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अंग्रेजी बोलना कैसे सीखे व अंग्रेजी बोलना कैसे सुधारे | How to learn and improve Speaking english easily tips in hindi

अंग्रेजी बोलना कैसे सीखे | अंग्रेजी बोलना कैसे सुधारे | How to learn and improve Speaking english easily tips in hindi

इंग्लिश को एक ग्लोबल भाषा के तौर पर पहचाना जाता हैं. और जब कोई अन्य भाषा बचपन से ही आपके जीवन में जगह बना चुकी हो तो एक अलग भाषा को समझना थोडा मुश्किल हो जाता हैं. लेकिन अभी के समय में इंग्लिश की समझ और इसमें अभिव्यक्ति एक जरूरत बन चुकी हैं. इस कारण ही इसे सीखना और समझना बहुत जरुरी हो जाता हैं, इसके लिए लिखना, बोलना और सुनना ही वो तरीका हैं जिससे कि इंग्लिश में सुधार किया जा सकता हैं. ऐसे में कुछ सिंपल से टिप्स जिन्हें रोज की जिंदगी में अपनाए तो आसानी से इंग्लिश को इम्प्रूव किया जा सकता हैं.

अंग्रेजी बोलना कैसे सीखे व कैसे सुधारे (How to learn and improve Speaking english easily tips in hindi)

improve my English Tips

स्टडी प्लान बनाएं (Make a study-plan)

आप यदि कोई कारण से इंग्लिश सीखेंगे तो एक लिमिट के बाद सीखने की प्रक्रिया रुक जाएगी. इसलिए ये बेहतर हैं कि इसे एक बच्चे के जैसे सीखें, ताकि आप भाषा के कोई भी एक क्षेत्र जैसे बोलने या लिखने तक ही सिमित ना रह जाए. इसलिए एक लॉन्ग-टर्म गोल बनाकर उस पर काम करना शुरू करें. यदि कही पर आपको समस्या आती हैं तो एक्सपर्ट्स की सलाह लेने में झिझके नहीं. एक बार में पढकर खत्म करने की जगह इसे बार-बार दोहरना सही रहेगा. चाहे कुछ भी कर रहे हो, आप दिमाग में इंग्लिश के शब्द और वाक्य रच सकते हैं, इससे आपकी इंग्लिश काफी इम्प्रूव होगी.

अपना समय ज्यादातर  इंग्लिश बोलने,सुनने वाले वातावरण में बिताए. इससे इंग्लिश के साथ आप कम्फ़र्टेबल होने लगेंगे. इंग्लिश सीखने के लिए एक स्टडी प्लान बनाए और अपने परिवार और दोस्तों को अपने इस सीखने के प्लान में शामिल करे. वास्तव में इंग्लिश सीखने के लिए इसे 4 कोर स्किल्स से ही शुरू किया जा सकता हैं: पढना, लिखना, बोलना और सुनना.

अपने नोट्स बनाए (Prepare some notes for self)

आप इंग्लिश सीखते हुए खुदके लिए कुछ नोट्स भी बना सकते हैं जिसके लिए अपने पास नोटबुक रखें. उसका उपयोग वाक्य लिखने के लिए करे,या कोई ने शब्द सिखने को मिले तो वो भी उसमें तुरंत लिख सकते हैं. हर रोज एक पाठ सुने वोकेबलरी को सही करने के लिए अच्छा रहेगा कि शब्दों को याद करे और उनका उपयोग करते हुए कुछ लाइन्स बनाए. यदि आप शब्दों को पकडकर वाक्य रचना करने लगते हैं तो आपका इंग्लिश भाषा पर अच्छी पकड होने लगती हैं.

इंग्लिश ग्रामर पढ़े  (Read the English grammar)

इंग्लिश सिखने के लिए सबसे पहले इस भाषा को समझने की कोशिश करे. इसके लिए ग्रामर की किताबें पढ़े, और शब्दों को समझना शुरू करे. कोई भी बच्चा जब भाषा सीखता हैं तो वो पहले सुनता है फिर बोलता हैं. आप चाहे तो इंग्लिश के लिए भी ऐसा ही कर सकते है. कुछ समय तक इंग्लिश की कहानियां सुने, या इंग्लिश बोलने वाले लोगों के मध्य रहे. और उनकी बात सुनकर समझना शुरू करे.

