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नवजोत सिंह सिधू का जीवन परिचय व अनमोल वचन व शायरी| Navjot Singh Sidhu biography Quotes shayari in hindi

Navjot Singh Sidhu biography Quotes shayari in hindi नवजोत सिंह सिधु एक ऐसा नाम जो काम क्या करता हैं, इसका फैसला मुश्किल हैं, सच में एक साथ इतने कामों को बेहतरीन अंदाज में पूरा करना हर किसी के बस की बात नहीं हैं. नवजोत सिंह सिधु एक पूर्व क्रिकेटर होने के साथ- साथ सांसद, कमेंटेटर और कॉमेडी शो के जज हैं. ये सभी काम वक्त मांगते हैं इन सबके साथ नवजोत सिंह सिधु का ज्ञान जो कि दिनों दिन तरक्की पर हैं.

आपको पता ही होगा नवजोत सिंह सिधु को इंग्लिश बोलना आता ही नहीं था, वो खेल से कम लेकिन रिपोटर्स से ज्यादा डरते थे, कैमरे से भागने के कारण ढूंढते थे. जब कोई मैच जीत जाते उन्हें जीत की ख़ुशी से ज्यादा सवालों के जवाब देने का डर खाता था. वही नवजोत सिंह सिधु आज बोलने में हरफनमौला हैं, क्यूंकि एक अनुभव के बाद उन्होंने ने ठान ली थी, कि वो इस कमी को पूरा करके दिखायेंगे और उन्होंने वही किया.

आज नवजोत सिंह सिधु के शेरो शायरी के कई दीवाने हैं.

नवजोत सिंह सिधु को हम पूर्व क्रिकेटर होने के साथ ही एक नेता और टेलीविजन व्यक्तित्व के रूप में जानते है. दिसम्बर 1999 में क्रिकेट से सन्यास लेने के बाद वो राजनीति में शामिल हो गए थे. वे 2004 से 2014 तक अमृतसर से लोकसभा के सदस्य थे. वह अप्रैल 2016 में राज्य सभा के लिए बीजेपी से नामांकित भी हुए थे. हल ही में उन्होंने सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है और उन्होंने सितम्बर 2016 में एक नई पार्टी बनाई है जिसका नाम है आवाज़ ए पंजाब.

नवजोत सिंह सिधु का जन्म और शिक्षा (Navjot Singh Sidhu birth and education)

नवजोत सिंह सिधु का जन्म एक जाट सिख परिवार में 20 अक्टूबर 1963 को भारत के राज्य पंजाब के पटियाला में हुआ था. सिधु की प्रारंभिक स्कूली शिक्षा पटियाल के यादविंद्र पब्लिक स्कूल में हुई. कॉलेज की पढाई उन्होंने पंजाब युनिवर्सिटी के मोहिन्द्र कॉलेज, चंडीगढ़ से की. फिर कुछ समय के बाद अध्ययन करने के लिए सिधु मुम्बई आ गये, और उन्होंने मुम्बई के एचआर कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स एंड इकोनॉमिक्स से पढाई की.

नवजोत सिंह सिधु का पारिवारिक जीवन (Navjot Singh Sidhu family)

उनके परिवार में उनके माता पिता के अलावा उनकी पत्नी और दो बच्चे है. उनके पिता का नाम भगवंत सिंह था वो एक क्रिकेटर थे. उनकी पत्नी का नाम नवजोत कौर सिधु है वह एक डॉ. है साथ ही वह पंजाब विधानसभा की पूर्व सदस्य रह चुकी है. उनके दो बच्चे एक बेटा है जिसका नाम करण है और एक बेटी है जिसका नाम राबिया है.

