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दूरदर्शन टीवी सीरियल चित्रहार का इतिहास

Chitrahaar Doordarshan serial history in hindi चित्रहार, रंगोली और अंताक्षणी अपने समय के कुछ ऐसे टीवी सिरियल है, जिनकी यादे आज भी उनके दर्शको के दिल मे है. ये ऐसे सिरियल है जिनकी खुबसूरत झलकिया आज भी इनके दर्शको को मोह लेती है. ये कुछ उस समय के ऐसे प्रोग्राम थे,  जिनके लोग दर्शक न होते हुये भी इससे भली भाति परिचित थे| उदाहरण के लिए अगर मैं अपनी बात करू तो मेरा जन्म चित्रहार के प्रसारित होने के कई सालो बाद का है परंतु फिर भी मैं इससे भली भाति परिचित हूँ और इसकी रूपरेखा भी जानती हूँ.

दूरदर्शन टीवी सीरियल चित्रहार का इतिहास

Chitrahaar Doordarshan TV serial history hindi

चित्रहार और इसकी शुरवात :   चित्रहार उस समय का टीवी सिरियल है, जब सब लोगो के घर मे टीवी नहीं हुआ करते थे. और जिनके घरो मे टीवी होते थे, वहा पूरा मोहल्ला कुछ समय के लिए टीवी देखने के लिए उमड़ता था. उस समय केबल नहीं हुआ करते थे, लोग अपने टीवी पर एंटीना के जरिये दूरदर्शन चलाते थे.  यह सन 1960 का समय था, जब इस सिरियल की शुरवात दूरदर्शन पर हुई. केबल की अनुपस्थिति मे केवल एक चेनल था दूरदर्शन और इस पर कुछ गिने चुने प्रोग्राम ही प्रसारित होते थे, उन्ही मे से एक था चित्रहार.   देखते ही देखते इसकी लोकप्रियता बढती गयी. यह आज तक का सबसे ज्यादा समय तक दर्शको को मनोरंजन देने वाला सिरियल है.  घड़ी मे 7 बजते ही इस सिरियल का इंतजार चालू हो जाता था और जैसे ही 7:30 बजते थे, लोगो के घर के टीवी इस सिरियल को देखने के लिए खुल जाते थे. इस सिरियल के माध्यम से दर्शको तक उस समय के बॉलीवुड हिट और अच्छे गाने दर्शको तक पाहुचाए जाते थे, या ऐसा भी कहा जा सकता है कि यह सिरियल दर्शको के लिए नए गाने देखने का एक मात्र साधन था.    

chitrahaar

चित्रहार का इतिहास  (Chitrahaar history ): चित्रहार सन 1960 के दशक मे शुरू हुआ, सबसे लंबा चलने वाला टीवी सिरियल है. चित्रहार और उस समय के सुरीले गाने आज भी दर्शको के कान मे मधुर रस घोलते है. इस सिरियल के प्रसारित होने का समय आधा घंटा था और इस समय मे दर्शक क्लासिकल और उस समय के हिट गानो का लुफ्त उठाते थे .

चित्रहार से जुड़ी कुछ खास बाते हम नीचे तालिका मे बता रहे है :

सिरियल के प्रसारण का क्षेत्र इंडिया
प्रसारण की भाषा हिन्दी
प्रसारण का समय ½ घंटे
प्रॉडक्शन कंपनी दूरदर्शन इंडिया
नेटवर्क दूरदर्शन
रिलीस का समय 1960
उद्देश्य बॉलीवुड गानो का प्रसारण

चित्रहार दूरदर्शन टीवी सिरियल की प्रोग्राममिंग (Chitrahaar Doordarshan serial Programming)

आधा घंटे के लिए प्रसारित होने वाला यह प्रोग्राम नये गानो के प्रसारण के लिए अच्छा स्त्रोत था, इसके दर्शको की संख्या भी काफी अधिक थी. जब यह प्रोग्राम टीवी पर प्रसारित होता था, उस समय गानो के साथ साथ उसके लिरिक्स स्क्रीन पर नीचे की ओर लिखे हुये भी प्रसारित होते थे. इसका एक मात्र कारण जो दर्शक पढ़ना सीख रहे है, उनकी पढ़ने की आदत को प्रोत्साहन देना था. यह मुख्यत गावों मे रहने वाले दर्शको को प्रोत्साहित करने के लिए था. दूरदर्शन की साक्षरता से जुड़ी इस पहल को टेकनिकल रूप से इंडियन मेनेजमेंट इंस्टीट्यूट अहमदाबाद द्वारा सहयोग प्रदान किया गया था. 

अब इस सिरियल की लोकप्रियता को देखते हुये दूरदर्शन पर इसी तरह का एक प्रोग्राम रंगोली भी स्टार्ट किया गया. रंगोली सिरियल का प्रसारण का थीम भी यही था| इसमे भी फिल्मी गाने प्रसारित जाते थे, परंतु इसका समय 1 घंटा था.

परंतु अब केबल की बढ़ती पहुच के कारण दूरदर्शन की लोकप्रियता कम हो गयी, परंतु गांवों मे आज भी यह लोकप्रिय है. गावों मे आज भी कई लोग दूरदर्शन और इस पर प्रसारित प्रोग्राम देखते है. 

हमारे इस आर्टिक्ल मे हमने चित्रहार से संबन्धित कई जानकारी आप तक पहुचाने की कोशिश की है अगर आपके पास इससे जुड़ी और भी दिलचस्प बाते हो, तो हमासे साथ शेयर जरूर करे.  

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Sneha

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स्नेहा दीपावली वेबसाइट की लेखिका है| जिनकी रूचि हिंदी भाषा मे है| यह दीपावली के लिए कई विषयों मे लिखती है|
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2 comments

  1. acha laga kahi pe to dordarshan ki baate chal rahi hai

  2. स्नेहा जी , उस दौर की सबसे बड़ी बात ये थी कि दूरदर्शन के अलावा कोई चैनल नही आता था और दूरदर्शन के नाटको के इतनी सादगी होती थी जो हमको आजकल के नाटको ने नही मिल सकती है | उस समय चित्रहार और रंगोली जैसे कार्यक्रमों को हम बड़े चाव से देखते थे और उनमे प्रस्तुत गानों का अलग की आनन्द होता था लेकिन आजकल Youtube पर सब आ जाता है | वैसे आप दूरदर्शन के इतिहास और पुराने धारावाहिको के बारे में यहाँ ओर करीब से जान सकते है |

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