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एजुकेशन लोन के प्रकार , योग्यता तथा लाभ | Education Loan, eligibility Criteria, Type, Importance, benefits Information in hindi

एजुकेशन लोन क्या है? इसके प्रकार , योग्यता तथा लाभ के बारे में जानकारी | What is Education Loan |  eligibility Criteria | type | importance | benefits Information in hindi

इन दिनों हर क्षेत्र में सभी सुविधाओं का ख़र्च बढ़ने के साथ साथ एजुकेशन का ख़र्च भी काफी बढ़ गया है. युवाओं को अपने सपने पूरे करने के लिए कठिन परिश्रम के साथ साथ पैसों की भी ज़रुरत है. कई बार परिवार की आर्थिक स्थिति सही न होने पर कई युवा अपनी पढाई पूरी नहीं कर पाते और उनके सपने अधूरे रह जाते हैं. इस समस्या को समाप्त करने के लिए कई बैंक और आर्थिक संस्थाएं अध्ययन के लिए ऋण देने की मुहीम शुरू कर रही है, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को अपने सपने पूरे करने के मौके मिल सकें. इस लोन के सहारे युवा विदेश जा कर भी अपने मन के मुताबिक पढाई कर सकते हैं. ये ऋण इन संस्थाओं द्वारा कुछ शर्तों पर दिए जाते हैं. यहाँ पर इस लोन के विषय में आवश्यक बातें दी जा रही हैं.

एजुकेशन लोन के लिए योग्यता (Education Loan eligibility criteria)

  • एजुकेशन लोन पाने के लिए आवेदक को सर्वप्रथम भारत का नागरिक होना आवश्यक है.
  • आवेदक का देश के किसी अधिकार युक्त यूनिवर्सिटी में दाखिला होना आवश्यक है.
  • आवेदक की हायर सेकेंडरी पूरी होनी चाहिए. हालांकि कुछ बैंक ऐसे भी हैं, जो दाखिले से पहले भी लोन देते हैं.
  • यद्यपि भारतीय रिज़र्व बैंक के नियमों के अनुसार इस लोन को प्राप्त करने के लिए कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं है, किन्तु कई बैंक अपने नियम और शर्तों में अधिकतम आयु की सीमा रखता है.

एजुकेशन लोन के लिए आवश्यक दस्तावेज़ (Education Loan documents required in hindi)

बैंक अक्सर कुछ अतिरिक्त दस्तावेज़ की मांग करता है, इन अतिरिक्त दस्तावेजों में अक्सर शिक्षण संस्थानों से दाख़िला- पत्र (एडमिशन लैटर), फीस स्ट्रक्चर, की सूची, कक्षा 10वीं, 12वीं बोर्ड एग्जाम का रिजल्ट और आवश्यकता होने पर ग्रेजुएशन तक का रिजल्ट, सैलरी स्लिप, आईटीआर आदि होते हैं. कुछ आवश्यक दस्तावेज़ जो प्रायः हर आर्थिक संस्थानों में एजुकेशन लोन के लिए मांगे जाते हैं. इस प्रकार हैं –

  • आवासीय प्रमाण पत्र मसलन राशन कार्ड, बैंक पासबुक, वोटर आईडी आदि.
  • दाख़िला प्रमाण पत्र.
  • पिछले भुगतान किये गये फीस का प्रमाण.
  • विद्यार्थी और अभिभावक का आधार तथा पैन कार्ड.

एजुकेशन लोन सम्बंधित कुछ विशिष्ट बातें (Education Loan important facts)

