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ईपीएफ़ खाता क्या है तथा इसमें बैलेंस कैसे चेक करे | How to check EPF account balance in hindi

ईपीएफ़ खाता क्या है तथा इसमें बैलेंस कैसे चेक करे | What is EPF and How to check EPF (Employee Provident Fund) account balance in hindi

सरकार और विभिन्न तरह की आर्थिक संस्थाएं अपने काम करने वाले लोगों को ईपीएफ़ की सुविधा देती है. यह योजना भारत सरकार की निगरानी में चलती है, अतः इसमें जमा होने वाले पैसे सुरक्षित रहते हैं तथा सरकार की तरफ से इस पर ब्याज भी दिया जाता है. इस तरह से ईपीएफ़ अकाउंट सेविंग्स के लिए एक बहुत अच्छी स्कीम है. यहाँ पर इससे सम्बंधित विशेष बातें दी जा रही हैं, जिसके सहारे आपको ईपीएफ़ की समस्त जानकारी बेहद आसानी से प्राप्त हो जायेगी.

ईपीएफ़ खाता क्या है (What is EPF Account)

ईपीएफ मुख्य तौर पर एक रिटायरमेंट सेविंग स्कीम होता है, जिसका लाभ लगभग सभी स्तर का वेतन पाने वाले लोग उठा सकते हैं. इसे सरकार का सहयोग प्राप्त होता है और सरकार इस सेविंग पर ब्याज भी देती है. कई आर्गेनाईजेशन इसकी सुविधा देते हैं. एम्लोयी प्रोविडेंट फण्ड और एम्प्लोयी पेंशन स्कीम दो तरह के रिटायरमेंट सेविंग स्कीम हैं, जो प्रोविडेंट फण्ड के एक्ट 1952 के तहत काम करता है. वैसे सभी तरह के कर्मचारियों को प्रोविडेंट फण्ड के अंतर्गत अपना खाता खुलवाना चाहिए, जिन्हें 6500 रू से ऊपर का वेतन प्राप्त होता है. यदि किसी एम्प्लोयी का मूल वेतन 6501 रू हो, तो वह अपने वेतन से पीएफ़ की कटौती के लिए अप्लाई कर सकता है. नियोक्ता और कर्मचारी दोनों 12% के बेसिक वेज प्रोविडेंट एंड फण्ड अकाउंट के लिये देते हैं. इस तरह पीएफ़ का दर प्रति महीने 24% हो जाता है.

ईपीएफ़ के लाभ (EPF Benefits)

ईपीएफ़ 1952 सेविंग्स स्कीम के अंतर्गत कई तरह के लाभ प्राप्त होते हैं.

  • कर मुक्त कमाई : पीएफ़ अकाउंट में जमा होने वाला पैसा पूरी तरह से कर मुक्त होता है. जमा होने के साथ ही जमा किये गये पैसे को मैच्योरिटी के बाद निकालने पर भी किसी तरह का कर नहीं देना पड़ता है.
  • आर्थिक सुरक्षा : इस अकाउंट में जमा किये गये फण्ड को आसानी से नहीं निकाला जा सकता है. अतः इसमें जमा किया गया पैसा सुरक्षित रहता हैं. हालांकि किसी तरह के आपातकाल में प्रीमैच्योर पैसा निकाला जा सकता है. ये सुविधा कारणों पर निर्भर करती है.
  • आय की हानि की पूर्ति : यदि किसी कारण से कर्मचारी की नौकरी कुछ समय के लिए छूट जाती है, तो ऐसे समय में इस अकाउंट का इस्तेमाल किया जाता हैं. किसी कंपनी में इस्तीफ़ा दे देने के 2 महीने बाद कर्मचारी अपने अकाउंट से सारे पैसे निकाल सकता है.
  • लम्बी अवधि सेविंग विकल्प : पीएफ तब तक जमा किया जा सकता है, जब तक कर्मचारी नौकरी कर रहा हो. इस तरह पीएफ़ की सहायता से एक लम्बे समय तक नियमित रूप से पैसे जमा किये जा सकते हैं. इस तरह एक समय के बाद अच्छा ख़ासा पैसा जमा हो जाता है.
  • पेंशन : इस एक्ट के तहत कर्मचारी एम्प्लाइज पेंशन फण्ड के तहत भी पैसे जमा कर सकता है, जो रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को प्राप्त होगा.

