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लॉगइन क्या है इसका इतिहास एवं प्रक्रिया | What is Login and its History, Process in hindi

लॉगइन क्या है इसका इतिहास एवं प्रक्रिया | What is Login and its History, Process in hindi

इन्टरनेट की दुनिया में लॉगइन का बहुत बड़ा महत्व है. बहुत सी ऐसी वेबसाइट हैं, जिसे एक्सेस करने के लिए लॉगइन करना होता है. अक्सर लॉगइन के दौरान हमें अपनी कोई निजी जानकारी देनी होती है. इस जानकारियों में ईमेल, मोबाइल नंबर आदि देना होता है. इसके बाद सेव किये गये यूजर नेम पासवर्ड आदि के प्रयोग से हम कभी भी उस वेबसाइट में लॉगइन करने में समर्थ हो जाते हैं. लॉगइन से सम्बन्धित विशेष जानकारियाँ नीचे दी जा रही हैं.

what is login

लॉगइन इतिहास (Login History)

लॉगइन शब्द का आविर्भाग वर्ष 1960 के आसपास टाइम शेयरिंग सिस्टम के साथ तथा वर्ष 1970 में बुलेटिन बोर्ड सिस्टम के साथ आया था. हालाँकि शुरूआती होम कंप्यूटर में इसका प्रयोग नहीं होता है. होम कंप्यूटर के लिए लॉगइन की सुविधा विंडोज एनटी, ओएस/2 तथा लिनक्स के आने के साथ आई. लॉगइन शब्द में शब्द लॉग की उत्पत्ति चिप लॉग नामक शब्द से हुई है. बहुत पहले चिप लॉग का प्रयोग समुद्रों में यात्रा करते हुए तय की गयी दूरी का हिसाब रखने के लिए किया जाता था. ध्यान देने वाली बात ये है कि लॉगइन, लॉगऑन तथा साइनइन वैसे तो एक जैसे ही होते हैं लेकिन इनमें थोड़ा फर्क होता है.

लॉगइन करने की प्रक्रिया (Login Process in hindi)

लॉगइन मुख्यतः उस इंटरनेट पेज को एक्सेस करने की सुविधा देता है, जिसे एक लॉगइन न करने वाला एक्सेस नहीं कर सकता है. एक बार लॉगइन हो जाने के बाद लॉगइन टोकन का प्रयोग करके यह पता किया जा सकता है कि किसी वेबसाइट यूजर ने साइट से जुड़े रहते क्या क्या कार्य किया है. जिस वेबसाइट में एक्सेस के लिए इस सुविधा को बनाया जाता है, वह अन्य वेबसाइट की अपेक्षा अधिक सुरक्षित होता है. यहाँ पर किसी वेबसाइट पर लॉगइन करने के लिए आवश्यक बातों का वर्णन किया जा रहा है.

  • किसी वेबसाइट पर लॉगइन करने से पहले आपको वहाँ पर अपना अकाउंट बनाना होगा.
  • अकाउंट बनाने के लिए अलग अलग वेबसाइट अलग अलग जानकारियों की मांग करते हैं. उदाहरण के तौर पर यदि आप जीमेल अकाउंट बनाना चाहते हैं, तो आपको अपना नाम, जन्मतारीख, आदि के साथ फ़ोन नंबर भी देना होता है. साथ ही आपको अपने लॉगइन के लिए पासवर्ड भी सेव करना होता है.
  • ये सभी जानकारियाँ दे देने के बाद आपको ‘नियम और शर्तें’ पर क्लिक करना होता है. इस पर क्लिक करने से आप उन कंडीशन के अंतर्गत आ जाते हैं, जिसके आधार पर वेबसाइट चल रही होती है.
  • इस तरह से आपका अकाउंट किसी वेबसाइट पर बन जाता है. आप जब चाहें इस वेबसाइट पर अपने ईमेल आईडी तथा लॉगइन पासवर्ड देकर लॉगइन कर सकते हैं.

विभिन्न लॉगइन में विभिन्न लॉग इन की प्रक्रिया होती है. कुछ प्रमुख वेबसाइट अथवा सोशल साइट तथा उसके लॉगइन के लिए प्रयोग किये जाने वाले शब्द के बारे में नीचे दिया जा रहा है. वेबसाइट बनाने का तरीका यहाँ पढ़ें.

  • गूगल : साइनइन/ साइनआउट तथा अकाउंट बनाने के लिए क्रिएट अकाउंट.
  • फेसबुक : लॉगइन/ लॉगआउट तथा फेसबुक में अकाउंट बनाने के लिए साइनअप.
  • याहू : साइनइन/ साइनआउट तथा अकाउंट बनाने के लिए “न्यू हियर? साइनअप”
  • अमेज़न : ‘हेल्लो साइनइन/ ;नॉट सनी? साइनआउट’ तथा अकाउंट बनाने के लिए “न्यू कस्टमर स्टार्ट हियर”.
  • ट्विटर : लॉगइन/ लॉगआउट तथा अकाउंट बनाने के लिए साइनअप.