ग्रामर से आपको वाक्य बनाना समझ आने लगेगा, और यदि एक बार शब्द और उनका जुड़ाव पकड़ में आने लगा तो आप उसे आर्डर में अरेंज करना सिखने लगेंगे.

आप चाहे तो ग्रामर सिखने के लिए कुछ दिन के लिए कोई क्लास भी जॉइन कर सकते हैं, वहां आपके सभी बेसिक्स क्लियर होने लगेंगे.

इंग्लिश की किताबें पढ़ें   (Read the English books )                      

एक बार पढने में यदि आप को समस्या आनी बंद हो जाए तो आप कोई नावेल या किसी अच्छे लेखक की सिंपल भाषा में लिखी इन्स्पीरेशनल बुक या न्यूज़-पेपर भी पढ़ सकते हैं. शुरू में आप सिर्फ मतलब समझने को पढने पर फोकस कर सकते हैं, लेकिन बाद में आपको शब्दों का उपयोग और रचना भी समझ आने लगेगी. रूट वर्ड सीखना शुरू करे, जब भी कोई नया वर्ड सीखे उससे सम्बन्धित अन्य शब्दों या उससे वाक्य बनाने की कोशिश करे.

सुनकर सीखे (Learn by hearing and watching)

वास्तव में आप जितना ज्यादा इंग्लिश सुनेंगे उतना ही ज्यादा आप इसे समझने लगेंगे. शुरू में सम्भव हैं कि कुछ भी समझ ना आये, लेकिन निरंतर अभ्यास से आप कम समय में ही इंग्लिश पर अपनी पकड बना सकते हैं, क्युकी इंग्लिश दुनिया की सबसे सरल भाषा में मानी जाती हैं. इसके लिए आप टीवी या यूट्यूब पर इंग्लिश कार्यक्रम देखने शुरू करें

टीवी से ज्यादा डीवीडी या कोई रिकार्डेड विडियो देखे जिसे आप रिवाइंड भी कर सके, इसके अलावा जितना सम्भव हो सबटाइटल वाली फिल्म देखें,और उसके साथ सुनकर समझने की कोशिश करे.

इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स करें (Join English Speaking Course)

यदि आप पहले से ही इंग्लिश लिख पढ़ सकते हैं लेकिन सिर्फ बोलने और सुनने में समस्या आती हैं तो इसके लिए भी अलग से कोई क्लास में जा सकते हैं,जहाँ अंग्रेजी बोलना सिखाया जाता हो. वहां आपको सही दिशा मिल जायेगी  और आप जल्दी अपनी इंग्लिश इम्प्रूव कर सकेंगे.

बोलकर पढते हुए अभ्यास करें ( Read the newspaper and magazines with high volume) 

यदि इंग्लिश आपके लिए बिलकुल नई भाषा हैं तो आपको इंग्लिश सिखने के लिए एक बच्चे के जैसे शुरुआत करने की जरूरत हैं. जैसे आप यदि ग्रामर समझ लेते हैं फिर कोई किताब लेकर पढने बैठते हैं तो आपको इसे जोर-जोर से पढना होगा. ऐसा करने पर आप वर्तनी और उच्चारण को शुद्ध कर पायेंगे,और इससे आत्म-विशवास भी बनने लगेगा. आप न्यूज़-पेपर या कोई मेग्जिन भी जोर जोर से पढ़ सकते हैं.           

