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क्यों मनाया जाता है भारत में गणतंत्र दिवस व कविता | Why We Celebrate Republic Day and Gantantra Diwas Kavita in Hindi

भारत में क्यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस व गणतंत्र दिवस पर कविता | Why We Celebrate Republic Day and Gantantra Diwas Kavita in Hindi

भारत को एक आजाद देश बनाने के लिए ना जाने कितने स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी जान दी है. भारत को एक गणराज्य का दर्जा दिलवाने के लिए कई सालों तक हमारे सेनानियों ने अंग्रजों का सामना किया. वहीं आखिर में अंग्रेजी हुकूमत को हमारे देश के वीरों के आगे झुकना पड़ा और हमारे देश को छोड़कर उन्हें जाना पड़ा. सुनने में ये संघर्ष जीतना आसान लगता है, वास्तव में इस संघर्ष के पीछे ना जाने कितने लोगों की कुर्बानी है. भारत को आजाद करवाने के बाद भी हमारे देश के नेताओं के सामने एक ओर चुनौती थी और वो चुनौती थी भारत को एक मजबूत देश के तौर पर खड़ा करने की. काफी हद तक भारत को एक मजबूत देश बनाने में उनकी कड़ी मेहनत काम भी लाई है और आज भारत की विश्व में एक ताकतवर देश की छवि है.

वहीं इस साल हम लोग अपना 69 वीं गणतंत्र दिवस मनाने जा रहे हैं. 26 जनवरी के दिन हमारे देश में गणतंत्र दिवस का जश्न मनाया जाता है. भारत को आजादी दिलाने की लड़ाई के दौरान 26 जनवरी तारीख का काफी महत्व रहा है. इसलिए हमारे देश में इस दिन को गणतंत्र दिवस बनाने के लिए चुना गया था. आखिर ऐसा क्या हुआ था इस दिन की ये दिन भारत की आजादी के लिए इतना महत्वपूर्ण दिन बन गया और क्यों मनाया जाता है इस दिन गणतंत्र दिवस इसकी जानकारी आज हम आपको देने जा रहे हैं.

26 जनवरी तारीख का भारत के इतिहास में महत्व (Why 26 January Is A Special Day In India’s History)

26 जनवरी के दिन हमारा पूरा देश संविधान के अधीन आया था. वहीं संविधान को इस दिन प्रभावी इसलिए किया गया था, क्योंकि इस दिन साल 1930 में कांग्रेस ने भारत को ‘पूर्ण स्वराज’ दिलाने की घोषणा की थी. जिसके बाद अंग्रेजी हुकूमत के साथ संघर्ष करते हुए साल 1947 को भारत को एक आजाद देश बनाया जा सका था. इसके बाद हमारे देश को किस तरह चलाया जाए, इसके लिए संविधान तैयार किया गया और इसको तैयार करने में डॉ बाबासाहेब अंबेडकर जी की एक अहम भूमिका रही थी. इसको तैयार करने के के लिए दो वर्ष, ग्यारह महीने और अठारह दिन का वक्त लगा था. 26 नवंबर, सन् 1949 को ये बनकर तैयार हुआ था. जिसके बाद 26 जनवरी 1950 में इसको भारत सरकार अधिनियम,1935 की जगह लाया गया था.

26 जनवरी के दिन होने वाले कार्यक्रम (26 January function)

देश के हर स्कूल और कॉलेजों में इस दिन का जश्न मनाया जाता है और एक दिन पहले स्कूलों में भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया जाता है. बच्चों द्वारा कई तरह के कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाते हैं. इस गौरवमय दिन को देश के सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर भी तिरंगा फहराने और कई तरह के देशभक्ति कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है.

Gantantra Divas kavita Poem In Hindi

राजपथ पर की जाती है परेड (26 january parade rajpath)

इस दिन दिल्ली में भारत के राष्ट्रपति अपने देश का ध्वज लहराते हैं और उन्हें 21 तोपों द्वारा सलामी देने की प्रथा है. जिसके बाद भारत के राज्यों द्वारा राजपथ पर उनके राज्य की झांकी निकाली जाती है. इन झांकियों में हर राज्य अपने राज्य की वेशभूषा और अपनी संस्कृति के बारे में दर्शाता है.

वहीं भारत की तीनों सेनाएं भी अपनी झांकियां निकालती हैं और देश वासियों सहित पूरे विश्व को भारत की शक्ति के बारे में बताती हैं. राजधानी में आयोजित होने वाली इस परेड को देखने के लिए कई सारे लोग और नेता शामिल होते हैं. वहीं इस कार्यक्रम को शुरू करने से पहले देश के प्रधानमंत्री अमर ज्योति पर जाकर हमारे देश को वीरों को श्रद्धाजंलि दिया करते हैं.

