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रियल इस्टेट बिल 2016 मुख्य बातें| Real Estate Bill 2016 highlights in hindi

Real Estate (Regulatory & Development) Bill 2016 highlights in hindi इस बार के बजट मे मध्यम वर्ग के हित को देखते हुये जो सबसे अच्छी चीज है, वो है रियल इस्टेट बिल का पास होना. क्यूकी रियल इस्टेट मे इनवेस्टमेंट मध्यम वर्ग के लिए सबसे बड़ा सपना होता है.  हर आदमी का सबसे पहला सपना होता है सर पर खुद की छत, वो ज़िंदगी भर मेहनत करके जो भी इकट्ठा करता है, अपने सपनों का महल बनाने मे लगा देता है. आजकल के समय मे खुद की जमीन और उसपर खुद का घर बहुत बड़ी या कह सकते है नामुमकिन बात है, क्यूकी इसके लिए ना ही पर्याप्त जगह है, ना ही हर किसी के पास पर्याप्त पैसा. तो आम आदमी के इस सपने को पूरा करने की ज़िम्मेदारी हर छोटे बड़े शहर मे बिल्डर द्वारा फ्लैट बनाकर पूरी करने की कोशिश की गयी. परंतु कई बार यह बात सामने आई, कि बिल्डर द्वारा आम आदमी को धोका दिया गया या उसे विभिन्न तरीके अपनाकर ठगा गया.

परंतु अब आम आदमी को अपने घर को लेकर डरने की जरूरत नहीं है, अब रियल इस्टेट  बिल राज्य सभा मे पास होने के बाद हर बिल्डर को तय समय सीमा के अंदर तय गुणवत्ता का घर अपने ग्राहको को देना होगा. इस बिल को लेकर राज्य सभा मे चर्चाये सन 2013 से चल रही थी और अब जाकर यह पास हो पाया .  इस बिल के अनुसार हर राज्य के रियल इस्टेट रेग्युलेटर न्युक्त किए जाएंगे, जो अपने एरिया से संबन्धित हर चीज की देख रेख करेंगे और ग्राहक कोई भी समस्या पर इनसे चर्चा या शिकायत कर पाएंगे और ये न्युक्त रेगुलेटर, हर मामले की सुनवाई भी करेंगे. इस रियल इस्टेट बिल के पास होने के बाद अब हर 500 स्क्वेयर फीट के एरिया मे बने या 8 फ्लैट के प्रोजेक्ट को रेग्युलेटर मे रजिस्टर करवाना होगा. रियल इस्टेट बिल के पास होने के पहले तक 1000 स्क्वेयर फीट मे बने प्रोजेक्ट को ही रजिस्टर कराया जाता था. अब से जैसे ही प्रोजेक्ट पास होता है, उसकी एक वैबसाइट भी बनाई जाना आवश्यक है और हर रोज के प्रोजेक्ट के इम्प्रुवमेंट भी इस साइट पर अपडेट करना होंगे. यदि बिल्डर अपनी तय समय सीमा मे फ्लैट देने मे समर्थ नहीं है, तो इसके लिए पेनाल्टी स्वरूप कुछ रकम भी देनी होगी या अपने ग्राहक को डिस्काउंट देना होगा.

रियल इस्टेट बिल 2016 मुख्य बातें

Real Estate (Regulatory & Development) Bill 2016 highlights in hindi

हमारे यहा कृषि के बाद रियल इस्टेट ही सबसे बड़ा पैसा देने वाला क्षेत्र है, परंतु इस क्षेत्र मे आम आदमी के साथ हुये धोके और घोटाले की कहानिया भी कम नहीं है . परंतु रियल इस्टेट बिल के पास होने के पश्चात आम आदमी को डरने की जरूरत नहीं है. क्यूकी अब बिना रजिस्ट्रेशन के कोई भी प्रोजेक्ट चालू होना तो दूर इसका विज्ञापन भी नहीं दिया जा सकता. और यदि किसी बिल्डर द्वारा गलत विज्ञापन किया जाता है तो उसपर भी सजा का प्रावधान है. बिल्डर को ग्राहको द्वारा दी गयी राशि का कुछ प्रतिशत एक अलग अकाउंट मे सेव करके भी रखना होगा . अब जरूरत बस इतनी है कि इस बिल तथा इससे जुड़ी हर शर्तो का पालन सकती से किया जाए, तो मध्यम वर्ग के लिए सबसे बड़ी खुशी की बात होगी.

