ताज़ा खबर

Mahabharat 5 December 2013 Episode 59 Update

mahabharat 5 dec

पहला भाग,

सभा में अर्जुन गुरु द्रोण को आवाज देता है और कहता है उसके गुरु का हर एक शब्द उनके लिए आदेष है और वह प्रतिज्ञा लेता है या तो द्रुपद का सिर गुरु के चरणों में डालेगा या उसका कटा हुआ मस्तक गुरु के हाथ में होगा | उसको देख दुर्योधन भी आ गया और कहता है कि गुरु द्रोण का यह प्रतिशोध वह पूरा करेगा और महाराज आक्रमण की आज्ञा दे इसके साथ सभी भाई भी एक स्वर में महाराज से आक्रमण की आज्ञा देने का आव्हान करते है | धृतराष्ट्र आक्रमण की आज्ञा देदेता है |
उधर पांचाल में , द्रुपद के सैनिक उसे संदेश देते है कि द्रोण ने कहा है वो आक्रमण करने की तैयारी कर रहा है द्रुपद धरती के नीचे से उसे फाड़ते हुए उपर निकलता है और कहता है, पांचाल की भूमि पर दृष्टि करने वाले को जीने नहीं देगा जो पत्थर समुद्र में गिरता है वो सीधे पाताल पहुचता है |

हस्तिनापुर में औजार बनाये जा रहे है कर्ण उन औजारों का निरक्षण कर उचित ज्ञान दे रहे है | दुर्योधन,कर्ण को आभार प्रकट कर रहा है कि वह बहुत खुश है कि कर्ण भी इस युध्द का हिस्सा बनना चाहता है | कर्ण कहता है वो दुर्योधन का कवच है | दर्योधन कहता है चलो शकुनी मामा के साथ युध्द की नीति बनानी है | दूसरी तरफ भीम दुर्योधन की मूर्ती को देख रहा है तभी दुर्योधन और कर्ण वहा आजाते है वो पूछते है भीम क्या कर रहा है भीम कहता है वो देख रहा है, इस मूर्ती में कितना बल है इसे बनाते वक्त मूर्तीकार से अहंकार का भाव रखा होगा या आत्मविश्वास का क्यूंकि दोनों ही समान लगते है और मूर्ती उठा कर फेंक देता है और वह टूट जाती है |

दुसरे भाग में,

अर्जुन, युद्ध की निती बना रहा है सुभद्रा उसे दूर से ही निहार रही है तभी वह उसके पास जाती है अर्जुन को ठिठोली सूझती है और वो सुभद्रा से कहता है नीचे मायावी चक्र रखे हुए है किसी पर भी पैर मत रखना | सुभद्रा अर्जुन से पूछती है क्या कर रहे हो अर्जुन कहता है चक्र व्यूह की रचना कर रहा है | सुभद्रा कहती है उसके भाई श्री कृष्ण कहते है कि कायर चक्रव्यूह की रचना करता है और बलवान उसे भेदता है | अर्जुन कहता है क्या उसका भाई अपने आपको को दुसरो से अधिक ज्ञानी मानते है सुभद्रा कहती है नहीं उन्हें दुसरे ज्ञानी मानते है| सुभद्रा कहती है कि काल जो रागिनी बजाई थी वो बहुत शीतलता दे रही थी | अर्जुन कहता है वो मन की स्थिती पर निर्भर करता है मन में अवश्य किसी यादव कुमार की छवि होगी जो रागिनी शीतल लगी | सुभद्रा शरमा जाती है और जाने लगती है, तब अर्जुन पूछता है वो यह क्यु आई थी| सुभद्रा कहती है कृष्ण ने अर्जुन के लिए भेट दी है कहा था अर्जुन को देना उसे काम आएगी और वो उसे देदेती है | सुभद्रा अर्जुन से पूछती है क्या वह युद्ध में सबसे आगे होगा वो कहता है हाँ सबसे आगे |

तीसरा भाग

कुन्ती पांडवों को तिलक करती है और युदिष्ठिर से कहती है पात्र में उतना ही दही डालना चाहिए जितने की आवश्यकता हो अधिक दही छलक जाता है | युदिष्ठिर समझ जाता है कि कुन्ती क्या कहना चाहती है और वो कहता है कि वो उतने ही बल का प्रयोग करेंगे जितना द्रुपद को गुरु के सामने झुकाने के लिए आवश्यक है उनका किसी पर अत्याचार करने का कोई इरादा नहीं है |
दूसरी तरफ, कोरव, धृतराष्ट्र और गांधारी से आशीर्वाद ले रहे है | दुर्योधन कहता है द्रुपद में उतना बल नहीं है कि वो उसे परास्त कर सके| धृतराष्ट्र और गान्धारी कहते है उन्हें पुत्रो पर पूरा विश्वास है | धृतराष्ट्र कहता है कि वो दुर्योधन को युवराज बनाने का वादा पूरा नहीं कर पाया | तब दुर्योधन कहता है कि धृतराष्ट्र धर्म के लिया जाता है पर विदुर और पितामह उसे बहका देते है | शकुनी कहता है भीष्म को जब अधर्म करना होता है तभी वह धर्म की बात करता है इस तरह वह बताता है कि भीम को अम्बा ने श्राप दिया था कि वह उसके मरने का कारण बनेगी और वो जन्म ले चुकी हु| धृतराष्ट्र कहता है यह असम्भव है भीम को इच्छा मृत्यु का वरदान प्राप्त है उन्हें कोई नहीं मार सकता | दुर्योधन कहता है यह सब झूठ है भीम ने डराने के लिए कहा है |

Karnika

Karnika

कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
Karnika

यह भी देखे

Hip hip hurray

हिप हिप हुर्रे ज़ी टीवी सीरियल | Hip Hip Hurray Zee TV Serial in hindi

Hip Hip Hurray Zee TV Serial in hindi 90 दशक के अंत में जी टीवी …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *