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Mahabharat 2nd January 2014 Episode 78 Update

mahabhart
पहला भाग
पुरोचन अपनी पत्नी (wife)को बोलता है कि गांधार राज शकुनी का संदेश(message) आया है उन्हें आज ही भवन (palace) को आग लगाना होगा | पुरोचन कहता है उन्हें भोजन (food) में विष (poison) मिलाना होगा क्यूंकि अगर वो जीवित रहे तो बाहर निकल सकते है और अपनी पत्नी (wife) को विष लाने का बोलता है वह विष का पात्र लाती है और खीर में मिला देती है उसी वक़्त वहाँ सहदेव और भीम आजाते है | पुरोचन और उसकी पत्नी (wife) डर जाते है | भीम पूछता है कि क्या कर रहे हो ? पुरोचन कहता है वो भोजन (food) की व्यवस्था (arrangement) कर रहे है | भीम बहुत क्रोधित (angry)है और कहता है भोजन का समय बीतने को है और वो अभी व्यवस्था ही कर रहा है और उसका कोई काम प्रशंसा योग्य नहीं है | पुरोचन कहता है वो अभी भोजन बाहर लगवाता है वो दोनों वहाँ से निकलते है सभी को भोजन के लिए आने का बोलने तभी सहदेव कहता है कि उन्हें नकुल के चूहे के लिए खीर लेलनी चाहिए नहीं तो वह उसे लेकर भोजन कक्ष में आएगा और माता भोजन नही करेगी |तभी भीम और सहदेव खीर के पात्र के पास आ जाते है और उस पर पड़े विष को देखते है पूछते है वह क्या है पुरोचन बोलता है वह विशेष फूलों का रस है जिससे पाचन बड़ता है उसे हाथ में लेकर भीम सूंघता है उसे अजीब लगता है | वो पात्र में खीर लेता है | भीम कहता है पुरे महल में ही दुर्गन्ध है सहदेव कहता है उसे किसी अहित का पूर्वाभास हो रहा है | नकुल सभी को बुलाने जाता है और भीम वहीँ रुकता है | भीम भोजन के लिए बैठता है पर पुरोचन द्वार पर खड़े होकर सभी की राह देख रहा है भीम कहता है अगर ऐसा ही द्वार पर खड़ा रहा तो पुरोचन द्वार का तोरण बन जायेगा | पुरोचन और उसकी पत्नी भीम को प्रतीक्षा करने का बोलते है पर वो मना कर देता है और खुद ही भोजन परस लेलेता है |
दूसरा भाग
पुरोचन की पत्नी कहती है अगर भीम ने पहले खा लिया तो वो मर जायेगा और सभी को पता चल जायेगा | चूहे को हाथ में लेकर कहता है कि सभी जानवर उसके पास आकर शान्त हो जाते है पर यह चूहा बैचेन है | सहदेव आता है और कहता है चूहा भूखा होगा वो खीर लाया है तभी युधिष्ठिर कहता है कि नकुल चूहे को खिर खिला कर चलो | नकुल कहता है यह चूहा तो खा ही नहीं रहा | तभी अर्जुन कहता है यह चूहा जो करने आया है वह करना चाहता होगा उसे छोड़ दो | चूहा महल की दीवार के पास जाता है जहाँ पहुंचकर अर्जुन को पता चलता है कि यह महल लाख का बना है |
तीसरा भाग
अर्जुन नकुल, सहदेव और युधिष्ठिर को बताता है कि यह महल ज्वलनशील पदार्थों से बना हुआ है जो दो पहर में आग्नि में जल सकता है | यह सब पुरोचन का बेटा सुन रहा है और जाकर पुरोचन को बताता है | कुन्ती भोजन कक्ष में है और भीम भोजन प्रारंभ कर चूका है | अर्जुन कहता है उन्हें जिन्दा जला देने की योजना बनाई गई है | नकुल कहता है क्या दुर्योधन ने नहीं सोचा की अर्जुन एक बाण से अग्नी बुझा सकता है |
याद रखने योग्य : भीम को वरदान मिला था कि उसे किसी तरह के विष का कोई प्रभाव नहीं होगा |
precap: अर्जुन नकुल सहदेव और युधिष्ठिर दुर्योधन की योजना के बारे में बात कर रहे है |

Karnika

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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