ईपीएफ़ मेम्बरशिप के लिये आवश्यक योग्यता (EPF Membership Required Documents)  

ईपीएफ़ स्कीम का लाभ उठाने के लिए कर्मचारी को मेम्बर्स प्रोविडेंट फण्ड का सदस्य बनना पड़ता है. इसके लिए आवश्यक योग्यता को नीचे दिया जा रहा है.

  • कर्मचारी जिस दिन किसी संस्था के अंतर्गत किसी तरह का कार्यभार सँभालने की जिम्मेवारी उठाता है, उसी दिन वह ईपीएफ़ के मेम्बरशिप के लायक हो जाता है. इसी के साथ वह पेंशन और इंश्योरेंस के लिए भी योग्य हो जाता है.
  • किसी भी ऐसी संस्था जिसमे कम से कम 20 आदमी कार्यरत हों, ऐसी संस्था को पीएफ़ और एसआई देनी पड़ती है. यह नियम जम्मू और कश्मीर में लागू नहीं होता है.

ईपीएफ़ के लिए अंशदान (EPF Contribution Details)

एक एम्प्लोई प्रोविडेंट फण्ड निम्न अंशदानो से निर्मित होता है.

  • नियोक्ता और कर्मचारी दोनों के अंशदान से.
  • एक फिक्स ब्याज दर, जो पहले से तय किया हुआ होता है.
  • मासिक आधार पर.
  • यह एम्प्लोई के बेसिक पे और DA के योगफल पर निर्भर करता है.
  • जिस तरह की योजना होती है, फण्ड उसी के अनुरूप हो जाता है.

तात्कालिक समय में ये अंशदान 12% का है किन्तु कुछ संस्थाओं के लिए 10% का है.

  • जिस संस्था में कर्मचारियों की संख्या 20 से कम है.
  • जो कंपनी बीआईएफ़आर के रूप में पहचान की गयी हो.
  • जिस कंपनी की सालाना हानि उनके कुल लागत से अधिक हो.
  • जुट, बीडी, ईंट आदि की कंपनियों में.
  • संस्थाओं ने इसके लिए वेज सीमा फिलहाल 65,00 रू रखा है.

ईपीएफ के लिए नियोक्ता का अंशदान (Employee Contribution to EPF)

फिलहाल ईपीएफ़ के लिए रू 15,000 का 12% लिया जाता है. इस हिसाब से रू 15000 का 12%= रू 1800 है. ये रू 1800 कर्मचारी की तरफ से और रू 1800 नियोक्ता की तरफ से जमा किया जाएगा. पहले ये 12% रू 6500 पर दिया जाता था. इसका एक अंश पेंशन और इन्स्युरेंस के लिए भी जाता है. नीचे इसका हिसाब दिया जा रहा है.

(बेसिक पे+ DA) का 12% = ईपीएस का 8.33% + ईपीएफ़ का 3.67%.

ईपीएफ़ के लिए ब्याज दर (EPF Interest Rate)

तत्कालीन समय में पीएफ़ का ब्याज दर 8.65% है.

  • ईपीएफ़ में जमा किये पैसे पर कर्मचारी को पूरी तरह टैक्स मुक्त ब्याज प्राप्त होता है. जमा हुए पैसे पर तय ब्याज दर के अनुसार ब्याज जमा हो जाता है.
  • सरकार द्वारा चलाये जा रहे अन्य लोक कल्याण योजनाओं की ही तरह इस योजना का ब्याज दर भी प्रति वर्ष तय होता है.
  • प्रति वर्ष 1 अप्रैल से 31 मार्च के बीच एक तयशुदा ब्याज दर लागू हुई रहती है.
  • यदि किसी वजह से ईपीएफ़ अकाउंट बंद हो जाता है, तो ब्याज प्राप्त नहीं हो सकेगा.
  • एम्प्लायर के हिस्से से जमा किये गये ईपीएफ़ अंशदान पर ब्याज नहीं प्राप्त नहीं हो सकता है.

