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भारत के प्रमुख व्रत पर्व और त्यौहार| Indian Festival Tyouhar Parv In Hindi

Indian Festival Tyouhar Parv In Hindi त्यौहार हर एक देश में मनाये जाते हैं, लेकिन भारत देश में त्यौहारों का अपना ही अलग अंदाज हैं. पारिवारिक प्रेम,आपसी भाई चारा एवम सामाजिक व्यवस्था आदि ही त्यौहारों के मुख्य बिंदु हैं. हिन्दू संस्कृति में हर एक दिन की अपनी एक विशेषता होती हैं, जिससे जुड़ी मान्यताओ के आधार पर सांस्कृतिक त्यौहार मनाये जाते हैं. हिंदी पंचांग की व्यवस्था सामाजिक परिपेक्ष से नही बल्कि प्राकृतिक परिपेक्ष के आधार पर की गई हैं. ऋतुओ के बदलने के साथ-साथ त्यौहारों का आगमन होता हैं और वातावरण के अनुकूल ही उस त्यौहार के नियम होते हैं .

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भारत के प्रमुख व्रत पर्व और त्यौहार

Indian Festival Tyouhar Parv In Hindi

भारत में कई संस्कृतियों का समावेश हैं, ऐसे में कई विचारधाराओं एवम मान्यताओं के आधार पर भिन्न- भिन्न त्यौहार मनाये जाते हैं . ऐसे ही कुछ सांस्कृतिक त्यौहारों का विवरण किया गया हैं :

  • भारत के महत्वपूर्ण सांकृतिक त्यौहार  | Indian Festival Dates In Hindi
त्यौहार का नाम 2016 2017 2018
दिवाली 30 अक्टूबर 19 अक्टूबर 7 नवम्बर
दशहरा 11 अक्टूबर 30 सितम्बर 19 अक्टूबर
होली 24 मार्च 13 मार्च 2 मार्च
जन्माष्टमी 25 अगस्त 14 अगस्त 2 सितम्बर
गणेश चतुर्थी 5 सितम्बर 25 अगस्त 13 सितम्बर
रक्षाबंधन 18 अगस्त 7 अगस्त 26 अगस्त
ईद 6 जुलाई 25 जून 15 जून
क्रिसमस 25 दिसम्बर 25 दिसम्बर 25 दिसम्बर
गुरु नानक जयंती 14 नवम्बर 4 नवम्बर 23 नवम्बर

भारत के अन्य धार्मिक त्यौहार –

त्यौहारों का नाम 2016 2017 2018
महाशिव रात्रि 7 मार्च 24 फरवरी 13 फरवरी
फुलेरा दूज 10 मार्च 28 फरवरी 17 फरवरी
गुड फ्राइडे 25 मार्च 14 अप्रैल 30 मार्च
ईस्टर  27 मार्च 17 अप्रैल 2 अप्रैल 
रंग पंचमी 28 मार्च 17 मार्च 6 मार्च
गुड़ी पड़वा 8 अप्रैल 28 मार्च 18 मार्च
राम नवमी  15 अप्रैल  5 अप्रैल 25 मार्च 
गणगौर 9 अप्रैल 30 मार्च 20 मार्च
अक्षय तृतीया 9 मई 28 अप्रैल 18 अप्रैल
बुद्ध पूर्णिमा 21 मई 10 मई 30 अप्रैल
गंगा दशहरा 14 जून 3 जून 24 मई
मिथुना संक्राती 14 जून 15 जून 15 जून
जगन्नाथ रथ यात्रा 6 जुलाई 25 जून 14 जुलाई
जयापार्वती व्रत 17-22 जुलाई 6-12 जुलाई 24-31 जुलाई
हरियाली तीज 5 अगस्त 26 जुलाई 13 अगस्त
नाग पंचमी 7 अगस्त 27 जुलाई 15 अगस्त
उपाकर्म 17-18 अगसत 27-28 जुलाई 25-26 अगस्त
कजरी तीज 21 अगस्त 10 अगस्त 29 अगस्त
बहुला चौथ 21 अगस्त 11 अगस्त 30 अगस्त
हर छठ 23 अगस्त 13 अगस्त 1 सितम्बर
पर्युषण 29 अगस्त 19 अगस्त 7 सितम्बर
हरतालिका तीज 4 सितम्बर 24 अगस्त 12 सितम्बर
ऋषि पंचमी 6 सितम्बर 26 अगस्त 14 सितम्बर
संतान सप्तमी 8 सितम्बर 28 अगस्त 16 सितम्बर
राधा अष्टमी/ महालक्ष्मी व्रत 9 सितम्बर 29 अगस्त 17 सितम्बर
अनंत चतुर्दशी 15 सितम्बर 5 सितम्बर 23 सितम्बर
श्राद्ध 17 सितम्बर 7 सितम्बर 25 सितम्बर
जीवित्पुत्रिका 23 सितम्बर 13 सितम्बर 2 अक्टूबर
नवरात्री 1 अक्टूबर – 21 सितम्बर 10 अक्टूबर
बठुकम्मा महोत्सव 1 अक्टूबर-10 अक्टूबर 21 सितम्बर 10 अक्टूबर
नवपत्रिका पूजा 8 अक्टूबर 27 सितम्बर 16 अक्टूबर
सरस्वती पूजा 9 अक्टूबर 28 सितम्बर 16 अक्टूबर
शरद पूर्णिमा / कोजागरी व्रत 15 अक्टूबर 5 अक्टूबर 23 अक्टूबर
करवाचौथ 19 अक्टूबर 8 अक्टूबर 27 अक्टूबर
अहौई अष्टमी 22 अक्टूबर 12 अक्टूबर 31अक्टूबर
धनतेरस 28 अक्टूबर 17 अक्टूबर 5 नवम्बर
नरक चतुर्दशी 29 अक्टूबर 18 अक्टूबर 6 नवंबर
आद्य काली पूजा 29 अक्टूबर 19 अक्टूबर 6 नवम्बर
गोवर्धन पूजा/ अन्नकूट 31 अक्टूबर 20 अक्टूबर 8 नवंबर
भैया दूज/ यम द्वितीया 1 नवंबर 21 अक्टूबर 9 नवंबर
छठ पूजा 6 नवंबर 26 अक्टूबर 13 नवंबर
गोपाष्टमी 8 नवंबर 28 अक्टूबर 16 नवंबर
अक्षय आँवला नवमी 9 नवंबर 29 अक्टूबर 17 नवंबर
जगद्धात्री पूजा 9 नवंबर 29 अक्टूबर 17 नवंबर
तुलसी विवाह 11 नवंबर 1 नवंबर 20 नवंबर
वैकुण्ठ चतुर्दशी 13 नवंबर 2 नवंबर 21 नवंबर
मणि कर्णिका स्नान 13 नवंबर 2 नवंबर 21 नवंबर
विवाह पंचमी 4 दिसम्बर 23 नवंबर 12 दिसम्बर
मंडला पूजा 26 दिसम्बर 26 दिसम्बर 27 दिसम्बर
  • ग्यारस / एकादशी व्रत तिथी  | Ekadashi vrat dates in Hindi:

हिन्दू पंचांग की प्रत्येक ग्यारहवी तिथी को एकादशी/ ग्यारस व्रत का पालन किया जाता हैं . वर्ष के प्रत्येक माह में ग्यारस की दो तिथियाँ आती हैं एक शुक्ल पक्ष एवम एक कृष्ण पक्ष. एकादशी के स्वामी भगवान विष्णु कहे जाते हैं. भक्त जन अपने मनोरथ के लिए एकादशी व्रत का पालन करते हैं . हिन्दू संस्कृति में एकादशी का महत्व सर्वाधिक होता हैं. मनुष्य अपने दुखो को दूर करने के उद्देश्य से इस व्रत का पालन करता हैं. वर्ष में 26 एकादशी व्रत का पालन किया जाता हैं. सभी एकादशी व्रत के पीछे एक पौराणिक कथा हैं, जिसमे एकादशी का उद्देश्य एवम भाव निहित हैं, जिन्हें आप नीचे दी गई लिंक से पढ़ सकते हैं