नवजोत सिंह सिधु की व्यक्तिगत जानकारी (Navjot Singh Sidhu biography)

सिख परिवार से होते हुए भी वे भारतीय हिन्दू धर्म का पालन करते हुए शाकाहारी है. सिधु न ही शराब का सेवन करते है और ना ही किसी भी तरह का ध्रूमपान करते है. इनके बारे में जानकारी नीचे तालिका में दर्शाई गई है-

नाम नवजोत सिंह सिधु
उपनाम सिक्सर सिधु, शेरी पाजी और स्विधू पाजी
व्यवसाय राजनीति, क्रिकेटर और कमेंटेटर
उच्चाई 6 फीट 2 इंच
वजन 84 किलो ग्राम
शारीरिक बनावट सीना-42 इंच, बाइसेप्स 14 इंच
आँखों का रंग हल्का भूरा
बालों का रंग काला
पसंदीदा क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर
राशि तुला राशि
नागरिकता भारतीय
धर्म सिख
वैवाहिक स्थिति विवाहित
सैलरी 6 लाख
कुल कमाई 15 करोड़
पता मुम्बई
पसंद इंटरनेट सर्फिंग और हमेशा कुछ नया सोचना और करना.

नवजोत सिंह सिधु का करियर (Navjot Singh Sidhu career)  

नवजोत सिंह सिधु का करियर विविधताओं से भरा है उन्होंने खेल जगत, राजनीति और मनोरंजन के क्षेत्र में भी अपना योगदान दिया है जिनका हम अलग अलग रूपों में वर्णन कर रहे है जो निम्नलिखित है- 

  • नवजोत सिंह सिधु का क्रिकेट में करियर (Navjot Singh Sidhu cricketer)

नवजोत सिंह ने अपने कैरियर की शुरुआत 18 साल की उम्र में प्रथम श्रेणी के क्रिकेटर के रूप में अपने मूल राज्य की तरफ से खेलकर की थी. उन्होंने अपने अन्तर्राष्ट्रीय करियर की शुरुआत 1983 में की थी. क्रिकेट के मुख्य नियम यहाँ पढ़ें. 12 नवम्बर 1983 में अहमदाबाद में हुए टेस्ट मैच में वेस्ट इंडीज के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 19 रन बनाये थे. उसके बाद उन्होंने 1990 में मैच खेला और कोई भी विकेट नहीं लेने के कारण निकाल दिए गए थे. उसके बाद फिर अगले मैच में भी उन्होंने कोई रन नहीं बनाया. 1987 के भारत विश्व कप क्रिकेट में उन्होंने 73 रन बनाये इस बार उन्होंने कुल 5 मैचों में से 4 में अर्द्धशतक जडा था, लेकिन भारत इंग्लैण्ड के खिलाफ सेमीफाईनल में हार गया था. उन्होंने अपना पहला वनडे शतक पाकिस्तान के खिलाफ शारजाह में लगाया था जोकि 1989 में हुआ था. फिर इंग्लैंड के खिलाफ ग्वालियर में उन्होंने 134 रन बनाये थे, यह मैच 1999 में हुआ था. इस वक्त को उनके 16 साल के करियर का सबसे अच्छा वक्त कहा गया था. उसी वक्त उन्होंने सेवानिवृत्त होने का फैसला कर लिया.

1997 में वेस्ट इंडीज दौरे के समय उन्होंने दोहरा शतक मारा था. सिधु और मोहम्मद अजहरुदीन के बीच 1996 में इंग्लैण्ड दौरे के समय मतभेद हो गया था, जिस वजह से वो टीम से बाहर हो गए थे. फिर उन्होंने टीम में वापसी की और दुसरे टेस्ट मैच जोकि क्वीन पार्क ओवल में हुआ था, उसमे उन्होंने 2 शतक बनाये थे. फिर एक मैच में उन्होंने 201 रन बनाया जो उनका सबसे उच्चतम स्कोर था. श्रीलंका के खिलाफ उन्होंने 124 रन बनाये जिनमे उनके 8 छक्के शामिल थे. फिर ऑस्ट्रेलिया में पांच पारी में उन्होंने 415 रन बनाये. उन्होंने sherryontopp.com नामक एक वेवसाइट शुरू की, जिसमे खेल व्यक्तित्व, राजनीतिज्ञ और कमेंटेटर सभी लोग इस वेवसाइट पर अपने पक्ष रखते है. इसमें महान क्रिकेटर कपिल देव के साथ ही अमिताभ बच्चन जैसी शख्सियत भी शामिल है. मोहम्मद अजरुद्दीन के जीवन पर आधारित फिल्म अज़हर की कहानी यहाँ पढ़ें.

