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सरकारी बॉन्ड स्कीम व उसकी योग्यता क्या है | Govt bond scheme for retail investors in hindi

सरकारी बॉन्ड स्कीम व उसकी योग्यता क्या है | Govt bond scheme for retail investors, eligibility criteria in hindi 

भारत की मौजूदा सरकार ने पुरानी सरकारी बॉन्ड योजना, जो साल 2003 से देश में चल रही थी उसमें कई बदलाव किए हैं. बदलाव के बाद इस योजना की मियाद और ब्याज दर अब बदल जाएगी. वहीं जो लोग अपने पैसे किसी जगह निवेश करने की सोच रहे हैं, उनके लिए बॉन्ड खरीदने का सुनहरा अवसर है. इस योजना का फायदा छोटे निवेश करने वाले लोगों को अधिक मिलने की सम्भावना है. आखिर क्या है सरकार की ये योजना, कैसे खरीद सकते हैं आप ये बॉन्ड और इस योजना के जरिए कितना लाभ हो सकता है, इसकी जानकारी नीचे दी गई है. 

क्या है सरकारी बॉन्ड योजना (Government New Savings Bonds Scheme Details)

योजना में किए गए बदलावों की घोषणा चार जनवरी को वित्त मंत्रालय द्वारा की गई है. इस योजना के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति अपने पैसे इसमें निवेश करता है, तो उसे सालाना 7.75 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जाएगा. वहीं ये योजना सरकार द्वारा शुरू की गई इसलिए ये निवेश करने के लिए एक दम सुरक्षित है. इस योजना के तहत आपको बॉन्ड खरीदने होंगे. वहीं इन बॉन्ड्स की कीमत हजार रुपए से शुरू की गई है. यानी कोई भी आम आदमी इस योजना का लाभ उठा सकता है और अपने पैसे इसमें निवेश कर सकता है.

Govt bond scheme

कौन खरीद सकते हैं ये बॉन्ड (New Govt saving bond eligibility)

इन बॉन्ड को खरीदने के लिए आपका भारतीय होना जरूरी है. अभी तक वित्त मंत्रालय के नियमों के अनुसार इन बॉन्ड को भारत में रहने वाले निवासी ही खरीद सकते हैं. यानी अगर आप भारत में नहीं रहते हैं, तो आप इन बॉन्ड पर अपने पैसे निवेश नहीं कर सकेंगे. इसके अलावा, अभी तक मिली जानकारी के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति केवल एक बॉन्ड ही खरीद सकता है.

सरकारी बॉन्ड से जुड़ी जानकारी (Govt bond scheme 2018 information in hindi) 

योजना की घोषणा 4 जनवरी,2018
कब से खरीद सकते हैं बॉन्ड 10 जनवरी, 2018
बॉन्ड पर मिलने वाला ब्याज 7.75 प्रतिशत
बॉन्ड की सीमा 7 साल
न्यूनतम निवेश सीमा 1000 रुपए
अधिकतम निवेश सीमा कोई सीमा नहीं
बॉन्ड को ट्रांसफर करने की सुविधा नहीं


बॉन्ड पर मिलने वाले ब्याज
(Government  New Savings Bonds Scheme Interest Information)

बॉन्ड पर सरकार द्वारा 7.75 प्रतिशत ब्याज देने का फैसला किया गया और इस ब्याज का भुगतान अर्धवार्षिक रूप में किया जाएगा. यानी अगर किसी व्यक्ति द्वारा एक हजार रुपए के बॉन्ड खरीदे जाते हैं तो सात साल के बाद उस व्यक्ति को 1,703 रुपए मिलेंगे. जबकि इसमें जो 703 रुपए का आपका ब्याज बना होगा उस पर आपको आयकर का भुगतान करना होगा, जो की करीब 70 रुपए तक का भुगतान होगा.

बॉन्ड पर लगने वाला कर (are savings bonds tax free)

इन बॉन्ड्स को आयकर के दायरे में रखा गया है. यानी अगर आप सोच रहे हैं कि इन बॉन्ड को खरीदने से आप आयकर देने से बच जाएंगे तो ऐसा बिल्कुल नहीं होगा. इन बॉन्ड्स पर सरकार द्वारा आयकर छूट नहीं दी गई है. हालांकि इन बॉन्ड को सरकार द्वारा संपत्ति कर के दायरे में नहीं रखा गया है और आपको इन पर कोई भी सम्पति कर नहीं देना होगा.