  • एजुकेशन लोन क्या करता है : एजुकेशन लोन अक्सर किसी विद्यार्थी के कॉलेज की मूलभूत फीस तथा पढाई- लिखाई और अन्य तरह की चीज़ों के ख़र्च का सारा भार वहन करता है.
  • कौन अप्लाई कर सकता है : किसी आर्थिक संस्थान से शिक्षा ऋण पाने के लिए सर्वप्रथम विद्यार्थी को आवेदन देना होता है. विद्यार्थी ही मुख्य आवेदन देगा. अभिभावक उप आवेदक होते हैं.
  • किन्हें लोन मिल सकता है : यह ऋण उन भारतीय विद्यार्थियों को मिल सकता है, जो भारत में रहकर अथवा विदेश जा कर अपनी पढाई पूरी करना चाहते हैं. इसके लिए संस्थानों द्वारा दी जाने वाली अधिकतम राशि संस्थानों पर निर्भर करती है.
  • क्या क्या कोर्स हो सकते हैं : यह ऋण विभिन्न पार्ट टाइम, फुल टाइम, वोकेशनल, ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, इंजीनियरिंग कोर्स, मैनेजमेंट, मेडिकल, होटल मैनेजमेंट आदि के लिए प्राप्त किया जा सकता है.

एजुकेशन लोन के प्रकार (Education Loan types)

भारत की शिक्षा व्यवस्था को देखते हुए चार तरह के एजुकेशन लोन होते हैं.

  • अंडरग्रेजुएट एजुकेशन लोन : वे विद्यार्थी जिन्होंने अपनी हायर सेकेंडरी शिक्षा पूरी कर ली हो, और तीन अथवा चार साल के ग्रेजुएशन कोर्स को पूरा करना चाहते हो, वह इस लोन के लिए आवेदन दे सकता है.
  • ग्रेजुएट एजुकेशन लोन : ग्रेजुएट छात्र / छात्रा ही इसका फायदा उठा सकते हैं. वे अपनी उच्च शिक्षा के लिए एजुकेशन लोन ले सकते हैं.
  • करियर एजुकेशन लोन : करियर एजुकेशन लोन उन विद्यार्थियों को मिल पाता है, जो देश के किसी टेक्निकल स्कूल अथवा सस्थानों में अपनी रूचि के तहत पढाई करना चाहते हैं, मसलन इंजीनियरिंग.
  • अभिभावकों के लिए लोन : वे अभिभावक अथवा सगे सम्बन्धी जो अपने किसी बच्चे को पढ़ाने में सक्षम नहीं हैं, यानि उसकी पढ़ाई और पढाई सम्बन्धी अन्य चीज़ों के खर्चे नहीं उठा पा रहे है, वे अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए इस लोन का आवेदन दे सकते हैं. इससे वे एजुकेशन की ओर अपने बच्चों को बढ़ावा देने के लिए अग्रसर होंगे.

एजुकेशन लोन के फायदे (Education Loan benefits)

