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गुलशन कुमार का जीवन परिचय व आने वाली फिल्म मुग़ल | Gulshan Kumar Biography, Mogul Movie In Hindi

गुलशन कुमार का जीवन परिचय व आने वाली फिल्म मुग़ल | Gulshan Kumar Biography and Mogul Movie In Hindi

गुलशन कुमार को इस दुनिया से गए हुए काफी साल हो चुके हैं. मगर आज भी उनका जीवन कई लोगों के लिए प्रेरणा जनक है. कहा जाता है कि मेहनत के दम पर कोई भी इंसान कुछ भी हासिल कर सकता है, और इसी चीजों को सही साबित करके दिखाया था गुलशन कुमार ने. दिल्ली के एक छोटे परिवार से नाता रखने वाले गुलशन कुमार की सोच हमेशा से ही ऊंची रही थी और अपनी इसी सोच के दम पर उन्होंने गानों की दुनिया में एक अलग ही पहचान कायम की थी. आखिर कौन थे गुलशन कुमार और किस तरह से इस साधारण इंसान ने फिल्मी जगत में अपनी एक छाप छोड़ी है, इसकी जानकारी आपको इस लेख के द्वारा दी जाएगी.

Gulshan Kumar Mogul Movie

गुलशन कुमार के जीवन से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारी–  (Gulshan kumar Short Biography In Hindi)

नाम गुलशन कुमार दुआ
जन्म स्थान नई दिल्ली
जन्म तिथि 5 मई, सन् 1951
मृत्यु तिथि 12 अगस्त, सन् 1997
मृत्यु का कारण गोली मार कर हत्या
पिता का नाम चंद्रभान कुमार दुआ
माता का नाम
पत्नी का नाम सुदेश कुमारी दुआ
कुल बच्चे तीन
भाई का नाम कृष्ण कुमार दुआ
पेशा फिल्म निर्माता और व्यवसायी
लंबाई 5’6 फिट
आंखों का रंग ब्राउन
बालों का रंग काला

 गुलशन कुमार का जन्म और परिवार (Gulshan Kumar Family Info)

साल 1951 में दिल्ली में जन्मे गुलशन कुमार के परिवार में उनके अलावा उनके माता-पिता और एक छोटा भाई था. उनके पिता की दिल्ली के दरियागंज में एक फलों की दुकान हुआ करती थी और इस दुकान का काम गुलशन कुमार भी देखा करते थे. पंजाबी परिवार से ताल्लुक रखने वाले गुलशन कुमार ने सुदेश कुमारी के साथ विवाह किया था. गुलशन कुमार के कुल तीन बच्चे हैं, जिनमें से एक लड़का और दो लड़कियां हैं. गुलशन कुमार की हत्या के बाद उनका व्यापार उनके बेटे भूषण कुमार ने संभाला हुआ है, जबकि उनकी बेटी तुलसी कुमार राणा एक गायक हैं और दूसरी बेटी खुशाली कुमारी दुआ ने फैशन डिजाइंग की पढ़ाई कर रखी है. खुशाली को आप लोगों ने कुछ गानों की वीडियों में एक्टिंग भी करते हुए देखा होगा.

कैसे की टीसीरीज की शुरुआत (T-series founder)

गुलशन कुमार अपनी जिंदगी में कुछ अलग करना चाहते थे और कुछ नया करने के जोश के चलते उन्होंने दिल्ली में गानों की सस्ते कैसेट बेचना शुरू किया. उनका कैसेट बचने का काम खूब चलने लगा. जिसके बाद उन्होंने अपने काम को ओर बढ़ाया और दिल्ली से सटे नोएडा में अपनी एक कंपनी खोली. गुलशन कुमार द्वारा इस कंपनी में सस्ती कीमत पर गानों के ऑडियो कैसेट बनाए जाते थे. उनके द्वारा बनाए गए ये कैसेट लोगों को काफी सस्ते पड़ते थे. जिसके चलते उनका ये काम खूब चल पड़ा. 23 साल की आयु में शुरू की गई इस कंपनी का नाम उन्होंने “सुपर कैसेट्स इंडस्ट्रीज रखा था. वहीं अपने इस व्यापार के कामयाब होने के बाद उन्होंने अपनी कंपनी को मुंबई में शिफ्ट कर दिया और इसका नाम बदलकर टी- सीरीज रख दिया. मुंबई में आने के बाद गुलशन कुमार का काम और चल गया. जिसके बाद उन्होंने फिल्मी दुनिया में भी अपना व्यापार शुरू कर दिया और साल 1989 में उन्होंने ‘लाल दुपट्टा मलमल का’ नाम की एक फिल्म बनाई. इस फिल्म को तो लोगों द्वारा कुछ खास पसंद नहीं किया गया. मगर इस फिल्म के गाने खूब चले. इस फिल्म के अलावा उन्होंने ‘आशिकी’, ‘जीना तेरी गली में’ और ‘दिल है की मानता नहीं’ जैसी फिल्म बनाई. आशिकी और दिल है की मानता नहीं फिल्म के गाने काफी हिट हुए थे और लोगों द्वारा काफी पसंद किए गए थे. वहीं आज टी-सीरीज कंपनी ने एक नई बुलंदिया छू रखी हैं और इस कंपनी द्वारा आज कई संगीत और फिल्में बनाई जाती हैं.