मौजूदा योजना होगी खत्म (old saving bond scheme latest news)

खुदरा निवेशकों के लिए जो इससे पहले योजना लाई गई थी, उसके अनुसार इन बॉन्ड पर आठ प्रतिशत ब्याज दिया जाता था. इस योजना को सरकार द्वारा 21 अप्रैल 2003 को शुरू किया गया था. लेकिन इस योजना की पुनः घोषणा के साथ आठ प्रतिशत ब्याज दर को बड़क दिया गया है.

 कब से खरीद सकेंगे ये बॉन्ड  (bond buying start date)

वित्त मंत्रालय के द्वारा जारी किए गए बयान के अनुसार आप लोग 10 जनवरी के बाद इन बॉन्ड को खरीद सकेंगे. और ये बांड सम मूल्य (Par value) पर जारी किए जाएंगे और डीमैट फॉर्म में मिलेंगे.  इसके अलावा इन बॉन्ड में संचयी (Accumulative) और गैर संचयी की सुविधा भी रखी गई है. संचयी सुविधा के तहत ब्याज का लाभ इन खरीदे गए बॉन्ड की मैच्युरिटी होने पर दिया जाएगा. जबकि गैर संचयी की अंतर्गत ब्याज अर्धवार्षिक में मिलेगा.

कहां से खरीदे ये बॉन्ड (how to buy government bonds in india)

स्टॉक होल्डिंग कारपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की शाखाओं और इस योजना से जुड़े बैंक के जरिए आप ये बॉन्ड खरीद सकते हैं. इतना ही नहीं इस बॉन्ड से जुड़ी जानकारी आपको नीचे बताए गए लिंक पर मिल जाएगी  http://www.stockholding.com/index.aspx. वहीं इन बॉन्ड को खरीदने के लिए आपको बॉन्ड लेजर अकाउंट खोलना होगा.

खरीद के बाद लेनदेन पर लगेगी लगाम

इन बॉन्ड्स की खुले बाजार में खरीद फरोख्त ना की जाए, इस पर भी खासा ध्यान रखा जाएगा. वित्त मंत्रालय के अनुसार इन बॉन्ड्स को कर्ज लेने के लिए किसी भी जगह पर प्रयोग नहीं किया जा सकता और ना ही बेचा जा सकते हैं. इतना ही नहीं इन बॉन्ड को ट्रांसफर भी नहीं किया जा सकता है. यानी जिस व्यक्ति ने ये बॉन्ड खरीदे हैं वो इनको किसी और व्यक्ति को बेच नहीं सकते हैं.

इस योजना और पुरानी योजना में अंतर (difference between old bond scheme and new bond scheme)

इस योजना के तहत जहां पर इसमें निवेश करने पर आपको 7.75 प्रतिशत ब्याज दिया जाएगा. वहीं इस योजना में पहले ब्याज 8 प्रतिशत दिया जाता था. इतना ही नहीं योजना की मियाद में भी सरकार द्वारा वृद्धि की गई है. जहां इस योजना के लिए सात की मियाद तय की गई है. वहीं पहले यह मियाद 6 साल की थी.

क्यों किया गया ब्याज दर कम (why government cut interest rates)

गौरतलब है कि देश में हुई नोटबंदी के बाद से हर बैंक ने उसमें जमा पैसे पर दिए जानेवाले ब्याज को कम कर दिया था. और इसी तरह सरकार ने भी बॉन्ड्स पर मिलने वाले ब्याज में कटौती कर दी है. नोटबंदी की वजह से बैंकों के पास काफी अच्छा पैसा मौजूद है, जिसके चलते उन्होंने ब्याज दर में कटोती की थी. इसके अलावा सार्वजनिक भविष्य निधि (पीपीएफ) और राष्ट्रीय बचत प्रमाण पत्र (एनएससी) पर भी दिए जाने वाले ब्याज पर कौटती की गई है.

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Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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