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Mahabharat 27th January 2014 Episode 95 Update In Hindi

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भीष्म पितामह, शिव की पूजा कर रहे है,तभी दुर्योधन वहाँ आता है उनसे आशीर्वाद मांगता है और पूछता है कि उसे कोई भी युवराज क्यूँ नहीं मान रहा है, जब से भ्राता युधिष्ठिर मरे है तब से राज्य में कोई युवराज नहीं है | भीष्म कहता है किस राज्य में युवराज है या नहीं यह केवल भगवान जानते है |दुर्योधन कहता है जब भगवान ने उसे युवराज मान लिया है तो वह सभी क्यूँ नहीं मान रहे है| भीष्म कहते है दुर्योधन को जैसा ठीक लगे, वो वैसा करे उनका उस पर कोई बस नहीं है | यह सुनकर दुर्योधन खुश है और यह बताने वह अपने पिता धृतराष्ट्र के पास जाता है | उसी वक्त विदुर वहां आता है और जानना चाहता है कि भीष्म ने दुर्योधन से युवराज अभिषेक के बारे में क्या कहा ? भीष्म कहते है देखते क्या होता है वैसे भी जब युधिष्ठिर वापस आएगा दुर्योधन चुप हो जाएगा | विदुर कहता है अब तक पांडवो की कोई खबर नहीं है| भीष्म विदुर को याद दिलाता है कि उन्हें हिड्म्ब के मरने के समाचार मिले थे और भीम के आलावा इन राक्षसों को कोई और नहीं मार सकता |

दूसरी तरफ, हिडम्बा एक बालक को जन्म देती है, सभी बहुत खुश है भीम अपने भाई से आशीर्वाद ले रहा है और सभी भाई उसे बधाई दे रहे है | हिडम्बा तिलक के लिए अपने बेटे को लाती है और भीम से कहती है वह अपने खून से उसका तिलक करे| भीम अपने पुत्र का तिलक करता है और जैसे ही वह तिलक करता है छोटा बालक देखते ही देखते विशाल हो जाता है| यह देख सभी आश्चर्यचकित है | वह अपनी माँ हिडम्बा से आशीर्वाद लेता है फिर वह अपने पिता भीम से आशीर्वाद लेता है भीम अपने पुत्र को गले लगाता है और वह बहुत खुश है | हिडम्बा भीम के साथ मिलकर अपने पुत्र का नाम घटोच्कच रखती है और भीम सभी के सामने इस नाम की घोषणा करता है और अपने पुत्र को सभी से मिलवाता है और कुन्ती उसे आशीर्वाद देती है सभी भाई भी घटोच्कच को आशीर्वाद देते है | अर्जुन उसे गले लगाता है | हिडम्बा अपने पुत्र से कहती है कि वह अपने पिता से आशीर्वाद ले वह कुछ वक्त ही उनके साथ है फिर वह सभी चले जायेंगे | कुन्ती कहती है अगर वह दोनों चाहे तब वह सभी कुछ वक्त रुक सकते है पर हिडम्बा कहती है उसने वचन दिया था कि उसके पुत्र के जन्म के बाद वह किसी को नहीं रोकेगी | कुन्ती उसे आशीर्वाद देते हुए कहती है कि सभी को हिडम्बा के त्याग से सीखना चाहिए | घटोच्कच अपने पिता से कहता है जब वह उसे तीन बार पुकारेंगे वह तुरंत उनके पास आ जायेगा | सभी जा रहे है भीम जाने से पहले अपने पुत्र से गले मिलता है हिडम्बा सभी को ख़ुशी ख़ुशी विदा कर रही है पर उसकी आँखों में भी आंसू है |

दुर्योधन अपने मित्र कर्ण से कहता है वह बहुत खुश है उसकी सभी इच्छाए पूरी हो रही है |

precap: दुर्योधन की इच्छा है कि वह द्रोपदी से विवाह करेगा |


याद रखने योग्य : घटोच्कच, भीम और हिडम्बा का पुत्र है | भीम एक मानव और हिडम्बा राक्षसी है इसलिए इनका पुत्र विशालकाय और शक्तिशाली है |

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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