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सम्पत्ति को खरीदने से पहले ध्यान रखने योग्य बातें | For Buying Property What Should Keep in Mind in hindi

सम्पत्ति को खरीदने से पहले ध्यान रखने योग्य बातें | For Buying Property What Should Keep in Mind in hindi

किसी भी तरह की संपत्ति खरीदने से पहले सही सम्पत्ति का चुनाव करना एक महत्वपूर्ण कारक होता है. आपको तय करना होता है कि आप सम्पत्ति को अपने उपयोग के लिए लेना चाहते है या संपत्ति को निवेश करने के रूप में खरीद रहे है. किसी भी तरह की संपत्ति को खरीदने से पहले हमें मुख्य बातों को ध्यान में रखना चाहिए जो निम्नलिखित है-    

  • बजट : सबसे पहले सम्पत्ति लेने से पहले अपनी आय के अनुसार अपने बजट को ध्यान में रखे. अगर आप 50 लाख की सम्पत्ति लेते है तो आपको लोन लेने के बावजूद भी कुछ भाग पहले 20% से 25% तक भुगतान करना पड़ता है, जिसमे करीब करीब आपके पास 13 लाख रुपया होना चाहिए. बाकि पैसा आप बैंक से लोन के रूप में ले सकते है. बैंक से आपको होम लोन की जानकारी प्राप्त हो जाएगी. इसके लिए आप बैंकों का पता लगाये जो आपकी सम्पत्ति की परियोजना के अनुसार आपको ऋण दे सके, साथ ही यह भी देखें कि कौन सा बैंक आपको सबसे कम दर पर ऋण देने को तैयार है.
  • स्थान और बिल्डर का चुनाव : सही जगह और सही बिल्डर का चुनाव करना बहुत जरुरी है. इसके लिए आप ऑनलाइन और ऑफ़ लाइन पता कर सकते है, अपने दोस्तों या रिश्तेदारों से संपत्ति के बारे पता कर सकते है. सम्पत्ति के रूप में अगर आप घर लेना चाहते है तो सबसे पहले फ्लैट जा कर देखें, जो लोग पहले से रह रहे है या उसके आस पास के लोगों से बात कर जानकारी इकट्ठी करें कि सम्पत्ति पर किसी भी तरह का क़ानूनी विवाद न हो, इस तरह से आप सम्पत्ति के इतिहास की जानकारी इकट्ठी करें, ताकि भविष्य में किसी भी तरह के विवाद से बच सके. फ़्लैट के बारे में उसके मूल्य की सही जानकारी लें, क्योंकि कई तरह के टैक्स लगाकर बिल्डर बेचते है इस तरह पूरी जानकारी के साथ आप अपना सही बजट बना पाएंगे. कुछ बुनियादी चीजों का भी पता लगाये जैसे की पानी, सड़क, बिजली इत्यादि जैसी नागरिक सुविधाओं की व्यवस्था किस तरह की है.  
  • सम्पत्ति की कुल लागत की जानकारी : बिल्डर से आप सम्पत्ति की कुल लागत के बारे में विस्तृत चर्चा करें, क्योंकि कई बार बिल्डर या दलाल आप से सिर्फ़ मूल लागत के बारे में बात करता है. वह बिल्डिंग के विकास के लिए अंदर और बाहर जैसे कि पार्किंग, क्लब और सेवा कर पर होने वाले खर्चे के बारे में बात नहीं करता है, जो आपकी कुल लागत को बढ़ा देता है, जिससे आपको बाद में परेशानी हो सकती है. इस तरह की परेशानियों से बचने के लिए कुछ पैसा अलग से पास में जरुर रखना चाहिए.        
  • सम्पत्ति का पंजीकरण : आपको संपत्ति का पंजीकरण कराना होगा ताकि आप इसके वैध मालिक बन सके. आप सम्पत्ति को खरीदने से पहले ये सोच ले कि आप इसको किसके नाम पर पंजीकृत करना चाहते है. अपने वकील से सारे कागजातों का सत्यापन कराने के बाद ही हस्ताक्षर करें. भारत में बेनामी संपत्ति अधिनियम यहाँ पढ़ें.  
  • अवनत या बाधा प्रमाण पत्र की प्राप्ति : आयकर अधिनयम और शहरी भूमि सीमा और विनियमन अधिनियम के प्रावधानों के तहत एनओसी या अवनत प्रमाण पत्र की एक प्रति प्राप्त कर लेनी चाहिए.   
  • सम्पत्ति के बाजार मूल्य की जानकारी : अगर आप सम्पत्ति को निवेश के नजरिये से खरीद रहे है तो सम्पत्ति का बाजार मूल्य जरुर पता करे. साथ ही सम्पत्ति से मिलने वाले रिटर्न का पता लगाने के लिए आप चाहे तो तकनीकी विशेषज्ञों की भी मदद ले सकते है. सम्पत्ति का पूंजीगत विकास, पूंजी वृद्धि और सम्पत्ति आकर्षित करने वाली हो, निवेश के लिए ये जानकारियां रखनी चाहिए.
  • स्वीकृति और लाइसेंस : संपत्ति को खरीदने से पहले जाँच कीजिये, सारे क़ानूनी दस्तावेज़ को अच्छी तरह से देख ले और बिल्डर से ले लें. सभी दस्तावेज़ को लेकर वकील से वेरीफाई करा लें. बिल्डर के कागज़ी करवाई में आप यह जाँच कर ले कि पर्यावरण मंजूरी और भवन के लिए अनुमोदन प्रमाणपत्र लिया गया है या नहीं. बिल्डर से भूमि की स्थिति की पूरी जाँच कर लें और यह जान लें कि बिल्डर का उस भूमि पर पूरा अधिकार है या नहीं.

