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हसीना पारकर की जीवनी और उस पर आधारित आने वाली फिल्म | Haseena Parkar Biography and Upcoming Movie in hindi

हसीना पारकर की जीवनी और उस पर आधारित आने वाली फिल्म | Haseena Parkar Biography and Upcoming Movie in hindi

हसीना पारकर अंडरवर्ल्ड अपराधी दाऊद की बहन थी. अपराध जगत में उसे दाऊद के दाहिने हाथ के रूप में जाना जाता था. हसीना पारकर ने इब्राहिम को उसके विभिन्न अपराधिक फैसलों के बारे में सलाह दी जो मुम्बई में अपने व्यवसाय और गैंग से जुड़े हुए थे. हसीना गैंग का विशाल कारोबार मुम्बई के नागपाडा से मीरा रोड तक फ़ैला हुआ था. उसके पास अकूत अघोषित संपत्ति थी. गैरकानूनी व्यापार के मामले में उसका नाम 80 मामलों में सामने आया था, लेकिन उसमे से सिर्फ एक के लिए उसे अदालत जाना पड़ा था. कोई भी व्यक्ति उसके खिलाफ जाने की कोशिश भी नहीं कर सकता था. इनके जीवन पर आधारित फिल्म ‘हसीना पारकर’ आने वाली है, जिसमे इसका किरदार श्रद्धा कपूर निभा रही है

हसीना पारकर का परिचय (Haseena Parkar Biography in hindi)

नाम हसीना पारकर
उपनाम हसीना आपा, लेडी डॉन 
जन्म सन 1959
जन्म स्थान रत्नागिरी जिले के मुमका गांव में
व्यवसाय गैंगस्टर
ऊँचाई 5 फीट 2 इंच
वजन 68 किलोग्राम
आँखों का रंग काला
बालों का रंग काला
नागरिकता भारतीय
धर्म इस्लाम
वैवाहिक स्थिति विवाहित
कुल कमाई 5000 करोड़

 हसीना पारकर का पारिवारिक जीवन (Haseena Parkar Family)

हसीना पारकर के पिता का नाम इब्राहिम कासकर था उसकी माँ का नाम अमीना बी था जो कि एक गृहिणी थी. हसीना के पिता मुम्बई के पुलिस बल के क्राफ्ट ब्रांच में पुलिस हेड कांस्टेबल थे. इस दंपत्ति के 12 बच्चों के नाम निम्नवत है- शबीर इब्राहिम कासकर, इकबाल हसन, नूरा इब्राहिम, अनीस इब्राहिम, सबीर अहमद, मोहम्मद हुमायूँ, मुस्तक़ुईम अली, जैतून अंतुले, सईदा पारकर, फरज़ाना तुन्गेकर, मुमताज़ शैख़. हसीना पारकर अपने 12 भाई बहनों में अपने माँ- बाप की 7 वी संतान थी, दो बड़े बच्चों के मरने के बाद दाऊद उस परिवार का सबसे बड़ा बच्चा बन गया. वह भारत के सबसे बड़े डॉन दाऊद इब्राहिम की छोटी बहन थी. हसीना पारकर के तीन बच्चे थे जिनका नाम डेनिश पारकर, अलीशाह पारकर और एक बेटी जिसका नाम कुदसिया पारकर था. घर के लोग हसीना को प्यार से आपा अर्थात बड़ी बहन कहकर बुलाते थे. 

haseena parkar

हसीना पारकर का प्रभाव (Haseena Parkar Effect)

1991 में अरुण गवली गिरोह ने उसके पति इस्माइल पारकर की हत्या कर दी थी, उसके बाद हसीना ने अपराध की दुनिया में कदम रखा था. वह भूमि अधिग्रहण, जबरन वसूली, अपहरण, हत्या इत्यादि जैसे काम को अंजाम देती थी. वह किसी भी बिल्डर की समस्याओं को सुलझाने के लिए अपने मन और पसंद के अनुसार उनसे कमीशन के रूप में सम्पत्ति की मांग करती थी. उसकी दक्षिण मुम्बई में ज्यादातर बेनामी संपत्तियां थी. ऐसा कहा जाता है कि दक्षिण मुम्बई से कुर्ला तक बिना उसकी अनुमति के कोई भी भवन निर्माण का कार्य नहीं कर सकता था. इन सब कार्यों में उसका बेटा डेनिश उसकी मदद करता था, जिसका निधन एक कार दुर्घटना में हो गया था. हसीना पारकर का विभिन्न क्षेत्रों में प्रभाव निम्नलिखित है –

  • फिल्म पर प्रभाव : हसीना पारकर का प्रभाव भारत में बनने वाले बॉलीवुड फिल्मों पर भी था, फिल्मों के विदेशों में रिलीज के अधिकारों के बारे बातचीत करने के लिए वे जिम्मेवार थी. खास कर उन फिल्मों की जो कड़ी और मध्य रूस में रिलीज होने वाली थी, इसके लिए वे फिल्म के वितरकों से पैसे की वसूली करती थी.
  • गन्दी बस्तियों के पुनर्विकास अधिकार पर प्रभाव : कई बिल्डर और डेवलपर्स बस्तियों में बिल्डिंग बनाने और उसके पुनर्विकास के लिए अधिकार प्राप्त करने के लिए हसीना पारकर से बात करते थे, जिनको वो साजिशों के तहत झुग्गी निवासियों को मना कर काम दिलवा भी देती थी और उनसे उसके बदले धन की उगाही करती थी.
  • केबल संचालन पर प्रभाव : मुम्बई में केबल संचालकों ने कार्य के क्षेत्रों के निर्धारण के लिए आपा उर्फ़ हसीना की मदद लेते थे.   