ईपीएफ़ बैलेंस पर ब्याज का हिसाब कैसे करें (EPF Interest Calculator)

पीएफ पर जमा हुए पैसे पर ब्याज की घोषणा सालाना तौर पर होती है, किन्तु ब्याज का हिसाब प्रति महीने जमा हुए पैसे पर होता है. एक महीने के लिए ब्याज दर प्राप्त करना हो तो सलाना ब्याज दर को 12 से भाग देना होता है. उदाहरण के रूप में यदि सरकार द्वारा तय दर 12% हो, तो एक माह के लिए ब्याज दर होगा 12/12 = 1%. अतः महीने के अंत में पीएफ़ अकाउंट में जमा हुए पैसे पर 1% का ब्याज प्राप्त हो जाता है.

कल्पना कीजिये कि किसी वर्ष ईपीएफ़ डिपोजिट रेट 8.75% का है और जमाकर्ता ने दिसम्बर के महीने से पैसा जमा करना शुरू किया है, तो

  • सबसे पहले प्रति महीने का ब्याज दर की गणना करें = 8.75/12 =0.73%.
  • जमाकर्ता प्रति महीने रू 15,000 का 12% = रू 1800 जमा करता है. ये राशि कर्मचारी को उसके वेतन वाले दिन अकाउंट में मिल जाती है.
  • इसके बाद नियोक्ता अपनी तरफ से 1800 रूपए जमा करता है.
  • इसके बाद नियोक्ता के अनुदान का 67% हिस्सा ईपीएफ़ में तथा 8.33% हिस्सा ईपीएस में जमा होता है.
  • अब 15000*3.67 = रू 550 को रू 1800 से जोड़ा जाता है. इसका योगफल हुआ= रू अतः एक महीने में इपीएफ़ अकाउंट में 2350 रू आयेंगे.

ईपीएफ़ से पैसे कैसे निकालें (How to Withdraw EPF Money in hindi)

ईपीएफ़ में जमा पैसा निकालने के लिए निम्न तरीके को अपनाया जा सकता है.

  • यूनिवर्सल अकाउंट नंबर की सहायता से : इस संख्या की सहायता से पीएफ़ में जमा पैसे निकाले जा सकते हैं. इसमें कर्मचारी के पूर्व एप्लोयर अप्रूवल की आवश्यकता नहीं होती है, किन्तु अधिकतर समय ये होता है कि नियोक्ता एम्प्लोई के साथ यूएएन संख्या साझा नहीं करते हैं.
  • अपने क्षेत्रीय पीएफ़ ऑफिस में आवेदन दे कर : आवेदन फॉर्म भर के इसे क्षेत्रीय पीएफ़ ऑफिस में जमा करके भी पैसा पाया जा सकता है. इस प्रक्रिया में एटेश्टेशन की आवश्यकता होती है, क्योंकि इससे ये पता चलता है कि जिसने पैसा निकासी के लिए अप्लाई किया है वह सही आदमी है. अतः आपको अपने प्रपत्रों को निम्न लोगों से अट्टेस्टेड करवाना होगा.
  • किसी बैंक मेनेजर से.
  • एक राजकीय अधिकार प्राप्त कर्मचारी से.
  • मजिस्ट्रेट, पोस्ट मास्टर, ग्राम पंचायत का मुखिया आदि.

ईपीएफ़ का ऑनलाइन और ऑफलाइन तरीके से ट्रान्सफर (EPF Transfer Online and Offline)

एम्प्लोई यदि एक स्थान से दूसरे स्थान पर काम करने जाता है, तो उसके सामने ये प्रश्न खड़ा हो जाता है कि पहले से जमा ईपीएफ़ को निकाल लिया जाए या ट्रान्सफर कर दिया जाए. ईपीएफ़ ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन किसी भी तरह से ट्रान्सफर किया जा रहा है, जिसके विषय में नीचे संक्षिप्त वर्णन किया जा रहा है.

  • ऑफलाइन कैसे ट्रान्सफर करें (EPF Transfer Offline Process)

अपने पीएफ़ अकाउंट को अपनी पुरानी कर्म संस्था से नयी संस्था में ऑफलाइन ट्रान्सफर करने के लिए उठाये जाने वाले आवश्यक क़दमों का विवरण नीचे दिया जा रहा है.

