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बाल श्रम के कारण अधिनियम निबंध कविता

जिंदगी के सबसे खूबसूरत पलों में से एक होता है बचपन| जहाँ किसी से कोई मतलब नही , किसी चीज़ का कोई तनाव नही, जिंदगी का मतलब सिर्फ खेल-कूद और मजे करना| परन्तु कुछ बच्चे ऐसे भी है जिनका बचपन काम से ही शुरू होता है , जीवन व्यापन के लिए, तो कोई परिस्थितियों के चलते या कोई प्रताड़ित हो कर ,कमाने के लिये घर से निकल जाता है|

child labour bal shram karan nibandh essay kavita quotes in hindi

बाल श्रम के कारण रोकने के अधिनियम निबंध कविता

Child labour bal shram karan nibandh essay kavita in hindi

“14 वर्ष से कम उम्र के बच्चे जो घर से काम करने के लिए निकलते है, बाल मजदूर बन जाते है | आज सर्वे के अनुसार 215 मिलियन बच्चे जोकि 14 वर्ष से कम आयु के है , बाल मजदूरी कर रहे है |”

बाल श्रमिक (चाइल्ड लेबर) बहुत ही महत्वपूर्ण और गंभीर विषय है, भारत देश का | इस समस्या ने अब विक्राल रूप ले लिया है| अब समय आ गया है कि, इस समस्या को समझ कर उसका हल निकाले| लोगों को इस विषय की गंभीरता से अवगत कराये और जागरूक करे|

जो बच्चे पढ़-लिख कर भारत देश का भविष्य बदल सकते है, उन छोटे और मासूम बच्चो से श्रम करा कर यू ,उनका सुनहरा भविष्य अंधकार में न बदले|

यह महत्वपूर्ण समस्या को हल करने का कर्तव्य, सबसे पहले उस बच्चे के माता-पिता का है, उसके साथ ही देश के हर एक नागरिक ,जिसके सामने यह अपराध हो रहा है या, जो स्वयं यह अपराध कर रहा है |

बाल श्रम अधिनियम  (Child labour bal shram Adhiniyam)

भारत के संविधान के मूल अधिकार के अनुछेद (Article)24 के अंतर्गत बाल श्रम प्रतिबंधित है|

इसके अलावा संविधान में समता व स्वतंत्रता से जीने का अधिकार के साथ ही, शिक्षा का अधिकार (Article 21.A) मे है|

इसमें यह उपबन्धित है कि “ राज्य चाहे तो, छ: वर्ष से चौदह की आयु के सभी बच्चो को नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा उपलब्ध करेगी|” अर्थात् यह हर बच्चे का मूल अधिकार है|

बाल श्रम के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण बिन्दु –

  • बाल श्रम की परिभाषा (Definition of child labour)
  • बाल श्रम उत्पन्न होने का कारण (Bal shram karan)
  • बाल श्रम के दुष्प्रभाव

बाल श्रम की परिभाषा (Definition of child labour)

सामान्य शब्दों में समझे तो, बच्चे जो 14 वर्ष से कम आयु के है, उनसे उनका बचपन, खेल-कूद, शिक्षा का अधिकार छीन कर, उन्हें काम में लगा कर शारीरिक, मानसिक, सामाजिक रूप से प्रताड़ित कर, कम रुपयों में काम करा कर, शोषण करके उनके बचपन को श्रमिक रूप में बदलना|

“कारखाना अधिनियम, 1948 भारत में 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चो को कारखानों में तथा संशोधन के बाद 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चो को खदानों में कार्य करने के लिए प्रतिबंधित करती है|”

बाल श्रम उत्पन्न होने का कारण (Bal shram ke karan)

सबसे पहले माता-पिता का असंतोष, लालच, कम पढ़ा-लिखा होना बाल श्रम जैसे अपराध को उत्पन्न करते है| बड़े-बड़े कारखाने जैसे-

  • कोयला खदाने
  • हीरा खदाने
  • पत्थर/गिट्टी/ईट की खदाने
  • पटाखे के कारखाने
  • कालीन बुनाई के कारखाने

इसके अलावा ,हर वह व्यक्ति जिनके छोटे-छोटे कारखाने , लघु उधोग धंदे , कृषि, फार्महाउस है, छोटी-छोटी चाय की दुकानों से तो घरो में बर्तन और पोछे कर रहे बच्चे| ज्यादा मुनाफा कमाने के व पैसा बचाने के लालच में , बच्चो को कम दरो या पारिश्रमिक पर रखकर बाल श्रम जैसे, गंभीर अपराध करते है|

बाल श्रम के दुष्प्रभाव

  • बच्चो का विकास अवरूध्द हो जाना
  • शिक्षा के अधिकार से वंचित हो जाना
  • जीवन पर खतरा बना रहना
  • बाल श्रमिको का शोषण होना

बच्चो का विकास अवरूध्द हो जाना – जिस उम्र में बच्चो को सही शिक्षा मिलना चाहिए , खेल-कूद कर अपने मस्तिष्क का विकास होना चाहिए, उस उम्र में उनसे काम करा कर शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक, सामाजिक विकास रुक जाता है|

शिक्षा के अधिकार से वंचित हो जाना – शिक्षा का अधिकार मूल अधिकार है | इसे किसी भी बच्चे को वंचित करना भी एक अपराध है|

जीवन पर खतरा बना रहना – किसी भी बच्चे का किसी भी कारखाने में काम करना सुरक्षित नही है| गरीबी के चलते थोड़े से पैसे के लिए, अपनी जान जोखिम में डालना, या आजीवन ऐसी किसी बीमारी का शिकार हो जाना जो ला-इलाज हो| इसलिए बाल श्रम बहुत ही खतरनाक होता है, किसी भी बालक के लिए|

बाल श्रमिको का शोषण होना – जिस गरीबी, और मज़बूरी के चलते कोई बच्चा परिश्रम कर रहा है, उसे उसका पर्याप्त मेहनताना/वेतन नही मिलता| हर तरीके से उसका शोषण होता है जोकि, एक गंभीर अपराध है|

आज देश में सबसे ज्यादा बाल श्रमिक भारत में ही है|

यही बाल श्रम, एक विक्राल रूप है उस परेशानी के रूप में जो समाज में फैली है| सरकार ने अब इस समस्या के लिए, कई योजनाये बनाई है, सर्वे किये व कई बड़े फैसले कर समितिया और कड़े कानून बनाये है| जिससे इस अपराध को रोका जा सके|

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प्रियंका दीपावली वेबसाइट की लेखिका है| जिनकी रूचि बैंकिंग व फाइनेंस के विषयों मे विशेष है| यह दीपावली साईट के लिए कई विषयों मे आर्टिकल लिखती है|
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One comment

  1. nice info keep it up

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