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मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी कैसे करें | How Can Do Mobile Number Portability in Hindi

How Can We Do Mobile Number Portability in Hindi मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी ने अब अपना दायरा बढ़ा लिया हैं. अब तक केवल राज्य के भीतर ही एक नेटवर्क से दुसरे नेटवर्क में मोबाइल पोर्टेबिलिटी (Mobile number  Portability) होती थी लेकिन अब आप देश के किसी भी कोने से जाये आप अपना नंबर पोर्ट करवा सकते हैं.

अब आप जीवन भर एक ही नंबर उपयोग कर सकते हैं. यह सुविधा उन लोगो के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं जो जॉब के कारण एक शहर से दुसरे शहर भटकते रहते हैं और हर वक्त नंबर बदल जाने से परेशान रहते हैं क्यूंकि आज कल मोबाइल नंबर केवल बात करने के लिए नहीं बल्कि बैंक में, एलपीजी गैस में अथवा कई जगह जोड़ा जाता हैं और बार- बार मोबाइल नंबर  बदलने से सभी को बहुत सी परेशानी का सामना करना पड़ता हैं.

How Can We Do Mobile Number Portability in Hindi

मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी कैसे करें

How Can Do Mobile Number Portability in Hindi

ऐसे में पुरे देश में मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की यह सुविधा बहुत ही अच्छी खबर हैं.

आइये जाने क्या हैं मोबाइल पोर्टेबिलिटी की प्रक्रिया  (How Can We Do Mobile Number Portability)

  • इसके लिए आपको एक एप्लीकेशन फॉर्म भरना होता हैं. जिसके साथ आपकी एक फोटो एवम एड्रेस प्रूफ की कॉपी लगानी पड़ती हैं.
  • इस एप्लीकेशन फॉर्म में एक UPC-Unique Port Code कोड भरना होता जिसे प्राप्त करते हेतु निम्न प्रक्रिया आप स्वयं ही कर सकते हैं.
  1. अपने SMS Write में जाकर PORT टाइप करें एवम उसके बाद अपना 10 डिजिट का मोबाइल नंबर डालें और उसे 1900 पर भेज दे.
  2. इसके तुरंत बाद आपके मोबाइल पर UPC-Unique Port Code आएगा जो कि 8 डिजिट का होगा.
  3. इस तरह इस UPC को MNP फॉर्म में भरें.
  • इस प्रक्रिया के बाद आपके नंबर की पूरी जानकारी अर्थात कोई बकाया बिल तो नहीं हैं, प्राप्त करने के बाद आपका मोबाइल नंबर पोर्ट की प्रक्रिया एक्सेप्ट की जाएगी.
  • यह सुनिश्चित होने के बाद आपको एक सिम दी जाएगी.
  • जिसे आप लगभग 24 घंटे बाद अपने मोबाइल में डालकर शुरू कर सकते हैं.
  • MNP में कितना समय लगेगा यह आपको SMS के द्वारा बताया जायेगा.जिसके बाद आप सिम बदल सकते हैं.
  • इस प्रक्रिया में 19 रूपये आपके अकाउंट से काटने का प्रावधान हैं.

मोबाइल पोर्टेबिलिटी के लाभ (Benefits of Mobile number Portability)

  • पहले हम एक ही सर्किल में मोबाइल को एक कंपनी से दूसरी कंपनी के पोर्ट कर सकते थे मतलब UP के नंबर को उसी क्षेत्र में बदला जा सकता था.
  • पोस्टपेड को प्री पेड में भी पोर्ट किया जा सकता हैं.
  • नंबर को CDMA से GSM में भी बदला जा सकता हैं.
  • MNP के कारण उपभोक्ता को शहर बदलने पर अपना नंबर नहीं बदलना होगा. वे आजीवन एक ही नंबर का इस्तेमाल कर सकते हैं.

मोबाइल पोर्टेबिलिटी के संबंध में अन्य जरुरी बाते (Key Points Mobile number Portability)

  • एक बार UPC-Unique Port Code प्राप्त होने के बाद समय रहते अगर इसका इस्तेमाल ना किया जाए तो यह रद्द कर दिए जाते हैं.
  • अगर उपभोक्ता के पुराने पेंडिंग बिल हैं और नंबर पोर्ट हो चूका हैं. तब बिल भरने के लिए उपभोक्ता को 3 महीने का समय दिया जायेगा. अन्यथा नंबर बंद कर देने का प्रावधान हैं.
  • किसी भी कंपनी के नंबर पोर्ट करने के बाद आपको कम से कम 3 महीने उसी कंपनी से जुड़ा रहना अनिवार्य हैं.
  • जब मोबाइल पोर्टेबिलिटी की प्रक्रिया कंपनी द्वारा की जाती हैं तब लगभग 2 घंटे के लिए नंबर बंद किया जाता हैं.
  • पोर्ट होने के बाद कुछ समय तक नयी कंपनी का नाम नंबर के नहीं आता जैसे अगर आपको ऑनलाइन रिचार्ज करना हैं तब नंबर डालते हैं ही आपका नेटवर्क एवम सर्किल आ जाता हैं लेकिन मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी के कारण कई बार हमें खुद यह केटेगरी भरनी पड़ती हैं क्यूंकि वह पिछली कंपनी का नाम एवम नेटवर्क ही दिखाता हैं.

मोबाइल कंपनियों के द्वारा दी गई यह सुविधा एक अच्छी सौगात हैं. आईडिया, एयरटेल, बीएसएनएल आदि इस सुविधा से 3 जुलाई से जुड़ चुके हैं.अन्य सभी कंपनी भी कुछ वक्त के इस फैसिलिटी से जुड़ जाएँगी.

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Karnika

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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