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कुलभूषण जाधव कौन है | Who is Kulbhushan Jadhav in hindi

Who is Kulbhushan Jadhav in hindi कथित तौर पर जासूस बता कर पकिस्तानी सरकार ने कुलभूषण जाधव को मौत की सज़ा सुनाई है. पाकिस्तान ने कुलभूषण जाधव पर पकिस्तान के विरुद्ध साज़िश रचने का आरोप लगाया है. कुलभूषण जाधव भारतीय नेवी के रिटायर्ड अफसर हैं, किन्तु भारत सरकार के अनुसार इस दौरान वे किसी भी तरह से भारत सरकार के साथ जुड़े हुए नहीं थे. कुलभूषण जाधव को पकिस्तान के बलोचिस्तान से गिरफ्तार किया गया है, जहाँ ऐसा माना जा रहा है कि वे ईरान से प्रवेश किये थे. पकिस्तान के अनुसार जाधव भारत के रॉ (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग) के एजेंट हैं और पकिस्तान के ख़िलाफ़ साजिश रच रहे थे. दूसरी तरह भारत सरकार के अनुसार पकिस्तान सरकार ने इन्हें इरान से गिरफ्तार किया है.

कौन हैं कुलभूषण जाधव जासूस (Who is Kulbhushan Jadhav in hindi):

कुलभूषण जाधव ने सन 87 में नेशनल डिफेन्स अकादमी में प्रवेश लिया था और सन 91 में इन्हें नेवी के इंजीनियरिंग ब्रांच में काम करने का मौक़ा मिला. संसद हमले के बाद इन्होने हमलावरों के खिलाफ सबूत इकठे करने शुरू कर दिए. इन्होने लगभग 14 साल तक इंटेलिजेंस ब्रांच के लिए काम किया.

कुलभूषण जाधव  गिरफ्तारी (Kulbhushan Jadhav Arrested ):

कुलभूषण जाधव को 3 मार्च 2016 में ईरान से ग़ैर कानूनी रूप से पकिस्तान में घुसने के लिए गिरफ्तार किया गया था. इन्हें चमन बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी के पीछे पकिस्तान सरकार ने उन पर पकिस्तान के ख़िलाफ़ जासूसी तथा बलूचिस्तान और कराची में पकिस्तान के खिलाफ विनाशक गतिविधियों में लिप्त होना बताया गया.

kulbhushan yadav

   बलोचिस्तान के गृह मंत्री सरफ़राज़ बुगती के अनुसार जाधव भारतीय इंटेलिजेंस बयूरो रॉ के लिए काम कर रहे थे और बलोच अलगाववादियों के साथ मिल कर कुछ साज़िशों को अंजाम दे रहे थे. साथ ही उनपर ये आरोप लगाया गया कि बलूचिस्तान में आतंकवादियों को ये आर्थिक सहयोग डे रहे थे. सरफ़राज़ बुगती के अनुसार ये नेवी अफसर बलोच के अलगाववादियों को नेवी की शिक्षा दे कर ग्वादर और कराची पोर्ट को नष्ट करने की कोशिश में थे.

    पकिस्तानी इंटेलिजेंस ब्यूरो के अनुसार जाधव ने गिरफ्तारी के बाद बलोच में स्थित आतकवादियों और अलगाववादियों की फंडिंग की सारी जानकारी उन्हें दे चूके हैं और साथ ही इस बात का सबूत भी मिला है कि वे पकिस्तान में अव्यवस्था लाने के लिए साज़िश रच रहे थे.

 पकिस्तान के आर्मी और पाकिस्तानी हुकूमत के जॉइंट कांफ्रेंस के दौरान कुलभूषण जाधव की वीडियो लोगों में सार्वजनिक की गयी. आसिम बजवा के अनुसार कुलभूषण जाधव इस्लाम में परिवर्तित हो गये थे और एक नकली पहचान के साथ गदानी के एक स्कार्प डीलर के साथ रह रहे थे. उसने कहा कि जाधव सभी गतिविधियों का प्लान, फण्ड की तैयारी तथा लोगों को पकिस्तान के ख़िलाफ़ भड़का के वहाँ अव्यवस्था लाने की कोशिश करते रहते थे.

     भारत सरकार ने इस बात को माना है कि वे भारतीय नेवी में थे किन्तु कुलभूषण जाधव की भारत सरकार के इंटेलिजेंस में होने की बात सरकार द्वार ख़ारिज कर दी गयी है. इंडियन MEA के अनुसार जाधव ने समय से पहले ही नेवी से अवकाश ले लिया था और तब से सरकार का इन से कोई राबता नहीं है.

कुलभूषण जाधव गतिविधियाँ (Kulbhushan Jadhav Activities News):

पकिस्तानी ऑफिसियल के अनुसार इनका मुख्य काम बलोच अलगाववादियों को भड़काना था. इन अफ्सरों के मुताबिक़ जाधव के सम्बन्ध हाजी बलोच के साथ भी बहुत अच्छे थे. वध नामक जगह पर जाधव ने एक पूछ ताछ के दौरान अपने और हाजी बलोच, जो आइऐस और बलोच के अलगाववादियों को फण्ड देने काम करता है, के संबंधों की बात मानी. उसने कहा कि सफूरा बस हमला, जिनमे 45 मुसलामानों को जान से मार दिया गया था, उसका मास्टरमाइंड हाजी बलोच था. जाधव ने इस बात को माना कि वो हाजी बलोच से कई बार कराची और सिंध में हिंसा फैलाने के उद्देश्य से मिलता रहा.  

      आसिम बजवा के अनुसार जाधव ये सब पाकिस्तान और चीन के आर्थिक रिश्ते को बर्बाद करने के लिए कर रहा था. इसी वजह से उसने ग्वादर पोर्ट पर हमले की योजना बनायी थी.    

ये सभी जानकारी हमने विकिपीडिया एवम कुछ न्यूज़ चैनल से लिखी है, अधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि होना अभी बाकि है.

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Ankita

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अंकिता दीपावली की डिजाईन, डेवलपमेंट और आर्टिकल के सर्च इंजन की विशेषग्य है| ये इस साईट की एडमिन है| इनको वेबसाइट ऑप्टिमाइज़ और कभी कभी आर्टिकल लिखना पसंद है|
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