क्र. एकादशी नाम पक्ष 2016 2017 2018
1 सफला कृष्ण 5 जनवरी एवं 26 दिसम्बर 13 दिसम्बर
2 पौष पुत्रदा शुक्ल 20 जनवरी 8 जनवरी/ 29 दिसम्बर
3 षष्ठीला कृष्ण 4 फरवरी 23 जनवरी 12 जनवरी
4 जया शुक्ल 18 फरवरी 7 फरवरी 27 जनवरी
5 विजया कृष्ण 5 मार्च 22 फरवरी 11 फरवरी
6 आमलकी शुक्ल 19 मार्च 8 मार्च 26 फरवरी
7 पापमोचिनी कृष्ण 3 /4अप्रैल 24 मार्च 13 मार्च
8 कामदा शुक्ल 17 अप्रैल 7 अप्रैल 27 मार्च
9 वरुठिनी कृष्ण 03 मई 22 अप्रैल 12 अप्रैल
10 मोहिनी शुक्ल 17 मई 06 मई 26 अप्रैल
11 अपरा कृष्ण 1 जून 22 मई 11 मई
12 निर्जला शुक्ल 16 जून 05 जून 23 जून
13 योगिनी कृष्ण 30 जून / 1 जुलाई 20 जून 09 जुलाई
14 देव शयनी शुक्ल 15 जुलाई 4 जुलाई 23 जुलाई
15 कामिका कृष्ण 30 जुलाई 19 जुलाई 07 अगस्त
16 पुत्रदा शुक्ल 14 अगस्त 3 अगस्त 22 अगस्त
17 अजा कृष्ण 28 अगस्त 18 अगस्त 06 सितम्बर
18 परिवर्तिनी/ डोल ग्यारस शुक्ल 13 सितम्बर 2 सितम्बर 20 सितबर
19 इंदिरा कृष्ण 26 सितम्बर 16 सितम्बर 5 अक्टूबर
20 पापांकुशा शुक्ल 12 अक्टूबर 01 अक्टूबर 20 अक्टूबर
21 रमा कृष्ण 26 अक्टूबर 15 अक्टूबर 03 नवंबर
22 प्रबोधिनी/ देव उठनी शुक्ल 10 नवंबर 31 अक्टूबर 19 नवंबर
23 उत्पन्ना कृष्ण 25 नवंबर 14 नवंबर 03 दिसम्बर
24 मोक्षदा शुक्ल 10 दिसम्बर 30 नवंबर 18 दिसम्बर
25 पद्मिनी (अधिक मास) कृष्ण 25 मई
26 परमा (अधिक मास) शुक्ल 10 जून
  • पूर्णिमा व्रत | Purnima Vrat Date In Hindi :

हिन्दू पंचांग के अनुसार एक माह में दो पक्ष (शुक्ल कृष्ण) होते हैं, जो कि अमावस से पूर्णिमा एवं पूर्णिमा से अमावस के बीच होते हैं . इस तरह प्रति वर्ष 12 पूर्णिमा आती हैं . पूर्णिमा के दिन अथवा एक दिन पूर्व सत्यनारायण भगवान की कथा एवम पूजा का महत्व होता हैं . पूर्णिमा के दिन चन्द्रमा अपने पूर्ण रूप में होता हैं इस दिन उपवास का महत्व होता हैं जिसे हिन्दू धर्म में बड़े नियमो द्वारा निभाया जाता हैं .

निम्न सारणी में पुरे वर्ष में आने वाली पूर्णिमा का महत्व बताया गया हैं :

श्रावण पूर्णिमा / रक्षाबंधन

क्र. मासिक पूर्णिमा महत्व 2016 2017 2018
1 चैत्र हनुमान जयंती 22 अप्रैल 11 अप्रैल 31 मार्च
2 वैशाख बुद्ध जयंती 21 मई 10 मई 30 अप्रैल
3 ज्येष्ठ वट सावित्री 20 जून 9 जून 29 मई 28 जून
4 आषाढ़ गुरू पूर्णिमा 19 जुलाई 9 जुलाई 27 जुलाई
5 श्रावण पूर्णिमा  रक्षाबंधन 18 अगस्त 7 अगस्त 26 अगस्त
6 भाद्रपद पूर्णिमा श्राद्ध/ पितृ 16 सितम्बर 6 सितम्बर 25 सितम्बर
7 आश्विन शरद पूर्णिमा 16 अक्टूबर 5 अक्टूबर 24 अक्टूबर
8 कार्तिक पूर्णिमा 14 नवंबर 4 नवंबर 23 नवम्बर
9 अग्रहण्य पूर्णिमा 13 दिसम्बर 3 दिसम्बर 22 दिसम्बर
10 पौष पूर्णिमा 24 जनवरी 12 जनवरी 2 जनवरी
11 माघ माघ मेला 22 फरवरी 10 फरवरी 31 जनवरी
12 फाल्गुन होली 23 मार्च 12 मार्च 1 मार्च

मासिक अमावस्या व्रत –

क्र. मासिक पूर्णिमा महत्व 2016 2017 2018
1 चैत्र चैत्र अमावस्या 7 अप्रैल 28 मार्च 17 मार्च
2 वैशाख बैसाख अमावस्या 6 मई 26 अप्रैल 16 अप्रैल
3 ज्येष्ठ शनि जयंती 5 जून 25 मई 15 मई
4 आषाढ़ सोमवती अमावस्या 4 जुलाई 24 जून 13 जून
5 श्रावण श्रावण अमावस्या 2 अगस्त 23 जुलाई 13 जुलाई
6 भाद्रपद पिठोरी अमावस्या, चन्द्र ग्रहण 1 सितम्बर 21 अगस्त 11 अगस्त
7 आश्विन सर्व पितृ अमावस्या 30 सितम्बर 20 सितम्बर 9 सितम्बर
8 कार्तिक दीवाली 30 अक्टूबर 19 अक्टूबर 9 अक्टूबर
9 अग्रहण्य मार्गशीर्ष अमावस्या 29 नवम्बर 18 नवम्बर 7 नवम्बर
10 पौष पौष अमावस्या 29 दिसम्बर 18 दिसम्बर 7 दिसम्बर
11 पौष 9 जनवरी
12 माघ मौनी अमावस्या 8 फ़रवरी 27 जनवरी 16 जनवरी
13 फाल्गुन सूर्य ग्रहण 9 मार्च 26 फ़रवरी 15 फ़रवरी

