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7 वाँ वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ता दर, नियम व योग्यता | Dearness Allowance Rate Rules Eligibility Under 7th Pay Commission in hindi

7 वाँ वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ता दर, नियम, योग्यता | Dearness Allowance Rate Rules Eligibility Under 7th Pay Commission in hindi

महंगाई भत्ता वह भत्ता है, जो केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को उनके जीवन स्तर का अनुरक्षण करने के लिए देती है. इसका तात्पर्य ये है कि जो लोग केंद्र सरकार के अंतर्गत किसी विभाग में काम कर रहे हैं, उन्हें महंगाई भत्ता दिया जाएगा. कर्मचारियों को महंगाई भत्ता उनके वेतन के आधार पर दिया जाता है. इस तरह का अलाउंस अब तक केवल तीन देशों में दिया जाता रहा है. ये तीन देश हैं भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश. इसी के साथ यह अलाउंस कर्मचारी के कार्यक्षेत्र पर भी निर्भर करता है, अर्थात जिस स्थान पर कर्मचारी कार्यरत है, उस स्थान की महंगाई कितनी है. स्थान शहर है या गाँव क्षेत्र में स्थापित है. यह भत्ता पेंशन पाने वालों को भी प्राप्त होता है.

महंगाई भत्ता के नियम (dearness allowance rules)

महंगाई भत्ते का आरम्भ दूसरे विश्व युद्ध के आस पास हुआ. इसके बाद यह दो बार संशोधित किया गया. साल 1972 में इस भत्ते के लिए विशेष नियम और क़ानून बनाए गये, ताकि यह भत्ता केवल उन लोगों को मिले जो इसके लायक हैं, न की हर किसी को. महंगाई भत्ते के अनुसार आल इंडिया सर्विस एक्ट, 1951 के अंतर्गत कोई भी सरकारी सर्विस अफसर इस भत्ते का लाभ उठा पायेगा. इस लाभ के अंतर्गत उसे उसके वेतन पर तय प्रतिशत लगाकर अतिरिक्त रूपया महंगाई भत्ते के रूप में दिया जाएगा. निर्देशों के अनुसार, सरकारी कार्यालयों में काम करने वाले वैसे लोग जिन्हें तय वेतन (फिक्स्ड सैलरी) प्राप्त होती है. उन्हें सब- रूल 5, आईएएस के रूल 4 के 6A, आईपीएस के रुल 4 के, सब रुल 5, तथा आईएफएस के रूल 4 के सब रूल 6 के अंतर्गत केंद्रीय सरकार द्वारा घोषित महंगाई भत्ता दिया जाएगा.

dearness allowance

महंगाई भत्ता के लिए योग्यता: (dearness allowance eligibility)

भारत में महंगाई भत्ता का लाभ उठाने के लिए किसी भी व्यक्ति को भारत सरकार के किसी विभाग के अंतर्गत तय वेतन पर कार्य करना होगा. ऐसा कोई भी व्यक्ति जो आल इंडिया सर्विस एक्ट 1951 के अंतर्गत आता है, वह इस भत्ते का लाभ उठाने के योग्य है. आल इंडिया सर्विस रूल 1972 के अंतर्गत यह भत्ता तय वेतन के साथ प्राप्त होगा. सरकार दवारा तय प्रतिशत कर्मचारियों के लिए बराबर का होगा. इस भत्ते में कर्मचारी के घर का किराया भी सम्मिलित रहता है. पिछले वेतन आयोग के अंतर्गत यह भत्ता 125% पर जा कर रुक गया था.

इस भत्ते का लाभ वैसे भूतपूर्व कर्मचारी भी उठा सकते हैं, जिन्हें इस समय एक तय राशि पेंशन के तौर पर सरकार द्वारा प्राप्त हो रही है. वैसे पेंशनर जो विदेशों में पुनः कार्य करने के लिए नियुक्त किये गये उन्हें यह भत्ता प्राप्त नहीं होगा, किन्तु वैसे पेंशनर जो विदेश में रह तो रहे हैं, किन्तु किसी तरह के सर्विस से संलग्न नहीं हैं, उन्हें यह भत्ता प्राप्त हो सकेगा.

केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता व दर (6th pay commission DA rates from 1986 to 2018 in hindi):

सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता इस समय 125% का है, जो कि पिछले दर 119% से 6% अधिक है. साल 1972 के समय महंगाई भत्ते के लिए नियम क़ानून वगैरह तय कर दिए गये थे. उस समय से समय समय पर इस भत्ते का दर संशोधित होता रहता है. यह संशोधन वर्ष भर में 2 बार यानि प्रति छः महीने में संशोधित होता है. जनवरी 2015 में केंद्र सरकार द्वारा यह दर 113% किया गया था. दिसंबर 2015 में केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को 125% का महंगाई भत्ता प्राप्त होने लगा था. उसके बाद जून 2016 में 129.6%, दिसंबर 2016 में 128.67 प्रतिशत कर दिया गया था और अब जून 2017 की बात करें तो 6th पे कमिशन के हिसाब से 131 प्रतिशत कर दिया गया है. हालाँकि जनवरी 2018 में इसको 133% किया जा सकता है. जो कि विशेषज्ञों का अनुमान है.

महंगाई भत्ता कैलकुलेटर: (dearness allowance calculator)

यहाँ पर महंगाई भत्ते के गणना के विषय में दिया जा रहा है.

  • महंगाई भत्ता की गणना उपभोक्ता मूल्य सूचक अंक (कस्टमर प्राइस इंडेक्स) के आधार पर किया जाता है. मूल तौर पर यह भत्ता किसी भी सरकारी कर्मचारी के मूल वेतन पर निर्भर करता है.
  • महंगाई भत्ते की गणना के लिए सरकार एक दर तय करती है, जो कर्मचारियो के मूल वेतन पर लागू होता है तथा हाउसिंग रेंट अलाउंस के साथ यह भत्ता कर्मचारी को महीने के अन्त में वेतन के साथ प्राप्त होता है.
  • सरकार द्वारा तय महंगाई भत्ता प्रतिशत दर शहर और गाँव में नियुक्त सरकारी कर्मचारियों के लिए भिन्न भिन्न हो सकता है. पेंशनर के लिए जारी महंगाई भत्ता ‘करंट प्राइस लेवल’अथवा कस्टमर प्राइस इंडेक्स पर निर्भर करता है.

बैंकरों के लिए महंगाई भत्ता (6th pay commission dearness allowance bank employees):

बैंकरों के लिए भी यह महंगाई भत्ता करंट प्राइस लेवल पर निर्भर करता है. दिसम्बर 2015 में यह दर 1% द्वारा कम कर दिया गया था. किन्तु पिछले वर्ष बंकरों के महंगाई भत्ते में 2.8 % की वृद्धि हुई थी. साल 2016 के जनवरी, फरवरी और मार्च की सीपीआई देख कर विशेषज्ञों का कहना है कि इनके महंगाई भत्ते के दर में पुनः गिरावट आएगी. यह गिरावट मई के महीने के लिए सोची गयी थी.

महंगाई भत्ता अवलोकन:

आरम्भ साल 1972
2017 का दर 131 %
योग्यता PSU, सरकारी कर्मचारी, पेंशनर
गणना सीपीआई, सरकार द्वारा तय वेतन, कस्टमर प्राइस इंडेक्स

सातवें वेतन आयोग के आधार पर महंगाई भत्ता (expected da for central govt employees from january 2018):

सातवें वेतन आयोग के अंतर्गत महंगाई भत्ते का ब्यौरा नीचे दिया जा रहा है.

  • सूत्रों के अनुसार सरकार महंगाई भत्ते को 7% तक कर सकती है. मतलब सरकार अपने कर्मचारियों को 2 प्रतिशत का लाभ दे सकती है, जो कि साल 2018 जनवरी के माह से लागू हो सकता है.
  • यह भत्ता सरकार द्वारा अपने कर्मचारियों को जीवन यापन स्तर को बनाए रखने के लिए दिया जाता है. अतः वे सभी व्यक्ति जो केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों के कार्यालयों में कार्यरत हैं, उन्हें इस भत्ते लाभ प्राप्त पूर्ण रूप से प्राप्त होगा.
  • महंगाई भत्ते के लिए सरकार द्वारा तय किया गया दर ग्रामीण क्षेत्रों में तथा शहरी क्षेत्रों में नियुक्त कमचारियों के लिए अलग अलग हो सकता है. यह दरसल इन स्थानों की महंगाई पर निर्भर करता है.
  • केंद्र सरकार अपने भूतपूर्व कर्मचारियों के लिए भी यह भत्ता देती है. यदि कोई व्यक्ति केंद्र सरकार के किसी विभाग के अंतर्गत काम कर चुका है, और अभी एक निश्चित पेंशन का लाभ उठा रहा है, तो उसे ये भत्ता प्राप्त होगा.
  • 7th पे कमिशन में जुलाई 2017 में महंगाई भत्ता 5 प्रतिशत हो गया था, वहीँ इस जनवरी में इसमें बदलाव हो सकते हैं. महंगाई भत्ते में बदलाव देश में बढ़ने या घटने वाली महंगाई के ऊपर निर्भर करता है.

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