ताज़ा खबर
Home / मनोरंजन / Mahabharat 17th December 2013 Episode 67 Update

Mahabharat 17th December 2013 Episode 67 Update

k

पहला भाग
अर्जुन, सुभद्रा से मिलने उसके कक्ष में जाता है | दासी आकर सुभद्रा को सूचना देती है, सुभद्रा अर्जुन को कुछ देर रुकर आने का कहती है, थोड़ी देर बाद जब अर्जुन आता है, तभी पुरे कक्ष में वस्त्र फैले हुए है, सुभद्रा उसे कहती है उसे कल वापस जाना है इसलिए वस्त्र सूखने डाले है और वो अर्जुन को इन वस्त्रो से बच बच कर आने का कहती है, बाद में उसे कहती है कि वो भी बहुत अच्छा नृत्य कर लेता है | तभी अर्जुन कहता है लेलिया बदला ,क्या उसके भाई श्री कृष्ण ने उसे बदला लेना सिखाया है | सुभद्रा कहती है नहीं| अर्जुन कहता है कंस उनका मामा था, जिससे बदला लेने के लिए कृष्ण ने उसे मथुरा में मारा | सुभद्रा कहती है भाई कृष्ण तो कहते है न्याय तो जगत का धर्म है और अन्यायी को दंड मिलना ही चाहिए | अर्जुन कहता है उसे यह कथन समझ नहीं आया | सुभद्रा कहती है उसे भी भाई कृष्ण की कोई बात समझ नहीं आती | अर्जुन कहता है कृष्ण की सारी बाते विचार में डाल देती है इसलिए वो उनके बारे में और अधिक जानने के लिए सुभद्रा के पास आया है | सुभद्रा को बुरा लगता है क्यूंकि अर्जुन उससे मिलने नहीं आया है | अर्जुन पूछता है जलासंद से युद्ध के दौरान कृष्ण रण छोडकर भाग गए, फिर उसी जलासंद को मथुरा में मार दिया, अगर ऐसा था तो पहले ही मार देते | सुभदा कहती है वो यह सब नहीं जानती और अगर अर्जुन जानना ही चाहता है तो खुद कृष्ण से मिले |
तभी कुन्ती आकर कहती है कि द्वारका जाने वाले रास्ते में काल्यावन राक्षस अपनी सेना के साथ आ बैठा है| यह सुनकर सुभद्रा कुन्ती के गले लग रोने लगती है, उसे रोता देख कुन्ती कहती है वो डरे नहीं ,उसके साथ अर्जुन जायेगा और उसे द्वारिकापुरी छोड़ कर आएगा | अर्जुन कहता है क्या इस वक्त उसका हस्तिनापुर से कहीं भी जाना उचित है | कुन्ती कहती है हाँ, दुर्योधन ने युधिष्ठिर को युवराज मान लिया है ,अब उसके मन में धर्म का वास है, इसिलए यहाँ कोई बाधा नहीं है |

कुछ दिनों बाद

रास्ते में अर्जुन सभी को विश्राम के लिए बोलता है | सुभद्रा कहती है यहाँ कल्यावन तो नहीं होगा न ? अर्जुन कहता है क्या वो डर रही है ?वो कहती है भ्राता कृष्ण ने बताया था कि कल्यावन बहुत ही बलवान है और वो मरता भी नहीं है | अर्जुन कहता है कि उसका भाई बहुत ही अदभुत कथा रचते है | सुभद्रा नाराज होकर कहती है वो अपने भाई के विरुद्ध कुछ नहीं सुनेगी और यह कह कर वो खुद दासियों के साथ द्वारिकापुरी निकल जाती है | थोड़ी देर बाद ही अर्जुन को सुभद्रा की आवाज सुनाई देती है,वो उसे पुकार रही है |

दूसरा भाग
अर्जुन सुभद्रा को ढूंढते हुए आगे बड़ता है, थोड़ी देर बाद उसे कल्यावन दिखाई देता है, जो सुभद्रा को पकडे हुए है और वो अर्जुन से कहता है अगर वो कृष्ण है, तो उससे युद्ध करे, उसे जलासन्द ने कहता था कि अगर कृष्ण की बहन का अपहरण करोगे तो वो उसे बचाने आएगा | अर्जुन अपना गांडीव उठाकर तीर चलाता है और कल्यावन मर जाता है | अर्जुन सुभद्रा को लेकर वहाँ से जाने लगता है , पीछे देखता है तो कल्यावन वहां नहीं है जैसे ही दूसरी तरफ देखता है तो सुभद्रा भी वहाँ नहीं है |

तीसरा भाग
कल्यावन फिर से सुभद्रा को लेकर चला जाता है और एक गहरी खाई के पास खड़ा है | सुभद्रा मदद के लिए कृष्ण को पुकार रही है, उसके साथ कल्यावन भी कृष्ण को ललकारता है, कहता है आ कृष्ण और अपनी बहन को बचा | और कल्यावन सुभदा को भयावह जलाशय में फेंक देता है, अर्जुन उसे बचाने के लिए उसके पीछे कूद जाता है | दूसरी तरफ कृष्ण अपने पैर को उस जलाशय में डालते है जिससे सुभद्रा और अर्जुन के आसपास का पानी उनसे दूर होजाता है ,थोड़ी ही देर बाद अर्जुन और सुभद्रा सामने खड़े कृष्ण को देख पाते है | अर्जुन इस सभी को देखकर अचरज में है |

Karnika

Karnika

कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
Karnika

यह भी देखे

hum-paanch

हम पांच जी टीवी सीरियल | Hum Paanch ZEE TV Old Serial In Hindi

Hum Paanch ZEE TV Old Serial In Hindi हम पांच एक ऐसा सीरियल है, जिसे …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *