Diya Aur Bati Hum 28th January 2014 Episode 642 Update In Hindi

Sandya-Raathi-Diya-aur-baati-hum-karnal

First Scene :
भावो कहती है hyderabad जाने वाली train कि ticket बुक करा दे suraj और फिर कहती है कि sandhya बिन्दनी को phone लगा दे उसे भी बधाई दे दू | फिर भावो sandhya से कहती है आज तूने बहुत बड़ी ख़ुशी दी है| मेरी तरफ से मुह मीठा कर लेना और कोई उछल कूद में भाग मत लेना| पहले 3 महीने थोडा ध्यान रखना बस मैं आरही हूँ तुझे लेने | फिर मैं तेरा अच्छे से ध्यान रखूंगी फिर suraj को phone दे देती है suraj कहता है sandhyaji सब आपकी कमी को महसूस कर रहे है| और sandhya का phone बंद हो जाता है तो sandhya पैकिंग शुरु कर देती है |तभी roma वहा आती है और कहती है कि तुम सामान क्यों पैक कर रही हूँ तो sandhya कहती है मैं घर जा रही हूँ | तब roma कहती है कि Jakir कि बात का इतना बुरा लगा please तुम हिम्मत मत हारो और अपने आप को prove करो एक सिपाही कभी हार नहीं मानता | तब sandhya कहती है कि अब में यहाँ नहीं रुक सकती मुझे जाना होगा मैं माँ बनने वाली हूँ |Roma भी स्तब्ध हो जाती है sandhya कहती है कि class का टाइम हो गया तुम जायो roma |

Suraj बहुत उदास है उसे सब याद आता है कैसे उसने sandhya से वादा किया था कि देख लीजिये ये ticket है ठीक 11 महीने बाद आपको लेने आऊंगा और उस दिन मेरे साथ मेरी पत्नी ही नहीं बल्कि IPS officer आयेगी | तभी बाबा सा suraj के पास आते है और कहते कि तू खुश नहीं है तेरे चेहरे पर पिता बनने की कोई ख़ुशी नहीं दिख रही है | suraj कहता है कि कितनी आस लगाकर sandhya यहाँ तक पहुची थी | अब ये सब हो गया सिर्फ मेरी वजह से sandhyaji को ख़ाली हाथ लौटना पड रहा है तब बाबा सा कहते है अरे बेटा ऐसा मत सोच तूने तो sandhya बिन्दनी के सपने को जिया है तेरे जैसे पति कि तो लोग मिसाले देते है सब | और रही बात sandhya बिन्दनी के IPS officer बनने कि तो भगवान ने कुछ न कुछ सोचा होगा तू चिन्ता मत कर सब ठीक हो जायेगा |

second scene :
suraj भावो और बाबा सा स्टेशन के लिये निकलते है suraj को ऑटो में बेठे सब याद आता है कि sandhya ने कैसे संघर्ष किया किस तरह यहाँ तक पहुची | कितनी मुश्किले आई IPS officer बनने के लिए | sandhya भी सारी formality पूरी करने चल देती है |

Third scene :
भावो कहती है ऐसे समय में जी मचलता है तो में sandhya बिन्दनी के लिए आवले को गोली लाई हूँ |तभी Roma sandhya से मिलने आती है और कहती है कि तुम mess में नहीं आई तो हम तुम्हारी coffee लेकर यही आगये| तभी sandhya कि uniform press होकर आती है वो बड़े प्यार से उसे देख कर अपने सपने को याद करती है |roma फिर कहती है आखिर तुमने जाने का फैसला कर ही लिया| यहाँ तक आने के लिए तुमने कितनी मेहनत की है तुम खुश तो हो | तब sandhya कहती है कि हा मैं खुश हूँ तब roma कहती है कि तुम्हारे चेहरे से ऐसा नहीं लगता है| तो rahul कहता है कि sandhya अपना abortion करा लो और अपना सपना पूरा कर लो |

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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