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पृथ्वी दिवस का महत्व | Earth Day Importance in hindi  

Earth day importance in hindi  पृथ्वी को संरक्षण प्रदान करने के लिए और सारी दुनिया से इसमें सहयोग और समर्थन करने के लिए पृथ्वी दिवस मनाया जाता है. यह दिवस 22 अप्रैल को मनाया जाता है. यह वार्षिक तौर पर प्रतिवर्ष मनाया जाता है. इस दिन को 193 देशों ने अपना समर्थन प्रदान किया. अब इसके लिए विश्व स्तर पर कार्यकर्म को समन्वित किया जा रहा है. कई समुदायों ने पृथ्वी सप्ताह का समर्थन करते हुए पुरे सप्ताह पुरे विश्व के पर्यावरण सम्बन्धी मुद्दों पर ध्यान केन्द्रित कर पृथ्वी को बचाने के लिए अनुकरणीय कदम उठाने का फैसला किया गया है. विश्व पर्यावरण दिवस संरक्षण कविता व निबंध यहाँ पढ़ें.

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पृथ्वी दिवस का इतिहास (Earth day history facts)

जब पहला पृथ्वी दिवस जब मनाया गया, तब यूनाइटेड स्टेट के दो हजार से अधिक कॉलेज और यूनिवर्सिटी साथ ही हजार प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल के अनेक समुदायों ने इसमें भाग लिया और शांतिपूर्ण ढंग से पर्यावरण की गिरावट के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन किया. 1970 में पहला पृथ्वी दिवस मनाया गया. तब से 22 अप्रैल को आधुनिक पृथ्वी दिवस के रूप में मनाया जाने लगा. इस दिवस की स्थापना अमेरिकी सीनेटर अर्थात (वहा के सांसद को सीनेटर शब्द से सम्बोधित किया जाता है), जेराल्ड नेल्सन ने की थी. पृथ्वी दिवस एक बहुत ही दुर्लभ राजनीतिक पंक्ति योजना साबित हुई, जिसमे सबने अपना समर्थन दिया. जिनमे शामिल है रिपब्लिकन और डेमोक्रेट, अमीर और गरीब, बड़े व्यवसायी, सांसद और मजदुर किसान सभी ने समर्थित किया. इसके बाद साल के अंत में संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के पर्यावरण संरक्षण एजेंसी ने प्रथम पृथ्वी दिवस का निर्माण कर स्वच्छ वायु, स्वच्छ पानी और जो भी प्रजातियाँ पृथ्वी से लुप्त हो रही है उनको संरक्षित करने का अधिनियम पारित किया. इस अधिनियम की अविश्वसनीयता थी कि उनके मन में डर था कि कही यह पारित न हो पाया तो, उसके बारे में कहा गया कि यह एक जुए के समान था, लेकिन यह फिर भी पारित हो गया और इस अधिनियम ने काम भी किया.

फिर 1990 में पर्यावरण संरक्षण के नेताओं के समूह ने डेनिस हायेस को एक बड़े से संगठनिक तौर पर कैंपेन करने की सलाह दी. समय के साथ पृथ्वी दिवस को देश भर में चलाया गया, जिसमे 141 देशों से 200 मिलियन तक के लोगों को इकठ्ठा करके पर्यावरण के मुद्दों को विश्व स्तर पर उठाने के लिए प्रेरित किया गया. पृथ्वी दिवस से 1990 में दुनिया भर में अपशिष्ट पदार्थों के रीसाइक्लिंग के प्रयासों में वृद्धि हुई, तथा इस का परिणाम यह हुआ कि 1992 में रिओ डे जेनेरियो में संयुक्त राष्ट्र पृथ्वी शिखर सम्मलेन का मार्ग प्रशस्त हुआ. इस काम के प्रयास के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने सीनेटर नेल्सन को पृथ्वी दिवस के संस्थापक के रूप में 1995 में राष्ट्रपति पदक पुरस्कार प्रदान किया. यह पुरस्कार संयुक्त राज्य में दिया गया किसी भी नागरिक को सर्वोच्च पुरस्कार होता है. सन 2000 में डी सी में नेशनल माल पर सैकड़ों लोग इकट्ठे हुए और उन्होंने दुनिया भर के नेताओं को यह स्पष्ट संदेश भेजा और जोर देते हुए कहा कि दुनिया भर के नागरिकों को ग्लोबल वार्मिंग और स्वच्छ पर्यावरण के मुद्दों पर तुरंत करवाई करनी चाहिए. लोगों को इकट्ठे करने में इन्टरनेट ने इस वर्ष महत्वपूर्ण भूमिका निभाई क्योकि यह लोगों को आसानी से जोड़ने में सहायक है. यह पहला ऐसा साल था, जिसमे पृथ्वी दिवस के संगठन के द्वारा इन्टरनेट का उपयोग किया गया. इन्टरनेट आज की आवश्यकता पर निबंध यहाँ पढ़ें.

