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कैशलेस भुगतान करने के तरीके | Types of Cashless payments in hindi

Cashless payments type and methods in hindi भारत में विमुद्रीकरण (नोटबंदी) से पहले कैशलेस पेमेंट कोई बड़ा मुद्दा नहीं था. आम लोगों के बीच न तो इसका प्रचलन था और न ही इसके प्रति जिज्ञासा और उत्साह. हाँ, नौकरीपेशा कुछ लोग, कंपनी के बड़े अधिकारी और कुछ व्यवसायी वर्ग क्रेडिट कार्ड या फिर डेविट कार्ड का उपयोग कैशलेस लेनदेन के लिए जरूर कर रहे थे. परन्तु जब से देश में नोटबंदी लागू हुआ है और कैश यानि नगदी की समस्या बढ़ी है, तबसे कैशलेस लेनदेन का दायरा बढ़ गया है. सरकार भी देश को कैशलेस बनाने का बड़ा अभियान चला रही है. प्रोत्साहन के तौर पर सरकार कैशलेस लेनदेन करने वालों के लिए कई तरह की छूटें और पुरस्कार की घोषणा कर चुकी है. बैंक और कई कंपनियां कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देने और इसे सुगम बनाने के लिए नए-नए सॉफ्टवेयर और मोबाइल एप्पस ला रहे हैं.

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कैशलेस पेमेंट कैसे करें? क्या-क्या तरीके हैं उसके?

Types of Cashless Payments in hindi

बहरहाल भारत में कैशलेस पेमेंट में सबसे बड़ी बाधा आ रही है आम लोगों में इसके बारे में जानकारी की कमी. शहरों में और पढ़े-लिखे तबकों में कैशलेस पेमेंट और लेनदेन के प्रति लोगों का रुझान तो बढ़ रहा है परंतु कस्बों और ग्रामीण इलाकों में इसके तरीके और साधनों की जानकारी के अभाव में लोग परेशानियों का सामना कर रहे हैं. वास्तव में अगर देश में कैशलेस लेनदेन को बढ़ावा देना है तो इसके लिए वे चाहें किसान हों, शिक्षक हों, फौजी हों, प्रोफेशनल हों, नौकरीपेशा लोग हों, व्यवसायी हों ये फिर विद्यार्थी हों, सभी को इसके उपलब्ध तरीकों के बारे में जानकारी होने अति आवश्यक है.

पूर्व में उपलब्ध कैशलेस पेमेंट के साधनों जैसे डेबिट या क्रेडिट कार्ड या फिर नेट बैंकिंग का उपयोग लोग केवल बड़े पेमेंट या फिर चुनिंदा जगहों पर करते थे. परंतु अब जितने भी साधन उपलब्ध हैं, उससे बड़े लेनदेन से लेकर छोटे यानि एक रुपये का पेमेंट भी डिजिटल पेमेंट से संभव है. रोज के खर्चे जैसे गाड़ी में ईंधन भरवाना, राशन का सामान खरीदना, दूध का पेमेंट और यहाँ तक की स्ट्रीट फ़ूड का पेमेंट और सब्ज़ी की खरीदारी भी डिजिटल पेमेंट के माध्यम से हो रहे हैं.

कैशलेस पेमेंट और लेनदेन के कई तरीके मौजूदा समय में उपलब्ध हैं. यहाँ हम आपकी जानकारी के लिए उन तरीकों को विस्तार से बताएँगे, जिससे आप भी कैशलेस भारत अभियान में अपना सहयोग दे सकें और कैश की किल्लत के इस दौर में कैश पेमेंट से निजात पा सकें.

डिजिटल बटुआ (e-wallets or Mobile Wallets) –

डिजिटल वॉलेट पेमेंट यानि भुगतान करने का सबसे नया और आसान तरीका है. नोटबंदी से पहले पेमेंट का यह तरीका उतना प्रचलन में नहीं था. हालाँकि PayTm जैसे मोबाइल से पेमेंट करने की सेवा देने वाले एप्पस वजूद में थे, परंतु उनकी पहुँच मुख्यतः शहरी वर्ग तक ही सीमित थी. अब जब पूरा देश डिजिटल लेनदेन के रंग में रंग रहा है, तब डिजिटल वॉलेट कैश के बदले पेमेंट का सबसे पसंदीदा और लोकप्रिय विकल्प के तौर उभर रहा है.

