंध

बजट (Budget) एक ऐसा शब्द है जोकि, आम जिंदगी मे बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है| कोई भी समझदार व्यक्ति अपने हर छोटे बड़े काम या कोई भी खर्चे या निवेश का बजट बना कर ही करता है| ठीक उसी तरह सरकार भी अपने मुख्य कार्य, आय-व्यय का लेखा-जोखा बजट से ही करती है| तथा हर वर्ष सरकार जनता के सामने अपना बजट प्रस्तुत करती है| बजट सरकार व प्रत्येक व्यक्ति की जिन्दगी का इतना महत्वपूर्ण हिस्सा है| जिसके लिये,

भारत के संविधान (Constitution of India)

मे अलग से अनुछेद बना कर विस्तारित भी किया गया है| आजाद भारत का सबसे पहला केन्द्रीय बजट छब्बीस नवम्बर, उन्नीस सौ सैतालिस (26/11/1947) को आर.के.शंमुखम के द्वारा संसद मे प्रस्तुत किया गया था|

  • बजट की परिभाषा
  • संविधान के अनुसार बजट
  • बजट का उद्देश्य
  • बजट के प्रकार
  • बजट कैसे बनाया जाता है?
  • बजट के सम्बन्ध मे महत्वपूर्ण बाते

बजट की परिभाषा (Budget Definition)

बजट, भविष्य के लिये की गई वह योजना है जो, पूरे साल की राजस्व व अन्य आय तथा खर्चो का अनुमान लगा कर बनाई जाती है| जिसमे वित्तीय मंत्री के द्वारा, सरकार के समक्ष अपनी व्यय का अनुमान लगा कर, आने वाले वर्ष के लिये कई योजनायें बना कर, जनता के सामने हर वित्तीय वर्ष के दौरान प्रस्तुत करती है| एक आदर्श बजट वह होता है जिसमे,किसी का स्वार्थ ना हो| सरकार द्वारा उस बजट मे लोग, व्यापार, सरकार, देश, बहुराष्ट्रीय संगठन के लिये, एक व्यक्ति, परिवार, समूह के लिये अच्छी से अच्छी योजनायें बनाई गई हो तथा खर्चे व निवेश किये गये हो|

संविधान के अनुसार बजट

संविधान के अनुछेद (Artical) 112 के अनुसार, राष्ट्रपति प्रत्येक वित्तीय वर्ष के दौरान ,संसद के दोनों सदनों के समक्ष वार्षिक वित्तीय विवरण रखवाते है, जिसमे सरकार के गत वर्ष के आय/प्राप्तियों व व्ययों का ब्योरा होता है|

बजट मे अनुमानित मुख्य रूप से दो मदों को लिखा जाता है –

  1. भारत सरकार की संचित निधि पर लगे व्यय|
  2. सरकार की संचित निधि के लिये किये जाने वाले अन्य व्ययों की भरपाई के लिये अपेक्षित राशि|

इसके आलावा अन्य तथा राजस्व व्ययों का विवरण बजट मे देना होता है|

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बजट का उद्देश्य

प्रत्येक वर्ष के लिये सरकार पूर्व मे ही योजना बना लेती है| जिसमे सरकार की आय के स्त्रोत जैसे- भिन्न-भिन्न करो की वसूली या टैक्स, राजस्व से आय, सरकारी फीस-जुर्मना, लाभांश, दिये गये ऋण पर ब्याज आदि सभी आय और इन आय को वापस जनता के लिये लगाना बजट का मुख्य उद्देश्य होता है|

  • आर्थिक विकास की दर मे वृद्धि करना|
  • गरीबी व बेरोजगारी को दूर करना|
  • असमानताओ को दूर कर आय का सही योजनाओं मे उपयोग करना|
  • बाजार मे मूल्य व आर्थिक स्थिरता बनाये रखना|
  • अन्य सभी क्षेत्रों रेल, बिजली, वित्त, अनाज, खाद्यपदार्थ, बैंकों के लिये भी फण्ड रखना|

बजट के प्रकार

सामान्यतया सालाना बजट वित्त मंत्रालयों मे उनके बाटे गये विभाग द्वारा बनाये जाते है| जिसकी अंतिम मंजूरी राष्ट्रपति द्वारा दी जाती है जोकि, केन्द्र व राज्य सरकार दोनों के सम्बन्ध मे होती है| रेल बजट,रेल मंत्रालय द्वारा अलग से तैयार किया जाता है| बजट के मुख्य रूप से तो दो ही प्रकार होते है|

  1. केन्द्रीय बजट
  2. रेल बजट

केन्द्रीय बजट

केन्द्र सरकार द्वारा प्रस्तुत किया गया सबसे बड़ा बजट जो हर वर्ग के व्यक्ति को ध्यान मे रख कर बनाया जाता है| जिसे आम बजट भी कहा जाता है इसमें सभी तरह के प्रावधान होते है जोकि, बिल के रूप मे पारित होते है| प्रत्येक वर्ष नये बजट के साथ नये नियम व कानून के साथ पारित होते है| केन्द्रीय बजट के कई छोटे-छोटे प्रावधान है,जिनके लिये बजट बनाया जाता है,जैसे-

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रेल बजट ( Rail Budget)

संसद मे रेल मंत्री द्वारा प्रत्येक वित्तीय वर्ष के दौरान रेल बजट प्रस्तुत किया जाता है| जिसमे आम जनता के लिये,

  • कई नयी ट्रेनों की घोषणा की जाती है|
  • यात्रियों के लिये ई-रेलवे की सुविधाये|
  • ट्रेनों मे तथा प्लेटफार्म पर सुविधाये घोषित करना|
  • एसएमएस और नेट के द्वारा बुकिंग तथा चैकिंग की सुविधा|

यह दो मुख्य रूप से बनाये गये बजट होते है| जोकि, जहा तक संभव हो इसे फरवरी मे बनाया जाता है| और वित्तीय वर्ष के दौरान घोषित किया जाता है|

ठीक इसी तरह केन्द्र के बजट जोकि, पूरे देश पर लागू होते है| परन्तु हर राज्य का अपना एक अलग बजट बनता है जिसमे, वह राज्य के लिये प्रावधान करती है|

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प्रियंका दीपावली वेबसाइट की लेखिका है| जिनकी रूचि बैंकिंग व फाइनेंस के विषयों मे विशेष है| यह दीपावली साईट के लिए कई विषयों मे आर्टिकल लिखती है|
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