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ग्राहको के लिए रियल इस्टेट बिल के फायदे (Real Estate Bill 2016 Benefits For Customer)

  • अब रियल इस्टेट बिल के पास होने के बाद, यदि इसके किसी ग्राहक को अपने किसी प्रोजेक्ट को लेकर या अपने बिल्डर से कोई शिकायत है, तो वह अपने केस की सुनवाई के लिए consumer court या सिविल कोर्ट की शरण मे जा सकता है. यदि किसी ग्राहक को बताए गयी गुणवत्ता की चीज नही दी जा रही या समय सीमा पर उसकी चीज नहीं दी जाती है, तो वह उसकी शिकायत भी कर सकता है.
  • इस रियल इस्टेट बिल के पास होने के बाद हर 500 स्क्वेयर फीट या इससे ज्यादा बड़े एरिया मे बने प्रोजेक्ट या 8 फ्लेट या इससे ज्यादा बड़े प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है. इसका एकमात्र उद्देश्य प्रोजेक्ट को पारदर्शिता देना है और यदि कोई बिल्डर यह करने मे असफल होता है, तो उसे प्रोजेक्ट की 10 प्रतिशत राशि पेनाल्टी स्वरूप देनी होगी और उसे जेल भी हो सकती है.
  • बिल्डर की ग्राहको से कलेक्ट की गयी राशि का 70 प्रतिशत अलग अकाउंट मे रखना होगा, जिसे वह निर्माण मे उपयोग करेगा. इसके द्वारा बिल्डर ग्राहको की राशि का उपयोग किसी अन्य प्रोजेक्ट मे लाभ कमाने मे नहीं कर पाएगा और ग्राहक को उसका घर टाइम पर मिलेगा।
  • इस बिल के पास होने के पश्चात घरो की कीमत स्टेबल होगी. इस बिल के पास होने के पश्चात इस क्षेत्र मे विभिन्न योजनाए लागू होगी. जिससे कई लोग इस क्षेत्र मे इनवेस्टमेंट के लिए आगे आएंगे और ग्राहको को ज्यादा चॉइस मिलेगी और कीमत भी स्टेबल होंगी.
  • इस बिल के अनुसार इस बात का ध्यान रखा जाएगा, कि ग्राहक अपना घर समय पर पा सके। इसका मुख्य उद्देश्य ग्राहक को उसकी प्रॉपर्टि तय समय पर और दिये गए निर्देशों के अनुरूप उपलब्ध करवाना है.
  • इस बिल मे कार्पेट एरिया स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया है जिसमे किचिन और बाथरूम का एरिया भी तय जग़ह से कम नहीं हो सकता.
  • अगर प्रॉपर्टि मे 5 वर्ष के अंदर कोई स्ट्रक्चर डिफेक्ट आता है, तो इसे सही करने की ज़िम्मेदारी डेव्लपर की होगी. जिसका समय पहले 2 वर्ष था.
  • अपनी किसी भी समस्या का रजिस्ट्रेशन ग्राहक अब 90 दिनो तक कर सकता है, जबकि पहले यह समय 60 दिन था.
  • अब नियत अधिकारी को दी गयी एप्लिकेशन की सुनवाई 60 दिनो मे करनी होगी, जबकि पहले इसके लिए कोई समय सीमा ही नहीं थी.

बिल्डर के लिए रियल इस्टेट बिल के फायदे  (Real Estate Bill 2016 Benefits For Builders):

यह बिल केवल ग्राहको के लिए नहीं है, रियल इस्टेट बिल के कुछ फायदे बिल्डर के लिए भी है अगर बिल्डर को अपने किसी प्रोजेक्ट मे कोई समस्या है, तो वह भी नियत अधिकारी को शिकायत कर सकता है. यदि कोई ग्राहक तय समय पर पैसे नहीं दे पता, तो उसे भी पेनल्टी स्वरूप ज्यादा राशि देनी होगी.

आशा करते है कि हमारा यह आर्टिक्ल आपको पसंद आया होगा और यदि आप इसे लेकर कोई सवाल करना चाहते है, तो हमे कमेंट बॉक्स मे अवश्य लिखे.

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स्नेहा दीपावली वेबसाइट की लेखिका है| जिनकी रूचि हिंदी भाषा मे है| यह दीपावली के लिए कई विषयों मे लिखती है|
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