पेमेंट के लिए डिजिटल वॉलेट का उपयोग करने के लिए आपके पास स्मार्ट फ़ोन होना चाहिए और उसमें इंटरनेट का कनेक्शन होना चाहिए. फिर आपको अपने स्मार्ट फ़ोन में डिजिटल वॉलेट की कोई एप्प डालनी होगी. अब PayTm के अलावा अन्य कंपनियों और कई बैंकों ने डिजिटल लेनदेन के लिए एप्प लांच किए हैं. जैसे प्राइवेट सेक्टर के एप्पस हैं – Freecharge, Airtel Money, Vodafone M-Pesa, MobiKwik, Oxigen Wallet, mRupee, Citrus Pay आदि. वहीँ बैंकों के एप्पस हैं – स्टेट बैंक का Buddy, आईसीआईसीआई बैंक का Pockets, एचडीएफसी बैंक का Chillr और PayZapp, सिटी बैंक का MasterPass और एक्सिस बैंक का Lime. इधर भारत सरकार ने भी Bheem नाम से एक एप्प लांच किया है. इनके अलावा आपके पास डिजिटल वॉलेट के और भी कई विकल्प मौजूद हैं.

ये सारे एप्पस आपके पर्स यानि बटुए के समान होते हैं. जैसे आप अपने पर्स में पैसे रखते हैं उसी तरह से इस डिजिटल वॉलेट में भी पैसे रखने होंगे और जब किसी को पेमेंट करना होगा, तब कैश देने के बदले आपको अपने मोबाइल के एप्प में जाकर पेमेंट करने के निर्देशानुसार बटन दबाना होगा. बस हो गया पेमेंट और आपके पर्स यानि डिजिटल वॉलेट में उतना पैसा कम हो जाएगा जितना आपने पेमेंट किया है. अब बस आपको इसके उपयोग के तरीके पता होने चाहिएं, जो हम आपको बता रहे हैं.

डिजिटल वॉलेट कैसे उपयोग करें (What is E wallet and how does it work) –

  • आपके पास स्मार्ट फ़ोन है तो सबसे पहले कोई भी डिजिटल वॉलेट वाले एप्प को मोबाइल में इनस्टॉल करना होगा.
  • एप्प इनस्टॉल करने के बाद आपको इसमें अपना अकाउंट बनाना होगा जो आपके निजी पासवर्ड से सुरक्षित रहेगा.
  • जब आपका डिजिटल वॉलेट में अकाउंट बन जाएगा तब उसमें आपको रकम डालने होंगे, जो कि आप नेट बैंकिंग या फिर अपने डेबिट या क्रेडिट कार्ड से ट्रान्सफर कर सकते हैं.
  • अब आपका डिजिटल बटुआ किसी भी तरह के पेमेंट के लिए तैयार है, बशर्ते आप जिसे पेमेंट कर रहे हों उसके पास भी उस ब्रांड का डिजिटल वॉलेट उपलब्ध हों.

इन डिजिटल वॉलेट के उपयोग के और भी कई फायदे हैं. ये कंपनियां समय-समय पर अपने ग्राहकों को खरीदारी और पेमेंट पर छूट या फिर कैश बैक का ऑफर देती रहती हैं. इसके अलावा आप अपने किसी रिश्तेदार या जानने वालों को मुसीबत में एक क्लिक से पैसे भेजकर उनकी सहायता कर सकते हैं. व्यापारियों के लिए अपना व्यापर बढ़ाने में भी डिजिटल लेनदेन का मोड बहुत फायदेमंद साबित हो रहा है.

