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जामुन के फायदे | Jamun fruit leaf seed sirka benefits in hindi

Jamun or black plum fruit leaf seed sirka fayde (benefits) in hindi जब फलों का राजा आम बाजारो में राज कर रहा होता है, और अपनी विभिन्न प्रजातियों और स्वादों से लोगों का मन मोह रहा होता है, उसी बीच बाजार में अपने गुणों की खान लिए एक और फल अपनी मौजूदगी दर्ज करवाता है, जिसका नाम है “जामुन”. यू तो जामुन रंग में काला और स्वाद में  थोड़ा तौरा होता है, परंतु मौसम में हर फल को खाने का अपना एक अलग ही मजा होता है. फिर जामुन जैसे फल को खाने के तो फायदे भी बहुत है. आइये आज आपको जामुन के फ़ायदों से अवगत कराते है, ताकि इस मौसम में जब आप जामुन खाये तो उसके लिए आपका एक अलग ही नजरिया  हो.

जामुन के फायदे 

Jamun or black plum benefits in hindi

Jamun fruit

जामुन मे उपलब्ध पोषक तत्व  (Jamun fruit nutritional value):

पोषक तत्व का नाम मात्रा
ऊर्जा 251 किलो जुल
कार्बोहाइड्रेट 14 ग्राम
फाइबर 0.6
फैट्स 0.23ग्राम
विटामिन, कैल्शियम, आयरन, पोटेशियम 0.995 ग्राम

 

  1. जामुन के औषधीय गुण :

हममें से अधिक्तर लोग यह जानते है कि जामुन सेहत के लिये बहुत फायदेमंद होता है या यह कई रोगों में फायदा पहुंचाता है. आइये आज इसके औषधीय गुणों को विस्तार से देखते है.

  • जामुन रक्त में शक्कर की मात्रा को नियंत्रित करता है, जामुन के मौसम में इसके नियमित सेवन से डायबटीज के मरीज को फायदा होता है. इससे शुगर के मरीज को होने वाली समस्याए जैसे बार-बार प्यास लगना और बार-बार यूरिन पास होना आदि में भी लाभ पहुचता है.
  • जामुन में पोटेशियम पर्याप्त मात्रा में होता है जो कि व्यक्ति को हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक आदि से बचाता है.
  • अगर किसी व्यक्ति में खून की कमी पाई जाती है, तो उसे भी जामुन का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिये, इससे व्यक्ति के शरीर में खून का स्तर बढ़ जाता है.
  • जामुन में विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व जैसे कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन और विटामिन प्रचुर मात्रा में मौजूद होते है, जो कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते है.
  • आप मौसम के समय में जामुन के फलों का रस निकाल कर रख सकते है और फिर कभी उल्टी, दस्त या हैज़ा जैसी परेशानी होने पर इसे पानी के साथ उपयोग करने पर फायदा पहुचता है.
  • ताजे जामुन और आम का रस मिलाकर शुगर के मरीज को देने पर फायदा पहुचता है.
  • जामुन के सेवन से पेट की समस्याओ से निजात मिलता है. साथ ही साथ पेट के कीड़े, दमा की समस्या, ख़ासी आदि में भी राहत मिलती है.
  • जामुन के सेवन से पेट की समस्याओ जैसे कब्ज, एसीडिटी आदि से निजात मिलता है और चेहरे पर निखार आता है.
  • अगर आपके मुंह में छाले हो गए है तो जामुन के सेवन से लाभ मिलेगा.
  • अगर आप एसीडिटी से परेशान है, तो जामुन के फल में काला नमक और जीरे का चूर्ण मिलाकर इसका सेवन करने से लाभ मिलेगा.
  • जामुन में बहुत सारे तत्व होने के कारण यह आपको बारिश के मौसम में रोगो से लड़ने की शक्ति देता है.

जामुन के फल के साथ-साथ इसकी पत्ती, गुठली और छाल के भी बहुत सारे फायदे है, जिनके बारे में जानकर आप उनका लाभ ले सकते है. तो आइये जामुन की पत्तियों, गुठली और छाल के फायदे के बारे में कुछ जानकारी एकत्रित करते है.

  1. जामुन की पत्तियों के फायदे  (Jamun leaf benefits):

जामुन के फल तो केवल मौसम में उपलब्ध होते है, परंतु इसकी पत्तियाँ पूरे वर्ष भर उपलब्ध रहती है और रोगी को फायदा पहुचाती है.

  • अगर आपके मसूड़े कमजोर है, तो जामुन के पत्तों की राख का मंजन करने से आपको फायदा मिलता है.
  • अगर आपके मसूड़े से खून आता है या कोई अन्य समस्या जैसे मसूड़ो में सूजन आदि है तो जामुन के कोमल पत्तों को पानी मे उबाल से और इस पानी से कुल्ला करने पर आपको लाभ अवश्य होगा.
  • अगर किसी व्यक्ति ने अफीम का नशा किया है, तो उसे दूर करने के लिए जामुन के पत्तों को पीसकर उसका रस निकाले और पीढ़ित व्यक्ति को देने से उसे लाभ मिलता है.
  • अगर आप मुंह की दुर्गंध से परेशान है, तो जामुन के पत्ते चबाने और उसे चूसने से आपको लाभ मिलेगा.
  • जामुन के पत्तों का गाय के दूध के साथ सेवन से खूनी बवासीर मे लाभ पहुचता है.
  1. जामुन की गुठलियों के फायदे  (Jamun seed benefits) :

जामुन का फल जब उपलब्ध होता है तो इसके सेवन के बाद गुठलियों को अधिकतर लोग फेक देते है, इसका कारण जामुन की गुठलियों के फ़ायदों से अज्ञात होना है. अगर व्यक्ति चाहे तो जामुन की गुठलियों को एकत्रित करते उसका चूर्ण बनाकर उसका उपयोग वर्ष भर कर सकता है. आइये देखते है कि जामुन की गुठलियों के क्या-क्या फायदे है. 

  • जामुन की गुठलियों के पावडर के नियमित सेवन से शुगर के रोगियों को फायदा पहुँचता है.
  • अगर आपको कोई घाव या छाला हो गया है, तो जामुन की गुठली को सुखाकर पीस लें, फिर उस पाउडर में पानी डालकर पेस्ट बनाकर घाव पर लगाने से लाभ मिलता है.
  • जामुन की गुठलियों के पावडर का सेवन करने से पेचिश में भी राहत मिलती है, इसके लिए दिन मे तीन बार 1-1 चम्मच इसका सेवन करना चाहिए.
  • अगर आपको पथरी (stone) हो गयी है, तो जामुन की गुठली के पावडर को दही के साथ लेने से आराम मिलता है.
  • रक्तप्रदर की समस्या होने पर जामुन की गुठली के पावडर में पीपल की छाल का पावडर 1/4 मिलाकर लेने से लाभ मिलता है.
  • अगर आपका बच्चा रात मे बिस्तर में पेशाब करता है, तो उसे जामुन की गुठली के पावडर की निश्चित मात्रा देने पर लाभ पहुचता है. 
  • अगर आप अपनी आवाज सुरीली बनाना चाहते है, तो जामुन की गुठलियों के पावडर को शहद के साथ सेवन करने से लाभ होगा.
  1. जामुन की छाल के फायदे :

जामुन के पेड़ की हर एक चीज फायदा पहुंचाती है, जामुन के फल, पत्तियों और गुठली के बाद आइए देखते है कि जामुन के पेड़ की छाल के क्या फायदे है.

  • अगर आपके पेट में मरोड़, ऐठन आदि समस्या है, तो जामुन की छाल का काढ़ा बनाकर पीने से लाभ मिलेगा.
  • अगर बच्चों को दस्त हो गए है, तो जामुन की छाल का रस बकरी के दूध में उबालकर ठंडा करके पियें उससे लाभ मिलता है.
  • जामुन की छाल स्त्रियों मे अतिसार की समस्या मे लाभदायक है.
  • जामुन की छाल गर्भवती स्त्रियों के लिए भी अतिसार में लाभप्रद है. इसके लिए जामुन की छाल को पानी में उबाले और जब यह पानी एक चौथाई रह जाए तो इसे छानकर 2 से तीन बार धनियाँ और जीरे के चूर्ण के साथ देने से लाभ मिलेगा.
  • अगर गला ख़राब हो, तो जामुन की छाल को पानी में उबाल कर उस पानी से गरारे करने पर लाभ मिलता है.
  • जामुन छाल गठिया के इलाज में भी सहायक है.
  • जामुन की वृक्ष की छाल को घिसकर पानी के साथ दिन मे एक दो बार लेने पर अपच, पेट ख़राब की समस्या दूर होती है.
  1. जामुन के सिरके के फायदे  (Jamun ka sirka benefits):

जामुन का फल तो साल भर उपलब्ध नहीं होता, परंतु आप चाहे तो उसके फलो का सिरका बनाकर इसे साल भर इस्तेमाल कर सकते है. जिसके कई सारे फायदे है, आइये हम जामुन के सिरके से होने वाले फायदे को देखते है.

  • अगर आप काफी समय से कब्ज की समस्या से परेशान है, तो जामुन के सिरके के नियमित सेवन से आपको लाभ मिलेगा.
  • उल्टी दस्त आदि में भी जामुन का सिरका फायदेमंद है.
  • जामुन का सिरका शुगर के मरीज के लिए भी लाभप्रद है.

जामुन का सिरका बनाने की विधी (Jamun sirka recipe in hindi):

जामुन का सिरका बनाने के लिये जामुन को मिट्टी के बर्तन में नमक मिलाकर कुछ दिनों के लिये धूप में रख दे. अब जब यह तैयार हो इसे छानकर काँच की बोतल में रख ले और आवश्यकता होने पर उपयोग करे.    

  1. जामुन खाते वक़्त ध्यान रखने योग्य बाते :

किसी भी चीज की आवश्यकता से अति सेहत के लिये हानिकारक होती है, इसलिए हमे इस बात को ध्यान रखते हुये चीजों का सेवन करना चाहिए. आईये देखते है कि जामुन के सेवन मे क्या-क्या सावधानी बरतनी चाहिए:

  • जामुन का सेवन निश्चित मात्रा में करना चाहिये नहीं तो नुकसान पहुचता है. विशेषज्ञों के अनुसार एक बार में 200 ग्राम से अधिक जामुन का सेवन नुकसानदायक है.
  • खाली पेट जामुन का सेवन नुकसान दायक है.
  • जामुन खाने के बाद दूध नही पीना चाहिये.

आशा है हमारे इस आर्टिक्ल में जामुन के इतने सारे गुणो को पढ़कर आप इस मौसम में जामुन का भरपूर फायदा लेंगे और अपने आपको रोगों से मुक्त रखेंगे. साथ ही साथ जामुन के पेड़ के अन्य भागों का भी उपयोग आवश्यकता पढ़ने पर कर सकते है और अपने आप को स्वस्थ, निरोगी बना सकते है. 

Sneha

Sneha

स्नेहा दीपावली वेबसाइट की लेखिका है| जिनकी रूचि हिंदी भाषा मे है| यह दीपावली के लिए कई विषयों मे लिखती है|
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One comment

  1. शुगर के रोगियों को जामुन के पत्तों को खा सकते है क्या ?
    खाने की विधि बताये

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