लिखने की प्रैक्टिस करें (Practice in Writing)

आप कोई किताब पढकर उसे लिखना भी शुरू कर सकते हैं. इसके लिए छोटी-छोटी कहानियों से शुरू करना होगा अच्छा रहेगा. कोई भी कहानी को पढकर यदि आप उसे तुरंत लिखने बैठेंगे तो आपके दिमाग में इस नई भाषा में अपनी रचनात्मकता दिखाने के लिए कई आइडिया आयेंगे. सम्भव हैं कि आपको शब्दों की कमी लगे. इसके लिए यदि आप रोज अभ्यास करेंगे,तो जल्द ही आपको सम्बन्धित कहानी के कुछ की-वर्ड दिमाग में फिक्स होने लगेंगे,और शब्दों की कमी नहीं रहेगी. इसके अलावा जो समस्या आएगी वो हैं आपके वाक्य बनाने की, इसके लिए आपने यदि ग्रामर थोड़ी भी सीख रखी हैं तो आप आसानी से लिख सकेंगे. लेकिन यदि आपको ग्रामर की इतनी समझ नहीं हैं तो भी चिंता का विषय नहीं हैं क्योंकि आपने जब कहानी को पढ़ा था तब कुछ शब्द, स्टोरी लाइन आपके दिमाग में जम गई थी, अब आप उसे अपनी भाषा में तो समझ ही सकते हो, इंग्लिश में भी वो आपको समझ आ चुकी हैं. ऐसे में कुछ गलत तो कुछ सही करके आप वो कहानी लिख सकते हो. इससे होने वाली गलतियाँ ही आपको सुधार का मौका देंगी.

इंग्लिश में ही बात करें  (Communicate in English only)

अभी इंग्लिश सीखने में जो दूसरी समस्या आती हैं वो संवाद स्थापित करना. इसके लिए ग्रामर,शब्द-रचना या वाक्यों के संयोजन से कही ज्यादा आत्म-विशवास होना जरुरी हैं. क्योंकि कई बार इंग्लिश के लिखने-पढने की अच्छी समझ होते हुए भी सिर्फ आत्म-विशवास की कमी के चलते व्यक्ति को जीवन में पीछे रहने पड़ जाता हैं. इसके लिए दिमाग में ये बात बैठानी बहुत जरुरी हैं कि ये सिर्फ एक भाषा हैं, यदि इसे बोलते वक्त कही कुछ गलत हो भी गया तो कोई अनर्थ नहीं होगा. जब तक इस तरह की सोच विकसित नहीं होगी तब तक इंग्लिश बोलना आसान नहीं होगा. और इसके साथ आने वाली अन्य समस्याए भी जीवन में अपनी जगह बनाने लगेगी,ऐसे में व्यक्ति कितना भी प्रतिभाशाली क्यों ना हो,वो अच्छे मौके गँवा देगा. सो इंग्लिश को संवाद में शामिल करने के लिए सबसे पहले अपने आस-पास के उन लोगों से इंग्लिश में बात करना शुरू करे जिनके साथ आप कम्फ़र्टेबल हैं. फिर चाहे उन लोगों को भी इंग्लिश आती हो या ना आती हो, आप अपने रोजमर्रा के जीवन में यदि इंग्लिश बोलना शुरू करेंगे तो आप देखेंगे की आप अनजान और नई जगह पर इंग्लिश बोलते वक्त झिझक नहीं रहे हैं.

इंग्लिश में ही सोचे (Think in English)

आप इंग्लिश बोलने से पहले अपनी पारम्परिक भाषा में कुछ सोचते हैं फिर उसे यदि इंग्लिश में ट्रांसलेट करते हैं,तो अब से ये करना बंद करे. क्युकी ऐसा करने पर कई बार कुछ ऐसी लाइन्स बन जाती हैं जो कि सही नहीं होती. साथ ही इतना सब सोचने में भी बहुत समय लग जाता हैं इसलिए इस तरीके को छोडकर आप नया तरीका अपनाए. दिमाग में पहले कुछ भी फिट करने से अच्छा हैं कि आप शब्द और वाक्य रचना सीधे इंग्लिश में ही करें.

सोशल मीडिया और स्मार्ट फ़ोन की मदद ले (Use Smartphone and Social media Platform)

सोशल मीडिया के जमाने में इंग्लिश बोलना कोई मुश्किल काम नहीं है. आप चाहे तो सोशल मीडिया को आधार बनाकर इंग्लिश को सुधार सकते हैं. आपको लिखने के साथ अभिव्यक्ति का भी एक अच्छा मंच मिल जाएगा.