एजुकेशन लोन से कई तरह के फायदे होते हैं, जिसका वर्णन नीचे किया जा रहा है –

  • उच्चतम शिक्षा का सुलभ रास्ता : तात्कालिक दौर में विद्यार्थियों को अपनी शिक्षा का भार खुद उठाना अनिवार्य हो गया है. इससे वे जल्द से जल्द अपनी जिम्मेवारियों को समझ पाते हैं. साथ ही ऋण लेकर पढने के बाद जब नौकरी मिलती है उस समय ऋण का पैसा कटता है. अतः ऐसी स्तिथि में पढाई एक बोझ की तरह नहीं लगती है.
  • विभिन्न स्तर के लोगों के लिए मुहैया : शिक्षा ऋण सभी तबकों के लोगों के लिए मुहैया होता है. आम तौर पर एजुकेशन लोन शिक्षा बढाने के लिए होता है, ताकि आम युवा भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें.
  • टैक्स लाभ : विद्यार्थियों के अभिभावक के लिए ये ऋण टैक्स लाभ भी देता है. एजुकेशन लोन लेकर पढने से पढाई- लिखाई के दौरान सभी टैक्स माफ़ हो जाते हैं. अतः एजुकेशन लोन टैक्स बचाते हुए पढाई करने का एक अच्छा माध्यम है.
  • कम ब्याज दर : कई पब्लिक बैंक में एजुकेशन लोन पर सरकार द्वारा सब्सिडी दी जाती है. साथ ही सरकार की टैक्स की दरें भी कम की जाती है. कई बार सरकार विभिन्न देशों में अपने विद्यार्थियों की शिक्षा में उन्नति के लिए विभिन्न तरह की छूट भी देती है. सरकार द्वारा छात्रों के लिए विद्यालक्ष्मी एजुकेशन लोन पोर्टल की घोषणा यहाँ पढ़ें.
  • बेहतर भुगतान शर्त : एजुकेशन लोन में अन्य लोन की अपेक्षा भुगतान का आसान तरीका है. विद्यार्थियों को पढाई पूरी होने तक भुगतान की कोई चिंता नहीं होती. एक बार नौकरी मिल जाने के बाद धीरे धीरे ऋण चुकाया जा सकता है.
  • लोन लेने में आसानी : अन्य लोन की तुलना में एजुकेशन लोन पाने की प्रक्रिया बहुत आसान है. बहुत आसान प्रक्रियाओं को पूरा कर हायर एजुकेशन के लिए लोन प्राप्त किया जा सकता है.
  • विद्यार्थियों को जल्द जिम्मेवार बनाने में सहायक : एजुकेशन लोन लेकर पढने वाले लोगों को एक समय के बाद लोन चुकाने की आवश्यकता महसूस होती है. अतः वे जल्द से जल्द एक नौकरी पाने और लोन चुकाने की कोशिश में लगे रहते हैं. इस कोशिश से उन्हें जल्द नौकरी मिल जाती है और वे जीवन में बहुत जल्द जिम्मेवार हो जाते हैं.
  • अभिभावकों को आसानी : एजुकेशन लोन लेकर पढने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों की चिंताएं बहुत कम हो जाती हैं, क्योंकि ये उनके बच्चे के लिए उस समय एक तरह का आर्थिक सहयोग साबित होता है. इन दिनों प्राइवेट शिक्षण संस्थानों में शिक्षा का शुल्क बहुत अधिक हो गया है. अतः उस फीस को चुकाने के लिए एजुकेशन लोन बहुत सार्थक सिद्ध होता है.
  • आत्मविश्वास : एजुकेशन लोन लेकर पढने वाले विद्यार्थी को पता होता है कि उनकी शिक्षा में उनकी भूमिका सबसे अहम् है. अतः वे एक नए जोश और जूनून के साथ पढाई लिखाई करते है. वे खुद को स्वतंत्र महसूस करते हैं.

एजुकेशन लोन में जागरूकता (Education Loan awareness)

इस सुविधा को लेकर लोगों को जागरूक होने की ज़रुरत है. अभी भी कई ऐसे लोग हैं, जिन्हें इस सुविधा के विषय में पता तो है, किन्तु झिझक और परेशानी के डर से इसका लाभ नहीं उठाते. इसके सहारे कई युवाओं को उनकी रूचि के मुताबिक पढाई करने का मौक़ा मिलेगा और वे अपना भविष्य संवार पायेंगे. गाँव के क्षेत्रों में अभी भी इस सुविधा के प्रति जागरूकता कम है, किन्तु सरकारी बैंक लगातार इसका प्रचार करती रहती है.

एजुकेशन लोन लेते समय लोन से सम्बंधित सभी शर्तों को जान और परख लेना चाहिए, ताकि शिक्षा के बीच में किसी तरह की परेशानी अथवा रुकावट न आ सके. इस बात को जानना बेहद ज़रूरी है, कि भारत में पढाई करने के लिए अधिकतम 10 लाख रूपए तक का और विदेश में जा कर पढाई करने के लिए अधिकतम 20 लाख का ऋण दिया जाता है. चार लाख रूपए तक के लोन के लिए किसी भी तरह की गारंटी की ज़रुरत नहीं होती है, किन्तु 4 लाख से ऊपर के ऋण के लिए विभिन्न बैंक विभिन्न तरह के गारंटी की मांग कर सकते हैं.

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Karnika

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
Karnika

3 comments

  1. education loan for engineering..

  2. aashutosh kumar yadav

    education loan mil sakta hai kya

  3. Me b.e second year me hu muze education loan mil sakti h?

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