भक्ति संगीत में भी दिया योगदान (Gulshan Kumar as singer)

फिल्मी संगीत के अलावा गुलशन कुमार द्वारा कई भक्ति संगीत भी बनाए गए थे.  इन संगीतों की वीडियो में गुलशन कुमार ये गाने गाते हुए नजर आए थे. उनके दौरान बनाए गए इन भक्ति संगीतों को लोगों द्वारा आज भी सुना जाता है. भक्ति संगीत के अलावा उन्होंने कई भक्ति फिल्में और नाटक का भी प्रोडक्शन किया है.

कई गायकों को दी पहचान

गुलशन कुमार ने इस वक्त के कई जानमाने गायकों को भी अपनी फिल्म और एलबम में गायकी करने का मौका दिया था. उनके द्वारा इस फिल्म जगत को सोनू निगम, कुमार शानू और अनुराधा पौडवाल जैसे गायक दिए गए हैं. इसके अलावा उन्होंने अपने छोटे भाई को लेकर दो फिल्में भी बनाई थी हालांकि ना इन फिल्मों और ना उनके भाई के अभिनय को लोगों द्वारा पसंद किया गया था.

गुलशन कुमार द्वारा किए गए कार्य

गुलशन कुमार को भक्ति करने का काफी शौक था और वो हर वक्त भगवान की भक्ति में डूबे रहते थे. उन्होंने कई तरह के समाज कार्य भी किए है. उनके द्वारा माता वैष्णो देवी के मंदिर के पास लोगों को मुफ्त में खाना खिलाया जाता था. इसके अलावा वो पैसे भी गरीबों को दान किया करते थे.

गुलशन कुमार की हत्या और उसे जुड़ा विवाद (Who killed Gulshan Kumar and why or Murder Case)

सन् 1997 की सुबह जब गुलशन रोजाना की तरह शिव जी के मंदिर में उनकी पूजा करने गए थे, उस वक्त उनकी हत्या कर दी थी. कहा जाता है कि हत्यारों ने पहले उनको तीन गोलियां मारी थी, लेकिन किसी तरह गुलशन कुमार उनसे बचकर थोड़ी दूर तक भाग गए. गुलशन कुमार ने इस दौरान एक महिला को गेट खोलकर उन्हें अंदर लेने को कहा, लेकिन जब तक वो महिला कुछ समझ पाती तब तक हत्यारों ने गुलशन कुमार को और 15 गोलिया मार दी. जिसके बाद उनकी मौत हो गई. कहा जाता है कि गुलशन कुमार को लंबे समय से अंडर वर्ल्ड से धमकी भरे फोन आ रहे थे. जिनके बाद उनकी हत्या कर दी गई थी. उनकी हत्या के मामले में पुलिस द्वारा कई लोगों को पकड़ा गया और इस वक्त अब्दुल रऊफ नामक एक शख्स उनकी हत्या के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है. रऊफ का नाता दाऊद से बताया जाता है.

गुलशन कुमार पर बन रही है मुग़ल फिल्म (Gulshan Kumar biopic Mogul Movie by Akshay Kumar)

गुलशन कुमार के जीवन पर आधारित एक फिल्म भी जल्द ही आने वाली है. इस फिल्म का नाम ‘मोगल- द स्टोरी ऑफ गुलशन कुमार’ बताया जा रहा है. इस फिल्म में फिल्म अभिनेता अक्षय कुमार, गुलशन कुमार बनकर अपनी अभिनय प्रतिभा दिखाएंगे. वहीं इस मूवी में निर्देशक के तौर पर सुभाष कपूर को मौका दिया गया है. ये फिल्म उनके प्रोडक्शन हाउस टी-सीरीज द्वारा बनाई जा रही है और उम्मीद है कि साल 2019 तक ये फिल्म रिलीज कर दी जाएगी. वहीं इस फिल्मसे जुड़ा एक पोस्टर रिलीज किया जा चुका है.

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Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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