हसीना पारकर का व्यक्तिगत जीवन (Haseena Parkar Person Life)

दाऊद इब्राहिम गिरोह के परिचालन के प्रमुख के रूप में अपने कार्यकाल के द्वारान हसीना नागपाडा के गोर्डन हाउस इमारत की पहली मंजिल पर रहती थी, उसके और घर की सुरक्षा में कई गुर्गे लगे रहते थे. उसका ये घर मुम्बई के स्थानीय पुलिस स्टेशन के विपरीत ही था. 5 अप्रैल 1997 को हसीना का पासपोर्ट नम्बर ए जारी किया गया था, जोकि 6 अप्रैल 2007 तक वैध था. 1998 में हसीना उसी पासपोर्ट पर हज की यात्रा के लिए गयी थी, 1993 के मुम्बई बम बिस्फोट के बाद वह उसी पासपोर्ट पर कई बार दुबई भी गयी थी. 14 फरवरी 2005 को मुम्बई क्राईम ब्रांच में उसके पासपोर्ट खोने का मामला आया था, उसके बाद उसने डुप्लीकेट पासपोर्ट की प्रति के लिए आवेदन भी किया था. जिसके बाद उसे पासपोर्ट से वंचित कर दिया गया था. इसके लिए उसके वकील श्याम केशवानी ने क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी को कारण बताने के लिए भी कहा था, लेकिन उसके बाद से इस मामले की चर्चा बंद हो गयी थी. हसीना पारकर व्यक्तिगत जीवन में हमेशा अपने कार्यो और जीवनशैली की वजह से चर्चा में ही रही.         

हसीना पारकर की मृत्यु (Haseena Parkar Death)  

6 जुलाई 2014 को सीने में दर्द की शिकायत होने पर दक्षिण मुम्बई के हबीब अस्पताल में इन्हें भर्ती कराया गया था, जिसके बाद उसी दिन उसकी ह्रदय गति रुक जाने से मौत हो गयी. उस वक्त वह रमजान के पवित्र महीने के लिए उपवास कर रही थी. साथ ही वो उस वक्त बीमार भी थी, अचानक से उल्टियाँ शुरू होने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया था, जहां से 2.45 मिनट पर उसके मरने की खबर फैली थी, हसीना 55 साल की उम्र में ही दुनिया से चल बसी.    

हसीना पारकर के जीवन पर आधारित फिल्म (Haseena Parkar Upcoming Movie in hindi)

2016 में अपूर्व लेखिका ने हसीना पारकर के जीवन पर आधारित एक भारतीय फिल्म बनाने की घोषणा की, जिसका नाम ‘हसीना : क्वीन ऑफ मुंबई’ था. किन्तु इस फिल्म का अब नाम ‘हसीना पारकर’ ही है. उन्होंने इस फिल्म का निर्देशन किया है और इस फिल्म के निर्माता नाहिद खान है. जिसमे हसीना की भूमिका को श्रद्धा कपूर ने निभाया है, और उनके अपने भाई जिनका नाम सिद्धार्थ कपूर है ने दाऊद इब्राहिम के किरदार को निभाया है. यह श्रद्धा कपूर के जीवन की बड़ी फिल्म है. इस फिल्म का ट्रेलर 2017 में जारी कर दिया गया है. जिसको देखने के बाद सभी निश्चित रूप से हसीना पारकर की कहानी के बारे में दिलचस्पी ले रहे है. इस कहानी से अंडरवर्ल्ड के अंधेरे रहस्यों से भरे कई राज देखने को मिलेंगे, जिसके लिए दर्शक उत्साहित भी है. इस फिल्म का बजट 300 करोड़ है. यह फिल्म 22 सितम्बर को रिलीज होने वाली है.                  

हसीना पारकर विवाद (Haseena Parkar Controversy)

  • अपने भाई दाऊद इब्राहिम की तरफ से वह जबरन वसूली का कार्य करने वाले रैकेट चलाने के लिए कुख्यात थी.
  • 2008 में हसीना पारकर के ऊपर एक जबरन वसूली का मामला दर्ज हुआ था. जिसको एक रियल स्टेट ब्रोकर विनोद अलवानी ने लगाया था, जिसमे उसने कहा था कि पारकर और उसके सहयोगियों ने उसे 1 करोड़ रूपये की मांग की थी और नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गयी. इस मामले में हसीना को अग्रिम जमानत मिल गयी थी. रियल एस्टेट रेगुलेशन एक्ट की मुख्य बातें यहाँ पढ़ें.
  • हसीना पारकर का नाम हवाला रैकेट के साथ भी जुड़ा हुआ था, जो कि भारत से मध्य पूर्व तक पैसा भेजने के लिए विवादस्पद मुद्दा था.   

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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