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बिल्डर से प्राप्त होने वाले आवश्यक दस्तावेज है –

  1. आबंटन प्रमाणपत्र : इसमें सम्पत्ति का मूल्य, भुगतान और निर्माण कार्यक्रम योजना, घर की योजनायें, डिलीवरी की तारीख और कब्जे के बाद होने वाली समस्या के मामले में बिल्डर का दायित्व और देयता शामिल है.
  2. मूल विक्रय और भुगतान चालान : यदि आप सम्पत्ति को बिल्डर से निजी तौर पर खरीद रहे है तो उसका मूल विक्रय का कागज प्राप्त कर लें. साथ ही भुगतान का जमा प्रमाण भी ले लें आप भुगतान हमेशा चेक से करे अगर नगद भुगतान कर रहे है तो उसका प्रमाण प्राप्त करें. अगर आप पुनर्विक्रय में सम्पत्ति खरीद रहे है तो आप बैंक से रिहाई प्रमाण पत्र प्राप्त करे, जिससे यह साबित हो जायेगा कि पुराने मालिक के द्वारा जमीन का ऋण चुकाया गया है या नहीं, जब यह पूरी तरह सुनिश्चित हो जाये कि भूमि सभी तरह की क़ानूनी बकाया राशियों से मुक्त है तभी सम्पत्ति को खरीदने के बारे में सोचे.
  3. स्थानीय निकाय द्वारा स्वीकृति : भूखंड के लिए शहर के मास्टर प्लान के अनुसार भूमि उपयोग क्षेत्र को सत्यापित करे, इसके लिए आप अपने शहर के अनुसार वहां के स्थानीय निकाय से योजना प्राप्त कर सकते है. क्योंकि पुरे सम्पत्ति या बिल्डिंग की योजना को विकास निगम और शहर के स्थानीय निकाय के द्वारा अनुमोदित किया जाता है. सम्पत्ति को खरीदने से पहले सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि आपके पास नगर निगम, बिजली बोर्ड, क्षेत्र विकास प्राधिकरण, जल आपूर्ति और सीवेज बोर्ड से सभी आवश्यक अनुमोदन प्राप्त है. किराये पर अपना घर लेने की नयी योजना यहाँ पढ़ें.

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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