  1. कर्मचारी को इस काम के लिए फॉर्म संख्या 13 भर के अपने भूतपूर्व अथवा नए नियोक्ता से अटेस्टेड करवाना होता है.
  2. इस फॉर्म को क्षेत्रीय ईपीएफ़ ऑफिस में जमा करना होता है. इसके बाद पुरानी संस्था में कमाए गये सभी ईपीएफ़ एक ट्रस्ट को ट्रान्सफर कर दिया जाता है.
  3. इसके बाद कर्मचारी को अपने क्षेत्रीय ईपीएफ़ ऑफिस में ‘Annexure K’ भर के जमा करना होता है. इसकी सहायता से कर्मचारी के सर्विस टेन्योर और पेंशन फण्ड का पता चलता है. एक बार यह वेरीफाई हो जाने पर पुराने ईपीएफ़ फण्ड नए इपीएफ़ फण्ड के खाते में ट्रान्सफर हो जाते हैं.
  • ऑनलाइन कैसे ट्रान्सफर करें (EPF Transfer Online Process)
  1. ऑनलाइन ईपीएफ़ फण्ड ट्रान्सफर के लिए सबसे पहले कर्मचारी को ईपीएफ़ के ऑनलाइन पोर्टल पर जाना होता है. इसका ऑनलाइन पोर्टल है : epfindia.gov.in
  2. पहले ये पता कर लें कि आपके नए और पुराने नियोक्ता ने अपना डिजिटल सिग्नेचर इस वेबसाइट पर दर्ज कराया है या नहीं. यदि दर्ज नहीं कराया है, तो ऑनलाइन ट्रांसफर नहीं हो पायेगा.
  3. यहाँ पर ऑनलाइन ट्रान्सफर क्लेम पोर्टल के विकल्प का चयन करें.
  4. इसके बाद ऑनलाइन ट्रान्सफर के लिए योग्यताओं के विषय में जानें. ये बातें FaQ में दी हुई होती हैं.
  5. यदि आप इस साईट से रजिस्टर्ड हैं तो लॉग इन करें. यदि नहीं है यो नए सिरे से साइन अप करें.
  6. इसके बाद ईपीएफ़ फण्ड ट्रान्सफर का फॉर्म भरें. इस फॉर्म का नाम है : ऑनलाइन ट्रान्सफर क्लेम एप्लीकेशन, जो आपको ‘क्लेम’ विकल्प के अन्दर प्राप्त होगा.
  7. इसके बाद फॉर्म 13 के सभी भागों को ध्यान से भरें. इसके बाद पिन प्राप्त करके डीक्लियरेशन एक्सेप्ट करें.
  8. अब रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आये हुए पिन को डाल कर फॉर्म ऑनलाइन ईपीएफ़ ट्रान्सफर के लिए सबमिट कर दें.
  9. इसके बाद एक प्रिंट लेकर अपने एम्प्लायर से अटेस्टेड करा लें. एक बार एम्प्लायर द्वारा अटेस्टेड और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन हो जाने पर आपका फण्ड ट्रान्सफर हो जाएगा.

कैसे करें अपने ईपीएफ खाते के बैलेंस की जांच? (How to check EPF account balance in hindi)

संस्था ने खाताधारकों को अपने खाते का बैलेंस चेक करने की सुविधा दी है. इसके लिए खाताधारक तीन तरह से अपने खाते का बैलेंस चेक कर सकता है. वे इस प्रकार हैं –

EPF बैलेंस को अब हम ऑनलाइन और एसएमएस दोनों ही तरीके से जान सकते है . EPF balance SMS के द्वारा चेक करने के लिए आपको सबसे पहले अपना यूनिवर्सल एकाउंट नंबर (UAN NO) पता करना होगा जो की आपको अपने ऑफिस से मिलता है ,जहा ईपीएफ कटा है . यह नंबर  हर एक  ईपीएफ निवेषक को मिलता है , जो की किसी भी समय अपने द्वारा किये गए निवेष की जानकारी देता है . यह एक यूनिक नंबर होता है और सभी के लिए अलग – अलग होता है .

कोई भी कर्मचारी अपने सभी एकाउंट UAN NO के साथ लिंक कर ले . जिससे जब कभी भी वह अपनी जॉब चेंज करता या विभाग द्वारा  ट्रान्सफर होता है, तो उसे अपना ईपीएफ निवेष ट्रान्सफर करने में बड़ी आसानी रहती है .

