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के एम नानावटी केस व रुस्तम फिल्म | K M Nanavati Case Rustom Movie in hindi

K M  Nanavati Case Rustom Movie in hindi के एम नानावटी केस के बारे में आपने कहीं न कही सुना तो जरुर होगा. 1959 का यह केस भारत के सबसे दिलचप्स कोर्ट केस में से एक है. के एम नानावटी एक नवल कमांडर थे, जिन्होंने अपनी पत्नी के प्रेमी को अपनी ऑफिसियल बन्दुक से गोली मार दी थी. इस केस को बहुत मीडिया कवरेज मिला, और बहुत दिनों तक इस केस ने अख़बार की सुर्खियाँ बटोरी. शुरुवात में नानावटी को केस से बरी कर दिया गया, लेकिन आगे चलकर उन पर इल्जाम साबित हुए.

के एम नानावटी केस पर बनी रुस्तम फिल्म 

K M  Nanavati Case Rustom Movie in hindi

क्रमांक जीवन परिचय बिंदु के एम नानावटी जीवन परिचय
1. पूरा नाम कवास मानेक्षव नानावटी
2. जन्म 1925
3. काम इंडियन नेवी कमांडर
4. मृत्यु 2003
5. पत्नी सिल्विया (1931)
6. बच्चे 2 बेटे, 1 बेटी
7. जाति फारसी

के एम् नानावटी परिचय (K M Nanavati introduction)–

के एम नानावटी एक पारसी थे, जो इंडियन नेवी में कमांडर थे. उन्होंने 1931 में विदेशी लड़की सिल्विया से शादी कर ली, जिनसे उन्हें 2 बेटा 1 बेटी हुई. नानावटी अपने परिवार के साथ मुंबई में रहने लगे. नानावटी को अपने काम के चलते, ज्यादातर घर से दूर रहना पड़ता था. वे लम्बे समय के लिए मुंबई से दूर रहते थे. ऐसे में उनकी पत्नी सिल्विया बच्चों के साथ अकेली मुंबई में रहती थी. अकेलेपन के चलते सिल्विया की ज़िन्दगी में प्रेम भगवानदास आहूजा नाम के दोस्त ने दस्तख दी. सिल्विया और प्रेम एक दुसरे से प्यार कर बैठे. सिल्विया प्रेम से शादी करना चाहता थी, और नानावटी को तलाक देना चाहती थी, लेकिन प्रेम ऐसा नहीं चाहता था. यहाँ सिल्विया को उस पर शक होता है. कुछ समय बाद सिल्विया को प्रेम के दुसरे अफेयर के बारे में पता चलता है.

प्रेम आहूजा मर्डर केस (Prem ahuja murder) –

1 नवम्बर 1958 को जब के एम नानावटी अपने काम से मुंबई पहुँचते है, तो घर में सिल्विया को बहुत परेशान और डिस्टर्ब देखते है. नानावटी के पूछने पर प्रेम से धोखा खाई सिल्विया अपने अफेयर के बारे में उसको सब बता देती है.  यह सुन नानावटी परेशान और डिस्टर्ब हो जाता है, वह एक सोच में डूब जाता है, लेकिन वो अपनी पत्नी और बच्चों के सामने यह दिखाता नहीं है. कुछ देर बाद वो अपनी पत्नी और बच्चों को फिल्म दिखने के लिए मेट्रो सिनेमा ले जाता है. यहाँ वो अपने परिवार को छोड़ता है, और कुछ काम का बहाना बोल वहां से निकल जाता है. नानावटी वहां से अपने नवल ऑफिस जाता है और अपनी बन्दुक और 6 गोलियां निकालता है. इसके बाद वो आहूजा के ऑफिस जाता है, जहाँ वो उसे नहीं मिलता है. फिर नानावटी आहूजा के घर जाता है, और बन्दुक दिखाकर उसे कहता है कि वो सिल्विया से शादी कर ले, और उसके बच्चों को अपना ले. प्रेम उससे कहता है कि ‘क्या वो हर उस लड़की के साथ शादी करे, जिसके साथ वो सोता है.’ इसके बाद नानावटी आहूजा पर तीन गोलियां चला देता है, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो जाती है. नानावटी अपना जुल्म कबूलने के लिए पश्चिमी नौसेना कमान के प्रोवोस्ट मार्शल के पास जाता है, उनकी सलाह पर नानावटी डिप्टी कमिश्नर के पास जाकर अपना जुल्म कबूल लेता है.

के एम नानावटी कोर्ट केस ड्रामा (K M  Nanavati Case) –

नानावटी का केस कोर्ट में पहुंचता है, जहाँ इस बात पर चर्चा होती है कि उसने गुस्से में आहूजा को मारा, या यह एक सोची समझी हत्या थी. पहली बार की सुनवाई में नानावटी को दोषी करार दिया जाता है, जिसमें बोला जाता है, अगर वो अपना पक्ष नहीं रख पाते है तो उनको अधिकतम 10 साल की सजा हो सकती है.

K M  Nanavati Case Rustom Movie

दूसरी सुनवाई में ये बात रखी जाती है कि नानावटी ने ये हत्या सोच समझ कर प्लान करके की थी, गैरइरादान तरीके से प्रेम को नहीं मारा था. इस हिसाब से उन्हें फांसी या आजीवन कारावास हो सकता था. नानावटी अपने आप को दोषी नहीं(Not guilty) बोलते है, उनकी बचाव टीम गैरइरादान हत्या का तर्क रखती है. नानावटी के वकील बोलते है कि नानावटी एक ईमानदार इंसान है, वे एक देशभक्त है, जिन्होंने निस्वार्थ भाव से देश की सेवा की है. इनकी कोई आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं, और इन्होने खुद अपनी इच्छा से आत्मसमर्पण किया था. और सभी सबुत और गवाह के अनुसार उन्हें हत्या के लिए उकसाया गया था, इससे उनका कोई आर्थिक लाभ नहीं था. इसके बाद बॉम्बे सोशन कोर्ट के एम नानावटी को सेक्शन 302 के तहत दोषी नहीं (Not guilty) मानती है.

के एम नानावटी केस इन हाई कोर्ट (K M Nanavati vs State of Maharashtra Case) –

प्रेम आहूजा की बहन ममी आहूजा इस केस को हाई कोर्ट ले जाती है. यहाँ उनके वकील राम जेठमलानी होते है. हाई कोर्ट में ममी के वकील बोलते है कि हत्या के समय प्रेम व आहूजा के साथ कोई भी नहीं था, जिसने ये देखा हो. यहाँ सिल्विया से पूछताछ होती है, जिसके अनुसार सिल्विया जब नानावटी को अपने अफेयर के बारे में बताती है, तो नानावटी इसका ज़िम्मेदार खुद को समझते है, और अपने आप को मार देना चाहते थे, लेकिन सिल्विया उन्हें बोलती है, इसमें उनकी कोई गलती नहीं है. सिल्विया यहाँ नानावटी को ये नहीं बताती है, कि प्रेम भी उससे शादी करना चाहता था.

आगे नानावटी बताते है कि जब वो प्रेम के घर गए थे, तब वो नहाकर निकलता है, और टॉवल में होता है. नानावटी प्रेम से कहता है वो सिल्विया से शादी कर ले, और उसके बच्चों को अपना ले. प्रेम उससे कहता है कि ‘क्या वो हर उस लड़की के साथ शादी करे, जिसके साथ वो सोता है.’ प्रेम इसके बाद ब्राउन पैकेट में रखी अपनी बन्दूक उठाने के लिए आगे बढ़ता है, जिससे दोनों के बीच हाथापाई होती है, और नानावटी के हाथ से गोली चल जाती है.

विपक्ष की बात –

विपक्ष कहता है कि अगर आहूजा और नानावटी के बीच हाथापाई होती है, तो आहूजा की टॉवल क्यों नहीं गिरती, उसकी टॉवल तो ढीली तक नहीं पड़ती है. हाथापाई के मामले में ये नामुमकिन है कि टॉवल न गिरे. विपक्ष वकील ये भी कहते है कि जब सिल्विया के कहने पर नानावटी शांत हो जाते है तो वे उन्हें क्यों अपने परिवार को छोड़ कर जाते है. नौसेना ऑफिसर के अनुसार नानावटी ने एक झूठे बहाने से बन्दुक ली थी. इसका मतलब है नानावटी आहूजा की हत्या करना ही चाहते थे.

विपक्ष की बात के बाद हाई कोर्ट नानावटी को दोषी करार देता है और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई जाती है. इसके बाद नानावटी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते है.

के एम नानावटी केस रिजल्ट (Judgement in K M Nanavati Case) –

24 नवम्बर 1961 को यह केस सुप्रीम कोर्ट पहुँच जाता है. इस दौरान नानावटी को पब्लिक का भी बहुत सपोर्ट मिलता है. इसके साथ ही उसके लिए इंडियन नेवी और पारसी कम्युनिटी सपोर्ट के लिए सामने आते है. नानावटी को माफ़ करने के लिए बहुत सी रेलियाँ निकाली गई, न्यूज़ चैनल, मैगजीन में उसके सपोर्ट में आर्टिकल लिखे जाते थे. जहाँ एक तरह पारसी लोग नानावटी का सपोर्ट कर रहे थे, वही सिन्धी लोग आहूजा के सपोर्ट में खड़े थे. 2 कम्युनिटी की लड़ाई के बीच में सरकार फंसी हुई थी.

नानावटी जब तीन साल की सजा काट लेते है, तब सब उनकी रिहाई और माफ़ी की मांग करते है, जनता के सपोर्ट को देखकर सरकार पर दबाब भी बनता है, लेकिन सरकार यहाँ इस बात से डरती है कि कही नानावटी को माफ़ी देने से सिन्धी समाज नाराज होकर दंगे फसाद न करने लगे.  इस केस के समय पंडित जवाहर लाल की बहन विजयलक्ष्मी पंडित महाराष्ट्र की नई गवर्नर बनके आती है. पंडित जवाहरलाल नेहरु का जीवन परिचय पढ़ने के लिए क्लिक करें. नानावटी के केस में अब मोड़ आता है, जब भाई प्रताप जो सिन्धी लीडर होते है, जो स्वतंत्रता संग्रामी भी रह चुके थे, सामने आते है. भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के बारे में जानने के लिए पढ़े. इनका आयात-नियात का बड़ा कारोबार होता है, लेकिन इन पर अपने लाइसेंस का गलत फायदा उठाने का आरोप होता है. अपनी माफ़ी के लिए भाई प्रताप महाराष्ट्र गवर्नर को एक चिठ्ठी लिखते है. यहाँ विजयलक्ष्मी मौके का फायदा उठाती है, और भाई प्रताप के सामने शर्त रखती है कि वे और उनकी कमुनिटी नानावटी को माफ़ कर दे, जिसके बाद उसको भी माफ़ी मिल जाएगी. इसके साथ पारसी और सिन्धी कम्युनिटी दोनों को फायदा हो जाता है. विजयलक्ष्मी भाई प्रताप और नानावटी दोनों को एक ही दिन माफ़ी देती है.

इस बात को राम जेठमलानी के पास पहुँचाया जाता है, और वे आहूजा की बहन ममी को समझाते है और नानावटी को माफ़ करने के लिए बोलते है. अंत में नानावटी जब तीन साल की सजा काट लेते है, उन्हें प्रेम आहूजा की बहन ममी माफ़ कर देती है, और अपना माफीनामा वो सरकार को लिखित रूप में देती है. इसके बाद नानावटी रिहा होकर अपने परिवार के साथ कैनेडा चले जाते है और वही रहने लगते है. 2003 में नानावटी का निधन हो जाता है, जबकि सिल्विया अभी भी है, और अपने बच्चों के साथ कैनेडा में रहती है.

के एम नानावटी केस पर बनने वाली फ़िल्में (K M Nanavati Movie) –

  • ये रास्ते है प्यार के (Yeh rastey hain pyar ke) – 1963 में आई ये फिल्म एक थ्रिलर फिल्म थी, जिसे आर के नय्येर ने बनाया था. इसमें सुनील दत्त, लीला नायडू और रहमान थे. इस फिल्म की कहानी को नानावटी केस से मिलता जुलता पाया था, लेकिन कहानी केस को बदल भी दिया गया था. ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप हुई थी. लीला नायडू ने 2010 में अपनी एक बुक में लिखा था कि इस फिल्म की कहानी केस के पहले ही लिखी जा चुकी थी, ये सिर्फ इत्तेफाक था कि वो उस केस से मेल खा रही थी.
  • अचानक (Achanak Movie) – 1973 में अचानक फिल्म आई, जो क्राइम ड्रामा थी. फिल्म को लिखा व डायरेक्ट गुलजार साहब ने किया था. फिल्म में विनोद खन्ना, लिली चक्रवर्ती व ओम शिवपुरी थे. फिल्म नानावटी केस के उपर ही बनी थी, जो सुपर हिट रही.
  • रुस्तम (Rustom Movie) – अक्षय कुमार की आने वाली फिल्म नानावती केस पर ही बनी है. जिसमें अक्षय कुमार मुख्य भूमिका में नेवी ऑफिसर बने है, इसमें इनका नाम रुस्तम है.

रुस्तम मूवी कास्ट की जानकारी ( Rustam Movie Cast Detail)

कलाकार अक्षय कुमार, इलियाना डिक्रुज़, अर्जन बाजवा, ईशा गुप्ता
निर्माता नीरज पाण्डेय, अरुणा भाटिया, नितिन केनी, आकाश चावला, वीरेंदर अरोरा, ईश्वर कपूर, शीतल भाटिया
निर्देशक टीनू सुरेश देसाई
लेखक विपुल के रावल
संगीत अंकित तिवारी, जीत गागुंली, राघव सच्चर, परावो मुखर्जी
रिलीज़ डेट 12 अगस्त 2016

कहते है पूजा भट्ट की आने वाली फिल्म ‘लव अफेयर’ भी इसी केस पर आधारित है. इसमें एक विदेशी लकड़ी जो भारत में अपने पति के साथ रहती है, लेकिन अकेलेपन के चलते किसी और मर्द से रिश्ता जोड़ लेती है. पूजा भट्ट इस बात से इंकार करती है, वो कहती है ये फिल्म उससे बिलकुल अलग है, जिसे उन्होंने लिखा है.

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विभूति दीपावली वेबसाइट की एक अच्छी लेखिका है| जिनकी विशेष रूचि मनोरंजन, सेहत और सुन्दरता के बारे मे लिखने मे है| परन्तु साईट के लिए वे सभी विषयों मे लिखती है|
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