1970 के तर्ज पर ही 2010 में पर्यावरण का मुद्दा एक बड़ी चुनौती के रूप में पर्यावरणीय लोगों के सामने आया, क्योंकि इसका कारण नेताओं को पर्यावरण को लेकर उदासीनता बढती जा रही थी और विश्व भर का समुदाय खराब पर्यावरण से प्रभावित होता जा रहा था. इन सभी चुनौतियों के बावजूद पृथ्वी दिवस प्रबल रूप से प्रसंसनीय है. इस बात को प्रदर्शित करने के लिए इस दिन को 2,50,000 लोगों को जलवायु रैली के लिए नेल्सन मॉल में लाया गया, और सबके साथ पर्यावरण सेवा प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई. जिसमे इस संगठन ‘बिलियन एक्ट्स ग्रीन’ के द्वारा एक वैश्विक वृक्षारोपण की पहल की शुरुआत की, जोकि बाद में कैनोपी प्रोजेक्ट के रुप मे आगे बढ़ी. इसमें 192 देशों के 22000 पार्टनरों ने भाग लिया.

वर्तमान में पृथ्वी दिवस को एक पर्व की तरह दुनिया भर में मनाया जाने लगा है. यह हर एक साल एक अरब से अधिक लोगों के द्वारा मनाया जाता है और एक दिन के दिनचर्या को पर्यावरण के कार्य के लिए समर्पित किया जाता है. वर्तमान में स्वच्छ वातावरण का मुद्दा गंभीर होता जा रहा है क्योंकि जलवायु में परिवर्तन विनाशकारी रूप धारण करते जा रहे है. इस दिवस को उस दिन मनाया जाता है, जिस दिन दिन और रात एक बराबर होती है. यह दिन अधिकांशतः 20 मार्च को होता है इस दिन को एक परम्परा के रूप में मनाया जाता है.

पृथ्वी दिवस का महत्व  (Earth day importance in hindi)

इसका महत्व इसलिए बढ़ जाता है कि ग्लोबल वार्मिंग के बारे में पर्यावरणविद के माध्यम से हमें पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव का पता चलता है. जीवन संपदा को बचाने के लिए पर्यावरण को ठीक रखने के बारे में जागरूक रहना आवश्यक है. जनसंख्या की बढ़ोतरी ने प्राकृतिक संसाधनों पर अनावश्यक बोझ डाल दिया है. इसलिए इसके संसाधनों के सही इस्तेमाल के लिए पृथ्वी दिवस जैसे कार्यकर्मो का महत्व बढ़ गया है. लाइव साइंस आईपीसीसी अर्थात जलवायु परिवर्तन पर अंतर-सरकारी पैनल के मुताबिक 1880 के बाद से समुद्र स्तर 20% बढ़ गया है, और यह लगातार बढ़ता ही जा रहा है. यह 2100 तक बढ़ कर 58 से 92 सेंटीमीटर तक हो सकता है, जो की पृथ्वी के लिए बहुत ही ख़तरनाक है. इसका मुख्य कारण है ग्लोबल वार्मिंग की वजह से ग्लेशियरों का पिघलना जिसके करण पृथ्वी जलमग्न हो सकती है. आईपीसीसी के पर्यावरणविद के अनुसार 2085 तक मालदीव पूरी तरह से जलमग्न हो सकता है. ग्लोबल वार्मिग के कारण प्रभाव व समाधान पर निबंध यहाँ पढ़ें.

