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पुस्तकालय के लाभ पर निबंध| Pustakalaya ke labh essay in hindi

Pustakalaya (Library) ke labh essay (nibandh) in hindi कहते हैं किताबें इन्सानों की सबसे अच्छी दोस्त होती हैं. जैसे व्यक्ति अपने  दोस्त का हर पल, हर घड़ी, हर मुश्किल में साथ देते हैं, वैसे ही किताबें भी हर विषम परिस्थिति में मनुष्य की सहायक होती है. किताबों में हर मुश्किल सवाल, परिस्थिति का हल छुपा होता है. इंसान किसी भी दुविधा में रहे, किताबों को पढ़ने से, समझने से उसकी सोच का विस्तार होता है. कुछ लोग किताबें पढ़ने के शौकीन होते हैं. उन्हें तरह तरह की किताबों को संग्रह करना अच्छा लगता है.

पुस्तकालय के लाभ पर निबंध

Pustakalaya ke labh essay in hindi

एक शांत कमरा, ढेर सारी किताबें, कई लोग, फिर भी चुप. कुछ याद आया ? जी हाँ ! मैं बात कर रही हूँ किताबों से भरे उस कमरे की जिसे पुस्तकालय” या “Library” कहते हैं. अपने स्कूल या कॉलेज के दौरान हम सभी कई बार Pustakalay गए होंगे.

  1. क्या है लाइब्ररी का अर्थ? (Library meaning)

Library को हिन्दी में पुस्तकालय कहते हैं, जिसका संधि विच्छेद करने पर “पुस्तक” + “आलय” होता है, आलय का अर्थ होता है “स्थान”. इसी प्रकार पुस्तकालय का अर्थ हुआ “पुस्तकों का स्थान”.  Library में तरह – तरह की किताबों का संग्रह होता है. यहाँ हर उम्र के व्यक्ति के लिए उसकी रुचि के अनुसार किताबें उपलब्ध रहती हैं.

Pustakalaya

  1. Library के सेक्शन (भाग) :

सामान्यतः Pustakalay में दो भाग (sections) होते हैं. लाइब्ररी में एक भाग  किताबें पढ़ने के लिए और दूसरा भाग किताबों को जारी करने के लिए होता है. यहाँ लाइब्रेरियन होता है, जो लाइब्ररी में आने वालों की सूची की जानकारी रखता है.   

  • रीडिंग सेक्शन (Reading Section) :

यह किताब पढ़ने का कक्ष होता है. इस कमरे में या भाग में तरह तरह के अखबार, मासिक, दैनिक पत्रिकाएँ (मेगजीन्स) टेबल पर रखी होती हैं. इस भाग में विभिन्न विषयों पर आधारित ढेर सारी पुस्तकें रखी होती है. कोई भी व्यक्ति अपनी रुचि अनुसार उस विषय पर रखी हुई पुस्तक को  इस कक्ष में आराम से बैठकर पढ़ सकता है.

  • Issue Section (किताबें जारी करने का भाग) :

इस कक्ष में पूरी Pustakalaya की देख – रेख के लिए एक लाइब्रेरियन होता है. लाइब्रेरियन द्वारा लाइब्ररी में रखी गयी किताबें, लाइब्ररी में आने जाने वाले व्यक्तियों की सूची, उनके द्वारा जारी की गयी किताबों का रिकॉर्ड रखा जाता है.

कौन कौन से व्यक्ति Pustakalaya में आ रहे हैं तथा उनके द्वारा पढ़ने के लिए चुनी गयी किताबों की लिस्ट Issue Section में लाइब्रेरियन द्वारा मैंटेन की जाती है.