लॉग इन तथा लॉगइन में क्या अंतर है (Difference Between Login and Log in)

लॉग इन तथा लॉगइन के मध्य कोई ख़ास अंतर नहीं है, लेकिन इसमें ग्रामेटिकल (व्याकरण) अंतर हैं जिसका संक्षिप्त वर्णन नीचे दिया जा रहा है,

  • किसी टेक सपोर्ट क्षेत्र में एजेंट द्वारा अपने कलीग को लॉग इन का कहने का अर्थ कंप्यूटर चालू करना तथा नेटवर्क सेटिंग एडजस्ट करना होता है.
  • अंग्रेजी में Log in एक क्रिया (verb) के रूप में कंप्यूटर सिस्टम या किसी सॉफ्टवेयर के कार्यों को नियमित करने के लिए होता है. उदाहरण के लिए क्रिया के तौर पर इसका प्रयोग निम्न तरह से होता है:
  1. Log in to the computer and adjust the network settings.
  2. Log in with your new username and password.
  • Log in को यदि Login लिखा जाए तो ये क्रिया शब्द संज्ञा (noun) हो जाता है. हालाँकि इस समय यह विशेषण (adjective) की तरह भी प्रयोग किया है. अंग्रेजी में इसके संज्ञा के रूप में प्रयोग का उदाहरण नीचे दिया जा रहा है.
  1. Your login is your username and password.
  2. Do not trust anyone else with your login.
  • विशेषण के तौर पर Login का प्रयोग निम्नलिखित तरह से होता है.
  1. Your login information is your username and password.
  2. You have used 3 of your 5 login attempts.

इस तरह विभिन्न कंप्यूटर सिस्टम के लिए विभिन्न तरह से log in अथवा login शब्द का प्रयोग होता है. हालाँकि अधिकांश समय ये देखा जाता है कि दोनों शब्दों का कार्य एक जैसा ही होता है. दोनों को क्रैक करने के लिए आपको अपना यूजर नेम और पासवर्ड डालने होते हैं. इसके उपरान्त आप किसी वेबसाइट अथवा किसी कंप्यूटर सिस्टम को अपने मन मुताबिक एक्सेस कर पाते हैं. कंप्यूटर वायरस इतिहास व बचने के उपाय यहाँ पढ़ें.

लॉगइन तथा लॉगऑन में क्या फ़र्क है (Difference Between Login and Logon)

वेबसाइट की ब्राउज़िंग के दौरान हमें लॉगइन तथा लॉगऑन के विकल्प प्राप्त होते हैं. कई वेबसाइट पर लॉगइन तथा कई वेबसाइट पर लॉगऑन का विकल्प देखा जाता है. कई लोगों को लगता है कि लॉगइन तथा लॉगऑन दोनों एक ही कार्य है, क्योंकि दोनों की सहायत से किसी वेबसाइट को एक्सेस किया जाता है, तथा इस दोनों कार्यो को अंजाम देने के लिए ही यूजर नेम तथा पासवर्ड का प्रयोग होता है. कुछ हद तक यह बात सही भी है, किन्तु गहराई जानने से पता चलता है कि दोनों में कुछ अंतर हैं. हालाँकि यह अंतर बहुत छोटे हैं, किन्तु फिर भी इतने मौलिक हैं कि लॉगइन को लॉगऑन नहीं कहा जा सकता है, इन दोनों के बीच के मौलिक अंतर का वर्णन नीचे किया जा रहा है.

  1. लॉगइन किसी वेबसाइट के लिए एक सिक्यूरिटी गेट की तरह काम करता है, जिसे पार करके आप किसी सुरक्षित वेबसाइट के अन्दर प्रवेश करते हैं. कई वेबसाइट जैसे फेसबुक, जीमेल, आउटलुक या अन्य सोशल तथा जॉब सर्च वेबसाइट का प्रयोग करने के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है, कि इस वेबसाइट पर आपका एक अकाउंट हो, तथा आप इसे प्रयोग करने के लिए लॉगइन करें. वास्तव में यह एक तरह का पास है. कई वेबसाइट के लॉगइन के लिए यूजर नेम तथा पासवर्ड किसी रजिस्टर्ड जीमेल, याहू अथवा आउटलुक की सहायता से बनाया जाता है. लॉगइन प्रक्रिया में यद्यपि आप अपना अकाउंट किसी दुसरे यूजर को रेफर कर सकते हैं, किन्तु दो यूजरनेम से एक अकाउंट चलाना संभव नहीं है.
  2. लॉगऑन मुख्यतः विंडो ऑपरेटिंग सिस्टम तथा डेटाबेस मैनेजमेंट सिस्टम अकाउंट के लिए प्रयोग किया जाता है. यदि कोई कंप्यूटर अथवा लैपटॉप को पासवर्ड से सुरक्षित रखा गया है, तो उस कंप्यूटर को चलाने के लिए आपको पासवर्ड की आवश्यकता पड़ेगी. अतः लॉगइन की तरह यहाँ पर किसी यूजर नेम की आवश्यकता नहीं पड़ती है. यहाँ पर दरअसल आपका एडमिनिस्ट्रेशन नेम ही यूजर नेम की तरह से इस्तेमाल किया जाता है, जो कि लॉगऑन स्क्रीन पर पहले से लिखा ही रहता है. अतः यहाँ पर आपको सिर्फ सही पासवर्ड की आवश्यक्ता होती है. लॉगऑन की सहायता से आप किसी एक ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए एक से अधिक यूजर बना सकते हैं. बाक़ी आपका निजी यूजर अकाउंट छोड़ कर बाक़ी सभी अकाउंट गेस्ट अकाउंट के तौर पर काम करते हैं.

अतः लॉगइन तथा लॉगऑन मे मुख्य अंतर ये है कि लॉगइन करते समय यूजरनेम और पासवर्ड दोनों की ज़रुरत होती है, किन्तु लॉगऑन के लिए सिर्फ वैद्य पासवर्ड की, क्यों की यूजर नेम पहले से लॉगऑन स्क्रीन पर लिखा रहता है.

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Karnika

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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