यूएसएसडी द्वारा पेमेंट (USSD – Unstructured Supplementary Service Data)

कैशलेस लेनदेन का यह वह तरीका है जिसके लिए आपको सिर्फ एक मोबाइल फ़ोन की जरूरत होती है जिसमें चालू हालत में सिम लगा होना चाहिए. इसके लिए न तो स्मार्ट फ़ोन चाहिए और न ही इंटरनेट कनेक्शन. यह एक मोबाइल बैंकिंग का तरीका है, जिसके माध्यम से आप अपने बैंक खाते से किसी अन्य खाते में पैसे भेज सकते हैं. इतना ही नहीं, अगर आपके मोबाइल पर यह सुविधा उपलब्ध है, तो आप अपने बैंक खाते को मॉनिटर भी कर सकते हैं. जैसे खाते में लेनदेन का ब्यौरा या फिर खाते में शेष रकम की जानकारी आपको अपने मोबाइल पर ही मिल जाती है.

कैशलेस लेनदेन के यूएसएसडी मोड का उपयोग करने के लिए आपको अपने मोबाइल से एक नंबर को डायल करना पड़ेगा. यह नंबर है *99#. ध्यान रखें कि यह सेवा उसी मोबाइल नंबर पर उपलब्ध होगा जो आपके बैंक खाते के साथ रजिस्टर है. लगभग सभी बैंक इस सुविधा को प्रदान कर रहे हैं. इस कैशलेस बैंकिंग सेवा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे क्षेत्रीय भाषाओँ में भी संचालित किया जा सकता है. इसके लिए आपको अलग-अलग भाषाओँ के लिए निर्धारित नंबर को डायल करने होंगे. जैसे हिंदी के लिए  *99*22#, पंजाबी के लिए *99*30#, मराठी के लिए *99*28#, तेलगु के लिए *99*24#, तमिल के लिए *99*23# आदि. इसी तरह कई अन्य भाषाओँ में भी यह सेवा उपलब्ध हैं.

यूएसएसडी का उपयोग कैसे करें (How to use USSD) –

  • जैसा कि ऊपर उल्लेखित किया जा चुका है कि यह सेवा बैंक की ओर से सिर्फ उन्हीं ग्राहकों को दिया जाता है जिनका मोबाइल नंबर उनके खातों के साथ रजिस्टर्ड होता है.
  • अब आपको यूएसएसडी सेवा के लिए बैंक को आवेदन करना होगा. बैंक आपको सेवा का लाभ उठाने के लिए जरूरी MMID (Mobile Money Identifier) और MPIN (Mobile Pin) यानि यूज़रनेम और पासवर्ड देगा.
  • अब आपको जब पैसा किसी दूसरे खाते में भेजना है तो अपने मोबाइल से *99# डायल करने के साथ भाषा का कोड डायल करना होगा.
  • डायल करने के साथ आपके मोबाइल पर यूएसएसडी सेवा सक्रिय हो जाएगा और पहले बैंक का नाम पूछा जाएगा. इसके लिए आपको अपने बैंक के नाम के पहले तीन अक्षर या फिर IFSC कोड के पहले चार अक्षर लिखने होंगे और सेंड करने होंगे. अब आपके बैंक का नाम स्क्रीन पर डिस्प्ले होगा.
  • अब निर्देशानुसार आपको कई विकल्पों में से एक का चुनाव करना होगा. पैसे भेजने के लिए दो-तीन विकल्प होंगे. इनमें से आपको MMID विकल्प का चुनाव करना है.
  • जैसे ही आप MMID विकल्प चुनेंगे वैसे ही आपसे जिस खाते में पैसा भेजना है उसका मोबाइल नंबर माँगा जाएगा और उसके बाद उसका MMID नंबर और साथ ही जितनी रकम भेजनी है उसका ब्यौरा निर्दिष्ट स्थान पर भरना होगा.
  • इसके बाद पेमेंट के प्रोसेस को पूरा करने के लिए आपको अपना MPIN डालना होगा और एक स्पेस देकर अपने खाता नंबर के अंत वाले चार नंबर डालने होंगे. फिर आप सेंड बटन दबाएँ और आपका पेमेंट निर्धारित खाते में पहुँच गया.

यूएसएसडी के माध्यम से आप अधिकतम 5000 रुपये किसी के भी बैंक खाते में भेज सकते हैं. कैशलेस पेमेंट के बेहतर विकल्पों में से यह एक सुरक्षित विकल्प है.