  • नवजोत सिंह सिधु का कमेंटेटर के रूप में करियर (Navjot Singh Sidhu commentater)

सिधु ने एक कमेंटेटर के रूप में अपने करियर की शुरुआत 2001 में भारतीय टीम के श्रीलंका दौरे से किया था. एक कमेंटेटर के रूप में उन्हें उनके एक लाइन की टिपण्णी के लिए सिधुइज्मस कहा जाता था. कमेंटेटर के रूप में उन्होंने इएसपीएन स्टार स्पोर्ट्स पर काम किया, और एक अपवादित टिप्पणी की वजह से इएसपीएन ने उन्हें निष्कासित कर दिया था. उसके बाद उन्होंने टेन स्पोर्ट्स के लिए भी काम किया. वह विभिन्न भारतीय चैनल पर एक क्रिकेट विश्लेषक के रूप में भी अपनी बातों को रखते हुए दिखते है. 2012 में इएसपीएन स्टार स्पोर्ट्स के लिए वे फिर से काम करना शुरू कर दिए थे.

  • नवजोत सिंह सिधु का टेलीविजन में करियर (Navjot Singh Sidhu TV shows)

भारतीय टेलीविजन के कार्यक्रम ‘द ग्रेट इन्डियन लाफ्टर चैलेन्ज’ में उन्होंने शेखर सुमन के साथ जज की भूमिका निभाई है. वह कलर्स पर आने वाले शो ‘कॉमेडी नाइट्स विथ कपिल शर्मा शो’ में भी जज की भूमिका में दिख चुके हैं. इस शो को कपिल शर्मा होस्ट करते थे. फिलहाल वे कपिल शर्मा के ही शो ‘द कपिल शर्मा शो’ में जज की भूमिका में हैं. इसके आलावा वो एक अन्य कार्यक्रम ‘फनबाजी चक दे’ में भी दिख चुके है. उन्होंने एक टीवी सीरिज ‘करीना करीना’ में भी काम किया है. कलर्स के एक रियालिटी शो ‘बिग बॉस 6’ में भी प्रतियोगी के रूप में दिख चुके है. बाद में वो इस शो को बीच में ही छोड़ दिए थे जिसका कारण उन्होंने राजनीतिक बताया था. कपिल शर्मा का जीवन परिचय व शो यहाँ पढ़ें.

  • नवजोत सिंह सिधु का फिल्मों में करियर (Navjot Singh Sidhu films)

टेलीवीजन के साथ ही उन्होंने फिल्मों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है वो सलमान खान की फिल्म ‘मुझसे शादी करोगी’ में दिख चुके हैं. इसके अलावा वे पंजाबी फ़िल्म में अभिनय भी कर चुके है उस फिल्म का नाम है ‘मेरा पिंड’, इसमें इनके साथ पंजाबी गायक हरभजन मान, राना रणवीर और गुरप्रीत घुग्गी जो कि एक हास्य कलाकार है उन्होंने भी अभिनय किया है. इस फिल्म में उन्होंने एक एनआरआई नर्वोज़ सिंह लम्बा के पात्र को निभाया था. यह फिल्म 20 सितम्बर 2008 को रिलीज हुई थी. सिधु ने फिल्म ‘एबीसीडी 2’ में एक कैमियों के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी.

  • नवजोत सिंह सिधु का राजनीति में करियर (Navjot Singh Sidhu political career)

नवजोत सिंह सिधु ने 2004 के भारतीय आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर अमृतसर से जीत हासिल की थी. फिर अदालत में उनके खिलाफ मामला चलने की वजह से उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था. इसके बाद फिर उन्होंने बहुमत से उपचुनाव में जीत हासिल कर यह सिद्ध कर दिया था कि जनता के बीच अब भी उनकी गहरी पैठ है. जब 2009 में आम चुनाव हुए तो भी नतीजे उनके पक्ष में आये, जिसमे उन्होंने कांग्रेस के नेता ओम प्रकाश सोनी को 6858 वोटो से हराया और वे अपने अमृतसर की सीट को जीत के साथ बरकरार रखने में कामयाब रहे.