 

  • किसान के कटाई त्यौहार (Seasonal and Harvesting festivals)
त्यौहार का नाम 2016 2017 2018
लोहड़ी 14 जनवरी 13 जनवरी 13 जनवरी
मकर संक्रांति 15 जनवरी 14 जनवरी 14 जनवरी
बसंत पंचमी 12 फरवरी 1 फरवरी 22 जनवरी
बैसाखी 13 अप्रैल 14 अप्रैल 14 अप्रैल
ओणम 14 सितम्बर 4 सितम्बर 24 अगस्त
पोला 1 सितम्बर 21 अगस्त 11 अगस्त

अन्य महत्वपूर्ण मासिक त्यौहार एवम पवित्र माह :

हिन्दू पंचांग में सभी तिथियों का विशेष महत्व होता हैं प्रति माह कई विशेष तिथियों पर भक्त जन पूजा एवम उपवास करते हैं . इसके अलावा कई माह भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं. आगे की तालिका में इन्ही महत्वपूर्ण मासिक त्यौहारों एवम माह का महत्व बताया गया हैं :

नाम विवरण
कालाष्टमी कृष्ण पक्ष अष्टमी
प्रदोष प्रति हिंदी माह त्रयोदशी
मासिक शिव रात्रि प्रति हिंदी माह चतुर्दशी
संकष्टी चतुर्थी हर माह कृष्ण पक्ष के चौथे दिन संकष्टी चतुर्थी आती है|
भानु सप्तमी जब सप्तमी के दिन रविवार होता हैं
स्कन्दा षष्ठी शुक्ल पक्ष पंचमी और षष्ठी एक साथ आये तब मनाई जाती हैं
रोहिणी व्रत जब रोहिणी नक्षत्र सूर्योदय के बाद प्रबल होता हैं
सत्य नारायण पूजा पूर्णिमा एवं उसके एक दिन पूर्व/ प्रति माह संक्रांति
मंगला गौरी / गौरी पूजा  सावन माह के हर मंगलवार को मंगला गौरी व्रत होता है
धनुर्मास  
श्रावण/ सावन महत्व पवित्र माह
अधिक मास महत्व पवित्र माह जो तीन वर्ष में आता हैं
कोकिला व्रत जब अधिक मास आषाढ़ में आता हैं यह योग 19 वर्षो में बनता हैं
कार्तिक माह महत्व पवित्र माह
चातुर्मास/ चौमासा अर्ध अषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, अश्विन एवं अर्ध कार्तिक
महाकुम्भ नासिक सूर्य,वृहस्पति जब सिंह राशि में प्रवेश करते हैं
महाकुम्भ उज्जैन जब सूर्य एवम वृहस्पति वृश्चिक राशि में प्रवेश करता हैं |

इस्लामिक त्यौहार | Islamik Festival Dates In Hindi

भारत में कई धर्मो का समावेश हैं | यह एक अकेला राष्ट्र हैं जहाँ सभी धर्मो के लोग अपने- अपने धर्मानुसार स्वतंत्रता के साथ अपना- अपना त्यौहार मना सकते हैं . यहाँ विचारों की पूर्ण स्वतंत्रता हैं इसी तरह इस्लामिक त्यौहारों को भी उत्साह से भारत में मनाया जाता हैं जिनका महत्व एवम उद्देश्य भी प्रेम और शांति ही हैं ऐसे ही कुछ त्यौहारों का विवरण निम्न तालिका में किया गया हैं :

नाम 2016
ईद 9- 11 जुलाई
रमजान 6 जून पाक महिना
बकरीद 10 सितम्बर
अल हिजरा इस्लामिक न्यू इयर 3 अक्टूबर
मुहर्रम/ आशुरा 1-10 अक्टूबर

भारत देश की पहचान हैं उसके अनेक धर्मो का एक सुन्दर स्वरूप.  प्रेम, एकता, आपसी भाई चारा ही त्यौहारो का मुख्य उद्देश्य हैं. सामाजिक व्यवस्था की दृष्टि से भी त्यौहार बहुत महत्वपूर्ण हैं.

हमारे इस पेज में उन्ही त्यौहारों का विवरण किया किया हैं अगर आप इससे भिन्न कुछ जानते हैं तब अपनी राय कमेंट बॉक्स में दे सकते हैं.