यूपीआई द्वारा पेमेंट (UPI – Unified Payments Interface)

यह एक ऑनलाइन पेमेंट प्रणाली है जिसका विकास भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम यानि एनपीसीआई (The National Payments Corporation of India) द्वारा किया गया है. इसे अप्रैल 2016 में ही लाया गया था, परंतु बैंकों द्वारा इसका उचित प्रचार नहीं किए जाने के कारण बहुत से लोगों को इसके बारे में जानकारी नहीं थी. परंतु नोटबंदी के बाद जब सरकार ने ऑनलाइन पेमेंट प्रणाली पर जोर दिया है, तब बैंक भी सक्रिय हुए हैं और अपने ग्राहकों तक इसे प्रचारित कर रहे हैं.

यूपीआई पेमेंट प्रणाली का उपयोग करने के लिए आपके पास एक स्मार्टफोन फ़ोन होना चाहिए, जिसमें इंटरनेट कनेक्शन हो. इस प्रणाली के द्वारा आप अपने बैंक खाते से किसी अन्य के बैंक खाते में रकम ट्रान्सफर कर सकते हैं. वर्तमान में कई सरकारी और निजी क्षेत्र के बैंक इस सुविधा का लाभ अपने ग्राहकों को दे रहे हैं. यह एक एप्प आधारित प्रणाली है. इस एप्प को आप अपने बैंक के साईट से डाउनलोड कर सकते हैं.

यूपीआई का उपयोग कैसे करें (How to use UPI App)

  • कैशलेस पेमेंट के इस प्रणाली का उपयोग करने के लिए आपको सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में अपने बैंक का एप्प डाउनलोड करना होगा और उसे रजिस्टर करना होगा. एप्प में रजिस्टर करने के लिए आपको निर्धारित फॉर्मेट में अपना नाम, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर अंकित करना होगा. मांगे गए जानकारी को देने के बाद एक पिन (PIN) जेनरेट होगा जिससे आप बैंक के एप्प में लॉग इन कर पाएंगे.
  • अब अगले कदम के तौर पर आपको एप्प में VPA यानि Virtual Payment Address को सेट करना होगा. यह एड्रेस ही आपकी यूनिक आईडी होगी. पैसों के लेनदेन में इस आईडी की ही मुख्य भूमिका होगी. जब आपको किसी से पैसे लेने होंगे तो उन्हें अपनी आईडी देनी होगी और जब आपको पैसे देने होंगे तो दूसरी पार्टी की आपको आईडी लेनी होगी. इसके सेटअप का तरीका वैसा ही होता है जैसा कि आप एक ईमेल आईडी को बनाते समय करते हैं. इसके बाद आपको MPIN जेनरेट करना होगा जो आपका पेमेंट पासवर्ड होगा.
  • अब जब आपको पैसा भेजना होगा तो एप्प में लॉग इन कर सेंड मनी विकल्प को सेलेक्ट करें. फिर जिसे पैसे भेजने हैं उनका VPA डालें और साथ में रकम को लिखें. पेमेंट पूरा होने से पहले आपको कन्फर्म करना होगा कि दिए गए ब्यौरे सही हैं. आपके कन्फर्म करने के बाद आपसे MPIN माँगा जाएगा और इसे डालते ही पेमेंट पूरा हो जाएगा.

ध्यान रखें कि यूपीआई ऑनलाइन प्रणाली द्वारा आप अधिकतम 100000 रुपये अपने बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते में ट्रान्सफर कर सकते हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 30 दिसम्बर 2016 को दिल्ली में लांच किए गए पेमेंट एप्प भीम (BHIM-Bharat Interface of Money) की प्रणाली एक तरह से यूपीआई प्रणाली की ही तरह है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जीवन परिचय यहाँ पढ़ें|