  1. पुस्तकालय के सदस्य बनने के सामान्य नियम:

ऐसे तो अलग अलग पुस्तकालय के अपने अपने नियम होता हैं, परंतु फिर  भी कुछ नियम प्रत्येक पुस्तकालय में लागू किए जाते हैं. पुस्तकालय में माने जाने वाले  कुछ सामान्य नियम नीचे दिये गए हैं : 

  • Library का सदस्य बनने के लिए library में मासिक रूप से कुछ शुल्क देय होता है. एक बार library का सदस्य बनने के बाद व्यक्ति library में उपलब्ध अपनी मनचाही कोई भी किताब पढ़ सकता है.
  • किसी भी library के सदस्य बनते वक़्त, शुरू में सुरक्षानिधि के रूप में शुल्क जमा करवाना होता है. यह शुल्क किताबों की देख – रेख के लिए लिया जाता है.
  • तय समय सीमा के अंदर किताबों को लौटाना होता है. किताब जमा करवाने तथा उन्हें लौटाने के अलग अलग library के अलग अलग नियम होते हैं.
  1. लाइब्ररी के प्रकार (Types of library):

Library दो प्रकार की होती है :

पब्लिक Library   यह library सभी वर्ग के लोगों के लिए उपलब्ध रहती है. कोई भी व्यक्ति इस library में जा कर अपनी मनचाही किताब पढ़ सकता है.
Private (निजी) Library   कुछ विशेष वर्ग के लोग जैसे वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट, डॉक्टर आदि को उनके पेशे से जुड़े कई पहलुओं को जानने और समझने के लिए अलग – अलग किताबों की आवश्यकता होती है. इसलिए वे अपने पेशे से जुड़ी किताबों को संग्रह कर स्वयं की Library बना लेते हैं. इन्हें ही प्राइवेट/ निजी library कहा जाता है.

 

  1. पुस्तकालय के फायदे/ उपयोग/ महत्त्व (Pustakalaya ke labh/ mahatva):

पुस्तकालय बहुत ही उपयोगी होती है.

  • आसान जरिया : सभी के लिए, सभी विषयों की पुस्तकें खरीदना आसान नहीं है. कुछ गरीब लोग महंगी – महंगी किताबें नहीं खरीद सकते. उनके लिए library, पुस्तकों का बहुत ही सुगम एवं आसान माध्यम है.
  • एक ही कीमत पर कई लोगों का फायदा : एक बार पुस्तकालय में किताब आ गयी, तो वो कई लोगों द्वारा पढ़ी जाती है. लोग उसे पढ़ कर library में लौटा देते हैं, जो फिर किसी अगले व्यक्ति को पढ़ने के काम आती है.
  • कम कीमत पर किताबें उपलब्ध : Library में कम कीमत पर व्यक्ति कई किताबें पढ़ सकता है एवं अपने ज्ञान को बढ़ा सकता है. शुरू के शुल्क और बहुत कम मासिक शुल्क पर ही व्यक्ति library का सदस्य बन सकता हैं एवं वहाँ रखी गयी ढेर सारी किताबों का फायदा उठा सकता है.
  • शांति : Library में बहुत ही शांति होती है. वहाँ पढ़ने वालों को “बात न करने की” सख्त हिदायत दी जाती है. Library में अलग अलग जगह कई तख्ती या दीवालों पर “कृपया शोर न करें”, “शांति बनाए रखें” जैसे जुमले लिखे होते हैं. यहाँ बैठ कर व्यक्ति शांति और एकाग्रचित्त हो कर अपना पूरा ध्यान किताब पढ़ने में लगा सकता है. यहाँ ध्यान नहीं भटकता.
  • ज्ञान बढ़ाने का अचूक जरिया : व्यक्ति के ज्ञान को विस्तार देने के लिए library बहुत ही उपयोगी माध्यम है. औसत वर्ग का व्यक्ति अपनी रुचि या जरूरत की महंगी सभी किताब नहीं खरीद पाता और पैसे के अभाव में वह ज्ञान और शिक्षा से वंचित रह जाता है. परंतु library के माध्यम से सभी प्रकार की किताबें एवं उनके ज्ञान का आसानी से लाभ लिया जा सकता है.
  1. पुस्तक पढ़ने के फायदे (Importance of book reading):

प्रत्येक व्यक्ति को अलग अलग विषयों की किताब पढ़ने का शौक रहता है. बच्चे, बूढ़े, जवान किसी भी उम्र का व्यक्ति अपने शौक अनुसार किताबों को पढ़ कर अपना ज्ञान वर्धन कर सकते हैं.