पृथ्वी दिवस का महत्व मानवता के संरक्षण के लिए बढ़ जाता है, यह हमें जीवाश्म इंधन के उत्कृष्ट उपयोग के लिए प्रेरित करता है. इसको मनाने से ग्लोबल वार्मिंग के प्रचार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है जो की हमारे जीवन स्तर में सुधार के लिए प्रेरित करता है. यह उर्जा के भण्डारण और उसके अक्षय के महत्व को बताते हुए उसके अनावश्यक उपयोग के लिए हमे सावधान करता है. कार्बन डाई ऑक्साइड और मीथेन उत्सर्जन की गतिविधियों की वजह से पर्यावरण अपने प्राकृतिक रूप में स्थिर रहता है.1960 के दशक में कीटनाशकों और तेल के फैलाव को लेकर जो जनता ने जागरूकता दिखाई थी, उस जागरूकता की वजह से नई स्वच्छ वायु योजना बनी थी. इस वजह से अब जो भी नया विधुत सयंत्र बनता है, उसमे कार्बन डाइऑक्साइड को कम मात्रा में उत्सर्जित करने के लिए अलग यन्त्र लगाया जाता है. जिससे की पर्यावरण में इसका कम फैलाव हो और नुकसान कम हो.

इसलिए अप्रैल 22 को सीनेटर नेल्सन ने कहा कि वह व्यक्ति इस दुनिया में पर्यावरण से अलग नहीं रह सकता, जो अंतराष्ट्रीय दिवस को छुट्टी का दिन न बना कर दुनिया भर के लोगों को ग्लोबल वार्मिंग के लिए जागरूक करता है और प्रौधोगिकी के क्षेत्र में निवेश करता हो.

पृथ्वी दिवस का नामकरण (Earth day name creator)  

कैलिफोर्निया के सांता बारबरा में 1969 में गायलोर्ड नेल्सन को बड़े पैमाने पर तेल गिरने के बाद, बिजली सयंत्र, प्रदुशित अपशिष्ट पदार्थों, जहरीली धुआं, जंगल की हानि और वन्यजीवों के विलुप्त होने के खिलाफ़ पर्यावरण पर ध्यान के लिए इस दिवस को मनाने का विचार आया. वह छात्र युद्ध विरोधी गतिविधियों से बहुत प्रेरित हुए. उन्होंने ऐसा महसूस किया कि अगर हवा और जल को इन जागृत नव चेतना के साथ सम्मलित कर दे, तो वह पर्यावरण चेतना को राष्ट्रीय राजनीतिक एजेंडे में सम्मिलित कर इसको आगे बढ़ा सकते है. सीनेटर नेल्सन ने यह घोषणा की और राष्ट्रीय मीडिया के सामने अपने विचार रखते हुए पर्यावरण पर राष्ट्रीय शिक्षा के विचार को कार्य रूप में लाने के लिए, उन्होंने रिपब्लिकन कांग्रेस नेता पीट एमसी क्लोस्केय और डेनिस हायेस को राष्ट्रीय समन्वयक के रूप में भर्ती किया. उन्होंने देश भर में इसे बढ़ावा देने के लिए 85 राष्ट्रीय कर्मचारियों की परीक्षा ली. उसके बाद 22 अप्रैल को परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद उन कर्मचारियों का चुनाव किया गया. 

नेल्सन के अनुसार पृथ्वी दिवस के नाम को कई लोगो द्वारा सुझाया गया इसके साथ ही उनके दो दोस्त जिनमे से एक जुलियन कोएनिग थे, जोकि न्यू यॉर्क विज्ञापन में कार्यकारी थे. साथ ही वह नेल्सन की संगठित समिति के भी सदस्य थे उन्होंने भी सुझाव दिया. संयोगवश 22 अप्रैल को जिस दिन को पृथ्वी दिवस के लिए चुना गया, वह दिन नेल्सन का जन्म दिन भी था. इसके नाम को नेल्सन ने पर्यावरण शिक्षा पत्र कहा लेकिन राष्ट्रीय समन्वयक डेनिस हेज ने इसे मीडिया के सामने पृथ्वी दिवस के रूप में संबोधित किया, जो कि व्यावहारिक रूप से इस्तेमाल होने लगा.   

पृथ्वी दिवस मनाने का कारण (Why Earth day celebrated)

पृथ्वी बहुत ही सुंदर ग्रह है जिसका एक बड़ा भाग पानी से ढका हुआ है जिसको पानी की  अधिकता के कारण ब्लू प्लैनेट के रूप में भी जाना जाता है, ग्लोबल वार्मिंग की वजह से यह सुंदर ग्रह अब खतरे में नज़र आ रहा है जिसको बचाने के लिए पृथ्वी दिवस जैसे जागरूक कार्यक्रम को चलाकर सबको इसे बचाने के लिए जागरूक करने की आवश्यकता है. 22 अप्रैल को नेल्सन ने इसलिए चुना कि क्योंकि अप्रैल के समय में हर स्कूल और कॉलेज में छुट्टियों का समय रहता है.

