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गजलों के राजा जगजीत सिंह का जीवन परिचय | Jagjit Singh biography in Hindi

गजलों के राजा जगजीत सिंह का जीवन परिचय | Jagjit Singh biography, songs in Hindi

जगजीत सिंह को उनकी आवाज और गजलों के लिए आज भी याद किया जाता है. अपने जीवन में उन्होंने जो गजलें और गीत गाए हैं, उनको सुनकर मन को एक शांति सी मिलती है. जगजीत सिंह एक अलग ही अंदाज से गायकी किया करते थे. जिसके चलते उनकी गायकी दुनिया भर में काफी प्रसिद्ध थी और उनके द्वारा दुनिया के अलग-अलग जगहों पर किए जाने वाले संगीत के कार्यक्रमों को देखने के लिए काफी संख्या में लोग आया करते थे. वहीं अगरआपने उनके द्वारा गाए गए किसी भी गाने को कभी सुना होगा, तो आपको इस बात का अंदाज होगा ही, कि उनके गाने किस तरह से मन को छू लेते थे. वहीं इस महान गायक का जीवन कई परेशानियों और दुखों से भी भरा हुआ था. लेकिन लाख परेशानियों के बावजूद इस गायक ने कभी भी अपनी गायकी के साथ कोई समझौता नहीं किया. और जो भी गजल या गाने इन्होंने गाए वो मन से गाए. वहीं भारत में जगजीत को गजलों का राजा कहा जाता है और उनके द्वारा लिखी और गाई गई गंजलें लोगों के दिल में बसी हुई हैं.

जगजीत सिंह

जगजीत सिंह का जीवन परिचय (Jagjit Singh biography in Hindi)

पूरा नाम जगजीत सिंह धीमान
उप नाम द गजल किंग
जन्म तिथि 8 फरवरी 1941
मृत्यु तिथि 10 अक्टूबर 2011
मृत्यु के समय आयु 70 वर्ष
पिता का नाम अमर सिंह धीमान
माता का नाम सरदारनी बच्चन कौर
व्यवसाय कम्पोजर, गायक, संगीत निर्देशक
आंखों का रंग भूरा
वजन 75 किलो
लंबाई 5’10 फीट
कुल बच्चे दो, एक लड़का और एक लड़की(सौतेली)
बहन-भाई चार बहन और दो भाई

 

जगजीत सिंह का जन्म और शिक्षा (Jagjit Singh Birth and education)

जगजीत सिंह का जन्म राजस्थान में हुआ था. हालांकि वो एक पंजाबी थे. वहीं कहा जाता है कि जन्म के वक्त उनका नाम जगमोहन रखा गया था. लेकिन उनके पिता ने अपने किसी गुरू के कहने पर इनके नाम में परिवर्तन कर जगजीत रख दिया. जगजीत सिंह ने अपने जीवन के सुनहरे पल राजस्थान के श्री गंगानगर में बिताए थे. इन्होंने श्री गंगानगर में स्थित खालसा हाई स्कूल और गवर्नमेंट कॉलेज से अपनी पढ़ाई की थी. जबकि उन्होंने जालंधर के डीएवी कॉलेज से कला में डिग्री हासिल की थी. वहीं हरियाणा के कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से उन्होंने इतिहास में स्नातकोत्तर किया था. वहीं कहा जाता है कि जगजीत सिंह के पिता अमर सिंह चाहते थे, कि उनका बेटा इंजीनियर या फिर किसी उच्च पद पर कार्य करें. लेकिन जगजीत सिंह की किस्मत में गायकी करना लिखा था और उन्होंने संगीत जगत में ही अपना एक उच्च औदा बनाया.

जगजीत सिंह का गायकी करियर (Jagjit Singh Singing Career)

जगजीत सिंह ने गायकी में महारथ पाने के लिए पंडित छगनलाल शर्मा और उस्ताद जमाल खान से स्वर-संगीत की शिक्षा प्राप्त की थी. जगजीत ने वर्ष 1961 में ऑल इंडिया रेडियो के जालंधर स्टेशन के लिए काम भी किया था. इस दौरान उन्होंने कई गाने गाए और बहुत से गीतों को लिखा भी था, वहीं साल 1962 में जगजीत सिंह ने भारत के राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद के स्वागत के लिए एक गाना भी लिखा था.

बॉलीवुड में जगजीत सिंह का सफर (jagjit singh songs in bollywood movies)

जगजीत सिंह के पास बेहद ही उम्दा आवाज थी, मगर उनकी संगीत की दुनिया मे कोई भी जान पहचान नहीं थी. जिसके चलते उन्हें अपनी पहचान बनाने के लिए कई दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा था. साल 1965 में सिंह अपने सपनों को पूरा करने के लिए बॉम्बे आए थे. उन्होंने यहां पर विज्ञापन जिंगल के एक गायक के रूप में अपना करियर शुरू किया था. जिसके बाद उन्होंने प्लेबैक गायक के तौर पर भी कई गाने गाए. वहीं इसी दौरान उनकी मुलाकात अपनी पत्नी चित्रा से हुई थी. जिसके बाद चित्रा और जगजीत ने एक साथ एक एलबम में गाना गया था. वहीं इस गाने की एलबम को लोगों द्वारा काफी पसंद भी किया गया था. वहीं धीरे-धीरे जगजीत सिंह की आवाज का जादू लोगों पर चढ़ने लगा. जिसके बाद जगजीत सिंह ने बॉलीवुड की कई सारी फिल्मों में गाने गाए और उनके ये गाने आज भी पसंद किए जाते हैं. जगजीत सिंह के द्वारा गाए गए कुछ गानों के नाम इस प्रकार हैं-

संख्या फिल्म का नाम गाने का नाम
1 दुश्मन चिट्ठी ना कोई संदेश
2 तुम बिन कोई फरियाद
3 अर्थ झुकी झुकी सी नजर’
4 साथ-साथ तुमको देखा तो ये
5 प्रेम कथा होठों से छू लो तुम
6 सरफरोश होश वालों को खबर

इतना ही नहीं उन्होंने भारत के पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा लिखे गए गीतों को बनाया और रिकॉर्ड भी किया था.

जगजीत सिंह का परिवार (jagjit singh family history in hindi)

पंजाब के परिवार से ताल्लुक रखने वाले जगजीत सिंह के पिता लोक निर्माण विभाग में कार्य करते थे. जिसके चलते उनकी बदली राजस्थान में की गई थी. जबकि उनकी माता एक गृहणी थी. जगजीत सिंह ने साल 1969 में अपनी पत्नी चित्रा के साथ विवाह किया था. इन दोनों का ये प्रेम विवाह था. चित्रा भी एक गायक थी और इन दोनों ने एक साथ कई गानों की एलबम में काम भी किया था. वहीं चित्रा का जगजीत सिंह से दूसरा विवाह था. उनकी पहले विवाह से एक लड़की थी. वहीं जगजीत और चित्रा का एक पुत्र भी था. लेकिन वर्ष 1990 में कार में सफर के दौरान दुर्घटना में उनके बेटे विवेक की मृत्यु हो गई थी. जिस वक्त उनके बेटे की मृत्यु हुई थी, उस वक्त उसकी आयु महज 18 वर्ष की थी. इतना ही नहीं चित्रा की बेटी ने भी किन्हीं कारण के चलते खुदकुशी कर ली थी.

जगजीत सिंह के जीवन का बुरा दौर

बेटे की मौत से लगा था सदमा (Jagjit Singh son vivek death)

बेहद ही कम उम्र में अपने बच्चों को खो देने का असर जगजीत सिंह और उनकी पत्नी की गायकी पर भी पड़ा. कहा जाता है कि उनकी पत्नी ने अपने बेटे की मौत के बाद गायन करना त्याग दिया था. जबकि जगजीत सिंह ने कई महीनों तक बोलना बंद कर दिया था. उन्होंने लोगों और गायकी से दूरी बना ली थी. लेकिन वक्त गुजरने के बाद जगजीत सिंह ने एक बार फिर अपनी गायकी को शुरू किया. और अपनी गायकी की मदद से अपने दुखों को भूलाने की कोशिश की. जगजीत सिंह ने अपने जीवनकल में करीब 90 गाने की एलबम को बनाया है.

जगजीत सिंह को मिले सम्मान और पुरस्कार-(Awards received by Jagjit Singh )

इस महान गजल गायक को कई सारे सम्मानों से सम्मानित किया गया है. साल 1998 में सिंह को मध्य प्रदेश सरकार द्वारा लता मंगेशकर सम्मान से नवाजा गया था. वहीं साल 2005 में दिल्ली सरकार द्वारा गालिब अकादमी पुरस्कार भी इनको दिया गया था. वहीं भारत सरकार ने भी साल 2003 में पद्म भूषण से जगजीत सिंह को पुरस्कृत करके सम्मान दिया गया था. इसके अलावा राजस्थान सरकार ने मरणोपरांत जगजीत सिंह को अपना उच्चतम नागरिक पुरस्कार यानी राजस्थान रत्न प्रदान किया था. संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से भी जगजीत सिंह को प्रोत्साहन एवं गायन क्षेत्र में नया मुकाम मिला.

जगजीत सिंह के विवादित बयान (Jagjit singh on A R Rahman)

भारत के जाने-माने गायक ए आर रहमान की गायकी और जिस तरह का वो संगीत बनाते थे. उस पर जगजीत सिंह ने सवाल खड़े किए थे. जगजीत सिंह ने कहा था कि रहमान को गजल के बारे में क्या पता है? इतना ही नहीं जगजीत सिंह ने रहमान को मिले गए ऑस्कर अवॉर्ड पर भी सवाल खड़े किए थे. उन्होंने कहा था कि उन्हें लगता है कि जिस गाने के लिए रहमान को ये पुरस्कार मिला है वो गाना इतना खास नहीं है.

जगजीत सिंह की मृत्यु (Jagjit Singh Death)

मस्तिष्क रक्तस्राव के कारण जगजीत सिंह की मृत्यु हो गई थी. इस बीमारी के चलते वो दो हफ्तों से अधिक समय तक कोमा में थे. वहीं 10 अक्टूबर को मुंबई के लीलावती अस्पताल में जगजीत सिंह के रूप में भारत ने एक बेहतरीन गायक खो दिया. इनकी मृत्यु पर पूरे भारत के लोगों ने शौक जाहिर किया था और बॉलीवुड की जानी-मानी हस्तियों जगजीत सिंह के अंतिम संस्कार के वक्त उनके अंतिम दर्शन करने आई थी. वहीं साल 2014 में भारत सरकार द्वारा उनकी तस्वीर लगी एक डाक टिकट भी जारी की थी.

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