एसएमएस के​ माध्यम से जाने अपने पीएफ खाते का बैलेंस (EPF balance Status enquiry through sms)

अगर आपके पास कम्प्यूटर नहीं है और आपके पास ईपीएफ का एप डाउनलोड करने के लिए स्मार्ट फोन भी नहीं है, तो भी आपको घबराने की जरूरत नहीं है. आप एक सामान्य से एसएमएस के जरिए भी अपने खाते का बैलेंस जान सकते हैं.

  • सबसे पहले वेबसाइट पर जाकर अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर करे .
  • इसके लिए बस आपको एक तय फॉर्मेट में एसएमएस मोबाइल नंबर 7738 299 899 पर भेजना होता है.
  • इस नंबर पर EPFOHO UAN ENG  लिख कर अपने मोबाइल से संदेश भेजे. जैसे ही सेवा एक्टिवेट होगी आपके मोबाइल पर आपके खाते के बैलेंस संबंधी मैसेज प्राप्त होने लगेंगे.

यूएएन के माध्यम से खाते की जांच (EPF balance enquiry through UAN)

यूएएन का पूरा नाम यूनिवर्सल अकाउंट नंबर है, जो कर्मचारी भविष्य निधि संगठन द्वारा उस हरेक व्यक्ति को जारी किया जाता है, जिसने भी भविष्य निधि खाता खुलवाया है. यूनिवर्सल अकाउंट नंबर के साथ अच्छी बात यह है कि, किसी वजह से कर्मचारी अपने खाते को बंद करवा देता है या फिर नया खाता खुलवाता है तो भी यह नंबर नहीं बदलता है. एक कर्मचारी द्वारा खोला गया हरेक पीएफ खाता इस यूनिवर्सल नंबर से जुड़ा हुआ रहता है. संगठन का प्रयास है कि वह आगे चलकर इस नंबर को ही आधार बनाते हुए कर्मचारियों का आॅनलाइन ट्राजेंक्शन करने तक की छूट दे दे, ताकि कर्मचारी पर नगद निकासी का दबाव न बनें. पीएफ में यूनिवर्सल अकाउंट नंबर और इसके फायदे जानने के लिए पढ़े.

  • यूएएन से आपको अपने खाते से पासबुक डाउनलोड करने की सुविधा मिलती है, इसमें आप अपने सभी ट्राजेंक्शन चेक कर सकते हैं.
  • अपना यूएएन नंबर जानने के लिए कर्मचारी को अपनी सेलरी स्लिप देखनी चाहिए, जिस पर वह नंबर अंकित होता है.
  • अगर सेलरी स्लिप पर यूएएन नंबर अंकित नहीं है, तो इसे वेब पोर्टल से भी प्राप्त किया जा सकता है.
  • वेब पोर्टल पर जाने से पहले आपके पास अपना पीएफ खाता संख्या, जो आपके सेलरी स्लिप पर अंकित होती है, अपनी जन्म तारीख, नाम और मोबाइल नंबर की जरूरत पड़ेगी.
  • इन जानकारियों को जुटाने के बाद आपको वेबसाइट https://unifiedportal-mem.epfindia.gov.in/memberinterface पर जाना होगा.
  • वेबसाइट खुल जाने के बाद ‘नो योर यूएएन स्टेट्स’ पर क्लिक करना होगा, जो आपको एक दूसरे विंडों पर ले जाएगी.
  • इस विंडो में आप मांगी गई सारी जानकारियां देने के बाद सबमिट कर दें. सभी जानकारियां सही होने पर आपको अपना यूएएन नंबर प्राप्त हो जाएगा.
  • इस यूएएन नंबर को इस्तेमाल करने के लिए आपको http://uanmembers.epfoservices.in पर जाना होगा. 
  • जहां आप अपने यूएएन को लॉगिन आईडी की तरह इस्तेमाल करते हुए अपने खाते के बैलेंस की जांच कर पाएंगे.