गणतंत्र दिवस पर आने वाले अतिथि (Chief Guest Of Republic Day 2018)

इस दिन को और खास बनाने के लिए हर साल दूसरे देश से किसी ना किसी राजनेता को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाता है. वहीं साल 1950 में सबसे पहले भारत ने इंडोनेशिया के राष्ट्रपति को आमंत्रित किया था और उनका नाम सुकर्णो था. वहीं साल 2017 में इस दिन के लिए अबू धाबी के क्राउन प्रिंस को निमंत्रण भेजा गया था और शेख मोहम्मद बिन ज़ैद अल नाहयान इस अवसर पर भारत आए थे. इस साल भी भारत ने अपने इस दिन के जश्न में शामिल होने के लिए सभी 10 दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्रों के संघ (ASEAN) देशों के नेताओं को निमंत्रण भेजा है.

गणतंत्र दिवस पर की जाने वाली सुरक्षा (Republic day security arrangements)

हर साल गणतंत्र दिवस से कुछ दिनों पहले दिल्ली में सुरक्षा इंतजाम कड़े कर दिए जाते हैं. इन सुरक्षा इंतजामों से लोगों को थोड़ी सी परेशानी भी होती है. मगर इस दिन कोई हादसा ना हो इसलिए ये इंतजाम करने काफी जरूरी होते हैं.

गणतंत्र दिवस का समापन समारोह (Republic day closing ceremony 2018)

29 जनवरी के दिन विजय चौक पर शाम को देश की तीनों सेनाएं राष्ट्रपति की मौजूदगी में इस कार्यक्रम का समापन करती है. वहीं सेना द्वारा की जाने वाली बीटिंग रिट्रीट समारोह को देखने के लिए काफी लोग भी इस अवसर पर वहां मौजूद होते हैं. सेना के विभिन्न रेजिमेंट पाइप और ड्रम बैंड, बग्लर्स और ट्रम्पेटर्स बजाकर इस कार्यक्रम को समापन करते हैं. सेना द्वारा सारे जहान से अच्छा जैसी धुन को बजाई जाती है. इस कार्यक्रम को बीटिंग रिट्रीट समारोह के नाम से जाना जाता है.

गणतंत्र दिवस से जुड़ी रोचक बातें (facts about Republic day in hindi)

नीचे हम आपको गणतंत्र दिवस से जुड़ी कुछ आश्चर्यजनक तथ्यों को बताने जा रहे हैं जिनके बारे में शायद ही आपको इससे पहले जानकारी होगी और ये मुख्य जानकारी इस तरह हैं –

  • 1950 से 1954 के दौरान गणतंत्र दिवस समारोह दिल्ली के विभिन्न स्थानों पर आयोजित किया जाता था. राजपथ पर इस दिन का आयोजन साल 1955 से शुरू किया गया था.
  • 11 जनवरी 1966 को देश का पूर्व प्रधान मंत्री लाल बहादुर शास्त्री के निधन के कारण इस दिन किसी को भी चीफ गेस्ट के तौर पर निमंत्रित नहीं किया गया था.
  • भारत के संविधान में कुल 448 लेख, 12 अनुसूची और 25 भाग शामिल है, जो कि हमारे देश के संविधान को विश्व का सबसे बड़ा लिखा हुआ संविधान बनाता है.
  • डॉ बाबासाहेब अंबेडकर को भारतीय संविधान का पिता का दर्जा प्राप्त है. उनके द्वारा ही हमारे देश के संविधान को तैयार किया गया था. वहीं भारत के पहले राष्ट्रपति का पद का गौरव राजेन्द्र प्रसाद जी द्वारा बढ़ाया गया.
  • भारत के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ था जब देश के राष्ट्रपति एस. राधाकृष्णन की तबीयत ठीक ना होने के कारण वो गणतंत्र दिवस पर सलामी नहीं ले सके.
  • इस बार देश के नए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी अपना फर्ज निभाते हुए 21 तोपों की सलामी लेंगे. राम नाथ कोविंद हमारे देश के क्रमानुसार 14वें राष्ट्रपति हैं और उन्होंने हाल ही में ये पद संभाला है.
  • कांग्रेस ने 26 जनवरी, 1930 को ‘स्वतंत्रता दिवस’ के रूप में घोषित किया था. लेकिन, 1947 में 15 अगस्त को आधिकारिक स्वतंत्रता दिवस के रूप में ही सामने आया. जिसके बाद 1930 के घोषणापत्र को यादगार बनाने के लिए, 26 जनवरी 1950 को नए भारतीय संविधान पर लागू किया गया.
  • इस दिन का मुख्य कार्यक्रम भारत के जवानों को उनकी वीरता को सम्मान देने के लिए परमवीर चक्र, अशोक चक्र एवं वीर चक्र जैसे पुरस्कारों का वितरण किया जाता है.

गणतंत्र दिवस हिंदी कविता ( Republic Day Kavita in hindi)

आज मेरे देश में गणतंत्र हैं आया
   देश में हर तरफ लोकतंत्र हैं छाया

ना करना अब हमसे कोई सवाल

स्वइच्छा किया हैं हमने मतदान

अब न सुनेंगे कोई बहाना
लोकतंत्र ही हैं शक्ति भलीभांति जाना 

अगर की अपनी मनमानी
सुनेंगे नहीं कोई कहानी 

   फिर से उठालेंगे हथियार 
मतदान हैं हमारा अधिकार 

 अगर आना हैं अगली बार
 विकास करो मोदी इस बार

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Karnika

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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