  • अलग अलग विषयों पर किताबें पढ़ने से व्यक्ति में हर क्षेत्र का ज्ञान बढ़ता है.
  • कॉमिक्स, किस्से कहानी, उपन्यास, नाटक आदि पढ़ने से व्यक्ति में काल्पनिकता बढ़ती है. किताब पढ़ते वक़्त व्यक्ति किताब में लिखी कहानी या घटना में खो कर काल्पनिकता में चला जाता है.
  • पढ़ाई से संबन्धित किताब पढ़ने से व्यक्ति शिक्षित हो कर अपने जीवन में आगे बढ़ता है.
  • किताबें पढ़ने से जागरूकता आती है.
  • साहित्यिक किताब समाज एवं सामाजिक जानकारी देती है. लाइब्ररी में कई एतिहासिक किताबें भी उपलब्ध रहती हैं जिसे पढ़ कर व्यक्ति देश और दुनिया के रोचक इतिहास को जान सकता है.
  1. भारत के कुछ पुस्तकालय ( Library in India) :

भारत के गाँव में पुस्तकालय की बहुत आवश्यकता है, जिससे की सभी वर्ग के लोग शिक्षित हो कर अपने ज्ञान को बढ़ा सके. जरूरत है तो बस गाँव के लोगों को नए आयाम देने की. 

 भारत में बहुत कम और चुनिन्दा पुस्तकालय हैं. नीचे कुछ प्रमुख पुस्तकालयों के नाम तथा उनकी जगह दी गयी है :

  • गौतमी ग्रंधालयम : राजामुन्द्री, आंध्र प्रदेश.
  • खुदा बख्श ओरिएंटल लाइब्रेरी : पटना
  • सिन्हा लाइब्रेरी : पटना
  • माँ चंद्रकांता जी पब्लिक लाइब्रेरी : पटना
  • बूक्वोर्क चिल्ड्रन : पणजी (गोवा)
  • गोवा सेंट्रल लाइब्रेरी : पणजी
  • डॉ. फ्रान्सिस्को लुईस गोमेस डिस्ट्रिक्ट लाइब्रेरी : साउथ गोवा
  • स्टेट सेंट्रल लाइब्रेरी : तिरुवनन्तपुरम
  • गुलाब बाघ पब्लिक लाइब्रेरी : उदयपुर, राजस्थान
  • मौलाना आजाद लाइब्रेरी : अलीगढ़, उत्तर प्रदेश
  • नेशनल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया : पश्चिम बंगाल
  • दयाल सिंह लाइब्रेरी : दिल्ली
  • जामिया हमदर्द लाइब्रेरी : दिल्ली

इन पुस्तकालयों के अलावा भी कई जगह छोटे – बड़े पुस्तकालय हैं, जहां जा कर व्यक्ति अपने किताब पढ़ने के शौक को पूरा कर सकते हैं. इनके अलावा कुछ पुस्तक प्रेमी तथा समाजसेवकों ने चलती फिरती library की भी शुरुआत की. यह बहुत ही रोचक तथा उपयोगी तरीका है. चलती फिरती वेन या ट्रॉली ट्रक में कई किताबें एकत्र कर रखी जाती है, जिसे गली – गली, गाँव, कस्बों, शहरों में घुमाया जाता है तथा वहाँ के लोगों कों किताबें मुहैया कराई जाती है. इसका उद्देश्य उन लोगों तक किताबें तथा ज्ञान पहुंचाना है, जो शहर आ कर महंगी पुस्तकें नहीं खरीद सकते.    

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प्रेरणा दीपावली वेबसाइट की लेखिका है, जिनको लिखने का शौक है, इसलिए वे दीपावली साईट के लिए कभी कभी कुछ विषयोंपर लिखती है|
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