Navjot Singh Sidhu

 

लेकिन जब 2014 का भारतीय आम चुनाव हुआ, तो उसमे बीजेपी की तरफ से उन्हें अमृतसर के लिए टिकट नहीं मिली जिस वजह से उन्होंने दुःख जाहिर किया और कहा कि ‘अमृतसर वह स्थान है, जहाँ से मैंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की है. मैंने यहाँ पर काम किया है, यहाँ की जनता से मैंने वादा किया है कि मै इस जगह को छोड़ कर कभी भी कही नहीं जाऊंगा. मै अमृतसर से ही चुनाव लडूंगा, अन्यथा मै चुनाव नहीं लडूंगा’ सिधु अपने इस फैसले पर दृढ भी रहे.

सिधु ने 28 अप्रैल 2016 को राज्यसभा के सदस्य के रूपमें शपथ ग्रहण की थी, लेकिन कुछ ही महीनों के बाद 18 जुलाई 2016 को राजसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. उसके बाद उन्होंने परगट सिंह और बैंस के साथ मिलकर एक नई पार्टी का गठन किया जिसका नाम उन्होंने ‘आवाज़ ए पंजाब’ रखा. यह पार्टी पंजाब के खिलाफ काम करने वालों का विरोध करती है और उनके खिलाफ लडाइयां लडती है. सिधु भारतीय जनता पार्टी से नाराजगी को जाहिर करते हुए जनवरी 2017 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गए, और पंजाब विधानसभा चुनाव में अमृतसर के पूर्वी क्षेत्र से लड़े और उन्होंने बहुमतों के बहुत बड़े अंतर से चुनाव जीता. ये अंतर 42,809 मतों का था. उसके बाद उन्होंने मंत्री पद की शपथ ग्रहण की.

नवजोत सिंह सिधु अवार्ड और उपलब्धियां (Navjot Singh Sidhu Achievements)

नवजोत सिंह सिधु ने कुल 51 टेस्ट मैच खेले है, जिनमे उन्होंने 3202 रन बनाये है. और वनडे मैच उन्होंने 136 खेले है जिसमे उन्होंने 4413 रन बनाये है. उन्होंने अपना अंतिम टेस्ट मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ 6 जनवरी 1999 मे खेला था और अंतिम वनडे मैच 20 सितम्बर 1998 को पाकिस्तान के खिलाफ खेला था.

  • 1993, 1994 और 1995 उन्होंने इस प्रत्येक साल में 5 – 5 सौ से अधिक रन बनाये.
  • 1994 में वनडे में उनका स्कोर 884 था. सिधु पहले ऐसे भारतीय बल्लेबाज है जिन्होंने अन्तर्राष्ट्रीय वनडे क्रिकेट में 5 शतक लगाये हुए है.
  • 1996 से 1997 में 11 घंटे के अन्तराल पर ही उन्होंने वेस्ट इंडीज के खिलाफ 201 रन बनाये थे.

नवजोत सिंह सिधु से जुड़े विवाद (Navjot Singh Sidhu controversy)

  • 1991 में सिधु उस समय विवादों में आ गए, जब उन पर उनके एक सहयोगी जिसका नाम भूपिंदर सिंह संधू के साथ मिलकर गुरनाम सिंह पर हमला करके उन्हें जान से मार देने का आरोप लगा था. इस घटना के लिए पंजाब पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर पटियाला के जेल में कई दिनों तक रखा भी था. हालांकि सिधु ने अपने उपर लगे सभी आरोपों को निराधार बताया है. इसके साथ ही उन्होंने अदालत में दावा किया है कि वो निर्दोष है उन्हें इस मामलें में झूठ बोल कर फसाया जा रहा है, लेकिन सिधु के इस दावे का खंडन करते हुए जसविंदर सिंह जोकि पीड़ित के चाचा है, उन्होंने दावा किया है कि सिधु के इस अपराध के साक्षी है और वो उच्चतम न्यायालय में अपनी गवाही को देने के लिए तैयार है.
  • दिसम्बर 2006 में सिधु एक बार फिर विवादों में आये उन पर रोड रेज के खिलाफ केस दर्ज हुआ था. इस केस में उन्हें दोषी पाते हुए 3 साल की सजा सुनाई गयी थी, इस वजह से उन्हें अपनी संसद की सदस्यता भी त्यागनी पड़ी थी. फिर उन्होंने जनवरी 2007 में सर्वोच्च न्यायालय से अपील की, जिस वजह से कोर्ट ने उनकी अपील को मानते हुए फरवरी 2007 में अमृतसर से उनको लोकसभा सीट से लड़ने की अनुमति दे दी थी.
  • अखिल भारतीय सिखस्टूडेंट फेडरेशन ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, क्योकि उनका ऐसा कहना था कि उन्होंने अकाल तख्त के लिए गुरबानी के शब्दों को बदल कर और घुमा कर बोला है.
  • सबसे ज्यादा हास्य रूप में उस वक्त चर्चित हुए जब एक निजी संगठन ने उन पर 2 लाख रूपये का इनाम घोषित कर दिया, ये इनाम उनके संसदीय क्षेत्र से गायब रहने की वजह से घोषित हुआ था.

नवजोत सिंह सिधु के चर्चित अनमोल वचन (Navjot Singh Sidhu quotes)

  1. जब भी आप बॉल को फेकते है तो आप उसे एक जुए में पासे की तरह फेकते है, आपको यह पता नहीं होता कि यह कैसा होगा और आप ये हमेशा सोच भी नहीं सकते है कि 6 ही आएगा.
  2. उस व्यक्ति पर कभी भी भरोसा नहीं करना चाहिए जो खुद नग्न अवस्था में हो और आपको अपनी कमीज उतार के दे रहा हो ऐसे व्यक्ति से सावधान रहना चाहिए.
  3. कोई भी व्यक्ति जब सड़क पर यात्रा करता है तो उसको अपनी जिन्दगी में एक या दो पंचर का सामना करना ही पड़ता है, जब तक आप इस तरह की मुस्किल का सामना नही करते आपकी यात्रा सफलता के साथ पूरी हो ही नहीं सकती.
  4. अगर आप किसी भी काम के लिए जोखिम को उठाते है तो आपको सफलता जरुर मिलेगी. जीवन में सफ़लता पाने के लिए हमेशा नए विचार और साहसिक कदम उठाने ही पड़ते है इनके बिना सफल होना मुश्किल है.
  5. जिन्दगी से मिले अनुभव एक कंघी की तरह है जब सिर के सारे बाल निकल जाते है अर्थात आप गंजे हो जाते है, तब आपको जीवन के हर एक अनुभव को जीने का अहसास होता है और ये अहसास आपको जीवन देता है.
  6. जैसे सब कुछ आपकी सोच के अनुसार हो तो आपको अच्छा लगता है और आप शांत रहते है, लेकिन मन के विपरीत कुछ हो तो हम तुरंत क्रोध में आ जाते है, ठीक वैसे ही जब समुन्द्र का पानी शांत हो तो कोई भी पायलट बन सकता है उसी तरह से कठिन परिस्थियों में ही इन्सान की परीक्षा होती है.
  7. हम सबको भगवान ने एक ही बनाया है हम सब एक है उन्होंने सिर्फ हमारी त्वचा को ही अलग बनाया है.
  8. जब भी आप किसी राक्षस प्रवृति वाले लोगों के साथ भोजन करने बैठते है तब आपको अपने बचाव के लिए चम्मच लम्बा लेना पड़ता है, ठीक उसी तरह से जिंदगी में भी बुरे लोगों से दुरी बनाकर रखनी चाहिए.
  9. मैंने विभिन्न तरह की महिलाओं को कई तरह की शैलियों में प्रदर्शन करते देखा है. महिलाओं में वो क्षमता होती है कि वो किसी भी शैली में अपने आप को ढाल लेती है.
  10. भारतीय हर जगह और हर क्षेत्र में फैले हुए है, अगर आप उन्हें ढूढना शुरू करे तो आपको एक पिन की तरह अंतर दिखेगा.
  11. दस्ताने के साथ बॉल को ऐसे पकड़ो जैसे कोई बिल्ली झपट कर चूहों को पकडती है.
  12. विकेट उन पत्नियों की तरह होती है, जिसका आपको पता नहीं कि वो कब और किस तरफ़ मुडेंगी. वो अचानक से किसी भी तरफ मुड़ सकती है.
  13. उसकी धीमी गति की बॉल इतनी धीमी है कि इससे तो ज्यादा तेज मेरा मामा दौड़ लेता है.
  14. उसका बॉल इस तरह से घूम जाता है या फिसलता है जैसे की कोई केले के छिलके के ऊपर से फ़िसलता है.
  15. सबसे ज्यादा रोमांचित मन उस वक्त हो जाता है जब कोई मोटी महिला अपने से ज्यादा मोटी महिला को घूर के देखती है.

