Mahabharat 22 nd January 2014 Episode 92 Update

mahabhart

आज के episode में था कि पांडव वन से बाहर निकलने का रास्ता खोज रहे है अर्जुन वन के राक्षसों को ढूँढना चाहता है | हिडम्बा अपने भाई हिडम्ब से मिलती है हिड म्ब उसे बोलता है कि वो उन मनुष्यों को लाने में इतनी देर क्यूँ कर रही है ? हिडम्बा कहती है यह मनुष्य बहुत चतुर है इसलिए वो कोशिश कर रही है | हिडम्ब उसे बोलता है कि कहीं उसे उस बड़े मनुष्य से प्रेम तो नहीं होगया अगर ऐसा हुआ तो राक्षस देवता नाराज हो जायेंगे और उन्हें प्रसन्न करने के लिए उसे हिडम्बा की बलि देनी होगी और वो मनुष्य भी मारे जायेंगे इसलिए उन मनुष्यों को जल्दी ही लेकर आओ |

दूसरी तरफ युधिष्ठिर अर्जुन से पूछता है कि सब ठीक है ? अर्जुन मुस्कुराते हुए कहता है उसने हिडम्ब का मुख देखा और दोनों वहाँ से निकल जाते है उन्हें हिडम्बा सोती हुई दिखती है यह देख दोनों आश्चर्य में है | सभी पांडव , कुन्ती और हिडम्बा वन से बाहर जाने का रस्ता ढूंढ रहे है तभी भीम कहता है उसे भोजन के पकने की खुशबु आ रही है सामने से प्रकाश भी दिख रहा है यहाँ कोई गाँव है | यह सुनकर हिडम्बा के चेहरे पर चिंता के भाव आ जाते है जिसे अर्जुन देख लेता है | अर्जुन भीम की बात से राजी है अब वह सभी गाँव की तरफ जा रहे है |

हिडम्बा सभी को रोकती है और कहती है कि यह गाँव राक्षसों का है उन्हें वहाँ नहीं जाना चाहिए | युधिष्ठिर हिडम्बा को रोकता है और बोलता है उसने इतनी कोशिश की उन सभी को इस गाँव तक लाने की पर अब वह पीछे क्यूँ हट रही है यह सुनकर भीम थोड़ा विचार में है तभी युधिष्ठिर कहता है कि हिडम्बा एक राक्षसी है | अर्जुन कहता है जो औरत भोजन में भीम की बराबरी कर सके वह कोई मनुष्य नहीं हो सकती | भीम परेशान है | हिडम्बा सभी को सच बताती है कि वह उसके भाई की आज्ञा का पालन कर रही थी | भीम कहता है हिडम्बा ने उन सभी का विश्वास तोडा है तभी अर्जुन कहता है केवल भीम को ही उस पर यकीन था युधिष्ठिर और वह खुद तो सब कुछ समझ रहे थे | हिडम्बा कहती है वह उन सभी की वन से बाहर निकलने में मदद करेगी लेकिन अब भीमुसकी बात नहीं सुनता और युधिष्ठिर से पूछता है कि अब आगे क्या करना है ?
हिडम्बा युधिष्ठिर के पैरो में गिर कर उसे कहती है कि वह सभी वन से चले जाए हिडम्ब को कोई नहीं मार सकता वह बहुत शक्तिशाली है | अर्जुन कहता है जब वह सभी इतनी दूर इस वन में आये है तो इस वन को फिर से मनुष्यों के लिए बनायेंगे और हिडम्बा की रक्षा भी करेंगे और वह सभी वन की तरफ चले जाते है |
कृष्ण और द्रोपदी भवन में आते है द्रोपदी और ध्रुपद भावुक हो जाते है द्रोपदी अपने पिता से आशीर्वाद लेती है ध्रुपद उससे माफ़ी मांगता है और उसे दुःख है कि उसने द्रोपदी के लिए जीवन भर का दुःख माँगा | कृष्ण कहते है कि अब ध्रुपद ही उसे जीवन के कष्ट से बचाएगा | कृष्ण ध्रुपद से द्रोपदी के लिए स्वयम्बर रचने को कहते है जिस दिन द्रोपदी का विवाह होगा वह दिन नए युग का आरम्भ करेगा | ध्रुपद इस बात से खुश है वह कहता है वह विश्व के सबसे बड़े योध्दा से द्रोपदी का विवाह करेगा | द्रुपद को अर्जुन और उसके युद्ध की याद आती है और द्रोण भी समझ जाते है और दोनों अर्जुन का नाम लेते है यह सुन द्रोपदी शरमा जाती है और कृष्ण भी मुस्कुरा रहे है |

precap: कृष्ण ध्रुपद को स्वयम्बर में बहुत कठिन परीक्षा रखने का बोलते है जिसे केवल अर्जुन ही भेद सकता है |
याद रखने योग्य : द्रोपदी को अर्जुन ही स्वयंबर में जीतता है पर उसका विवाह पांचों पांडव से होता है |

Karnika

Karnika

कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
Karnika

यह भी देखे

FARMAAN SERIAL

फरमान दूरदर्शन का प्रसिद्ध सीरियल | Farmaan Doordarshan Old TV Serial in hindi

Farmaan Doordarshan old tv serial in hindi यह आलेख खासकर उन लोगों के लिए ​जो …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *