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हिंदी फिल्म देखें | Must Watch Hindi Movies in hindi

हिंदी फिल्म देखें | Must Watch Hindi Movies in hindi

हमारे जीवन में सिनेमा का बहुत महत्व है, खासकर भारतीय सिनेमा यह अनेकता में एकता का प्रतीक है इसे हर वर्ग, समुदाय और जाति के लोग देखते है. मनोरंजन के साथ ही फिल्म में गुणवता और समझदार शिक्षायें भी होती है. प्रेरक और अच्छी भारतीय फिल्म को एक सूची में समाहित करना मुस्किल है, लेकिन फिर भी उनमे से कुछ 20 शीर्ष बॉलीवुड फिल्मों को हमने यहाँ संदर्भित किये है. 

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हिंदी फिल्म देखें (Must Watch Hindi Movies in hindi)  

  1. बर्फ़ी (2012) : बर्फी फिल्म एक ऐसी फिल्म है जो जीवन के सभी तुच्छ मुद्दों के बारे में बताता है. इस फिल्म का नायक बोल और सुन नहीं पाता है, लेकिन फिर भी यह फिल्म जीवन जीने के लिए एक महत्वपूर्ण सन्देश देती कि भले ही आपके जीवन में बहुत सारी समस्या है, पर इन समस्याओं के बावजूद सबसे ज़रूरी अपने मुस्कान को बनाये रखना है साथ ही यह फिल्म यह भी बताती है कि प्रेम की कोई परिभाषा नहीं होती है, यह सामान्य और असमान्य लोगों के बीच भी हो सकता है. इस फिल्म के निर्देशक अनुराग बसु है तथा इस फिल्म में रणबीर कपूर, प्रियंका चोपड़ा, इलियाना डी क्रूज एवं सौरभ शुक्ला ने अभिनय किया है. इस फिल्म में प्रियंका चोपड़ा का अभिनय भी बहुत अच्छा था.  
  2. मसान (2015) : नीरज घावन द्वारा निर्देशित मसान फिल्म अंतरजातीय विवाह जैसी सामाजिक मुद्दों पर बनी एक मजबूत सन्देश देने वाली फिल्म है. इस फिल्म में लड़की को एक भ्रष्ट पुलिस कर्मचारी से निपटने की कोशिश करते हुए उनके संघर्षों को दिखाया गया है. इस फिल्म के कलाकार श्वेता त्रिपाठी, संजय मिश्रा, रिचा चड्ढा और विक्की कौशल ने अद्भुत प्रदर्शन किया है. नीरज गयवान ने इस खुबसूरत फिल्म को बनाया है.
  3. स्वदेश (2004) : जब हम युवा होते है तो बहुत ही महत्वकांक्षी होते है हम अपने भविष्य में वे सभी सुख, सुविधाएँ प्राप्त करने की कोशिश करते है, जिसमें आरामदायक जीवन व्यतीत कर सके. हालाँकि हममें से कई अपने ग्रामीण भाईयों के जीवन में सुधार और उत्थान लाने के लिए अपना समर्पण भी दिखाते है. स्वदेश फिल्म में देश के लिए समर्पण और भक्ति की कहानी है जिसमें यह दिखाया गया है कि अपनी मातृभूमि के लिए किन छोटे तरीकों से भी योगदान दिया जा सकता है. देश भक्ति के नाम पर समाज में नफरत का वतावरण पैदा करने वालों के लिए वास्तव में देश भक्ति क्या होती है यह फिल्म सन्देश देती है. इस फिल्म में शाहरुख़ नासा के एक इंजीनियर है जो अपने गांव में पनबिजली से एक छोटे से बिजली जनरेटर स्थापित करने के लिए कड़ी मेहनत करते है. इस फिल्म को आशुतोष गोवरिकर ने बनाया है. शाहरुख़ खान के अलावा इस फिल्म में गायत्री जोशी, किशोर बिलाल, स्मित शेठ ने भी अभिनय किया है.
  4. सिटी लाइट्स (2014) : इस फिल्म में प्रवासियों के दिमाग को दर्शाया गया है जो मुम्बई जैसे महानगरों में रहने के लिए आते है और वे शहर की क्रूरता का शिकार बन जाते हैं, अपनी भूख को मिटाने के लिए वे कुछ भी करने को तैयार है. फिल्म शहर के अँधेरे को दर्शाती है और गरीबी, असहायता के भयभीत पक्ष को भी दिखाती है. यह फिल्म एक व्यक्ति के लिए परिवार को अपने साथ रखने की उसकी इच्छा के प्रयास को दिखाती है. दीपक सिंह राजस्थान में एक किसान है जो कि एक त्रासदी के बाद अपनी पत्नी और बच्चे के साथ गांव से मुम्बई एक बेहतर जीवन जीने की तलाश में स्थानांतरित हो जाता है, जहां उसे एक बड़े शहर में जीवन जीने के लिए मौजूद चुनौतियों का पता चलता है.
  5. शोले (1975) : शोले फिल्म को पूर्ण बॉलीवुड मसाला फिल्म कहा जाता है. इस फिल्म में दो अपराधी है जो कि एक पुलिस कर्मी के द्वारा डाकू को पकड़ने के लिए काम पर रखे गए है. इस फिल्म का हर एक पात्र इसके संवाद और संगीत आज भी लोगों के जेहन में है. संजीव कुमार ने ठाकुर, अमिताभ बच्चन ने जय, धर्मेन्द्र ने वीरू, हेमामालिनी ने बसंती, जया बच्चन ने राधा की भूमिका को निभाया था. इस फिल्म के अन्य पात्र जैसे मौसी, धन्नो, सांबा सभी ने यादगार भूमिका निभाई थी. यह फिल्म पुरे देश में 100 से भी ज्यादा थियेटर में 25 सप्ताह तक लगातार चली थी. इसके लिए फिल्म की रजत जयंती मनाने का रिकॉर्ड है.
  6. लगान (2001) : भारत में ब्रिटिश राज की अवधि को दर्शाते हुए फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह से ग़रीब किसान खराब मानसून में असफलता से पीड़ित है, जो भारी करों के बोझ से छुटकारा पाने के लिए क्रूर ब्रिटिश शासकों के खिलाफ क्रिकेट मैच को खेल कर किस तरह से जीतते है. इस फिल्म ने भारतीय फिल्मों के लिए एक नया बेंचमार्क सेट किया. इस फिल्म के निर्देशक आशुतोष गोवारिकर, अभिनेता और निर्माता आमिर खान और संगीतकार ए.आर. रहमान ने प्रशंसनीय फिल्म बनाई है.
  7. 3 इडियट (2009) : राजकुमार हिरानी और विधु विनोद चोपड़ा ने इस फिल्म को बनाया है. इस फिल्म में आमिर खान, आर. माधवन, शर्मन जोशी, बोमन ईरानी और करीना कपूर जैसे कलाकारों ने अभिनय किया है. यह फिल्म भारतीय शिक्षा प्रणाली के लिए एक महत्वपूर्ण सन्देश देती है. अभी भी भारतीय शिक्षा प्रणाली ग्रेड, कटऑफ और डिग्री के बारे में पूर्वाग्रह से ग्रस्त है. यह फिल्म भारत में ही नहीं विदेशों में भी काफ़ी लोकप्रिय रही है साथ ही यह सबसे अधिक कमाई करने वाली बॉलीवुड फिल्म बन गयी है. इस फिल्म ने कई पुरस्कार भी प्राप्त किये है.
  8. भाग मिल्खा भाग (2013) : जब भी हम भाग मिल्खा भाग जैसी फिल्में देखते है तो अपना स्वयं का संघर्ष कम लगने लगता है. इस फिल्म की कहानी एक आम आदमी के जीवन संघर्ष, लक्ष्य की ओर आगे बढने का संकल्प और सब कुछ हासिल करने के लिए प्रेरणा देता है. यह मिल्खा के उद्गम के पीछे की सच्चाई को दिखाता है. इस फिल्म को राकेश ओमप्रकाश मेहरा ने निर्देशित किया है. इस फिल्म में फरहान अख्तर, सोनम कपूर, पवन मल्होत्रा और आर्ट मलिक ने अभिनय किया है.
  9. क्वीन (2013) : जब भी आप अपने जीवन में परेशान होते है तो अच्छा महसूस करने के लिए क्वीन फिल्म से प्रेरणा ले सकते है. क्वीन फिल्म एक सुंदर कविता की तरह है, जो आपको अच्छा महसूस कराती है यह विश्वास दिलाती है कि ऐसे लोग भी है जिन पर आप भरोसा कर सकते है. उनसे दोस्ती कर उनका मार्गदर्शन ले सकते है साथ ही इस फिल्म से यह भी शिक्षा मिलती है कि अगर आप के साथ कोई भी नहीं है तो आप खुद भी जीवन के हर एक पल का आनंद ले सकते है. इस फिल्म में एक दिल्ली में रहने वाले परिवार की लड़की को शादी टूट जाने के बाद अकेले हनीमून पर जाते हुए दिखाया गया है. इस फिल्म को विकास बहल ने निर्देशित किया है, जिसमे कंगना राणावत, राजकुमार राव, लिसा हेडेन और जेफरी हो ने अभिनय किया है.
  10. उड़ान (2010) : उड़ान एक ऐसी फिल्म है जो हर माँ बाप को अपने बच्चों के साथ एक बार जरुर देखनी चाहिए. आज भी भारतीय समाज में एक बड़ी समस्या व्यापक है जिसे इस फिल्म के माध्यम से दिखाने की कोशिश की गयी है कि किस तरह किशोर उम्र के बच्चों पर जीवन में पारंपरिक रास्ता अपनाने के लिए मजबूर किया जाता है. इस फिल्म में भावनात्मक अशांति को दर्शाया गया है. यह फिल्म अपने दर्शकों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक देती है कि यदि आपके पास किसी भी तरह के लक्ष्य को पाने की चाहत है, तो उसके लिए उड़ान भरने को लेकर संकोच न करें. इस फिल्म को विक्रमादित्य मोटवाने ने निर्देशित किया है. इस फिल्म में रोनित रॉय, रजत बरमेचा, संजय गाँधी, रोनित रॉय और मोंजोत सिंह ने अभिनय किया है.
  11. जब वी मेट (2007) : जब वी मेट फिल्म एक रोमांटिक और सुंदर कहानी दर्शकों के सामने पेश करती है. इस फिल्म में यह दिखाया गया है कि प्यार किस तरह से अलग- अलग लोगों के लिए अलग- अलग अर्थ रखती है और जब भी दो लोग प्रेम करते है तब उस समय कुछ भी गलत नहीं होता है. इस फिल्म में एक उदास, डरपोक और धनी व्यवसायी का जीवन तब बदल जाता है जब वह एक बिंदास और निडर युवा महिला से मिलता है. इस फिल्म के निर्देशक इम्तियाज अली है. इस फिल्म में शाहिद कपूर, करीना कपूर खान, तरुण अरोड़ा और दारा सिंह ने अभिनय किया है.
  12. दिल वाले दुल्हनियां ले जायेंगे (1995) : बी. आर. चोपड़ा के बैनर तले बनी इस सुपरहिट फिल्म ने रोमांस और प्यार को नए रूप में परिभाषित किया. इस फिल्म में शाहरुख़ और काजोल एक ऐसे युवा जोडे की भूमिका को निभाते है, जो कि यूरोप में छुट्टियाँ मनाने के लिए गया है और एक–दुसरे के प्यार में पड़ जाते है. उसके बाद माता-पिता को मनाने और उनका दिल जीतने की कोशिश को इस फिल्म में दिखाया गया है. इस फिल्म ने तीन स्टार अवार्ड, भारतीय राष्ट्रीय पुरस्कार और 10 फिल्म फेयर पुरस्कार प्राप्त करते हुए शोले फिल्म का रिकॉर्ड तोड़ने वाली एक ब्लॉकबस्टर फिल्म होने का गौरव प्राप्त किया है. यह फिल्म आज भी मुम्बई के किसी न किसी थियेटर में एक बार जरुर चलती है.
  13. रंग दे बसंती (2006) : यह फिल्म एक ऐसे छः दोस्तों की कहानी है जो अंग्रेज फिल्म निर्माता की मदद से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के बारे में वृतचित्र तैयार करते है और उसके एतिहासिक पात्रों को जीते है, फिल्मांकन के द्वारान दोस्तों के इस समूह ने अपने अधिकारों के लिए लड़ने के महत्व के बारे में जाना. इस फिल्म के निर्देशक ओमप्रकाश मेहरा है और इसमें अभिनय करने वाले कलाकारों के नाम है- आमिर खान, सोहा अली खान, सिद्धार्थ नारायण, आर. माधवन, कुणाल कपूर और शर्मन जोशी. यह फिल्म कई युवाओं के लिए एक प्रेरणा बन गयी. राजनीति का असली चेहरा इस फिल्म को देखने से पता चलता है. इसको कई पुरस्कार भी प्राप्त हुए है.
  14. मदर इंडिया (1957) : मदर इंडिया फिल्म के निर्देशक महबूब है. इस फिल्म में सुनील दत्त, नरगिस और राजेंद्र कुमार ने उम्दा अभिनय किया है. यह भारत की पहली ऐसी फिल्म है जो ऑस्कर के लिए नामांकित हुई थी. इस फिल्म में ग़रीबी से पीड़ित महिला के जीवन संघर्ष और संघर्ष से लड़ते हुए अपने बच्चे को जन्म देने और पालन- पोषण करने की कहानी को दिखाया गया है.
  15. ए वेडनेसडे (2008) : ए वेडनेसडे फिल्म में एक सेवानिवृत पुलिस अधिकारी अपने करियर के सबसे आश्चर्यजनक दिन को याद करता है. जिसमे वे एक ऐसे मामले को याद करता है जो कही भी कभी भी दायर नहीं किया गया था, लेकिन वह एक आम आदमी और बुधवार के उस दिन को अपनी यादों में बरकरार रखता है. इस फिल्म के निर्देशक नीरज पाण्डे है. इस फिल्म में अनुपम खेर, नसरुद्दीन शाह, जिमी शेरगिल और दीपल शॉ ने अभिनय किया है.
  16. आनंद (1971) : आनंद फिल्म के निर्देशक ऋषिकेश मुखर्जी है. इस फिल्म में अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना, सुमिता सान्याल और रमेश देव जैसे कलाकारों ने अभिनय किया है. यह फिल्म एक गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति की कहानी है जो कि मरने से पहले अपनी पूरी जिंदगी को खुश हो कर जीने की इच्छा रखता है, और ये बात वे अपने दोस्त को भी बताता है और उसे भी खुश रहने के लिए प्रेरित करता है.
  17. तारे जमीं पर (2007) : तारे जमीं पर फिल्म के निर्देशक आमिर खान है. इस फिल्म में दर्शील सफारी, आमिर खान, तनय छेड़ा और सचेत इंजिनियर ने अभिनय किया है. इस फिल्म में एक आठ वर्षीय बच्चे को सभी आलसी समझते है और परेशान रहते है. किन्तु जब एक शिक्षक धैर्य और प्यार से उसकी समस्या के बारे में जानने की कोशिश करता है, तब जाकर असली समस्या जो कि एक मानसिक कमज़ोरी के रूप में सबके सामने आती है.
  18. रोजा (1992) : रोजा फिल्म के निर्देशक मणि रत्नम है. इस फिल्म में अरविन्द स्वामी, मधु, पंकज कपूर ने अभिनय किया है. यह फिल्म बहुत ही लोकप्रिय रही है सबने इस फिल्म की सराहना की है. इस फिल्म में तमिलनाडु के छोटे से गांव की एक महिला की शादी एक शहरी निवासी से हो जाती है. इसके बाद वे कश्मीर में जाते है जहां सबकुछ खुबसूरत लगता है तभी आतंकवादियों के द्वारा युवा का अपहरण कर लिया जाता है. इस तरह उनके संघर्षो की कहानी को दिखाया गया है.
  19. चक दे इंडिया (2007) : चक दे इंडिया फिल्म के निर्देशक शिमित अमिन है. इस फिल्म के सितारे है- शाहरुख़ खान, विद्या मालवडे, सागरिका घाटगे, शिल्पा शुक्ला. इस फिल्म में कबीर खान भारतीय महिला राष्ट्रीय हॉकी टीम के कोच है और उनका सपना है कि सभी लड़कियों की टीम हर तरह की बाधाओं का सामना करते हुए जीत हासिल करे.
  20. बॉम्बे (1995) : इस फिल्म को मणि रत्नम ने निर्देशित किया है. इस फिल्म में छोटे से गांव के एक हिन्दू लड़के और एक मुस्लिम को एक दुसरे के प्यार में पड़ते हुए दिखाया गया है, उसके बाद वे दोनों मुंबई जाते है उनके दो बच्चे भी है. वहां पर बढ़ते धार्मिक हिंसा, तनाव और दंगों से परिवार को संघर्ष करते दिखाया गया है. इस फिल्म में अरविन्द स्वामी, मनीषा कोइराला, टीनू आनंद और आकाश खुराना ने अभिनय किया है.

इस तरह से हर फिल्म की कहानी हमें कुछ ना कुछ शिक्षा देती है, इसलिए हमें शिक्षाप्रद हिंदी फिल्म देखना चाहिए.

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