चेक (Cheque) द्वारा पेमेंट –

यह किसी को पेमेंट किए जाने का सबसे पुराना तरीका है. बैंकों में खाता रखने वाले सभी लोग इससे सुपरिचित हैं. आप किसी को निर्धारित रकम का पेमेंट करने के लिए बैंक द्वारा उपलब्ध कराए गए चेक बुक के एक पन्ने में उसका नाम और रकम भरकर अपने हस्ताक्षर के साथ दे सकते हैं. अब वह व्यक्ति उस चेक को अपने बैंक के अपने खाते में जमा कराएगा. फिर बैंक उस रकम को क्लीयरिंग हाउस के माध्यम से उस व्यक्ति के खाते में जमा करा देगा. चेक को किसी भी रकम के लेनदेन का सबसे प्रमाणित जरिया माना जाता है.

डेबिट कार्ड द्वारा पेमेंट (Pay through debit card) –

बैंक में खाता खोलने के साथ ही बैंक आपको यह कार्ड देता है जो आपके बैंक खाते से जुड़ा होता है. इसे आमतौर पर एटीएम कार्ड के नाम से भी जाना जाता है. जब आप कोई खरीदारी करते हैं या फिर पेमेंट करते हैं तो वहां लगे स्वाइप कार्ड मशीन में इसे स्वाइप किया जाता है और निर्धारित रकम डालकर पेमेंट का प्रोसेस पूरा होता है. इस कार्ड के द्वारा आप जितनी रकम का पेमेंट करते है तो जरूरी है कि आपके बैंक अकाउंट में उतना बैलेंस हो. ध्यान रहे कि इसके द्वारा पेमेंट की एक सीमा होती है और उसी सीमा के अंदर आप खर्च कर सकते हैं. भले ही आपके अकाउंट में बहुत ज्यादा रकम क्यों न हो. कैशलेस पेमेंट का यह तरीका सबसे सुगम माना जाता है.

क्रेडिट कार्ड द्वारा पेमेंट (Pay through credit card) –

यह कार्ड एक उधारी खरीदारी या पेमेंट का कार्ड है. जरूरी नहीं है कि जो बैंक इसे आपको जारी करता है उसमें आपका खाता हो. बैंक आपकी आमदनी और आपके सिबिल रिकॉर्ड के आधार पर इसे आपको देता है. क्रेडिट कार्ड में खर्च की सीमा होती है और एक निर्धारित अवधि में किए गए खर्च का भुगतान बैंक को करना होता है. परन्तु जिस समय आप कार्ड से खर्चे करते हैं उस समय पैसे का कोई मामला नहीं होता है. डेबिट कार्ड की तरह इसे भी स्वाइप मशीन में स्वाइप कराकर पेमेंट किया जाता है.

प्रीपेड कार्ड द्वारा पेमेंट (Prepaid card or Gift Card) –

यह कार्ड भी बैंकों और अन्य संस्थानों द्वारा जारी किया जाता है. इसमें आपको एक कार्ड दिया जाता है और आपकी इच्छानुसार जितना आप चाहें उतना पैसा इसमें डाल सकते हैं और आप उतना ही खर्च कर सकते हैं. जब कार्ड के सारे पैसे खर्च हो जाते हैं या उससे पहले आप इसमें और पैसे डाल सकते हैं. इसका आपके बैंक खातों से कोई सम्बन्ध नहीं होता है. प्रीपेड कार्ड का सबसे बेहतर उदाहरण दिल्ली मेट्रो का प्रीपेड कार्ड है. इस कार्ड के धारक जहाँ कैशलेस यात्रा करते हैं वहीँ इनके समय की भी बचत होती है. टिकट लेने के लिए इन्हें लाइन में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ती है.

बहरहाल उपरोक्त माध्यमों के अलावा देश को कैशलेस बनाने के कई अन्य माध्यमों पर सरकारी और निजी क्षेत्र में मंथन चल रहा है. हमारा उद्देश्य है कि हम आपको समय-समय पर इस दिशा में होनेवाले प्रोग्रेस से अवगत कराते रहें जिससे आप भी देश को कैशलेस बनाने के अभियान में सहभागिता कर सकें और जनधन से डिजिधन और मेरा मोबाइल-मेरा वॉलेट के नारों को बुलंद कर सकें.

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Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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