पृथ्वी दिवस मानाने का तरीका (Earth day celebration)

इस दिन लोग पेड़ पौधे को लगाते है, गंदगी की सफाई के लिए जो भी कार्यक्रम चलाये जाते है उनमे भाग लेते है, और पृथ्वी को पर्यावरण के माध्यम से सुरक्षित रखने वाले विषय वस्तु के सम्मलेन में भाग लेते है. लेकिन इस दिन को सरकारी तौर पर छुट्टी का दिन नहीं घोषित किया गया है. सामन्यतः पृथ्वी दिवस के दिन लोगों के द्वारा पेड़ों को लगाकर आस पास की सफाई करके इसे उत्सव के रूप में मनाया जाता है. इस तरह के आयोजन में लाखों लोग भाग लेते है और अपनी रूचि दिखाते है और आयोजन को सफल बनाने का प्रयास भी करते है.        

पृथ्वी दिवस का गीत (Earth day song)

पृथ्वी दिवस को अंतराष्ट्रीय स्तर पर मनाते हुए उनके लिए गीत का निर्माण हुआ है इसको कई देशों में गाया जाता है. यह दो प्रकारों में गया जाता है एक समकालीन कलाकारों द्वारा गाये गए गीत और दूसरा आधुनिक कलाकरों द्वारा. यूनेस्को ने भारतीय कवि अभय कुमार की रचनात्मक और प्रेरित करने वाले गीत के लिए प्रशंसा की है. इसे कई भाषाओँ में जैसे अरेबिक, चाइनीज, अंग्रेजी, फ्रेंच, रशियन, स्पेनिश में गाया गया है. इसको और भी दो भाषाओँ में गाया गया है हिंदी और नेपाली.

2013 के पृथ्वी दिवस सम्मलेन के अवसर पर कपिल सिबल और शशि थरूर ने नई दिल्ली के भारतीय सांस्कृतिक परिषद् कार्यक्रम में इसे लागु किया. बाद में शैक्षिक उदेश्यों के लिए उपयोग करना शुरू किया. पृथ्वी दिवस गाने को ब्रिटिश काउंसिल स्कूल के ऑनलाइन स्कूल, रीजेंट स्कूल, यूरो स्कूल, काठमांडू, लोरेटो डे स्कूल कोलकाता के साथ ही और भी स्कूलों में भी गाया गया. इस गीत को लोग ‘पृथ्वी गान’ के रूप में गाते है. इस तरह के गीत मानवता के लिए वैश्विक संगठन द्वारा भी समर्थित है.

यू. एस. काउंसिल जनरल जेनिफ़र मैकेंतिर ने पृथ्वी गीत के लिए कुमार की प्रसंशा की. अकादमी अवार्ड विजेता हॉलीवुड के डायरेक्टर जेफ्फिरे डी. ब्राउन ने कहा की यह मानवीय लोगों के लिए उत्सव के रूप में है.   

पृथ्वी दिवस की प्रमुख घटनाएँ (Earth day incidents)

पृथ्वी दिवस यूनाइटेड स्टेट अमेरिका अर्थात संयुक्त राष्ट्र ने 1995 तक 5 पृथ्वी दिवस सामारोह का समन्वय किया. फिर 25 वी वर्षगाठ के बाद इसको बैटन को सौप दिया गया. फिर 2007 का पृथ्वी दिवस सबसे बड़े तौर पर मनाया गया, इसमें बहुत से देशों के लोगों ने भाग लिया जैसे कि कीव, यूक्रेन, कैरकस, वेनुजुएला, मनिला, टवालू, फिलीपींस, टोगो, मेड्रिड, स्पेन, लंदन और न्यू यॉर्क. 2012 के कैलिफोर्निया में जनसंख्या स्थिरीकरण समूह को मानव सोच से बदलकर उसके मुख्य धारा पर्यावरण विकास की तरफ ध्यान दिया गया. छात्रो और युवाओ को भी पर्यावरण सम्बन्धी समस्याओं को कम करने में रूचि लेने के लिए जागरूक किया गया.