आप स्मार्टफोन की भी सहायता ले सकते हैं पहले अपनी आवाज़ को रिकॉर्ड करे, और फिर उसे सुने. इससे आपको आपकी गलतियाँ समझ में आएँगी, और जो डर हैं वो भी दूर होगा. फ़ोन आपके वर्तनी के साथ उच्चारण को भी सुधारेगा.

रोज एक नया शब्द सीखें (Daily Learn a new word)

यदि इंग्लिश सिखने का जूनून सर पर चढ जाए तो आप हर रोज एक नया वर्ड सिखनने की आदत डाल सकते हैं और इस तरह से इंग्लिश में अपनी वोकेबलरी भी सुधर सकते हैं. इंग्लिश फिल्म देखना, दोस्तों के साथ इंग्लिश में संवाद करना और तर्क-वितर्क में भी अंग्रेजी का उपयोग करना जैसे कुछ पारम्परिक तरीके हैं जिनसे इंग्लिश को सुधार जा सकता हैं.

अकेले में भी अभ्यास करें (Practice in free time)

जब आप कुछ नहीं कर रहे हो तो आप खुद के साथ भी इंग्लिश में संवाद बनाने की कोशिश कर सकते हैं, इसके लिए आप चाहे तो आईने के सामने खड़े होकर अंग्रेजी बोल सकते हैं.. इससे आपके इंग्लिश बोलने के साथ-साथ आत्म-विश्वास में भी बढ़ोतरी होगी.

बोलने के लिए फ्लूएंसी डेवेलप करें (Develop your fluency in English)

हाँ! इंग्लिश बोलने के लिए आवश्यक हैं कि आप फ्लुएंसी पर ध्यान दे, और ग्रामर को भूल जाए. इसके लिए आत्म-विशवास के साथ थोड़ी सी प्रैक्टिस की जरूरत होगी और ये तरीका आपकी राह बहुत आसान कर देगा वैसे यदि इसमें आप कोई तरह की शर्म महसूस करे तो आप कुछ समय तक ऐसे लोगों को ऑब्जर्व भी कर सकते हैं जो इंग्लिश बोलते हैं,और आपको समझ आ जायेगा कि इंग्लिश बोलने के लिए ग्राम्र्र की जरूरत नहीं होती

शब्दकोश को मजबूत और विकसित करें (Develop your  English vocabulary)

अपनी इंग्लिश को प्रभावशाली बनाने के लिए आप कुछ विशेष शब्दों का प्रयोग कर सकते हैं,लिखते वक्त तो आपको कई सरे शब्दों के पर्यायवाची मिल जायेगे जो कि आपकी राइटिंग को प्रभावशाली बनायेंगे. लेकिन बोलते वक्त आपको इसके लिए कुछ टंग ट्विस्टर का प्रयोग करना पड़ेगा, जिससे कि आपकी इंग्लिश खुद ही इफेक्टिव हो जाएगी. आप इसके लिए इंटरनेट का उपयोग कर सकते हैं.

गलतियाँ स्वीकारें  (Accept the mistakes)

गलतियों से ना घबराए, आत्म-विश्वास के साथ इंग्लिश बोलना जारी रखे. लोग आपकी गलती को सही कर सकते हैं. और यदि कोई ऐसा करता हैं तो उसे सहर्ष स्वीकार करे, इसे अहंकार का विषय ना बनाए

याद रखें कि सिर्फ पढने-लिखने से आप इंग्लिश नही सिख सकते जब तक इंग्लिश के आपके जीवन में शामिल नहीं हो जाती आप इंग्लिश नहीं सिख सकते है.

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Sneha

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स्नेहा दीपावली वेबसाइट की लेखिका है| जिनकी रूचि हिंदी भाषा मे है| यह दीपावली के लिए कई विषयों मे लिखती है|
Sneha

2 comments

  1. It’s very useful thanks dear

  2. THANKS FOR UR HELP
    SNEHA JI

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