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मुख्यमंत्री भावान्तर भुगतान योजना मध्यप्रदेश | Mukhyamantri Bhavantar Bhugtan Yojana Madhya Pradesh in hindi

मुख्यमंत्री भावान्तर भुगतान योजना मध्यप्रदेश | Mukhyamantri Bhavantar Bhugtan Yojana Madhya Pradesh in hindi

मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए एक नए तरह की योजना की शुरुआत की है. इस योजना का उद्देश्य राज्य में किसानों की स्थिति को सुधारने और उन्हें आर्थिक मदद प्रदान करने का है. मध्यप्रदेश में चलने वाली विभिन्न योजनाओं में यह एक महत्वपूर्ण योजना है, क्योंकि इसका सम्बन्ध किसानों से है. किसानों ने बदहाली की वजह से कई बार आत्महत्याएं भी की हैं. राज्य में किसान आत्महत्या रोकने के लिए और किसानों का भविष्य बेहतर बनाने के लिए सरकार ने इस योजना की शुरुआत की है. किसान कर्ज माफ़ी योजना यहाँ पढ़ें.

मुख्यमंत्री भावान्तर भुगतान योजना का लॉन्च (Mukhyamantri Bhavantar Bhugtan Yojana Launched)

इस योजना का आरम्भ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अगस्त 2017 को किया. सरकार द्वारा जारी यह योजना किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगी.

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मुख्यमंत्री भावान्तर भुगतान योजना की विशेषताएँ (Mukhyamantri Bhavantar Bhugtan Yojana Features in hindi)

  • मध्यप्रदेश में लगातार अपनी बदहाली की वजह से कई किसानों ने आत्महत्या कर ली है. राज्य में आत्महत्या के इस दर को कम करने के लिए सरकार ने इस योजना की शुरुआत की है. इन आत्महत्याओं का मुख्य कारण यह है कि किसान को उनकी मेहनत और पूँजी की तुलना में सही लाभ प्राप्त नहीं हो पाता है.
  • इस योजना के अंतर्गत सरकार ने यह तय किया है कि मंडी के तात्कालिक विक्रय मूल्य और किसानों के पारिश्रमिक राशि का अंतर किया जाएगा और किसी अनाज मंडी में चल रहे अनाज के दर को ‘एमएसपी’ कहा जाएगा.
  • इस योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश सरकार का कृषि विभाग कुछ अनाजों का पारिश्रमिक मूल्य निश्चित करेगा. सरकार ने इस कार्य का कार्यभार ‘मध्य प्रदेश कृषि विभाग लागत और विपन्न आयोग’ को दिया है.
  • इस योजना के अंतर्गत रबी और खरीफ दोनों तरह के फसलों को लाया गया है. खरीफ फसल में सोयाबीन, अरहर, मक्का आदि को इस योजना के अंतर्गत रखा गया है.
  • इस योजना के अंतर्गत सरकार ने एक विशेष तंत्र का गठन किया है, जिसके अंतर्गत किसी तरह के विवाद को तीन महीने के अंतर्गत सरकार के सामने रखना अनिवार्य होगा.
  • सरकार भूमि बंटवारे, सीमांकन अथवा किसी अन्य तरह के भूमि सम्बंधित परिवर्तन पर सरकार 3 महीने के अन्दर कार्य करेगी. यदि इस समय के अन्दर विवाद का हल नहीं हुआ तो, सरकार विवाद सम्बंधित आवेदक को मुआवजा प्रदान करेगी और मुआवजे की रकम सरकार सरकारी अधिकारियों से वसूल करेगी.
  • तात्कालिक समय में इस योजना के अंतर्गत सरकार ने 8 विभिन्न फसलों को शामिल किया है. इन फसलों में अधिकांश फसल दाल अथवा तेल सम्बंधित है. इसकी वजह ये है कि इन फसलों की खरीददारी चावल और आंटे से बेहद कम है.
  • यदि मध्यप्रदेश के किसी भी किसान की फसल तय MSP से कम की राशि पर बिकती है, तो सरकार किसान को मुआवजा प्रदान करेगी. इस मुआवजे का निर्धारण कैपिटल प्राइस के आधार पर होगा.
  • यदि किसी फसल का एमएसपी रू 3050 प्रति क्विंटल हो तो इस फसल का मॉडल प्राइस 2700 रूपए होगा. इस तरह यदि किसान इस फसल को रू 2800 में बेचता है, तो सरकार प्रति क्विंटल पर मुआवज़े के रूप में रू 250 किसान को प्रदान करेगी.
  • योजना के अंतर्गत किसी भी तरह का भुगतान सरकार किसान के बैंक अकाउंट में करेगी.
  • इस तरह से किसी किसान को मॉडल प्राइस और एमएसपी राशि का अंतर प्राप्त हो सकेगा. अतः किसी भी फसल पर, जिसे इस योजना के अंतर्गत शामिल किया गया, यह राशि प्राप्त होगी.

मुख्यमंत्री भावान्तर भुगतान योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज (Mukhyamantri Bhavantar Bhugtan Yojana Required Documents)

इस योजना में नामांकन कराने के लिए आवश्यक दस्तावेजों का वर्णन नीचे किया जा रहा है. 

  • इस योजना के लिए सबसे पहले आवेदक के पास आधार कार्ड का होना अनिवार्य है. आवेदक को योजना के सभी तरह के आवेदन के साथ आधार कार्ड देना होगा. आधार कार्ड से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारी यहाँ पढ़ें.
  • इस योजना के लिए आवेदक को अपने बैंक अकाउंट सम्बंधित सभी जानकारी जमा करनी आवश्यक है ताकि मुआवज़े से सम्बंधित राशि बैंक अकाउंट में सीधे प्राप्त हो सके.
  • इसके अलावा आवेदक को अपनी जमीन से सम्बंधित जानकारी जमा करनी होगी कि खेती कहाँ और कितने क्षेत्र में हो रही है.

मुख्यमंत्री भावान्तर भुगतान योजना में पंजीकरण प्रक्रिया (Mukhyamantri Bhvantar Bhugtan Yojana Registration Process)

सरकार ने इस योजना में पंजीकरण प्रक्रिया को आसान रखा है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें. यहाँ पर इस योजना के अंतर्गत पंजीकरण प्रक्रिया का वर्णन नीचे किया जा रहा है.

  • इस योजना के अंतर्गत जो भी किसान अपना पंजीकरण कराना चाहते हैं, उन्हें योजना का आवेदन पंचायत कार्यालय, जिला ऑफिस, कलेक्टर, ब्लाक ऑफिस आदि से प्राप्त हो सकेगा.
  • इस आवेदन पत्र में आवेदक को सभी आवश्यक जानकारी जैसे नाम, पता, आयु, अन्य निजी जानकारियां, आधार संख्या, तात्कालिक फोटो आदि देना अनिवार्य है.
  • आवेदक को आवेदन के साथ साथ बैंक अकाउंट संख्या, आईएफ़एससी कोड, ब्रांच संख्या आदि देने की आवश्यकता होती है. आवेदक का किसी सरकारी, को- ऑपरेटिव अथवा ग्रामीण बैंक में अकाउंट होना अनिवार्य है.
  • इस आवेदन पत्र में आवेदक को अपनी खेती से सम्बंधित समस्त आवश्यक जानकारियाँ शामिल करनी होंगी. इसमें आवेदक के खेत का क्षेत्रफल होना आवश्यक है.

मुख्यमंत्री भावान्तर भुगतान योजना के अंतर्गत मुख्य तारीख (Mukhyamantri Bhvantar Bhugtan Yojana Important Dates)

इस योजना के लिये आवश्यक तारीखों का वर्णन नीचे किया जा रहा है.

  • योजना के अंतर्गत पंजीकरण की प्रक्रिया 11 सितम्बर से शुरू होने वाली है.
  • कोई भी किसान इस योजना के तहत अपने फसल 16 अक्टूबर से 15 दिसम्बर के बीच बेच सकेगा.
  • सरकार की तरफ से राशि प्रदान करने की प्रक्रिया 15 दिसम्बर से शुरू कर दी जायेगी.

मध्यप्रदेश किसानों के लिए गिरदावरी मोबाइल एप्लीकेशन (Girdawari Mobile App For MP Farmers)

इस योजना को सफलतापूर्वक चलाने के लिए सरकार ने गिरदावरी मोबाइल एप्लीकेशन की शुरुआत की है. इसमें सभी चयनित फसलों की उपज, पंजीकृत किसानों के ज़मीन सम्बंधित जानकारी, फसल सम्बंधित जानकारी आदि दी हुई रहेगी. इस एप्लीकेशन की सहायता से किसानों को कई तरह की योजना सम्बंधित जानकारियाँ घर बैठे ही प्राप्त हो जायेंगी.

निष्कर्ष (Conclusion)

इस तरह से इस योजना की सहायता से किसानों को उनके पारिश्रमिक के मुताबिक़ राशि प्राप्त हो सकेगी. हालाँकि सरकार की तरफ से यह ध्यान देने वाली बात होगी कि किसानों को समय पर उनके मुआवज़े की राशि प्राप्त हो सके. तत्कालिक समय में हालाँकि 8 फसलों को इस योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है, किन्तु भविष्य में और भी फसलों को शामिल करने की संभावना है.

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