पृथ्वी दिवस 2017 के लिए इसके नेटवर्क संस्था ने पर्यावरण और जलवायु साक्षरता विषय के बारे में लोगो को जागरूक करने के लिए 4 टूलकिट्स का निर्माण किया. जो निम्न प्रकार से है-

  1. पृथ्वी दिवस कार्यवाही टूलकिट्स – यह पर्यावरण परिवर्तन पर लोगों को जागरूक कर उन्हें शिक्षित करने का कार्य करेगा. सारी कार्यवाहियों पे नजर रखेगा.
  2. पर्यावरणीय शिक्षण टूलकिट्स
  3. स्थानीय सरकारों से बातचीत के लिए ग्लोबल दिवस टूलकिट्स  
  4. मोबिलिज़े यू के कैम्पस में शिक्षण के बारे में टूलकिट्स

इसके माध्यम से पर्यावरण के बारे में ज्यादा जानकारी प्राप्त कर हम इसके बचाव में अपना योगदान दे सकते है. 2017 में भी हर वर्ष के भातिं पृथ्वी दिवस के दिन विज्ञान रैली के रूप में  मार्च किया गया और वाशिंगटन के नेशनल मॉल में पर्यावरण शिक्षा पर बात हुई और इसको पढ़ा गया. विज्ञान के चमत्कार यहाँ पढ़ें.

अलग अलग वर्ष में पृथ्वी दिवस की थीम या विषय वस्तु (Earth day subject lines)

हर वर्ष पृथ्वी की एक अलग थीम होती है और उस थीम के आधार पर ही उस वर्ष के मुख्य समस्याओं पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है. जैसे-

  1. 2007 की पृथ्वी दिवस की थीम का विषय था कि संसाधनों को बचा कर इसका इस्तेमाल करना चाहिए, ये आपके द्वारा धरती को सुरक्षित रखने में इस पर सहयोग करे.
  2. 2008 में इसकी विषय वस्तु थी कृपया पेड़ों को लगाये और धरती को बचाए.
  3. 2009 में विषय वस्तु थी कि पृथ्वी को अगर सुरक्षित नहीं किया तो आप मिलेंगे कैसे.
  4. 2010 का विषय था ‘अधीन करना’ इसका अर्थ हुआ कि जो भी संसाधन आपको उपलब्ध हो रहे है, उसके अधीन ही रह कर आप संसाधनों का इस्तेमाल करे.
  5. 2011 का विषय था ‘हवा को स्वच्छ रखे’ इसका अर्थ यह हुआ कि जो भी वायू प्रदुषण फ़ैलाने वाले यंत्र है, उनको सही तरीके से इस्तेमाल करे ताकि प्रदुषण जनित हवा कम निकले.
  6. 2012 का विषय था ‘पृथ्वी को जुटाना’ अर्थात सभी देश मिलकर इस विपदा से बचने के लिए एक जुट होकर प्रयास करे.
  7. 2013 का विषय था जलवायु का परिवर्तित होता चेहरा.
  8. 2014 का विषय था ‘ग्रीन सिटीज’ इसका तात्पर्य शहरों को भी हरियाली से जोड़े.
  9. 2015 का विषय था ‘पृथ्वी दिवस पर पानी की एक अदभुत दुनिया में’ था, इसके साथ ही यह भी था ‘साफ़ पृथ्वी और हरयाली से भरी हुई पृथ्वी’.
  10. 2016 का विषय था पृथ्वी दिवस के उपलक्ष्य में धरती को सुरक्षित रखने के लिए पेड़ बहुत जरुरी है इसलिए इसके बचाव पर ज़ोर देना चाहिए.
  11. 2017 में पृथ्वी दिवस की विषय वस्तु है ‘पर्यावरण और जलवायु साक्षरता’.

पृथ्वी दिवस के बारे में कुछ प्रसिद्ध हस्तियों के चर्चित बोल (Earth day quotes)