नवजोत सिंह सिधू की शायरी (Navjot Singh Sidhu shayari)

Experience is like a comb that life gives you when you are bald.
अनुभव एक कंघी तरह हैं जो कि जिंदगी तुम्हे देती हैं जब तुम गंजे होते हो.

Anybody can pilot a ship when the sea is calm.

जब समुद्र शांत हैं तब कोई भी जहाज चला सकता हैं |

Nobody travels on the road to success without a puncture or two.

कोई भी सफलता के मार्ग में बिना रूकावट के आगे नहीं बढ़ सकता.

The cat with gloves catches no mice.

बिल्ली दस्ताने के साथ  चूहे नहीं पकड़ सकती.

We are all Adam’s children – it’s just the skin that makes all the difference.

हम सभी आदम के बच्चे हैं यह बस हमारी त्वचा हैं जो हमें भिन्न बनाती हैं.

I am a sepoy and will follow the guidance of my leaders.

मैं एक सैनिक हूँ और अपने नेताओं के मार्गदर्शन पर चलूँगा.

Nothing ventured, nothing gained. And venture belongs to the adventurous

बीना जोखिम कुछ नहीं मिलता| जोखिम बहादुरी से आता हैं.

You can’t play a symphony alone, it takes an orchestra to play it.

तुम एक वाद्य वृन्द रचना अकेले नहीं कर सकते तुम्हे उसके लिए पुरे ओर्केस्ट्रा की जरुरत होगी.

One who doesn’t throw the dice can never expect to score a six.

जो कभी पासा नहीं चलता कभी 6 अंक की उम्मीद नहीं कर सकता.

There is light at the end of the tunnel for India, but it’s that of an oncoming train which will run them over.

भारत के लिए सुरंग के अंत में प्रकाश हैं लेकिन उसकी तरफ आने वाली रेल उसे कुचल देगी.

You got to choose between tightening your belt or losing your pants.

आपको दोनों में से चुनना होगा या तो आप अपनी पतलून को बेल्ट से बाँध सकते हैं यह उसे गँवा सकते हैं.

Age has been the perfect fire extinguisher for flaming youth

उम्र जोश को ठंडा करने का सबसे उत्तम जरिया हैं.

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कर्णिका दीपावली की एडिटर हैं इनकी रूचि हिंदी भाषा में हैं| यह दीपावली के लिए बहुत से विषयों पर लिखती हैं |यह दीपावली की SEO एक्सपर्ट हैं,इनके प्रयासों के कारण दीपावली एक सफल हिंदी वेबसाइट बनी हैं
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2 comments

  1. Siddhu aap jioooo hajaro sal sal k din ho 10000…..
    I am your big fan …..

  2. Nagesh Chaudhary

    Gazab Post

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