मोबाइल एप के माध्यम से खाते के बैलेंस की जांच (EPF balance enquiry through mobile)

  • अगर आपके पास कम्प्यूटर नहीं है, तो भी आपको घबराने की जरूरत नहीं है. भविष्य निधि संगठन ने खाते की आॅनलाइन जांच के लिए मोबाइल एप भी लांच किया है.
  • इस एप की मदद से भी आप अपने खाते में बैलेन्स की जांच कर सकते हैं. और तो और अगर आपने अपना यूएएन एक्टिवेट नहीं कर रखा है, तो आप यह काम भी इस एप के माध्यम से कर सकते हैं.
  • यह एप उन लोगों के लिए भी उपयो​गी है जो नौकरी छोड़ चुके हैं, और अपने पेंशन का लाभ उठा रहे हैं क्योंकि यह आपके पेंशन की जानकारी भी देता है.
  • इस एप को भविष्य निधि संगठन की वेबसाइट और गूगल के प्ले स्टोर से आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है.
  • एप को डाउनलोड करने के बाद उसे ओपन करें और मेम्बर आॅप्शन पर क्लिक करें.
  • इस पर क्लिक करते ही एक नई विंडों आपके सामने आ जाएगी, जिस पर एक्टिवेट यूएएन और बैलेन्स/पासबुक, ये दो आप्शन नजर आएंगे.
  • अगर आपने अपना यूएएन एक्टिवेट कर रखा है तो आप बैलेन्स/पासबुक पर क्लिक करें, और अपना यूएएन नंबर तथा मोबाइल नंबर डालकर स​बमिट कर दें.
  • इसे सबमिट करते ही आपके खाते की बैलेन्स डिटेल्स आपके सामने आ जाएंगी.
  • अगर आपने यूएएन एक्टिवेट नहीं कर रखा है तो एक्टिवेट यूएएन पर क्लिक करें और वांछित जानकारियां देकर अपना यूएएन एक्टिवेट कर पहले बताई गई प्रक्रिया से अपने बैलेंस की जांच करें.

यूएएन के बिना खाते की जांच (Check EPF balance Online without UAN)

बिल्कुल इसी तरह आप ईपीएफ़ खाता बिना UAN number के भी ऑनलाइन पता किया जा सकता है. इसके लिए कुछ आसन स्टेपस है जो कि इस प्रकार है:

  1. हमारा ईपीएफ़ अकाउंट नंबर जो की एक यूनिक नंबर होता है और हमारी सैलरी स्लिप में मेंशन होता है. इसको आप अच्छे से रख ले.
  2. अब आप  ईपीएफओ की वेबसाइट http://epfoservices.in/epfo/member_balance/member_balance_office_select.php.  पर जाये.
  3. इस वेबसाइट को ओपन करने के बाद सबसे पहले अपना स्टेट सिलेक्ट करे जहा भी आप जॉब करते है या जहा से भी आपका ईपीएफ कटा है. अगर आपके पास यह जानकारी नहीं है तो अपने ऑफिस HR से संपर्क करके पूछ ले.
  4. ईपीएफओ से संबंधित ऑफिस सिलेक्ट करे फिर स्लिप में दिया हुआ अल्फा-नुमेरिक नंबर एवम शुरू के दो लैटर उस डिपार्टमेंट के जहा से ईपीएफ कटा है, वह डाले
  5. इसी तरह पहले बॉक्स में कर्मचारी अपना नाम, मोबाइल नंबर, और ईपीएफ नंबर डाले .
  6. दुसरे बॉक्स में दिया गया नंबर डाले .
  7. तीसरे व अंतिम बॉक्स में अपना एकाउंट नंबर डाल कर सबमिट करे .
  8. नीचे हमने आपको स्क्रीनशॉट दिया है जहाँ पर आपको ये सारी details डालनी है.

EPF balance kaise check kare

इस प्रकिया के पुरे होते ही दिए गए मोबाइल नंबर पर, एक एसएमएस आएगा जो की इस बात को सन्तुष्ट करेगा की जो प्रोसेस आपके द्वारा की गयी है व सही और पुरी हो चुकी है .

साथ ही एक टोल फ्री नंबर भी है जिपर फोन कर के स्टेटस प्राप्त किया जा सकता है. ये टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर हैं: 1800118005.  

 

 

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प्रियंका दीपावली वेबसाइट की लेखिका है| जिनकी रूचि बैंकिंग व फाइनेंस के विषयों मे विशेष है| यह दीपावली साईट के लिए कई विषयों मे आर्टिकल लिखती है|
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