  1. ग्रेग द्वोर्किन के अनुसार पृथ्वी दिवस का कार्यक्रम 175 देशों में एक अरब से ज्यादा लोगों को पृथ्वी दिवस के रूप में जोड़ कर पर्यावरण के बचाव के लिए प्रेरित करता है, न की यह चाय पार्टियों के लिए प्रस्तावित करता है.
  2. जेरी कोस्टेल्लो ने लोगो को उत्साहित करते हुए ये आह्वान किया और कहा कि इस पृथ्वी दिवस के जश्न में मै सभी को हमारे राष्ट्र के नदियों, झीलों, पानी के साफ़ सफाई और उनके गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए सभी सीनेटरों या सदन के सदस्यों से अनुरोध करता हूँ कि वो इस क्षेत्र में निवेश करे.
  3. जक्की स्पीयर के अनुसार हर दिन पृथ्वी दिवस होना चाहिए हर दिन हमें सुरक्षित जलवायु के लिए भविष्य में निवेश करते रहना चाहिए, इसके लिए मै हमेशा वोट देने के लिए तैयार हूँ.
  4. बैरी कोम्मोनेर के अनुसार 1970 का पृथ्वी दिवस सबसे महत्वपूर्ण था. अमेरिकी लोग पर्यावरण के खतरे को समझते हुए इस पर कार्यवाही की मांग कर रहे थे.
  5. जय इन्स्ली के अनुसार हमने पृथ्वी दिवस के रूप में एक बड़ी सफलता पाई है, क्योकि इस तरह के कार्यक्रम को देश ने बहुत ही भावनात्मक तरीके से गले लगते हुए, और इस पर दूरदर्शी सोच रखते हुए पर्यावरण बचाव और उर्जा संरक्षण नीति को बढ़ावा मिला है.
  6. इंग्रिड न्यूक्रिक के अनुसार, अगर हम जलवायु परिवर्तन के विनाशकारी प्रभाव को रोकते हुए, और भूमि, वायु, पानी और अन्य प्राकृतिक संसाधन को रोकते हुए, जानवरों के दुखों को कम करने का प्रयास करते है तो हमारे लिए हर दिन ही पृथ्वी दिवस है और इसे हमे हर दिन मनाना चाहिए.
  7. स्कॉट पीटर्स के अनुसार, पृथ्वी दिवस हमे अपने ग्रह को रहने योग्य बनाने के लिए और इसे सुरक्षित रखने के लिए हम क्या कर रहे है, इस बात को प्रतिबिम्बित करती है, और हमे प्रोत्साहित करती है.
  8. वेन्डेल बेर्री के अनुसार, इस पृथ्वी पर जितनी भी प्रजाति है अर्थात हम सभी एक समान है.
  9. हेनरी डेविड के अनुसार, भगवान का शुक्र है कि इन्सान उड़ नहीं सकता, नहीं तो यह आकाश को भी गन्दा कर देता पृथ्वी की तरह और उसे बर्बादी के कगार तक पंहुचा देता.
  10. चार्ल्स ए. के अनुसार, आदमी को पृथ्वी के महत्व को जानने के लिए सबसे पहले उसे इसके मूल्यों को पहचानते हुए इसे महसूस करना चाहिए, भगवान ने पृथ्वी और इस पर बसे जीवों इंसानों को सरल बनाया लेकिन मनुष्य ने सरल जीवन को भी उलझा दिया.
  11. रहेल कार्सन के अनुसार जो लोग पृथ्वी की सुन्दरता को लम्बे समय तक देखना चाहते है और इसे बचाए रखना चाहते है, तो वो इसके भण्डारण की ताकत को भी बहुत अच्छी तरह से समझते है.
  12. रविन्द्र नाथ टैगोर के अनुसार पृथ्वी को पेड़ से सजाकर स्वर्ग जैसा बनाने के लिए प्रयास करते रहना चाहिए, पेड़ से बाते करना उन्हें सुनना ये सब महसूस करना ही स्वर्ग सी अनुभूति देता है.
  13. अमित रे के अनुसार भगवान स्वर्ग बनाना चाहते थे और उन्होंने पृथ्वी जैसे गृह का निर्माण स्वर्ग के रूप में कर दिया, पुरे ब्रह्माण्ड में पृथ्वी जैसा जीवन, सुन्दरता, प्यार और इतनी शांति कही भी नहीं मिलेगी, इसलिए जब की आप इस पृथ्वी के निवासी है तो आप यहाँ रहने का आनंद ले और मिल जुल कर सभी प्राणियों केसाथ रहे.
  14. विक्टर पस्काविच के अनुसार, यह पृथ्वी दिवस है तो क्या यह हम मान सकते है कि दूसरों की तुलना में हम ज्यादा पेड़ लगाकर बदलाव कर सकते है.
  15. ऐलिस वालकर के अनुसार, मैंने ये मान लिया था की धरती और इससे जुड़े भावना को बचाना मुश्किल है लोग इसे विनाश की तरफ ले जा रहे है, लेकिन पृथ्वी पर रहने वाले जीव बहुत बुद्धिमान है क्योकि वे इसे बचाए रखने के लिए अपनी जवाबदेही को पहले ही समझ के इसके लिए प्रयासरत है.             

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विभूति दीपावली वेबसाइट की एक अच्छी लेखिका है| जिनकी विशेष रूचि मनोरंजन, सेहत और सुन्दरता के बारे मे लिखने मे है| परन्तु साईट के लिए वे सभी विषयों मे लिखती है|
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