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Mahabharat 16th December 2013 Episode 66 Update

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राज्य सभा में युधिष्ठिर का राज्याभिषेक हुआ |

राज्याभिषेक के बाद पांचो भाई अपने कक्ष में है तभी भीम करेला खाता है कहता है रात भर से शक्कर की चाशनी में रखा है फिर भी कड़वा ही है, नकुल कहता है करेला कभी अपनी कड़वाहट नहीं छोड़ सकता | युधिष्ठिर सब सुन रहा है, कहता है कोई व्यक्ति इतना निर्बल नहीं हो सकता कि उसके मन में कभी धर्म का वास हो ही ना पाए ,पर भीम कहता है दुर्योधन कभी बदल नहीं सकता, उसका युधिष्टिर को युवराज मान लेने के पीछे कुछ कारण ही होगा |
दूसरी तरफ दुर्योधन अपने मामा शकुनी से कहता है वो इतना कमजोर नहीं कि उसे धर्म अपनाना पड़े | गांधारी उसे समझाती है कि धर्म ही सृष्टि का आधार है बिना धर्म के जीवन अर्थहीन होता है |

गंगा पुत्र भीष्म, युधिष्ठिर के राज्याभिषेक से बहुत संतुष्ट है और गंगा नदी के किनारे अपनी मोक्ष की कामना कर रहे है तभी वहाँ गंगा माता आती है | भीष्म उन्हें कहता है उसका प्रण पूरा हुआ |अब हस्तिनापुर सुरक्षित हाथों में है पांडव धर्म के रक्षक है और वो अपने आप को कौरवों से बचा लेंगे | गंगा कहती है क्या भीष्म मोहमाया से दूर है कोई भी व्यक्ति संसार से नहीं जा सकता, जब तक उसके पीछे जिम्मेदारी है | भीष्म कहता है उसने कभी कोई मोह का बंधन स्वीकार ही नहीं किया | गंगा कहती है उसके पौत्र भी मोह है | भीष्म कहता है फिर तो वो कभी इन सबसे दूर हो ही नहीं पायेगा, उसे कभी मोक्ष नहीं मिलेगा | गंगा कहती है बहुत जल्दी ही भीष्म और पुरे संसार के जीवन में कोई आ रहा है ,जो सभी को धर्म सिखायेगा ,जो भीष्म को सही रास्ता दिखायेगा और वही मोक्ष का मार्ग भी बतायेगा |

महाभारत में बने सूत्रधार श्री कृष्ण कहते है “ जीवन में धर्म के मायने हर व्यक्ति के लिए भिन्न है मनुष्य को चाहिए कि वो सभी से प्रेम करे क्यूंकि जहाँ प्रेम है वहाँ कोई इर्षा, द्वेष का स्थान नहीं होता |” प्रेम ही जीवन का आधार है प्रेम ही सर्वोपरी है |

Karnika

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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