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हास्य कविता : सास के बदलते रूप | Hasya Kavita Saas Ke Badalte Rup PoemIn Hindi

Hasya Kavita Saas Ke Badalte Rup PoemIn Hindi हास्य कविता | काव्य के कई रूप हैं अपनी सभी कविताओं में अक्सर मैंने गुस्सा, तकलीफ और व्यंग को दिखाया हैं आज अपनी भावना को हास्य कविता के रूप में व्यक्त करने की कोशिश की हैं | सास बहू एक ऐसा विषय हैं जो कभी बदल नहीं सकता | हर चीज वक्त के साथ बदल रहीं हैं लेकिन यह रिश्ता खट्टी मीठी तकरारों पर ही टिका हैं | यही तकरार इस रिश्ते की जान हैं | आइये पढ़िए हास्य कविता “सास के बदलते रूप” |

sas bahu Hasya kavita in hindi

हास्य कविता : सास के बदलते रूप 

Hasya Kavita Saas Ke Badalte Rup PoemIn Hindi

शादी के पहले…………..

जो बात-बात पर बेटा बुलाये
जो प्यार से तुम्हारे बाल सहलाए

मीठी सी मुस्कान में जो तुमको फँसाये
जो तुम्हे देख ख़ुशी के आंसू बहाये

शादी के बाद…………….
सुबह पाँच बजे जो तुमको जगाये
ए रे ओ रे कह कर बुलाये

हर बात पर अपना मूंह फुलाये
किट किट करके जो सर दुखाये

ये दोनों शख्स कोई और नहीं
एक ही हैं मेरे भाये

मेरी करुण भावना जिसे
सासू माँ सासू माँ कह कर बुलाये ||

 

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Karnika

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
Karnika

2 comments

  1. plsss provide a script for anchoring teej function

  2. सास पर कुछ हास्य पंक्तियाँ मैंने भी कहीं पढ़ी थी :
    करके अगवा सास मेरे बॉस की
    दी है धमकी डाकुओं ने बॉस को !
    तुमने पहुंचाएं ना अगर पांच लाख
    छोड़ देंगे हम तुम्हारी सास को !!

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